00:07श्रिवराज सिंग ने राहुल गांधी को बताया जूटा लगाया बेशर्मी से जूट बोलने का आरो कहा देश में भ्रह्म पहलाने
00:15की कोशिश कर रहे हैं राहुल गांधी
00:17राहुल गांधी लगातार जूट बोल रहे हैं बेशर्मी से जूट बोल रहे हैं
00:29और वीडियो से भी उनका जूब साफ नजर आता है
00:37जूब बोल कर किसानों को गुम रहा करने की अस्फल कौसिस कर रहे हैं
00:45देश बासियों के बीच ब्रहम पैदा करने की कौसिस कर रहे हैं
00:50लेकिन मैं पूरे दावे के साथ कहता हूँ
00:55भारत और अमेरिका की वीडियो समझता हुआ है
01:00उसमें देश के हितों को सर्वों पर ही रखा गया है
01:05हमारे MSME, हमारे स्टार्टप्स, हमारे किसान, हमारे कारीगर्ण, हमारे मचवारे
01:20सबके हितों की पूरी तरह से रख्षा की गई है
01:26राहूल गांधी बार बार सेव की बात कर रहे है
01:34पांच लाख पचास जार मीट्रिक टन सेव हम आयात कर दें
01:39उस पैसे सी में जोटा कोटा
01:44और वो भी किन सर्थों पर
01:49नियूंतम आयात मुल्क मुल ले असी रुपया के लो
01:53और उस पर पच्चीस रुपया प्रती के लो सुल्क
02:00मतलब लेंडिंग कास्ट ही एक सुपाच रुपया है
02:05फिर किसानों का आहित कैसे है
02:09अक्रोट के मामले में भी
02:13लगातार गुम रहा करने की कौसिस हो रही है
02:18पहले से इभारत
02:21साथ हजार मीट्रिक टन अक्रोट आयात करता रहा है
02:26उस पैसे किवल तेरह हजार का कोटा
02:32सीमित कोटा दिया गया है
02:36इसे किसानों का आहित कैसे होगा
02:41सोयामील और मक्का
02:44कौइन पर कोई भी रहायत नहीं दी गई है
02:49राहुल गांधी का ये दावा
02:54कि कौंग्रेस की सरकार के समय
02:59आयात के दर्वाजे बंद कर दिये गये थे पूरी तरह से जूट है
03:04कौंग्रेस सासन के दोरान भी
03:08बीस अरब डालर के किरसी उत्पादों का आयात होता था
03:14बेरी उत्पाद भी आयात किया जाते थे
03:20देश को जब जरूरत होती है जिस चीज़ की कमी होती है
03:25आयात किया जाता है राहुल गांधी को देश को ये बताना चाहिए
03:31कि वो वे सर्मी से कब तक जूट बोलते रहेंगे
03:38किसानों को गुमराह करने की
03:43कब तक कौसिस करते रहेंगे
03:48किसानों के साथ उनका ये ब्योहर
03:52बहुत दुखद है
03:56और उनकी जूट की राजनीती का परदाफास हो गया है
04:02रुदान मंतली नरेंदर बोदी जी का हर पल हर छण
04:07किसान और देश की सेवा के लिए समर्पे थे
04:12उन्होंने किसान के कलान की अन्य को योजना बना के उन्हें लागू कर किसान की जिन्द की बदली है और
04:22आगे भी किसानों के लिए
04:28उनके हितों की रच्छा के लिए और आतल निर्भार और विक्षित भारत बनाने के लिए वे काम करते रहेंगे
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