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US Iran War Big Update: संघर्ष में बड़ा मोड़ आया है। ईरान के Supreme Leader Ali Khamenei ने ऐसा रणनीतिक प्लान तैयार किया है, जिससे अमेरिकी सेना Donald Trump के लिए मुश्किलें बढ़ सकती हैं। विश्लेषकों का मानना है कि IRGC के खतरनाक ऑपरेशन से अमेरिका को पीछे हटना पड़ सकता है और मध्य पूर्व में तनाव बढ़ सकता है। इस वीडियो में जानिए Khamenei के प्लान की पूरी रणनीति, US Army की संभावित प्रतिक्रिया और वैश्विक सुरक्षा पर इसका असर। Breaking News, Geo-Politics और सैन्य रणनीति का पूरा विश्लेषण।

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~HT.410~ED.394~

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00:00चीन जाहिर बात है एरान से बहुत बड़ी तदाद में कच्छे तेल का आयात करता है तो चीन नहीं चाहेगा
00:08कि ये जो सप्लाइ लाइन है ये ख़तम हो जाए रुख जाए जैसे अमरीका ने वेनुजुला पर कपजा कर लिया
00:16अब वेनुजुला का जो कच्छा तेल है वो कि
00:19उसको बिचा जाएगा किस कीमत पर बिचा जाएगा चीन को बिचा जाएगा या नहीं चीन को महंगे दर पर बिचा
00:26जाएगा ये सब अपसे अमरीका तै करेगा इसी तरह से चीन को आशंका है कि एरान पर भी अगर अमरीका
00:34का वर्चस्व हो जाएगा तो एरान से जो कच्�
00:48तेल का आयाद करता है उसके लिए कोई पेमेंट डॉलर्स में नहीं करनी पड़ती है वो इरान की करेंसी या
00:57चीन की जो करेंसी है यूआन उसी में ही पेमेंट हो जाती है पेमेंट का आदान परदान तो चीन चाहेगा
01:04कि इरान के साथ उसका कच्छे तेल का जो सोर्स है वो ल
01:17लगातार सप्लाई कर रहा है वेपन्स इरान को इसके अलावा चीन ने अपनी नेवी के चार-चार बड़े-बड़े युद्ध
01:26पोतों को उत्तरी आरब सागर में ओमान का खाड़ी के पास
01:31स्टेट ऑफ हर्मूस के पास डेपलॉई किया हुआ है लेकिन चीन ने जो ये युद्ध पोत स्टेट ऑफ हर्मूस के
01:38पास डेपलॉई किये हैं ये महज डेटरेंस हैं वकई युद्ध क्या ये लड़ सकते हैं अमरीका की नेवी के साथ
01:46वहाँ पर सवाल ही नहीं उठता है ज
01:59खामने खुद भी जो हां के सरवोच नेता है उन लोगों का अभी ये मानना ये सोचना है कि अभी
02:05वाली स्थिती को किसी तरह से टाल ले जाओ अगर टरंप का कारेकाल पूरा हो गया तीन साल बाद वो
02:11राश्टपती पत से हड जाएंगे उसके बाद फिर कोई खत्रा नहीं र
02:29डोनाल्ड टरंप का कारेकाल तो अभी देखा जाए चार साल तक बाकी है देखिए वहां पर राश्टपती कोई भी हो
02:39जाए वो हमेशा इरान के ऊपर दवाब बनाके रखेंगे
02:53हाँ इसमें सकतेता है देखिए जब तक जो बाइडन थे उन्होंने कभी भी इरान के ऊपर खुले आम हमला करने
03:02की धमकी नहीं दी
03:06लेकिन ये समझना पड़ेगा कि 1979 में जब इरानियन करांती के बाद से आयतला खौमीनी पहले थे अभी खौमीनी है
03:13सत्ता में
03:14चाहे वहाँ डेमोक्रेट्स पावर में रहें वाइट हाउस में या रिपब्लिकन्स हमेशा इरान के उपर आर्तिक प्रतिबंद लगते रहे हैं
03:23मिलिटरी दवाब बनाए रखा गया है
03:25सिर्फ इतना है कि डोनाल्ड ट्रम्प के कारेकाल में यानि पिछले साल फरवरी के बाद से डोनाल्ड ट्रम्प का जो
03:35वेक्तित तो है खलबली पैदा करने वाला वेक्तित तो है इरान के उपर थोड़ा ज़्यादा दवाब है
03:43डोनाल्ड ट्रम्प चाहते है कि अपने कारेकाल में करके इस होम वर्क को कम्पलीट करके जाएं
03:49तो क्या वो चार साल के अंदर आयतला खामानी की सरकार को गिरा पाएंगे
03:57मेरा आकलन ये है कि आयतला खामानी की वहाँ बहुत बड़ी फॉलोइंग है
04:02देखो शिया सुप्रीम धरम गुरू हैं वो दुनिया भर के शिया उनको मानते हैं भारत में भी जो शिया हैं
04:09उनको मानते हैं
04:10इरान के गाओं में दूर दराज के शित्रों में छोटे-छोटे कस्बों में उनको माना जाता है
04:16तो उनकी धार्मी कारणों की वज़ा से जमीनी पकड बहुत मजबूत है
04:21ये कोई वेनेजूला जैसा नहीं है कि बस गए कमांडो लेकर और निकोले मादरव को उठा के ले आए
04:28और कोई काउंटर फायर नहीं हुआ
04:33क्या वेनेजूला में तो हम अब आस्ते आस्ते पता ही लग रहा है कि
04:37अमरीका ने उनके वाइस प्रेसेंट को डिफेंस मिनिस्टर को और मिलिटरी के बड़े बड़े अफसरों को पहले से ही अपने
04:42बस में कर लिया था
04:43इस तरह का कोई सफलता इरान में अमरीका को कभी नहीं मिलेगी
04:50बिल्कुल दिवनात सर एक और सवाल है सौदी अरब और खासकर और भी मुस्लिम देशों की भूमका को लेकर भी
04:57लोग बहुत संदेह जाहिर कर रहे हैं
05:00कई सारी बाते सामने आती हैं एक बात तो ये सामने आती है कि इरान के जो आसपास पडोस के
05:05सारे मुस्लिम देश हैं वो नहीं चाहते कि युद्ध हो क्योंकि इससे वो भी प्रभावित हो सकते हैं लेकिन बहुत
05:12साए लोगों का ये भी कहना है खासकर सौदी अरब को लेकर
05:27साथी अरब के जो राज कुमार है वहां के जो राजा है किंग है वो कैसी सलाह दे रहे होंगे
05:32इस वक्त वाइट हाउस के अधिकारियों को खासकर ट्रम को
05:35हाँ इसमें कोई शक नहीं है कि दिती विश्यू युद के बाद से ही सौधी अरब जो है अमरीका के
05:41निकट रहा है क्योंकि अमरीका ने
05:44पचास के साठ के दशक में यानि कोल्ड वार के समय से ही सौधी के किंग को और अभी वहां
05:53प्रिंस है मोहमद बिन सुल्तान उनको भरोसा दिया हुआ है कि तुम राज करो अमरीका तुमरे पिछे है देखिए इन
06:04सब देशों में पस्चिमेशिया के देशों में सौधी अरे
06:08भी आप भी उसमें इंक्लूडेड है डेमोक्रेसी कहीं पर नहीं है कहीं पर किंग है कहीं पर प्रिंस है कहीं
06:14पर शाह है कहीं पर अमीर है इन सब लोगा ने अपने जनता को उभरने नहीं दिया जनता जो है
06:22खुले आम सरकार के बारे में कुछ बोल नहीं सकती है तो इन सब
06:27को डर है कि जनता किसी भी दिन विद्रोव कर सकती है खासत दोर से अगर
06:31जनता को लगे कि उनके शाशक ने इरान के खिलाफ युद्र में अमरीका का साथ दिया है तो
06:39जनता विद्रोवी कर सकती है ऐसा पहले हो चुका है तो सौदी अरिविया जो है
06:45फिलाल खुल कर अपनी जंता को नाराज करना नहीं चाहेगा
06:50दूसरी चीज है कि सौधी अरेविया भले ही सुनी मुलक हो
06:54लेकिन फिर भी वह दुनिया भर के जो
06:57दुनिया भर में देखे इरान तो एक शिया मुलक है
07:00और दुनिया के जो 46 मुसलिम देश हैं
07:03उनमें से काफी बड़ी तादाद में ऐसे मुसलिम देश हैं
07:06जहां शिया की तादाद काफी ज़्यदा है
07:10जैसे भारत में भी आप श्रीनगर चले जाएए
07:12लगनो चले जाएए, हैद्राबाद चले जाएए
07:14ये दिल्ली में आप देख लिए बड़ी तादाद में शिया रहते हैं, साओधी अरेविया दुनिया बर के शिया को भी
07:20नाराज नहीं करना चाहेगा, हाँ ये हो सकता है कि साओधी अरेविया मुह बन रखे और प्रिष्ट भूमी से अमरीका
07:28को कहे कि हुजूर आप जो मर्ज
07:42ये जंग होती है, तो इस जंग में कौन-कौन सी वो आवाजे होंगी, कौन-कौन सी देश होंगे, जो
07:48खुल कर अमेरिका के खिलाब बोल सकते हैं, या वो अपना विरोध दर्ज करवाएंगी।
08:12उनको लगता है कि एरान में हुमन राइट्स का वालेशन हुआ है, तो एरान की वो निंदा करते हैं, कडी
08:19निंदा करते हैं, लेकिन कोई भी यूरोप का देश इस युद्ध में अमरीका के साथ नहीं है, अच्छा, विरोध करने
08:28वाले काफी सारे देश हैं, जाहिर बात है
08:30दुनिया में जितने भी 56-57 मुस्लिम देश हैं, सब जगा अमरीका के, अमरीका जब इरान पर हमला करेगा तो
08:39उसका विरोध होगा, विरोध करने के लिए कुछ पश्चिमेशिया के देश भी विरोध कर रहे हैं, जैसे मैंने कहा क्योंकि
08:47उनको ये डर है कि उनके यहाँ प
09:01पश्चिमेशिया के देशों को मालूम है कि अगर युद्ध हुआ, तो युद्ध में उनका बम उनके यहाँ पर भी गिर
09:08सकते हैं, रॉकेट उनके यहाँ भी गिर सकते हैं, इरान ने कहा है, तो इराक को, कुवेट को, कवतार को,
09:15सब को डर है, कि इरान ने अमेरिकन बेसे
09:19पे जो rockets और missiles दागी उनसे उनके infrastructure को नुक्सान हो सकता है
09:24तो खुलकर अमेरिका के समर्थन में इसराइल के अलावा कोई नहीं आएगा
09:32विरोध करने वाले काफी होंगे
09:34definitely United Nation में फिर से रूस और चीन खुलकर परस्ताव लाएंगे अमेरिका के विरोध में
09:43जे
09:44दियोनासर ये विरोध जो होगा और शब्दों का ही होगा
09:47कोई सेन विरोध तो करने पाएगा अमेरिका का अगर युद्ध हुआ तो
09:52जी हाँ चीन देखिए बहुत दूर है
09:55तो चीन किसी भी हालत में अपनी आर्मी नेवी एरफोस को
10:02सिगनिफिकेंट मातरा में यानि युद्ध बदल सके उतनी बड़ी मातरा में इरान तक नहीं पहुँचा सकता
10:08दूसरी बात है शीजिंग पिंग अपने धै में बहुत क्लियर है कि उनका धै फिलाहल जो है शत्परतिशत के इंद्रित
10:16होना चीए ताइवान के एकी करण के लिए
10:19तो वो अपनी जो नेशनल पावर है नेशनल रिसोर्स हैं उसको इरान की दरफ डिसिपेट नहीं करेंगे खरच नहीं करेंगे
10:26जहां तक रूस की बात है रूस छोटे मोटे हेल्प दिता रहेगा लेकिन रूस के पास खुद ही हत्यारों की
10:35कमी पड़ रही है यूकरेन का युद लड़ने के लिए
10:38जो हम रोज के एनलेसिस के बाद में देखी रहे हैं कि रूस की फौज भी कोई बहुत ज़्यादा सक्सेस्फुल
10:45नहीं हो रही है युद दूमी में क्योंकि रूस की फौज के पास भी हत्यारों की कमी पड़ रही है
10:51तो वो इरान को ज़्यादा कुछ भेड नहीं पाएगा
10:56अब्सक्राइब एफ लूज टूज की लुज की एज लूज वर नहीं रहीं है अजे लुज श्यूद भी इन हमयां ज़्यादा
11:03अभी है आफ लूज़ दूज के लूज झाप लूज झाएब लूज धूज
11:05झाल
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