00:00अगर आपकी सुभह की शुरुवात चाय या कॉफी से होती है तो इसमें जो दूद आप डालते हैं वही दूद
00:04सुरक्षित नहों तो क्या आप उससे पीना जारी रखेंगे?
00:07एक स्वतंत्रो लाब टेस्टिंग प्लेटफॉर्म ट्रस्टिफाइड की हाल्या रिपोर्ट ने इसी सवाल को चर्चा के केंद्र मिला दिया है
00:13रिपोर्ट में दावा किया गया है कि देश के कुछ बड़े और भरोसे मंद ब्राइंड अमूल, मदर डेरी और कंट्री
00:19डिलाइट के दूद के सैंपल गुणवत्ता मानों को पर घरे नहीं उतरे
00:22रिपोर्ट के रुसार दूद की जाज टोटल प्लेट अकाउंट यानि टीपीसी और कॉलिफर्म बैक्टिरियों के आधार पर की गई
00:28टीपीसी ये बताता है कि दूद के कुल बैक्टिरियों की मातरा कितनी है जबकि कॉलिफर्म की मौजूद की साफ़सफाई और
00:33संभावित संक्रमेंट का संकेत देती है
00:35ट्रस्टिफाइट के दावे के मताबिक मदर डेरी के एक सैंपल में टीपीसी दरते सीमा से कई गुना जादा दर्ज किया
00:40गया
00:40कंट्री डिलाइट के सैंपल में बैक्टिरियों की मातरा सुरक्षा सीमा से उपर बताई गई
00:44वही अमूल ताजा और अमूल गोल्ड में कॉलिफाम बैक्टिरिया की मातर निर्धारत सीमा से अधिक होने का दावा किया गया
00:50है
00:50सिर्फ दूध ही नहीं रिपोर्ट में दही और अंडे के कुछ सैंपल पर भी सवाल उठाए गई है
00:54हलाक अमूल ने इन निशकर्षों को खारिच करते हुए साफ कहा है कि उनके सभी उत्पाद भारतिय खाद सुरक्षा एवमानक
01:01प्राधिकरण यानी F-S-S-A-I के मानकों पर खरे उतरे है
01:04मतर डेरी और अंडे कंपनियों के प्रक्रिया का इंतजार है वही F-S-S-A-I की और से फिलाल
01:10कोई आधिकारिक वियान सामने नहीं आया है
01:12ध्यान देने वाली बात ये है कि ये सभी ब्रैंड नेश भर में करोडों परिवारों की रोजमर्रा की जुर्रत का
01:17हिस्सा है
01:17दूद, दही, अडे ये कोई लक्शुरी प्रोडेक्ट नहीं बलकि हर घर की थाली का हिस्सा है
01:21ऐसे भी ये रिपोर्ट सिर्फ कंपनियों पर सवाल नहीं उठाती
01:24बलकि खादे सुरक्षा विवस्था, निगरानी प्रणानी और जवाव दही पर भी बहस चेटी है
01:29अब सवाल यही है कि कैन दावों की स्वतन स्रुजाच होगी, क्या भोक्ताओं को और पारदर्शुता मिलेगी
01:34क्योंकि जब बात रोज की थाली की हो, तो भरोसा उतना ही शुद्ध होना चाहिए, जतना दूद
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