00:00नवसकार मैं हूँ शम्स ताहर खान और आप देख रहे हैं वारदाथ
00:0336 गड़ में एक न्यूज एंकर के कतल के मुकदमे की सुनवाई चल रही थी
00:08एक लड़की गवाह के कटगरे में खड़ी होकर जच के सामने गवाही दे रही थी
00:14दरसल ये वो लड़की थी जिसने न्यूज एंकर का कतल होते अपनी आँखों से देखा था
00:19अब वो कहानी सुनानी शुरू करती है जैसे जैसे वो कहानी सुनाती जाती है
00:25अदालत के अंदर सन्नाता पसरता जाता है क्योंकि शायद अदालत ने भी इस से पहले किसी लाइव मटर की ऐसी कहानी नहीं सुनी थी
00:35ये सल्मा सुल्ताना है
00:4636 गड़ के एक लोकल न्यूज चैनल की न्यूज एंकर थी
00:51खबरे पढ़ने के अलावा सल्मा का एक ही शौक था
00:56गाना सुनना और गाने गाना
00:59सल्मा का सबसे पसंदिदा गाना एक ही था
01:02और वो ये गाना था
01:21जीने के लिए सोचा ही नहीं दर्द सभालने होंगे
01:31जीने के लिए सोचा ही नहीं दर्द समालने होंगे
01:45मुस्कुराएं तो मुस्कुराएं के अर्जु उतारने होंगे
01:5721 अक्टूबर 2018 की बात है
01:59सल्मा का बॉइफ्रेंड खुद गा कर सल्मा को उसका सबसे पसंदिदा गाना सुना रहा
02:05बस इस गाने का पिक्चराइजेशन थोड़ा अलग था
02:11सल्मा विस्तर पर छट पटा रही थी
02:15उसका बॉइफ्रेंड अपने एक दोस्त के साथ मिलकर सल्मा का गला घोट रहा था
02:20गला घोटते वक्त उसका एक हाथ सल्मा के गले पर था
02:24जबकि दूसरे हाथ से वो सिगरेट के कश लगा रहा था
02:28सल्मा को मारते वक्त और सल्मा के मर जाने के बाद भी
02:32वो सल्मा का वही पसंदीदा गाना लगातार गाता था
02:37और इसके साथ ही सल्मा मर जाती है
02:39ऐसा मरती है कि अगले पांच सालों तक उसकी लाश छोड़ीये
02:44उसकी मौत की खबर भी किसी को नहीं लग
02:47ये 36 गड़ के एक कोर्बा का डिस्ट्रिक्ट एंड सेशन कोट है
02:55इसी कोट के अंदर एक लड़की गवा के कटखरे में खड़ी होकर
03:00सलमा के कतल की यही कहानी सुना रही थी
03:03जो अभी अभी हमने आपको सुनाए
03:06कोमल नाम की ये वो गवा थी
03:08जिसने सिग्रेट का कश लेते हुए
03:10कातिल कोस सलमा का गला गोड़ते हुए लाइफ देखा
03:14निउज एंकर सलमा सुल्ताना मर्डर केस के क्यावन गवाहों में
03:19कोमल की ही गवाही सबसे एहम और कोमल ने कोट के सामने वही कहा
03:24जो उसने 21 अक्टूबर 2018 खुद अपनी आँखों से देखा
03:29समान समय में 41 साक्षियों का अभ्योजन साक्षियों का गवाह हो चुका है
03:35सेस 10 साक्षियों का साक्ष होना बाकी है
03:40महत्वपूर साक्षी जो है कोमल राजपुजी का नियालिन बयान हुआ है
03:46जिसमें उन्होंने प्रक्राण को पूर रूप से अभ्योजन के पक्ष में प्रमारित किया है
03:53जो कि महत्वपूर साक्षी है एवं अन्य साक्षियों के द्वारा अभ्योजन के पक्ष में
04:00बर्चर के न्यालय का समर्थन कर रहे हैं, अपने गवाही के समर्थन कर रहे हैं।
04:07एक मर्डर की ये वो कहानी है जिसका जब खुलासा हुआ था तो हर कोई चक्रा गया था।
04:14वज़ा ये थी कि पांच साल तक एक लाश गायब रहे है।
04:18पांच साल बाद जब लाश का सुराग मिला, तो हालात कुछ ऐसे हो गए थे कि नैशनल हाईवे खोदने की नौबत आ गएगी।
04:27लाश तक पहुँचने के लिए पुलिस को साइंटिस्ट्स तक की मदद लेनी परोगी।
04:32जमीन के अंदर का एक तरह से एकस्रे कर दिया गया।
04:36तो पेश है है, हैरान परिशान कर देने वाली एक न्यूज एंकर की कतल की कहान।
05:02सेटिलाइट इमेज।
05:10स्क्रीनिंग मर्शीन।
05:14थर्मल इमेजिंग।
05:18ग्राउंड पेनिट्रेशन रडाव।
05:24जेसी बी।
05:28पोकलेंग।
05:31और करीब साथ घंटे तक चली खुद आई।
05:4136 गर की कोरबा पुलिस ने वो कर दिया जिसकी उम्मीद पीडित परिवार तो क्या
05:47खुद वार्दात को अंजाम देने वाले गुनेगारों ने भी छोड़ दी थी।
05:51यानि वो ये मान बैठे थे कि अब शायद ही कभी उनके गुनाहों का भांडा फूटे और शायद ही कभी उस कतल का राज बाहर आए।
06:01जिसे उन्होंने करीब पांच साल पहले अंजाम दिया था।
06:09लेकिन एक लंबी इन्विस्टीगेशन और हार न मानने की जिद की बदौलत कोर्बा पुलिस ने आठ फीट जमीन के नीचे दखन उस मर्डर मिस्ट्री का राज बेनकाब कर दिया जो अब तक अंसुलशी पहली बनी थी।
06:24और ये मिस्ट्री थी 25 साल की एक लड़की सलमा सुल्टाना की।
06:32जिसे पूरा कोर्बा शहर बस उसके नाम से पहचानता था।
06:36कहने की जरुवत नहीं है कि इस लड़की ने महज इस छोटी सी उम्र में अपनी मेहनत और काबलियत के बूते वो नाम पैदा किया था जैसा करना आम तोर पर बड़े बड़ों की बस की बात नहीं होती।
06:51उसकी गिंती शहर की सबसे तेज तर्रार और उदाइमान एंकर और रिपोर्टर के तौर पर होती थी।
06:57लेकिन एक रोज कोर्बा की यही लड़की रहसमई तरीके से ऐसे गायब हो गई कि फिर किसी को ढूड़े नहीं मिली।
07:05और जब मिली तो एक लाश की सूरत में और वो भी जमीन के आठ फीट नीचे।
07:1221 अक्टूबर 2018 यही वो तारीक थी जब सल्मा को लोगों ने आखरी बार जिन्दा देखा था।
07:25उसमुंडा के ACCL कालोनी की रहने वाली सल्मा इस रोज किसी काम से कोर्बा आई थी।
07:31लेकिन कोर्बा पहुँचने के बाद वो न सिर्फ अचानक से गायब हो गई बलकि उसका मुबाईल फोन भी हमेशा हमेशा के लिए स्विच्ट आफ हो गया।
07:40कुछ लोगों ने उसकी स्कूटी आखरी बार कोर्बा रेल्वेस्टेशन में देखने की बात गई और इसी के साथ शहर में ये अफ़वा पहल गई कि सल्मा ने कोर्बा छोड़ दिया और करियर में नई उचाईयों की तलाश में मुंबई चली गई।
07:55लेकिन ये बात सल्मा के घरवालों के गले से नीचे नहीं उतर रही थी। सवाल यही था कि अगर उसे वाकई अपने करियर के लिए मुंबई जाना था तो फिर ये बात वो घर में बताए बगैर क्यों चली गई।
08:07कुछ दिनों तक अपने तोर पर सल्मा को ढूड़ने के बाद घरवालों ने पुलिस में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट लिखवाई।
08:15लेकिन धीरे धीरे तिन महिने और साल गुजरते रहे और सल्मा की गुमशुदगी रिपोर्ट की फाइल पर धूल की मोटी परत जमा होती रही।
08:24करीब साल भर बाद यानि 2019 में सल्मा के पिता की मौत हो गई।
08:29लेकिन तब भी सल्मा ने न तो अपने घरवालों से बात की और नहीं कोई खोज ख़बर ली।
08:35और फिर एक वक्त ऐसा आया जब तक रिबन पूरे के पूरे कोर्बा शहर नहीं सल्मा को भुला दिया।
08:45हालांकि इसी साल मई के महिने में जब दर्री के स्पी सिटी रॉबिंसन गुडिया ने अपने इलाके में ठंडे पर चुके मामलों की फाइलें पलटनी शुरू की तो उन्हें एक अजीब सी बात पता चली।
08:57तब तक इस मामले की तफ्तीश गुमशुदगी रिपोर्ट दर्ज होने के बाद एक इंच भी आगे नहीं बढ़ी थी।
09:27पुलिस ने बैंक वालों से बात की तो पता चला कि किष्टें मांगने पर उस लड़के ने बैंक वालों के साथ बत्तमीजी करनी शुरू कर दी थी।
09:57यगवाई में पुलिस की टीम ने सलमा को जानने वाले कुछ दूसरे लड़कों और पत्रकारों से भी पूछ दाज की।
10:03लेकिन पुलिस को सलमा की गुमशुद्गी के बारे में कुछ पता नहीं चला।
10:07लेकिन मामले में तब एक बड़ा ट्विस्ट आया जब एक रोज एक लड़के ने शराब के नशे में धुथ होकर किसी जगह पर सलमा की गुमशुद्गी के हर राज से खुद को वाकिफ बताया।
10:19और कहा कि इस कांड में कौर्बा के एक जिम ट्रेनर मधूर साहु का हाथ है।
10:25इत्तिफाक से शराब के नशे में उस लड़के ने ये बातیں मधूर साहु के बिजनेस पार्टनर से कही।
10:31जिसका मधूर के साथ रुपए पैसों की लेंदेन को लेकर विवाद चला रहा था।
10:36पार्टनर ने ये बात पुलिस को बता दी और अब पुलिस का शक मधूर पर गहरा गया।
10:43पुलिस ने अब मधूर और उसके साथियों से दुबारा पूछताच की।
10:47लेकिन सभी पुलिस को जूठी कहानिया सुनाते रहे।
10:51फिर एक वक्त ऐसा भी आया जब मधूर ने सल्मा का कतल करने की बात तो कबूल कर ली।
10:56लेकिन लाश को ठिकाने लगाने की जूठी जगहें बताता रहा।
11:00इसके बाद पुलिस ने अलग-अलग जगहों पर तलाशी ली।
11:03लेकिन आखिरकार जब लाश नहीं मिली तब पुलिस ने मधूर से सक्ती की।
11:08और उससे और उसके साथी से ये कबूल करवा लिया कि उन्होंने न सिर्फ पांच साल पहले सल्मा की जान ले ली थी।
11:15बलकि उसकी लाश को कोरवा दर्री मार्ग पर सड़क के किनारे दफना दिया था।
11:22मगर दिक्कत ये थी कि इन पांच सालों में कोरवा दर्री मार्ग का पूरा का पूरा भुगोल ही बदल चुका था।
11:28कोर्बा दर्री मार्क पहले सिंगल लेन हुआ करता था जो अब फोर लेन हाईवे में तबदील हो चुका था और सड़क बनाने के लिए आसपास की इलाके में बड़ी मात्रा में मिट्टी भरी गई थी ऐसे में पुलिस के लिए लाश दफनाने की सही जगा की पहचान करना औ
11:58अब पुलिस ने न सिर्फ कोर्बा दर्री मार्क का पुराना नक्षा निकाला तस्वीरे निकाली बलकि वन विभाग से उस पेड़ वाली जग़ की पहचान पता करने में मदद की गुजारिश की
12:10फिर एक एक कर पुलिस ने जमीन के नीचे दफन लाश का पता लगाने के लिए सैटलाइट इमेजस की मदद ली
12:17स्क्रीनिंग मशीन से जग़ की पहचान पता की
12:20थर्मल इमेजिंग से ये देखा कि जमीन के नीचे वो जग़ कौन सी है जहां इंसानी आवशेश हो सकते हैं
12:27ग्राउन पेनिट्रेशन रडार से पिन पॉइंट इनफॉर्मिशन जुटाई
12:31इसके बाद मंगलवार को आखिरकार दोनों मुल्जीमों की निशान दही पर पॉलिस ने उस जग़ की
12:37जैसी भी और पोकलेंड से खुदाई चालू की
12:39जहां लाश दफनाए जाने के निशान मिल रहे थे
12:42इतिफाक से ये जग़ ठीक फोर लेन रोड के बगल में थी
12:46जहां सड़क बनाने के दौरान मिट्टी का भराव तो किया गया था
12:50लेकिन सड़क उस जग़ के उपर से नहीं गुजरी थी
12:53ऐसे में पुलिस को सड़क तोड़ने की जरुवत नहीं पड़ी
12:56और करीब साथ घंटों की खुदाई के बाद आखिरकार पुलिस ने वो कर दिया
13:01जो पिछले पांच सालों से नहीं हो सका था
13:04पुलिस ने यहां बोरे में बंद एक लाश बरामत की
13:09लाश की हालत काफी खराब थी
13:11लेकिन पुलिस को मौके से हड्डियों के अलावा एक खोपड़ी बाल और वो बेटशीट हाथ लगी
13:16जिसका इस्तिमाल कातिलों ने सल्मा की लाश को दफनाने के लिए किया था
13:20इन में सल्मा के कपड़ों की पहचान घरवालों ने कर ली
13:24फिलाल इसमें शक की गुझाईश नहीं के बराबर है कि ये लाश सल्मा की है
13:28लेकिन मामले को पुखता करने के लिए पुलिस दूसरे फॉरेंसिक सबूतों के साथ साथ
13:34डियने एग्जामिनिशन की भी मदद ले रही है
13:37ताकि सल्मा के घरवालों के डियने से लाश की डियने मैच करवा कर
13:41ये इंशोर किया जा सके कि लाश उसी लड़की की है
13:45पुलिस ने जब सल्मा की लाश जमीन के नीचे से बरामद की थी
13:51तो उसके पैरों में या यूं कहें कि उसके पैरों की हड़ियों में एक रसी बंधी मिली
13:57पुलिस को उम्मीद है कि इस लाश का डियने जरूर सलमा के घरवालों से मैच हो जाएगा
14:02क्यूंकि लाश संदिख्ध कातिलों की निशानदही पर ही परामद की गई है
14:07हलंकि पुलिस का ये भी कहना है कि इस से पहले कातिलों ने कई बार पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की
14:14कभी कतल करने की बात मानी तो कभी कतल करने से ही मना कर दिया
14:18कभी दबाव बनाने पर दूसरी जगह यानि गलत जगह पर लाश ठिकाने लगाने की बात करी
14:24लेकिन जब पुलिस ने कातिलों का सबूतों से आमना सामना करवाया
14:29तो उनके सामने जुर्म कबूल करने के सिवाए कोई चारा नहीं था
14:34कोर्बा पुलिस ने फिलाल सलमा की मा और उसके भाई के DNA सैंपल कलेक्ट कर लिए
14:40एक सीनियर पुलिस आफिसर का कहना है कि हाईवे में किसी भी जगह की खुदाई करना अपने आप में एक काफी खर्चिला काम था
14:49ऐसे में पुलिस को सही जगह की पहचान के लिए पिन पॉइंट लोकेशन चाहिए थी
14:54इसके लिए पुलिस ने सैटेलाइट इमेज का तो सहारा लिया ही
14:58इनाइटी राइपूर से ग्राउंड पेनिट्रेशन रडार टेकनोलोजी की भी मदद लिए
15:03जिससे ये पता चल सके कि सॉयल कंसॉलिडेशन यानि मिट्टी की जमावट कहां किस स्तर पर है
15:10जाहिर है अगर किसी जगह कुछ साल पहले खुदाई की गई हो तो वहां मिट्टी की जमावट दूसरी जगह के मुकाबले कमजोर होगी
15:18इसके साथ ही पुलिस ने पेड़ वाली जगह की भी पहचान की
15:22और ये पता किया कि लाश इस जगह से कम से कम पांच मीटर के दाएरे में दफनाई गई हो सकती है
15:29यानि पांच साल पहले गायब हुई नियूज अंकर सलमा की लाश अब पुलिस ने बरामत तो कर ली
15:40लेकिन आखेर इतनी अच्छी और होनहार लड़की का कतल उसी के बॉइफरेंड और उसके दोस्तों ने क्यूं कर डाला
15:46ये भी आपको बताएंगे
15:48गेंदालाल शुकल कॉर्बा आज तर
15:52पुलिस ने सलमा की लाश बरामत करने के साथ साथ
15:57कतले की गुत्थी भी सुलजा ली थी
15:59अब पुलिस को सरफ ये पता लगाना बाकी था
16:02कि सलमा के कतले की वजह क्या थी
16:05कतले का मकसद क्या था
16:06तो मधुर ने वो कहानी भी सुनानी शुरू कर दी
16:09दरसल सलमा रिष्टों के पेंच में फसकर रह गए थी
16:13जिसे वो आखरी रिष्टा मान बैठी थी
16:16दरसल वो रिष्टा कई रिष्टों में लिप्टा हुआ था
16:1936 गर पुलिस ने नियूज एंकर सलमा सुल्टान के कतल के मामले में
16:25उसके बॉइफरेंड और जिम ट्रेनर मधूर साहु के अलावा उसके दो और साथियों
16:29कौशल शिवास और अतुल शर्मा को गिरफतार किया है
16:32पुछताच में मधूर और कौशल ने कबूल किया है कि उन्होंने सलमा की उसी रोज हत्या कर दी थी
16:38जिस दिन वो मधूर से मिलने के लिए कुसमुंडा से कौर्बा आई थी
16:43इसके बाद दोनों ने अपने तीसरे साथी अतुल शर्मा की मदद से
16:48सलमा की लाश को कौर्बा दर्री मार्क के किनारे एक सुनसान जग़ पर दफना दिया
16:53फिलहाल पुलिस ने तीनों को गिरफतार करने के साथ साथ
16:57उनके पांच साल पहले निकाले गए सीडियार की भी एनलिसिस शुरू कर दी है
17:02इसी के साथ सलमा सुल्ताना के कतल की वज़ब ही तकरीबन साफ हो गई है
17:07तफ्तीश में ये पता चला है कि सलमा के बॉइफरेंड मधूर के साथ
17:10उसका रुपए पैसों को लेकर विवाद चल रहा था
17:13सलमा ने जो लोन ले रखा था मधूर वो चुकाना नहीं चाहता था
17:18उपर से सलमा चुकी एक पत्रकार थी और समाज में बहुत से लोगों से उसका मिलना जुलना था
17:23मधूर उसके चरितर पर भी शक करता था
17:26उसे लोगों से मिलने जुलने से रोकता था
17:30इस बात को लेकर अक्सर मधूर और सलमा के बीच विवाद भी हुआ करता था
17:34इसी जगड़े से उब कर मधूर ने सलमा की जान लेने का फैसला कर लिया
17:39और फिर उसकी गला घोट कर जान ले दी
17:42फिलाल पुलिस ने मधूर के लैपटॉप और दूसरे डिवाइसे भी बरामद कर लिये हैं
17:47जिसमें दोनों की जिन्दगी में चल रहे उथल पुथल से जुड़े कई सबूत पुलिस के हाथ लगी हैं
17:52पुलिस को मधूर के फोन और लैपटॉप से कुछ आडियो क्लिप भी मिले हैं जो इस केस में एहम सबूत सावित हो सकते हैं
17:58पुलिस को चानबीन में पता चला है कि सलमा और मधूर दोनों एक दूसरे के प्यार में पढ़ने के बाद
18:04कॉर्बा में लंबे वक्त तक एक फ्लैट लेकर लिविन में भी रहते रहें
18:09लेकिन धीरे धीरे दोनों के रिष्टों में खाटास आने लगी
18:13असल में मधूर थोड़ा शक्की किस्म का लड़का था
18:16जबकि सलमा थोड़ी आजाद ख्याल लड़की
18:19ऐसे में दोनों के बीच एक बार मतभेद शुरू हुए
18:22तो फिर वो धीरे धीरे बढ़ने लगा
18:2521 अक्टूबर 2018 यानि कतल वाले रोज सलमा और मधूर में लड़ाई हुई थी
18:32जिसके बाद मधूर ने अपने दोस्त कोशल शिवास को बुला लिया
18:36इसके बाद दोनों ने मिलकर सलमा के स्टोल से ही उसकी गला दबा कर हत्या कर दी
18:41और फिर लाश निप्टाने में मदद लेने के इरादे से अपने दूसरे दोस्त अतुल शर्मा को बुलाया
18:48इसके बाद तीनों बड़ी खामोशी से दुनिया की नजरों से बचते हुए लाश को लेकर दर्री मार्ग पर निकल गए
18:55और एक सुनसान जग़ पर उसे दफ ना दिया जिससे ये राज कभी बाहर ना आए
19:01सच्चाई तो यही है कि पांच सालों तक किसी को भी इसके बारे में पता भी नहीं चला
19:07लेकिन आखिरकार गातिलों की एक चूक से ही इस भयानक गुना का भंडा भूट गया
19:14गिंदालाल शुक्ल कुर्बा आज तक
19:18तो वारदात में फिलाल इतना ही मगर देश और दुनिया की बाकी खबरों के लिए आप देखते रही आज तक
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