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  • 2 days ago
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Transcript
00:28आदिज ने बाबा
00:30सारे जानवर उसका मज़ाग उड़ाती थे
00:46एक दिन चुहा अच्छे से तयारी करके शेर से मिल ले गया
00:54शेर ने बस थोड़ी ही देर पहले अपना खाना फतम किया था
00:58और वो थोड़ी देर के लिए सो रहा था
01:00चुहे के दोस्त सब देख रहे थे के चुहा क्या कर रहा है
01:06चुहा शेर की पूंच पर चरना शुरू हो गया
01:12वो शेर के पीछे खड़ा हुआ
01:15बड़ी ही खुशी के साथ उसने अपने दोस्तों को देखा
01:20लेकिन वो बहुत डरा हुआ भी था
01:23वो अपने दोस्तों को ये दिखाना चाहता था कि वो डरता नहीं है
01:27और बिल्कुल उसे वक शेर जाग गया
01:30और जैसे ही वो अपने आपको हिलाने लगा चूहा नीचे गिरा
01:36शेर चूहे की आँखों में देखने लगा
01:43दूसरे सारे जानवर बहुत डर गए
01:52अब तो वो सिखा जाएगा
01:56एए एए चूहे तो मेरी पीट पे क्या करेते
02:04जग जग जग गंगल जग जग जग जग जग जग जग जग गंगल के बाश्या
02:09मुझे तो आप से वैसे ही बहुत डर लगता है
02:16मेरी जान आपके हाथों में है बाश्चा सलावत
02:20मैं तो डाल पे बैटा हुआ था
02:24मुझे अफसोस है
02:25मुझे अफसोस है कि मैं आपके अपर गिर गया
02:29आप तो जंगल के बाश्चा है
02:32आपको तो बड़े बड़े जनवर खाने चाहिए
02:36अगर आप इजाज़त दें
02:38तो मैं आपके खाने का इंतिजाब कर सकता हूँ
02:41शेर ने उस चूहे की बात बिलकुल चुप चाप सुनी
02:45चूहा ये सोच रहा था कि शेर क्या जवाब देगा
02:54मुझे एक वज़ा बताओ
02:57कि मैं तुम्हारी मदद क्यों करूँ
03:00तुम्हें खा क्यों न जाऊंँ
03:03आपकी मदद जाया नहीं जाएगी ये मेरा वादा है
03:07शायद एक दिन मैं आपकी मदद कर सकूँ
03:11जैसे ही चूहे ने अपनी बात खतम की
03:14शेर बहुत जोर से धारने लगा
03:18ये कैसे हो सकता है एक छोटा सा जनवर मेरी मदद कर दे
03:24लेकिन जैसे ही शेर ने देखा कि चूहा बहुत डर गया है
03:28तो उसने उसे ना खाने का फैसला किया
03:31मुझे तुमें नहीं खाना
03:33चलो जाओ यहां से जाओ
03:36चूहा वहां से जल्दी से भाग निकला
03:39बहुत दूर से ये सब देख कर चूहे के दोस्त बहुत हैरान थे
03:45बहुत वक्त गुजरने के बाद शेर बहुत भूका हो चुका था
03:49and she could eat food for nothing.
03:51And she was just a big big jar.
04:01She tried to break it.
04:04She tried to break it, but she didn't do it.
04:06She was a jungle.
04:08If she was someone to help,
04:11she would have to give up.
04:13But she was just a bit late.
04:18He was waiting for him to wait for him.
04:22The other side, the jungle in the jungle has seen the animals.
04:29But he was not able to go near him.
04:36When he was there, he saw the animals and he wanted to help him.
04:43He was close to him, and he was on top of him.
04:48और जब वो उपर पहुँचा तो वो जाल को काटने लगा
04:56और उसी वक्त खरगोश उनके करीब आया
05:00अरे चूहे जल्दी करो वो लोग आने वाले हैं
05:03सारे जानवर वहाँ से भागने लगे जब उन्होंने सुना कि शिकार यहां आ रही है
05:11लेकिन चूहा अभी भी जाल काट रहा था
05:16आखिर में चूहे ने अपना काम कर दिखाया और शेर नीचे गिरा
05:21चलो मेरी कमर पे आजाओ हम लोग वे आसन कलाओ
05:24चूहा शेर के उपर जड़ा और वो दोनों वहाँ से भागने लगे
05:31आखिर में शेर और चूहा शेर के घरा महुचे
05:35उसने अपने आपको नीचे किया ताकि चूहा नीचे उतर सके
05:39तुमने एक दिन मुझसे कहा था कि तुम भी मेरी मदद कर सकते हो
05:43लेकिन उस दिन मैं समझा नहीं था
05:45मैंने सोचा तुम जैसा चोड़ा जानवर मेरी क्या मदद करेगा
05:50पर तुमने मेरी चान बचाई
05:54बहुत शक्रिया
05:56ये तो मेरा फर्स था
05:58अब से तुम मुझसे कभी नहीं डरना
06:01बलके अब तुम्हें किसी भी चीज़ से डरने के ज़रूत नहीं
06:05क्योंकि तुम्हें एक बहुत अच्छे जानवर हो
06:07और आज से हमारी तोस्ती और पीज़ाता मस्बूत हो गई है
06:13इसलिए तुम किसी से भी नहीं डरना
06:17शेर और चूहा दोनों हसने लगे
06:27सारे जानवर जो ये सब बहुत दूर से देख रहे थे
06:30वो सब हैरान हो गए
06:38शेर और चूहे दोनों बहुत अच्छे दोस्त बन गए
06:41और वो अपनी जिन्दगी बहुत खुशी से गुजारने लगे
06:45एक दिन शहर में रहने वाला एक चूहा अपने दोस्त से मिलने गया
06:51उसके दोस्त ने थोड़े दिनों पहले ही शहर छोड़ दिया था और गाउं में रहने लगा था
06:59एक लंबे सफर के बार शहर का चूहा आफिर कार दोस्त के गाउं पहुँचा
07:09ये जगा के इतने इक गंदी है और तुम ऐसी जगा पे रहते हूँ
07:13बहुत देर चलने के बाद शहरी चूहा ठक हार कर गाउं के चूहे के इलाके में पहुँचा
07:19गाउं के चूहे ने जमीन के नीचे अपना घर बनाया था जहां वो रहता था
07:26मेरा दोस इतने गंदे महल में कैसे रहता है मुझे समझ में नहीं आ रहा
07:31शहरी चूहे ने दर्वाजा खट-कटाया
07:34गाउं के चूहे ने दर्वाजा खोला
07:37अपने दोस्त को अचानक से देखकर गाउं का चूहा हैरान रह गया
07:42और साथ ही बहुत खुश भी हुआ
07:55पर मुझे लग रहा है कि तुम किसी परिशारी में हो
07:57अरे किसने कहा तुम अंदार आओ मैं तुमारे लिए कुछ लेगर आता हूँ
08:05दोनों गर के अंदर आए
08:06शहर का चूहा उसका घर अंदर से देखकर बहुत हैरान हो गया
08:11क्यूंकि गाओं का चूहा अंदेरे और गुटन से भरे गर में रहता था
08:17ओ ओ तुमारा घर कितना चोटा है तुम यहां कैसे रहते हो
08:21गाओं के चूहे ने दोस्त के लिए कुछ बनाया था
08:25मेज पर आलू, सलाद, गाजर और चीज का टुकड़ा था
08:31आओ दोस्त, मिलकर खाना खाते हैं
08:35शेहरी चूहे ने जो भी मेज पर रखा था उसे देखा और कहा
08:40तुम इसे दावत कहते हो, अरे हम जहां रहते हैं वहां ऐसी चीजों को देखते भी नहीं
08:46हम तो केक, पनीर, पेस्टीस और ना जाने क्या-क्या खाते हैं
08:50शेहर में तो तुम्हें जो चाहिए वो मिल सकता है, पता है
08:57अपना खाना खानी के बाद, वो दोनों आसपास के इलाके में भूमने गए
09:02शेहरी चूहे को जहां उसका दोस्त रहता था, वो जगा बिलकुल पसंद नहीं आई
09:08इस तरह की जगा मुझे बिलकुल पसंद नहीं है, ये बहुत गंदी और घुटन वाली जगा है
09:14तुम्हें एक बार हमारा इलाका देखना चाहिए, मुझे यकीन है एक बार तुमने वो देख लिया तो दुबारा यहां नहीं
09:20आओगे
09:21दूसरे दिन की सुभा दोनों एक दूसरे से गले मिले
09:27थोड़े ही दिनों बार गाउं के चुहे ने शहर जाकर शहरी चुहे से मिलने का फैसला किया और उसका सफर
09:34शुरू हो गया
09:35लंबे सफर के बाद गाउं का चुहा शहर पहुचा
09:41गाउं का चुगा गूमते गूमते आखरकार अपने दोस्ट के घर आ पहुंचा
09:46शेहरी चुगा एक अपार्टमेंट में रहता था
09:52दोस्ट का घर देखकर गाउं का चुगा बहुत हैरान हो गया
09:56ये इतना बड़ा घर तुम्हारा है
10:00मैं यहाँ इस घर के मालिक के साथ रहता हूँ
10:02मुझे बहुत भूक लगे अब जल्दी से वो दावत दिखा दो जिसके बारे में तुम बात करे थे
10:08शेहरी चुगा किचन में गया
10:10उसने फ्रिज खोला
10:12फिर चीज, सेब और अलग-अलग तरहां के खाने ले कर गया
10:19उसने ये सब एक टेबल पर रखा और दोनों खाने लगे
10:24एक बिल्ली मियाओ मियाओ कर रही थी
10:28शेहरी चुगा कहने के लिए खूदा
10:31अरे पापरे, घर के बिल्ली ने हमें बाते करते हुए सुन लिया, भागो यहां से
10:38दोनों दिवार की एक सुराख में खुज गए और चले गए
10:41गाउं के चुहे ने दोस्ट से सवाल किया
10:44तुम बिल्ली के साथ एक ही घर में रहते हो, क्या ये खतर राग नहीं है
11:02थोड़ी देर बाद बिल्ली किचन से चली गई, फिर वो दोनों दिवार से बाहर आए
11:07और उन्होंने खाना शुरू कर दिया, थोड़ी देर बाद उन्होंने दर्वाजा खुलने की आवाज सुनी और वो दोनों डर गए
11:19चूहा दुबारा दिवार के सुरा के अंदर चला गया, और गाओं के चूहे ने अपने दोस्स से सवाल किया
11:26इस बार हम लोग पता नहीं क्यों भाग रहे हैं, क्या मालिक मकान को पता नहीं कि तुम यहां रहते
11:31हो
11:31अरे पागल वो नहीं जानते
11:33यह तो बहुत खत्रे वाली बात है, तुम इस तरह के घर में कैसे रहते हो
11:38ठीक है, जैसा भी है, मैं इसमें बहुत खुश हूँ
11:42दिखो जब मैं चाहूं कुछ भी खा सकता हूँ
11:45अब कोई खत्रा नहीं, चलो खाना खाते हैं
11:49गाउं का चूह बिल से बहार आया, पर वो जैसे ही बहार निकला
11:54दर्वाजे की तरफ गया और शिकायत करने लगा
11:57नहीं भाई, शुकरिया, अब मेरी भूक मर चुकी है
12:00मेरे लिए इतना डरना बहुत है, मैं जा रहा हूँ
12:03कहो जा रहे हो
12:19और इसी वज़ा से गाउं का चूह अपने घर वापिस आ गया
12:23और सुकून से रहने लगा और वो भी कभी दुबारा शहर नहीं गया

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