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1962 भारत-चीन युद्ध: हिमालय के शिखर पर विश्वासघात की पूरी कहानी
नमस्ते दोस्तों,
आज की इस विशेष डॉक्यूमेंट्री में हम इतिहास के उस अध्याय को समझेंगे जिसने स्वतंत्र भारत की विदेश नीति और सैन्य रणनीति को हमेशा के लिए बदल दिया— 1962 का भारत-चीन युद्ध।
1950 के दशक में जहाँ "हिंदी-चीनी भाई-भाई" के नारे गूँज रहे थे, वहीं अचानक ऐसा क्या हुआ कि हिमालय की बर्फीली चोटियों पर गोलियों की गूँज सुनाई देने लगी? इस वीडियो में हम उन राजनैतिक और रणनीतिक कारणों का विश्लेषण करेंगे जिनकी वजह से यह युद्ध छिड़ा।
इस डॉक्यूमेंट्री के मुख्य बिंदु:
* विवाद की जड़: अक्साई चिन और नेफ़ा (NEFA - अब अरुणाचल प्रदेश) की सीमा को लेकर उपजा विवाद।
* तिब्बत का मुद्दा: दलाई लामा का भारत आगमन और चीन की बढ़ती आक्रामकता।
* भारतीय वीरों का शौर्य: मेजर शैतान सिंह और परमवीर चक्र विजेताओं की कहानियाँ, जिन्होंने बेहद कम संसाधनों के बावजूद चीनी सेना के छक्के छुड़ा दिए।
* रणनीतिक चूक: उस समय की इंटेलिजेंस विफलता और रसद (Supplies) की कमी का निष्पक्ष विश्लेषण।
* युद्ध का अंत: 21 नवंबर 1962 को चीन द्वारा एकतरफा युद्धविराम (Ceasefire) की घोषणा और उसके पीछे के रहस्य।
यह वीडियो केवल एक युद्ध का विवरण नहीं है, बल्कि उन वीर शहीदों को एक श्रद्धांजलि है जिन्होंने शून्य से नीचे के तापमान में भी देश की अखंडता के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया।

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