00:00जहां तक हमारे साथी ने ये पूछा है, SIR, एक बात तो ये मान लिजे आप,
00:10Election Commission से BJP मिली हुई है, ये बात तो एकदम साफ आपको स्विकार कर लेना चाहिए,
00:17BJP, Election Commission एक है, और उसका देखने को भी यही मिलता है,
00:23जब ये Form 7 में फकड़े गए, और जब अपील की समाजादी पार्टी ने कि Form 7 की जरूत क्या
00:30है,
00:31जब आपने SIR की इतनी एक्सिसाइस कर लिये, उसके बात थोड़ा बहुत SIR में Form 7 भरवाना कम किया,
00:40वो तो खुशी की बात है कि दौपर के और स्प्रेता के दसरत और नंदलाल ने हमें बचा लिया,
00:48दसरत के नाम पर कई सो फॉर्म थे, सुरूर इंजिन अगर बिधान समा में,
00:53और नंदलाल के नाम पर सुल्तानपुर में एक बिधान समा में,
00:57उसके दसकत से बोट कटवा जा रहा है, तो केवल मुस्लिम नों यह इनका टार्गेटिट काम था,
01:04कि जो समाजवादी पार्टी का बोटर है, या जो मुस्लिम बोटर है, या जो पीडिये है, उसका बोट काट ने
01:10है,
01:10लेकिन जब यह पकड़े गए, तो कोई कारवाई नहीं हुई, इसी तरह यहां भी कई लोग पकड़े गए, जिलादिकारी, पुलिस
01:21और इलेक्शन कमिशन को शिकायते की गई हैं, अगर एक भी SDM पर, और एक भी DM पर अगर इलेक्शन
01:30कमिशन कारवाई कर देता, तो यह ज
01:37नहीं होती, इस से ही साबित होता है कि सरकार, परसासन और इलेक्शन कमिशन तीनों मिले हुए हैं, अभी मैंने
01:45जानकारी जब की थी कुछ दिन पहले, तो 47 फॉर्म भरे गए थे, समाजारी पार्टी की तरफ से, एक हजार
01:55के लगवा भरे गए थे, बीजेपी की तरफ से, �
01:58लेकिन एक लाख, 14,000 फॉर्म भरे के थे, फॉर्म सेविन, वो अज्याद लोगों ने भरे, और जब उनका हम
02:07देखते हैं कि एक लाख, 14,000 बोट कौन सा है, तो वो सब पीडिय निकलता है, पिश्रे, दलित, आदिवासी,
02:14मुसल्मान, इनी का बोट काट रहे हैं, ये कहां स
02:19से लोगतन मजबूत दो रहा है, चिस कॉंस्टिशनल बोडी की जिम्मिदारिया की बोट बने बड़े, वही बोट कटवाने में लगी
02:26है, हम तो ही कहेंगे, इटावा कि हमारे पत्तकार साथी, हाला कि आप जंडा नहीं भेज सकते, बीजेपी का, यहां
02:38से एक जंडा भेज
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