00:00मेर वेक्ति संक्राचारे नहीद लिख सकता अर्वेक्ति हर पीठ के आचारे के रूर्प में
00:05जाकर के जहां तहां वातावरन खराब नहीं कर सकता अरे वह संक्राचारे थे ल्वक्रम्त
00:11परिखλी ने पाहिन हें
00:14कि आप नेतिक ताखी बात करते हैं वो जानती नहीं वो देखो कुछ नहीं जानते हैं वो दो उर्दू से
00:25चिड़ते हैं उर्दू क्यों बुलने हैं वो संक्राचार अच्छा या दिलाया
00:32यह योगी हो सकते हैं क्या यहां गिर्व वस्तर है न हम उसको बाबा और सम्माल से देखने लगते हैं
00:40पूरे गाउं की परमपरा है यह जिला वो है जहां पर सोना खोदा जा रहा था जब से धर्टी बनी
00:46होगी जब से धर्म रहा होगा
00:47किसी नेवी हमारे संतों को साध्यों को गंगा इसनान करने के लिए नहीं रोका होगा यह पहले हैं जिनों ने
00:59गंगा इसनान रोका है
01:04अगर वेक्ति हर पीट के आचारे की रूप में जाकर के जहां तहां वातावरन खराब नहीं कर सकता
01:10उन वर्यादों का पालन सबको करना होगा
01:17और अगर वे संक्राचारे थे तो क्यों आप लोगों ने लाठी चार्ज किया था वारा नसी में?
01:21क्यों आफ आई आर लोच किया था? आप नेतिकता की बात करते हैं
01:30साड़े चार करोड सरधालों जहां पर आये हों
01:36वहां पर जो एक्जिट गेट है चहां से सरधालों बाहर निकल ला है अस्नान करके
01:51उस द्वार उस पेंटून से उस मार्ग से किसी को बाहर निकलने का कोई हो नहीं
01:57क्योंकि उससे अंदर जाने का कोई प्रयास करता है तो एक नए स्टेंपेड को जन्म देता है
02:02वहां पर नए भगदर को जन्म देता है सरधालों के जीवन के साथ खिलवार करता है
02:10एक जम्मिदार और मर्यादी प्वेक्ति कभी इस प्रकार का चड़ नहीं कर सकता
02:38बताओ, यह योगी हो सकते हैं क्या, यहां किसे सट्विट दिया योगी होने का, कहां योगी बंकर बंते हैं बताओ,
02:44ठीक हमारे हिंदू परंपरा में बहुत चीजे साफ है, जहां गिर्व अवस्तर है न हम उसको बाबा और सम्माल से
02:52देखने लगते हैं, पूरे गाउं की प
02:57सोना खोदा जा रहा था, याद कीजी ना, क्योंकि हम इतना भरोसा करते हैं अपने लोगों पर, किसी ने कह
03:03दिया, कि सोना है तो हमने सोना है, सोच लिया सोना है, तो कितने दिन हम सोना खोदते रहें सोचवा,
03:09तो हम, हमारे जो समाज है, इन वस्तरों का सम्मान करता है, ले
03:27और अगर आपके अंदर डिजायर हैं, तो आप योगी नहीं हो सकते हैं, तो जो गीता के उल्टा चलता हो,
03:33उसको आप सनातनी मान होगे क्या, जो गीता से उल्टा चलता हो, उस सनातनी नहीं हो सकता, और हमारे पूजने
03:41संकराचार, जिनका सम्मान, सभी सनातन और हिंदु धर
03:56और यहां किसी ही नेवी हमारे संतों को सौध्यों को गंगा इसनान करने के लिए रोका होगा यह पहले हैं
04:07जिनों ने गंगा इसनान रोका हैं हमारे ध्रम भी इंसाइडा है पाप पड़ेगा इन पर अब जब पर अब कून
04:15बचा लेगा इने
04:32झाल झाल
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