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'साहित्य आजतक' के मंच पर नौजवान शायरों ने शायरी से किया 'इजहार-ए-इश्क', देखें
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00:00तो आप तमाम मौका बहुत बहुत स्वागत है लखनों की सरजमीन है और आज मौका है नौजवान शायरों को मौका देने का और कमाल ये देखिए कि जो मुझे दिया गया है इसमें आज जो थीम है इजहार इश्क अब इत्फाक कहें या कुछ साजिश कि आज वैलेंटाइन
00:30टॉपिक के हिसाब से आप तमाम लोग यहां धूक में गर्मी में बैठे हैं तो अपनी शायरी से आप लोगों का दिल जीते हैं और मैं चाहूंगा कि जब मैं नाम लेकर बुलाओं तमाम कवियों को शायरों को तो वो लोग सिफ एक चीज के भूगे पैसे होते हैं वो है �
01:00स्टेज पर आजाएं प्यूश अगनी होतरी शाश्वत सिंग दर्पन साथ चेतना वलहारा जी और शिखा अबदेश तालिया थोड़ी कम हो रही है
01:30अब वैसे मैं तो पेशे से क्राइम जनरलिस्ट हूँ क्राइम का और शायरी इश्क महबबत इन सब का दूर दूर से कोई लेना देना नहीं है
01:43हमारे लिए क्राइम में शायरी होती है कि सोनम और मुस्कान अपने अपने आशिक को मार डालती हैं और हम आप तक पहुंचा देते हैं
01:52लेकिन ये इश्क और आशिकों को जिन्दा करने वाले लोग हैं जो सामने बैठे हैं तो अपनी आदत और फित्रत के मताबिक शुरुवात शेर शायरी सही करते हैं
02:02कि तुम ये न समझ लेना कि घबराए हुए हैं
02:06हम वक्त के तुफान से टकराए हुए हैं
02:13जो छीनने आए हैं मेरे मूँ से निवाला
02:17वो मेरे बुजरवों का नमक खाए हुए है
02:20नौजवानों का चुके ये मंच है
02:23और इसलिए मैं नौजवानों के नाम ये शेर
02:26और अब जो सबसे पहले मैं इनको बुलाना चाहता हूँ
02:29उनके दो लाइनों के साथ मैं उनको दावत दूँगा
02:33कि पड़ा हुआ है शहर जब लहू लुहान आपका
02:37खुशी से जूमिये के बच गया मकान आपका
02:41दिखा रहा हूँ जिन्दगी के और दुख भी देखिए
02:45हटा रहा हूँ इश्च की तरफ से ध्यान आपका
02:49अलाकि शेर आज के दिन शैद फिट नहीं बैठेगा
02:52क्योंकि आर इश्च का ही दिन है
02:53तो जोर्दा तालियों के साथ प्यूश अग्री होतरी साथ से शुरुवात करते हैं आगास करते हैं इस नौजवानों के मुशारिका
03:00बहुत शुक्रिया शम्स ताहिर सर आपको सुन करके हम लोग बड़े हुए
03:16अरे अभी बुज़र कहा हूँ आँ साथ
03:17आम तोर पर इतनी धूप में महब्बत की बात करना थोड़ा मुश्किल होता है
03:24अगर आप साथ देंगे तो मैं कोशिश करूँगा
03:28एक मतला एक शेर ये देखें के
03:31चंद लम्हों में ये बरसाथ चली जाएगी
03:35वाह बहुत फूप
03:36चंद लम्हों में ये बरसाथ चली जाएगी
03:40मेरे आशिक ये हसी राज चली जाएगी
03:44नौकरी ढूनता रह जाएगा तू शेहरों में
03:48उसको लेकर कोई बाराज चली जाएगी
03:51वाह बाफ को बाफ को
03:52नौकरी ढूनता रह जाएगा तू शेहरों में
04:00उसको लेकर कोई बाराज चली जाएगी
04:03वो जब बनाये तो काम कैसे नहीं बनेगा
04:07हमारा दुनिया में नाम कैसे नहीं बनेगा
04:12तुम्हारी आँखों को देखकर मैं ये सोचता हूँ
04:16आज वेलेंटाइंस डे है
04:18तुम्हारी आखों को देखकर मैं ये सोचता हूँ
04:21कोई तुम्हारा गुलाम कैसे नहीं बनेगा
04:24तुम्हारी आखों को देखकर मैं ये सोचता हूँ
04:31कोई तुम्हारा गुलाम कैसे नहीं बनेगा
04:35एक मतला एक शेर ये देखें
04:37कि अब किसी और पे टाले तो नहीं जाएंगे
04:40थोड़ा सा बेदार हो कर कि आप लोग सुनेंगे
04:42तो हमें भी सुनाने में मज़ा हैगा
04:44अब किसी और पे टाले तो नहीं जाएंगे
04:47हम तेरे दिल से निकाले तो नहीं जाएंगे
04:51आपके बिछड़े जो किसी से तो यही लगता है दोस्तों से भी समाले तो नहीं जाएंगे
05:03आपके बिछडे जो किसी से तो यही लगता है
05:09दोस्तों से भी समाले तो नहीं जाएंगे
05:13कितना सोचा था तेरे दर पे कभी दो बारा
05:17तू अगर जहर भी खाले तो नहीं जाएंगे
05:25कितना सोचा था तेरे दर पे कभी दो बारा
05:33तू अगर जहर भी खाले तो नहीं जाएंगे
05:37इश्क सचा हो तो नुकसान नहीं होते हैं
05:41इश्क सचा हो तो नुकसान नहीं होते हैं
05:46मेरे जैसों को ये वर्दान नहीं होते हैं
05:48इश्क सच्चा हो तो नुकसान नहीं होते हैं
05:54मेरे जैसों को ये वर्दान नहीं होते है
05:56और ये शेर नहीं है ये आपके लिए नसीहत है
05:59बेवफाओं को वहीं छोड़ दिया जाता है
06:03बेवफाओं को वहीं छोड़ दिया जाता है
06:07ऐसे रिष्टों में परेशान नहीं होते हैं
06:10बेवफाओं को वही छोड़ दिया जाता है
06:18ऐसे रिष्टों में परेशान नहीं होते हैं
06:22कुछ एक शेर ये देखें कि हुस्न और इश्क का सामान कहां रखा है
06:26हुस्न और इश्क का सामान कहां रखा है
06:31सोचता हूँ के मेरा ध्यान कहां रखा है
06:34हुसन और इश्क का सामान कहां रखा है
06:38सोचता हूँ के मेरा ध्यान कहां रखा है
06:42मुझको बतला मेरी सिगरेट को छोड़ाने वाली
06:47मुझको बतला मेरी सिगरेट को छोड़ाने वाली
06:52तेरे होठों का बना पान कहां रखा है
06:55मुझको बतला मेरी सिगरेट को छुडाने वाली
07:03तेरे होठों का बना पान कहां रखा है
07:06जखम देकर ही हमें छोड नहीं देते वो
07:11जखम देकर ही हमें छोड नहीं देते वो
07:14ढूंडते हैं के नमकदान कहां रखा है
07:17जखम दे कर ही हमें छोड़ नहीं देते वो
07:23ढूड़ते हैं के नमकदान कहां रखा है
07:27भूल जाओंगा मेरी जीस्त में आना उसका
07:31मैंने अब छोड़ दिया ठोर ठिकाना उसका
07:35और ये कॉलेज की गलियों का एक सीन
07:38भूल जाओंगा मेरी जीस्त में आना उसका
07:43मैंने अब छोड़ दिया ठोर ठिकाना उसका
07:47हादसा था के मेरे साथ कोई साजिश थी
07:51हादसा था के मेरे साथ कोई साजिश थी
07:55मेरे रस्ते में किताबों को गिराना उसका
07:58हादसा था के मेरे साथ कोई साजिश थी
08:03मेरे रस्ते में किताबों को गिराना उसका
08:07वो के एहसान फरामोश है खुदगर्ज भी है
08:11मैंने ये रंग बहुत देर में जाना उसका
08:19बहुत अच्छे है बहुत शुबी है
08:21वो के एहसान फरामोश है खुदगर्ज भी है
08:26मैंने ये रंग बहुत देर में जाना उसका
08:30और फिर वेलेंटाइन डे के नाम ये शेर
08:32मैंने फिर से कहा मौसम में बहार आई है
08:36मैंने फिर से कहा मौसम में बहार आई है
08:42और फिर से वही कमबख्त बहाना उसका
08:45बहुत शुक्रिया
08:47मैंने फिर से कहा मौसम में बहार आई है
08:51और फिर से वही कमभक्त बहाना उसका जाती हुई सरदियों के हवाले से एक शेर
08:58कौन है वो जो थिरक्ती हुई हवासी चल रही है
09:03जिस से मिलकर के उदासी इस बदन को खल रही है
09:07कौन है वो जो थिरक्ती हुई हवासी चल रही है
09:11जिस से मिलकर के उदासी इस बदन को खल रही है
09:16इस से ज्यादा इस बरस की सर्दियों में क्या मिलेगा
09:20पास तुम बैठी हुई हो और अंगिठी जल रही है
09:23बहुत अच्छे बहुत अच्छे
09:24बहुत शुक्री है तस्वीर खीज दिया आप
09:26बहुत शुक्री है
09:28इस से ज्यादा इस बरस की सर्दियों में क्या मिलेगा
09:31पास तुम बैठी हुई हो और अंगिठी जल रही है
09:34और शम्स ताहिर खान सर हमारे साथ बैठे हैं
09:38क्राइम से लेटर अभी कह रहे थे कि हमारे यहां तो महबत में बाबू शोना मार दिये जाते हैं
09:43आपके हरिक पेड को डाली से खत्रा हो गया बाग बामे फूल को माली से खत्रा हो गया
09:55दुषमनों से खैर होता है मगर हैरत करें आदमी को अपनी घरवाली से खत्रा हो गया
10:02बहुत सो बहुत सो बहुत सो बहुत सो दुश्मनों से खैर होता है, यहां बहुत सारे घरवाले बैठे हुएं, उन्हीं की नजर किया है, मगर हैरत करें, आदमी को अपनी घरवाली से खत्रा हो गया,
10:21खुश्बुए चल के बयानात में आ जाती है जब भी वो मेरे ख्यालात में आ जाती है
10:32और ये शेर तमाम लड़कों की नजर
10:35खुश्बुए चल के बयानात में आ जाती है जब भी वो मेरे ख्यालात में आ जाती है
10:42इश्क से पीछा छुडाना कोई आसान नहीं
10:45इश्क से पीछा छुडाना कोई आसान नहीं
10:50आजकल लड़कियां बारात में आ जाती है
10:52इश्क से पीछा छुडाना कोई आसान नहीं
10:59आजकल लड़कियां बारात में आ जाती है
11:02सामने आके ये अधिकार लिया जाता है
11:05तमाम ग्लोबल नियूस आप देखते हैं
11:08तो देखते हैं कि यहां विश्विद चल रहा है
11:10युद चल रहा है
11:12आज फला देश ने फला देश पर आकरमन कर दिया
11:15उसी हवाले से एक शेर के सामने आके
11:19ये अधिकार लिया जाता है
11:20दोश अपना हो तो सुईकार लिया जाता है
11:24कृष्ण ऐसा तो नहीं भूल गए हो तुम भी
11:27कृष्ण ऐसा तो नहीं भूल गए हो तुम भी
11:31जुल्म बढ़ता है तो अवतार लिया जाता है
11:34बहुत अच्छे बहुत हो
11:35बहुत शुक्रिया
11:37कृष्ण ऐसा तो नहीं भूल गए हो तुम भी
11:40ظلم बढ़ता है तो अवतार लिया जाता है
11:43आखिर में कुछ एक शेर और उसके बाद आपकी जहमतें तमाम
11:46कोई तो बात हुई थी मैं शेर कहने लगा
11:51आम तोर पर शायरों का अपना अपना मामला होता है
11:55कि कोई शायरी क्यों शुरू कर रहा है
11:57शायरी करने में उसको कितना वक्त लगा
12:00मैं आपको एक शेर के हवाले से बताता हूँ
12:02कि जहातर लोग शायरी क्यों शुरू करते हैं
12:05कोई तो बात हुई थी मैं शेर कहने लगा
12:08जो मेरे साथ हुई थी मैं शेर कहने लगा
12:12बिछड के उसको किसी दूसरे के आंगन में
12:16बिछड के उसको किसी दूसरे की बाहों में
12:21बस एक रात हुई थी मशेर कहने लगा
12:23बहुँ बहु शुक्रिया
12:26बिछड के उसको किसी दूसरे की बाहों में
12:30बस एक रात हुई थी मशेर कहने लगा
12:33वो चाहते थे मैं अफसर बनू पढ़ू लिखू ये उनकी मात हुई थी मैं शेर कहने लगा
12:45बहुत शुक्रिया
12:47एक मतला एक शेर उसके बाद एक और मतला एक शेर उसके बाद आपकी जहमतें तमाम
12:54जैसे वो रखता था मैं रहता ही था
12:57जैसे वो रखता था मैं रहता ही था
13:02उन दिनों मैं इश्क में बच्चा ही था
13:05मुझको देखो दोस्तों मैं भी कभी
13:09आम तोर पर जब भी आपको एक क्रेटिव काम शुरू करते हैं
13:13क्रेटिव फिल्ड से अपना सफर शुरू करते हैं
13:17तो आपके बारे में कहा जाता है कि लड़का बिगड गया हाथ से निकल गया यह हो गया उसी हवाले से एक शेर
13:22जैसे वो रखता था मैं रहता ही था उन दिनों मैं इश्क में बच्चा ही था
13:29मुझ को देखो दोस्तों मैं भी कभी, हाथ से निकला हुआ लड़का ही था।
13:44और यह मतला एक शेर, उसके बाद आपकी जहमतें तमाम, मैं यह समझता हूँ कि आप मुझे अपनी तालियों से और दूाओं से विदा करेंगे।
13:53एन मौके पे ये तस्वीर बदल सकती है अभी तमाम शायर आएंगे आपको वेलेंटाइन डे के हवाले से गुमरा करेंगे पर जो हकीकत है वो मैं आपको बता रहा हूँ
14:07एन मौके पे ये तस्वीर बदल सकती है एक लम्हे में ही तकदीर बदल सकती है खूब विश्वास पड़े तब ही भगाना रांजे कट घरे में भी तरी हीर बदल सकती है बहुत खूब बहुत खूब अभी इन्होंने जिक्र किया था क्राइम के बारे में तो फिर मौका छो�
14:37जाता है तो उसका क्या हशर होता है यह मैं आपको उसका एक एक एक्जामपल मिसाल देता हूं कि इन दिनों घर से निकलते हुए डर लगता है चांद बहुत खूबसूरा चीज़ है चांद शायर लोग उस पर पता नहीं कितने सारे खूबसूरा शेयर लिप चुके हैं ले
15:07गहने मेरा मन भात लेंगे पर मैं तेरा इश्क पहनूंगी तो शहजाबी लगूंगी मैं जोरदार तालियों के साथ चेतना बलहारा जी को मैं चाहता हूं और तालियों में कमी ना है आप जितने तालियां बजाकर हौसला बढ़ाएंगे बहुत अच्छे जिए इनके अं�
15:37चाहूंगी मिरी आखों में देखोगे तो मुझको जान जाओगे मेरी जूटी सी बातों को बहसकर मान जाओगे मनें
16:04यूँद चुराती हूँ, कि मुझको ला जाती है
16:06बहुत अच्छे, बहुत अच्छे
16:08नजरें यूँद चुराती हूँ, कि मुझको ला जाती है
16:11ये नजरें मिल गई तो तुम मुझे पहचान जाओगे
16:14वा, क्या कहने, क्या कहने
16:16मेरी मीठी सी बातों में कभी भी वो नहीं आता ना मुझको नाम देता है ना रखता है कोई नाता
16:36जहां भी पाउ रखे तो वहां कि माटी चूम हूँ मैं तुझे बस देख लेने से मेरा मन भर नहीं जाता
16:59तुम्हें ये क्यों लगा कि इन लफंगों से डरूंगी मैं
17:03तुम्हें ये क्यों लगा कि इन लपंगों से डरूँगी मैं
17:08तुम्हें जी भर के देखूंगी
17:10जमाने पे हसूंगी मैं
17:13कोई ये जब भी पूछेगा
17:18यहां पर कौन है तेरा
17:20सभी की आँखों में आँखे मिला कर मैं कहूंगी
17:28मैं
17:28सभी की आँखों में आँखे मिला कर मैं कहूंगी
17:34ये तेरे नाम के गहने मेरा मन भात उलेंगे पर
17:39ये तेरे नाम के गहने मेरा मन भात उलेंगे पर
17:44मैं तेरा इश्क पहनूंगी तो शहजादील लगूंगी मैं
17:47बहुत अच्छे बहुत अच्छे बहुत अच्छे
17:49ये तेरे नाम के गहने, मेरा मन भात उलेंगे पर, मैं तेरा इश्क पहनूँगी, तो शहजादील लगूँगी मैं
17:56ये शेर सुनिएगा कि अगर हाथों की तेरे मैं अंगूठी बन ना पाई तो, यकी है मुझ को तेरे हाथ की टिक टिक बनूँगी मैं
18:11ये सुनिएगा कि खुली आखों से सपनों को, बिखरता देख लूँगी मैं
18:32तेरी दुलहन को जोडे में, सवरता देख लूँगी मैं
18:36बदलती उम्र भी देखी, नहीं जाती है मुझ से तो
18:45तुझे ये क्यों लगा? तुझको बदलता देख लूँगी मैं
18:53बहुत शुक्रियां दोस्तों ये सुनें कि बहुत अच्छा सुन रहे हैं आप
19:02नजर हल्की हल्की चुराने लगा है
19:06हया है या फिर कुछ छुपाने लगा है?
19:13मेरे साथ जीने की है बात करता
19:19मेरे जूटी कसमे भी खाने लगा है
19:26मेरे साथ जीने की है बात करता
19:31मेरे जूटी कसमे भी खाने लगा है
19:34मेरे दिल को घर कहता है वो तभी तो
19:37मेरे दिल को घर कहता है वो तभी तो
19:41वो अब घर में कीले लगाने लगा है
19:43मेरे दिल को घर कहता है वो तभी तो
19:48वो अब घर में कीले लगाने लगा है
19:50तेरी खूब किसमत है जो मेरे जैसा
19:53तेरी खूब किसमत है जो मेरे जैसा गजब का परिंदा निशाने लगा है
19:59बहुत शुक्रिया ये आखरी गजब दोस्तों फिर मैं अपनी जगा लेती हूँ
20:05और मैं चाहूंगे कि आप मेरे साथ साथ दोहराएं
20:08सुनें कि मेरे दिल की चाहत नहीं जानता क्या
20:14मेरे दिल की चाहत नहीं जानता क्या तुम मेरी है आदत नहीं जानता क्या
20:25रुलाता है हर दिन मुझे क्यों तू इतना तुम आसूं की कीमत नहीं जानता क्या
20:38सिखाता है क्यों तू नहीं पीडियों को
20:42ये सभी उन दोस्तों को नजर है जो वेलेंटाइन डे की दिन भी कह देते कि भाई बोल दे कोई बात नहीं कुछ नहीं हो रहा
20:49सिखाता है क्यों तू नहीं पीडियों को बला है मुखबत नहीं जानता क्या
20:55बहुत शुक्रिया
20:57सिखाता है क्यों तो नहीं पीडियों को
20:59बला है मुहबत नहीं जानता क्या
21:02युवन जान बन करके क्या पूछता है
21:05युवन जान बन करके क्या पूछता है
21:08तु मेरी शिकायत नहीं जानता क्या
21:11तु मेरी शिकायत नहीं जानता क्या
21:15तेरे गम का ये सब तमाशा करेंगे जमाने की फित्रत नहीं जानता क्या मेरे शेर पर तू मुकरर नहीं कहना है नाजुक सी हालत नहीं जानता क्या
21:37बहुत शुक्रिया बहुत बहुत तो चेता बलहारा जी थी अब जो हमारे अगले शायर हैं आप के ही लखनौ से आते हैं इनकी चार लाइने कभी वो दाओं पे इजब नहीं लगा सकता कोई भी उस पे ये तोहमत नहीं लगा सकता
21:56तुमारे वजन का सोना भी तौल कर कोई तुमारे हुसन की गीमत नहीं लगा सकता जोड़दा तालियों के साथ शाष्वत सिंग दरपन आपके अपने लखनों के और तालियों में को तंजूसी नहीं होनी चाहिए
22:09लड़कों तुम्हें इस्टेज से लफंगा कह दिया गया और तुम लोग चुप रहे अगर इजाज़त दो तुम्हारी वकालत मैं कर दूं तालिया बजाके इजाज़त दीजे तो मैं करूंगा वो तारीफ में ले गये थे लफंगा को अब अगर लफंगे को तारीफ सम�
22:39ध्यान से सुनना और पहुचाना उनको बताना कि अगर मैं गलत कह रहा हूं तो
22:43किया जो इश्क तो सब भूल भाल कर रखा
22:49किया जो इश्क तो सब भूल भाल कर रखा
22:55तेरे हिसाब से ही खुद को ढाल कर रखा
22:58तेरे हिसाब से ही खुद को ढाल कर रखा
23:05वो सीधे सादों का क्या हश्र करके छोड़ेगी
23:09वो सीधे सादों का क्या हश्र करके छोड़ेगी
23:13वो जिसने हमको भी चक्कर में डाल कर रखा
23:16बहुत अच्छे, बहुत अच्छे, बहुत अच्छे
23:19वो जिसने हमको भी चक्कर में डाल कर रखा
23:27ये तुम की सोने का कंगन भी खो के आ गई हो, ये मैं की फूल तुम्हारा सम्हाल कर रखा है।
23:57यह कहा कि वो जो क्रिमिनल वाले हैं न वहीं हैं तो फिर मुझे पता चला कि सर एंकरिंग कर रहा है वरना मुझे लगा कि पता नहीं किसको बुला लिया एक मतला पढ़ रहा हूँ अभी दो नोंने भी बात की कि घर वाली से खत्रा हो गया और तमाम बात ने एक मतला पढ़ �
24:27अच्छा सुन सकते हैं अना तो एक बार अपने लिए तारिया बजा लिए आप लोग के डम पे ही आप लोग के बल से ही है कभी संबेलन मुशायरे इतने अच्छे हो पाते हैं मैं एक मतला पढ़ रहा हूं देख अविश्लू
24:38वो जिसकी बाहों में कुछ पल मुझे सुकून मिला बहुत अच्छे वो जिसकी बाहों में कुछ पल मुझे सुकून मिला उसी के हाथों पे मेरे जिगर का खून मिला
24:57यह लड़कों ने बता दिया कि वाकई नौजवान हैं वो जिसकी बाहों में कुछ पल मुझे सुकून मिला
25:09जैसे सब टालते हैं वैसे ही टालोगे मुझे
25:14जैसे सब टालते हैं वैसे ही टालोगे मुझे
25:21मुझे को लगता था कि तुम आके समालोगे मुझे
25:24क्या बात मुझको लगता था कि तुम मा के समा लोगे मुझे चार मिस्रे और पढ़ रहा हूं हला कि यह पढ़ने का मन नहीं था लेकिन यह बिचारे दबे कुछले लड़कों की शकल देखके मेरा मन कर रहा है कि इनकी तरफ से मैं थोड़ी देर और बातचीत कर लो यह जो ल
25:54संदों पर बहुत बोजे समय चार मिस्रे पढ़ रहा हूं पत्जड के मौसम की व्याख्या साइंस अपने तरीके से करता है जोग्रफी अपने तरीके से करती है एक शायर एक आशिक पत्जड के व्याख्या कैसे करता है मैं मतला पढ़ रहा हूं कि जुल्फ के जब वो ल�
26:24फूल बदलती है जंगल की हर टेनी फूल बदलती है और लड़कों उस शेर सुनो जंगल की हर टेनी फूल बदलती है उस लड़की ने ऐसे आशिक बदले उस लड़की ने ऐसे आशिक बदले जैसे कोई तितली फूल बदलती है जैसे कोई तितली फूल बदलती है जैसे कोई
26:54तितली फूल बदलती है गजल सुन लो देखिए आप लोग बहुत अच्छा भी तक सुन रहे थे अब थोड़ी देर के लिए कुछ अच्छे शेर भी सुन लेंगे तो भी मुझे भी संतुष्टी हो जाएगी कि मैंने भी अपना काम अच्छे से किया
27:05देखें कि खाब में कल पास ही बैटा हुआ था तू मेरे खाब में कल पास ही बैटा हुआ था तू मेरे और अब तक आ रही है जिसम से खुश्बू मेरे
27:20और अब तक आ रही है जिसम से खुश्बू मेरे दोस्तों ने जब जरूरत पर कदम पीछे किये
27:31तब लगा मुझको की कटकर गिर गए बाजू मेरे
27:40बहुत अच्छे बहुत अच्छे
27:41दोस्तों ने जब जरूरत पर कदम पीछे किये
27:48तब लगा मुझको की कटकर गिर गए बाजू मेरे
27:52ये अभी तक सब लोग वैलेंटाइन्स डेक के लिए शेयर सुना रहे थे
27:55मैं अब आपको वो शेयर सुना रहा हूं कि आज अगर कुछ नहीं हो पाया
27:58तो ये शेयर कल काम आएगा आपके ठीक है
28:01वो मेरे वर मेरे दोस्तों ने जब जरूरत पर कदम पीछे किये
28:06तब लगा मुझको की कटकर गिर गए बाजू मेरे
28:11जैसे जरना कोई परवत काट कर बहता रहे
28:15जैसे जरना कोई परवत काट कर बहता रहे
28:21इस तरह बहते हैं तेरी याद में आसु मेरे
28:25पहले मुझको हिरनियों से दोस्ती का शौक था
28:44पहले मुझको हिरनियों से दोस्ती का शौक था
28:49इसलिए आजाती हैं ये लड़कियां काबू मेरे
28:52इसलिए आजाती है
28:56देखे ये जो पीछे दो चार लोग हस दे रहे हैं शेर सुनके
29:00तालियां बजानी होती है के फिल हसना नहीं होता है
29:02ये सारा जिम्मा इधर के दो तीन चार लोगों ने उठाया हुआ
29:07ये पीछे वाले बड़े शांग शांग से दिख रहा है
29:09देखो मुझे देखके तो मत बजाओ सीटी
29:11कुछ शेर और सुन लीजे कि हमें घजलों में उससे इश्क का इजहार करना है
29:23हमें घजलों में उससे इश्क का इजहार करना है
29:28इसी तूटी हुई कश्टी से दरिया पार करना है
29:32बहुत शुक्रे
29:34इसी तूटी हुई कश्टी से दरिया पार करना है
29:41हमारी आँख मंजिल पर टिकी है
29:44सिर्फ मंजिल पर
29:46हमारी आँख मंजिल पर टिकी है
29:51सिर्फ मंजिल पर
29:53करे जिसको भी जितना रास्ता दुश्वार करना है
29:57करे जिसको भी जितना रास्ता दुश्वार करना है
30:06और वैलेंटाइन्स डे की बातें हुई
30:08बमुश्किल दोस्त बन पाए हैं उसके इतने सालों में
30:14बमुश्किल दोस्त बन पाए हैं उसके इतने सालों में
30:20है वो जिसको इश्क करने के लिए तैयार करना है वो जिसको इश्क करने के लिए तैयार करना है आप लोग बहुत अच्छा सुन रहे थे एक बार जोरदार तालिया आपने लिए बजाएजिए बहुत बहुत शुक्रिया बहुत बहुत शुक्रिया बहुत बहुत शुक्रिया
30:50ये गजल तकरीबन तीन साल पहले हुई थी विश्णु भाई मतुरा के पास रहते हैं वहाँ एक कभी सम्मेलन से लोट रहा था मैं
31:00तो मतुरा गूमा और इंदावन गूमा वहाँ से ये गजल ट्रेन में बैटके लोटते वक्त हुई
31:05मैं कुछ शेर सुना दे रहा हूँ हुखम हुआ है महाकाल भाई बैटे हुए सामने इनका नाम भी महाकाल है तो इनकी बात भी ने टाली जा सकती
31:12तो वैसे भी मैं पढ़ रहा हूँ देखें ये अब तक जो आप लोग सुन रहे थे इश्क मौबत और तमाम चीज़ें इससे थोड़े से अलंग रंग की गजल है तो इसे भी आप अगर मौबत से नवाजेंगे तो मुझे भी अच्छा लगेगा और जिनोंने फर्माईश
31:42इतना अच्छा लग रहा है कितना सुहा रहा है देखो तो कितनी भाई है आज महबत का दिन है राधा कृष्ण का जो महबत की उपमा राधा कृष्ण से बड़ी कोई उपमा नहीं है मैं मतला पढ़ रहा हूँ कि देखो तो कितनी भाई है काना के हाथ में राधा की जो कला
32:12के लोग हैरत में पड़ गए हैं जमीं आसमा के लोग परवत भी जैसे राई है काना के आथ में बहुत शुक्री आभागा परवत भी जैसे राई है काना के हाथ में मीरा ने
32:31खुद को खर्च किया
32:33पाया प्रेम धन
32:36मीरा ने खुद को खर्च किया
32:40पाया प्रेम धन
32:42और उसकी पाई पाई है काना के हाथ में
32:46अब जाके संतुलित हुआ है जिन्दगी का रत
32:51अब जाके संतुलित हुआ है जिन्दगी का रत
32:56अब जाके डोर आई है काना के हाथ में
32:59बहुत शुक्रिया
33:00क्या नहीं मेरी हतेली में समा सकता है
33:06जब तेरा हाथ मेरे हाथ में आ सकता है
33:09तुझको गिरने नहीं दूँगा मैं यकीन कर मेरा
33:13हाथ अपना तु मेरी यो बढ़ा सकता है
33:17हर्याना के पलवल से आते हैं
33:26क्या गहरे हो भाई शुक्रिया बहुत शुक्रिया सर आप लोग बहुत बहुत अच्छा सुन रहे हैं यह कहने का मुकाप उम्मीद है मुझे भी देंगे
33:42हाँ जब तमें दे दिया तो मैं पिछले सालों से कम मौका दे रहे हैं दूसरों को मैं दो शेर के साथ शुड़ू करता हूँ कि किसी ने प्यार जताया
34:03जता के छोड़ दिया किसी ने प्यार जताया जता के छोड़ दिया हवा में मुझे को उठाया उठा के छोड़ दिया बहुत अच्छा शेर तो अब आ रहे हैं कि किसी ने प्यार जताया जता के छोड़ दिया हवा में मुझे को उठाया उठा के छोड़ दिया और किसे सिख
34:33कि किसे सिखा रहे हो एश्क
34:36तुम नए लड़के
34:38यराग हमने मिया गावजा के छोड़ दिया
34:41यह राग हमने मियां गा वजा के छोड़ दिया
34:50और दो शेर तुनिये कि चाहत वाला जाल नजर आता होगा
34:55चाहत वाला जाल नजर आता होगा
35:01पिछला वाला साल नजर आता होगा
35:04कि चाहत वाला जाल नजर आता होगा
35:07पिछला वाला साल नजर आता होगा
35:10और अब तो बाल कमर तक आप पहुँचे होंगे
35:14यह है ब्रेक अप के बाद का शेर
35:16कि अब तो बाल कमर तक आप पहुँचे होंगे
35:21अब वो और कमाल नजर आता होगा
35:24वह वह अच्छे
35:25वह शुक्रिया
35:27कि अब तो बाल कमर तक आप पहुँचे होंगे
35:31अब वो और कमाल नजर आता होगा
35:34कि मैंने जबादी रात में उसको जगा दिया
35:43थोड़ा का औरमिटिक शेर है
35:45कि मैंने जबादी रात में उसको जगा दिया
35:50उसने भी मुझको चूम के दीपक बजा दिया
35:53रहे जादा ताली बजाओ तुम्हारे मतलब का है
35:58कि मैंने जबादी रात में उसको जगा दिया उसने भी मुझको चूम के दीपक बुझा दिया
36:06वो सबकी अपनी अपनी है कोई कोई सू भी जाता है खाली
36:11कि मैंने जबादी रात में उसको जगा दिया शेर देखिए कि दुनिया ये कह रही थी
36:19उसे चुन या चुन मुझे
36:21दुनिया ये कह रही थी
36:24उसे चुन या चुन मुझे
36:26मैंने वो पेड छोड़ के जंगल जला दिया
36:30कि मैंने वो पेड छोड़ के जंगल जला दिया
36:37कि देखकर जिसको कभी चुने का मन होता है
36:41देखकर जिसको कभी चुने का मन होता है
36:49होता है कि देखकर जिसको कभी च्छूने का मन होता है और लड़को शेर तुनना कि देखकर जिसको कभी च्छूने का मन होता है ऐसा लाखों में कोई एक बदन होता है और ये जरूरी है पहुच जाए च्छून रूह तलक कि ये जरूरी है पहुच जाए च्छून रूह तलक
37:19कि चूमना काम नहीं होता है फन होता है और धूप में तपता मुसाफिर हम भी तप रहें गुझाइश है बाकी अभी वो गल्तियां गिनवा रहा है जो चाहे तू तो रुक कुछ खाब बुनले
37:41जो चाहे तू तो रुक कुछ खाब बुनले तू जल्दी जा अगर तू जा रहा है बहुत शुक्रिया तू जल्दी जा अगर तू जा रहा है और इतना मुश्किल होगा कभ ये सोचा था
38:00इतना मुश्किल होगा कभ ये सोचा था इश्क अभी तक एक किताबी किस्सा था तुमसे हमको बस इतना ही कहना है तुमको हमसे थोड़ा पहले मिलना था
38:21और सारी फर्माईश भी दिलने उससे की सारी फर्माईश भी दिलने उससे की वो लड़का जो बातें भी कम करता था
38:36और उसकी आँखें उसका चहरा उसके लब नीन से पहले खाफ सजा कर रखा था
38:58नीन से पहले खाफ सजा कर रखा था और हसरत की शिद्दत से घबरा कर एक दिन
39:05दिल बोला हम दोस्त थे तभी अच्छा था
39:14और आखरी एक मतला एक शिवर और सुनिये और आपकी जहमतित अमाम की
39:22ये भी लड़कियों की तरफ से है की करने हैं सिंगार हमें जो करने हैं
39:30करने हैं सिंगार हमें जो करने हैं फिर दुनिया को अखरे अगर अखरने हैं
39:40और सारे आशू तुझ पर जाया क्यों कर दें हमने तेरे बाद भी दिल बर करने हैं
39:56बहुत बहुत शुक्रिया बहुत बहुत बदलने से दिल कहां बदलते हैं
40:03आपसे महबबथ थी आपसे महबथ हैं और मेरी राय पूछो तो ये बुरी भली दुनिया आप जितने अच्छे हैं उतनी खुब सूर Arbeit
40:14है आज की सदी 13 मौत के
40:17शिकंजे में जिन्दगी सरामत है
40:18बहुत बहुत शुक्रिया जिस तरीके
40:21से आप लोगों ने तमाम हमारे
40:23नौजवान शायरों को सुना
40:24और इसी तरह आप
40:27सुनते रहें साहित आज तक का
40:28ये दो दिन का सफर जारी रहेगा
40:30तो मुलाकात होगी अगले तमाम
40:32सेशन्स में और कल
40:34ग्रैंड मुशहरा भी है शाम को
40:35तो आईएगा जरूर बहुत बहुत शुक्रिया आप
40:38तमाम लोगों का और मंच पर बैटे हमारे तमाम
40:40शायरों के लिए एक आखरी बार जोड़ दारता लिया
40:42शुक्रिया बात बात
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