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  • 1 hour ago
जिलाध्यक्षों के सामने सबसे बड़ी परेशानी नेताओं के समर्थकों को कार्यकारिणी में एडजस्ट करने को लेकर है.

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00:00शंक्तन सर्जन अभियान के तहत राजस्तान प्रदेश में पचास जिलाद देख्शों की न्युक्ति की गई अभी उन्हें AICC के आदेशा अनुसाद 15 फरवरी तक कारेकार ने देनी पड़े ही उसमें छोटे जिलों में 31 और बड़े जिलों में 51 ऐसी इस्तिती में उन्हें
00:30राजी रखना पड़ेगा, MPU को भी राजी रखना पड़ेगा, SC, ST, OBC, Minor T, इन लोगों को भी प्रतिंतुत देने देना पड़ेगा, क्योंकि AICC के तब सही आदेश है, तो ऐसी इस्तिती में दिलाद देख्शों को बड़ी परिशानी का सामना करना पड़ सकता है, कि वो
01:00उनके सामने बहुत बड़ी समच्चा रहेगी, किसको राजी रखेर, किसको नाराज करें, तो ये उनके लिए समच्चा का कारण रहेगा,
01:14कि नेताओं के समर्थकों को शामिल करें, या अपने अपने चाहितों को शामिल करें,
01:43इसको लेकर कहीं न कहीं दुविदा उनके मन में चल रही है, और बड़ी बात ये है कि इस बात को लेकर पार्टी हाई कमान सहीद परदेश कौंग सा अद्धक के सामने भी ये बात रखी गई है,
01:52जो गाइडलाइन तै की गई है, ये पचास जिलाद्धक्षों की वो काफी कम है, लेकिन कहीं न कहीं जो निर्देश है, वो साफ यही है कि फिलहाल सभी जिलाद्धक्षों को पचास से कम की ही कारेकांड़ी रखनी पड़ेगी, ऐसे में बड़ा सवाल ये है कि जो जिला�
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