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ओमान वार्ता में नहीं बनी बात, क्या अब ईरान-अमेरिका में होगा 'महायुद्ध'?

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00:00अमेरिका के टागेट पर खामनेई का सीक्रेट बंकर है इरान के टागेट पर अमेरिका के बेस और वार्शिप और जंग के टागेट पर पूरी दुनिया
00:16नमस्कार मैं हूँ श्मेटा सिंग और आज हम आपको बताएंगे क्या छिड़ने ही वाला है अमेरिका इरान के बीच महायुद
00:23खत्म हुए सारे किंतु परंतु अब जंग किसी भीवा
00:27आने वाले कुछ घंटे अब इरान पर पड़ सकते हैं बहुत भारी
00:30समंदर में हलचल तेज हो रही है
00:34आस्मान में मंदाने लगे हैं ड्रोन्स और फाइटर प्लेंस
00:39इस्राइल की सुरक्षा के लिए छे ब्रिटिश F-35 जेट साइप्रस मूत रहे
00:45अमेरिका ने इरान के साथ कारोबार करने वाले देशों पर टैरिफ लगाने का एलान किया
00:49साथ ही ओमान ने अपने एर बेज पर पेट्रियट डिफेंस सिस्टम तेनाद किया
00:54अमेरिका ने कर लिए इरान की घेरा बंदी पूरी
00:57अमेरिका की 450 घातक ट्राम हॉक क्रूस मिसाइलों ने निशाने पर लिया इरान को
01:05ट्रम्प के फाइनल आदेश से पहले की तैयारी भी शुरू
01:08युक्लिय प्रोग्राम बहना बन जाता है एक मिलिटरी एक्शन लेने का
01:14एतलोक हमेनी और इसलामिक रूल को अमेरिका किसी भी हालत में बरदाश्ट नहीं करता है पसंद नहीं करता है
01:20दुनिया इस उम्मीद में बैठी थी कि ओमान में बाच्चीत की मेज तक आई इरान अमेरिका जंग से बचने का कोई समधान निकाल लेंगे
01:35लेकिन हुआ इसका उल्टा ना कोई बात सामने आई ना किसी मुद्दे पर सहमती बनी ना भविश्ट की कोई योजना
01:41मीटिंग के बाद इरान से बेहद नाराज है ट्रम्प
01:50इरान पर चाहते हैं निरनायक कारवाई अमेरिकी हमले की आशंका से अलर्ट पर इरान
01:55अमेरिकी ठिकानों को टार्गेट करने का इरान का एलान
01:59इरान ने स्पष्ट कर दिया है कि ना तो वो अमेरिका के शर्तों के आगे जुकेगा और ना ही जंग के हालात में पीछी हटेगा
02:12अमेरिका ने अगर घेराबंदी और तेज कर दी है तो इरान ने भी रणनीतिक रूप से अपनी तैयारियों को अन्जाम पर पहुँचाना शुरू कर दिया है
02:19आसार बता रहे हैं कि 24-48 घंटों के अंदर महायुद किसी भी पल शुरू हो सकता है
02:27क्योंकि सबर का बांद दोना तरफ से तूट रहा है
02:30अमेरिका इरान के बीच की स्थिती बहत नाजुक मोड पर है
02:36दोनों ने एक दूसरे को मिसाईलों के निशाने पर ले रखा है
02:39और किसी भी समाधान की उमीदें धुन्दली लगातार हो रही है
02:43इरान लंबी दूरी की मार वाली बैलिस्टिक मिसाईल लॉंच करके अपने इरादे दिखा रहा है
02:48और अमेरिका अपने नागरिकों को तुरंट इरान चोड़ने की अडवाईजरी जारी करके बड़े संकेत दे रहा है
02:54इस सब के बीच सवाल वही है कि ऐसे हालात में आखिर जंग कब तक टाली जा सकती
03:00इरान से 700 किलोमेटर की दूरी पर अमेरिका का मौडर्न वार्शिप इरान पर हमले के लिए इरान ने 40 फास्ट बोर्ड्स को स्ट्रेट अफ पॉर्मूज में तैनाद कर दिया
03:15इस्राइल की सुरक्षा के लिए छे बिटिश एफ-35 जेट साइपरस मूडरे
03:23अमेरिका ने एरान के साथ कारोबार करने वाले देशों पर कैरिफ लगाने का ऐलान किया
03:28साथ ही ओमान में अपने एर बेस पर पेट्रियट डिफेंस सिस्टम तैनाद किया
03:33एरान ने अपनी सबसे खतरनाक मिसाइल फटेह वन को अंडर ग्राउंड मिसाइल सिटीज में पैनाद कर दिया है
04:02हालाज बता रहे हैं कि ओमान में हुई बातचीत का नतीज़ा फिलहाल कुछ निकला नहीं
04:11क्योंकि वहाँ से निकलने के बाद एरान की विदेश मंतरी अब्बास अराक्ची ने कहा
04:16एरान यूरेनियम का समवर्धन नहीं रोकेगा
04:20इरान मिसाइल कारिकरम पर कोई बात नहीं करेगा
04:23इरान मिडल इस्ट के प्रॉक्सी संगठरों के समर्थन पर कोई बात नहीं करेगा
04:28जबकि ट्रम पहले ही धंकी दे चुके हैं कि अगर इरान परमाणू कारिकरम खतम करने
04:37बेलेस्टिक मिसाइल कारिकरम पर समझोता करने और शेत्रिय सशच्तर दलों का समर्थन नहीं रोकता
04:43तो उसे इसकी भारी खीमत चुगाने पड़ेगी
04:58अमेरिका के विदेश मंत्री भी अमेरिका के शर्टों को ना मानने पर इरान के खिलाफ कारवाई का संदेश साब दे चुके हैं
05:07अब जब फिर से हालात पूरी तरह टक्राव के बने हुए हैं तो सवाल ये उड़ता है कि कैसे दोनों देश शांती की तरफ बढ़ सकते हैं
05:20इसका ब्लूपरिंट तो पहले से मौजूद है
05:232016 में अमेरिका और बाकी सेक्यूटी काउंसिल के सदस्यों के साथ इरान का समझौता हुआ था जिसमें था कि इरान में एंरिच्मेंट की दर तीन दशमलों साथ पांच प्रतिशन कर दे और उस पे सैंक्शन हटा दिया जाए
05:42उस समझौते से इरानी बाहर निकला उस समझौते से अमेरिका बाहर निकला प्रेसिडेंट ट्रम के की पहले शासन के दोरान 2018 में तो वो तो एक एक आप्शन है
05:57इरानी विदेश मंत्री की तरफ से जो भी संकेत मिल रहे हैं वो जंग की और ही शारकर है
06:01क्योंकि मिली जानकारी के अनुसार उन्होंने उन देशों से जहां अमेरिकी बेस हैं ये अपील की है कि अमेरिकी बेसों पर कारवाई को वो देश के खिलाफ युतना माने है ये सिर्फ अमेरिका के खिलाफ जवाबी कारवाई होगी
06:16ट्रम्प कई स्थर पर काम कर रहे हैं और सूतरों के अनुसार
06:24ट्रम्प ने खामिनई के विकल्प के रूप में कौन हो सकता है इसको लेकर फ्लोरिडा में
06:29इरानी मूल के उन लोगों से राय मश्विरा भी किया है जो खामिनई फ्रशासन के बदलाव के पक्ष में
06:34पिलाल अमेरिका और इरान दुबारा कब मिलेंगे इसको लेकर अभी सिर्फ अन्धिरा है लेकिन इस बीच जिस तरह की सैने तैयारियां है
06:45वो किसी भी पल एक चिंगारी को आस्मान छूती लप्टों में बदलने के लिए काफी है
06:50अमेरिका और इरान दोनों एक दूसरे के प्रती और विश्वास की राजनीती पर आगे बढ़ रहे हैं
07:05दोनों बाचीत के जरिया समाधान की बात तो करते हैं बाचीत होते भी है लेकिन दोनों जंग की तैयारियां भी पूरी कर चुके हैं
07:13ट्रॉंप ने कहा कि खामनेई के लिए वक्त अब खत्म हो रहा है खामनेई की तरफ से जवाब आया उंगलियां ट्रिगर पर हैं भीशन जवाब दें
07:21मिसाईले भी तन गए एरका अपसमी मंद्रा ने लिए
07:27आस्मान में ड्रोन को मार गिराने की छड़ब भी हो गई लेकिन ना एक्शन अमेरिका की तरफ से शुरू हुए ना इरान की तरफ से मिसाईले हरकत में आगी आपकर क्यों किस बात में इन गोनों देशों को रोक रखा है
07:44प्रिसिदेंट ट्रम्प का की कूटनीती का हिस्सा है मैक्समम प्रेशर पॉलिसी तो बेड़ा लाया गया है कि एरान पे दबाव पड़े और दबाव बना रहे लेकिन युद करना इतना आसान नहीं है ये जरूर है कि अमेरिका का अमेरिका के पास बहुत शक्ति है एरान क
08:14बिना किसी वजे के युद करने से कोई फाइदा नहीं है
08:44तोनों देश एक पॉइंट पर आकर जंग से बचते हुए कोई गूटनितिक समाधान चाहते हैं लेकिन अविश्वास इतना गहरा है कि एरान को लगता है अगर सेयन ये तैयारिया ठीली हुई तो अमेरिका हमला बोल देगा
08:56और अमेरिका की आशंका है कि एरान पर दबाव नहीं पड़ा तो वो परमाणू बंब बना लेगा जैसा कि एरान में विशेशक ये इसका दावा भी कर रहे है
09:08अब जब बाचीद की तरफ पहला पदम उठाया गया है तो सवाल उठता है कि आगे आब और क्या हो सकता है
09:16बाचीद काम्याब होने जैं नाकाम होने की सूर्थों में क्या हो सकता है वो बताते हैं
09:22बाचीत काम्याब रही तो परमाणू कालिक्रम को लेकर नए समझोते हो सकते हैं
09:30अमेरिका प्रतिबंध कम करने के बदले इरान पर बैलिस्टिक कालिक्रमों और प्रॉक्सी ग्रुप्स का समर्थन रोखने के लिए दबाव बना सकता है
09:38बाचीत नाकाम रही तो प्रॉक्सी वार छड़ सकती है
09:41सीधा युद भी शुरू हो सकता है
09:43इरान पर अमेरिका और अधित प्रतिबंद लगा सकता है
09:46साथ ही रेजीम चेंज मिशन को गती दे सकता है
09:50प्रेस्टिन ट्रम्प की शर्तें बदलती रहती हैं
09:54एक जमाने में ये भी बात हो रही थी
09:55रजीम चेंज वो एक बड़े खत्रे की बात है
09:58क्योंकि उसका प्रणाम यही होगा कि
10:01अमेरिका मदपूर में एक लंबे समय तक लड़ाई में भसा रहेगा
10:07और दो बार इंटरनाशनल इंटर्वेंशन हो चुके हैं
10:12इराक में हुआ था दो हजार दो में और लिब्या में हुआ था दो हजार यारा
10:18और वो परणाम आप देख सकते हैं वहां अभी तक अशान्ती है इराक से अंत में
10:24अमेरिकन कमपीज को निकलना पड़ा और इराक के जो तेल के जो जो कंसेशन्स है व्लॉक्स है वो मिल गए चाइना को तो युद का परणाम दोनों किसी पी पक्ष के हित में नहीं है
10:42चीन, रूस, योरब चाहता है कि समझावता हो क्योंकि इस से तेल की खीमतें स्थिर रहेंगी और छेत्रीय स्थिरता बनी रहेंगी
10:53लेकिन फिलहाल तस्वीर अभी साफ नहीं है
10:58अमेरिका उसे परमानु बम के मुदे पर ही मिटानी की धम की बारबार दे रहा है
11:06दोनों देशों की बीच बादचीत की पेशकष का मुख्यमुदा भी परमानू है
11:11क्या होगा अगर एरानने वाकरी परमानु बम बना लिया
11:14आखिर वो क्या वज़े है जिसके कारण अमेरिका इरान को किसी भी कीमत पर परमाणों बम हासिल करने से रोकना चाहता है
11:22अमेरिका ने इरान के बैलिस्टिक मिसाइलों मिडल इस्ट में हतियार बंद प्रॉक्सी ग्रुप समर्थन को रोकने के अलावा जिस बात पर तमुक्ता से जोर दिया है वो है परमाणू कारेकरम
11:33राजपती ट्रंप की खामिनेई रिजीम को सीधी धमकी रही है कि इरान परमाणू कारेकरम बंद करते हैं और अपने एंरिज्ड यूरेनियम भंडार को त्याग दे है वरना अंजाम भुक्ती है
11:43सवाल उड़ता है अमेरिका क्यूं इरान के परमाणू कारेकरम को खतम करना चाहता है अमेरिका को इरान के परमाणू संपन होने से क्या परिशानी है एक एक करके इसके जवाब ढूनते है
11:54इरान और इस्राइल की आपसी दुश्मनी किसी से च्छिपी नहीं
12:01इरान और इस्राइल के बीच पिछले साल 12 दिनों की भीशन लडाई भी हुई थी
12:06इसके अलावा इस्राइल का आउरोप रहता है कि इरान सशस्तर प्रॉक्सी ग्रॉप्स
12:10यमन के हूती, लिबनान में हिजबुल्ला, गाजा पट्टी में हमास और इस्लामिक जिहाद, सीडिया और इराफ में शीया मिलिशिया को ना सिर्फ हत्यार देता है बलकि फंडिंग भी करता है
12:20इस्राइल पहले से परमानू संपन देश है, अब अगर इरान भी परमानू संपन हो गया तो मिडिल इस्ट हमेशा परमानू खत्रे की जद में रहेगा
12:30अगर दोनों के बीच परमानू जो धो गया, तो पूरे विश्व को महतभाही से कोई बचान ही सकेगा
12:35इसके अलावा दूसरा खत्रा इस बात कर रहेगा कि इरान अगर परमाणू शक्ति अरजित कर लेता है तो सौधी अरब सहित मिडल इस्ट के तमाम प्रतिध्वन्दी देश परमाणू कारिकरम शुरू कर सकते हैं
12:49ऐसी स्थिती में पहले से तनावपूर स्थिती वाला मिडल इस्ट और अधिक विस्फोटक स्थिती में पहुँच जाएगा जो दुनिया के लिए ठीक नहीं होगा
12:56यहां शांती होने का मतलब है पूरी दुनिया में एनरजी रिसोसिस को प्राइसिस को इस्टबलिज करने में मदद मिलेगी सबसे बड़ा टेक तो यह है
13:15कि अगर युद भड़का, तो सिर्फ एरान और अमेरिका के बीच में नहीं रहेगा, एरान ने ये साफ कर दिया है, इसमें और बाकी जो रीजनल कंट्रीज हैं, वो भी वहां पे भी अमेरिकन बेसेज हैं और उन पे भी अटाक होगा.
13:30इरान का मिडल इस्ट के कई देशों के साथ टकराव रहता है, जिसमें प्रॉक्सी गृप्स की बड़ी भूमिका रहती है, अगर इरान के जरिये परमाणू बं या तकनीक इन संगठनों तक पहुँच गई, तो महाविनाश के हालात बन जाएगा.
14:00इस चुटा देश है, अगर इस्राहिएल फायर करता है, एरान बहुत बढ़ा देश है, उसका किसी कोने में फरक पड़ेगा. लेकिन अगर एरान एक नुक्लियर पाउर इस्राहिल के उपर कर देता है, जो कि इसलिए एक सर्वाइबल का सवाल पैदा हो जाता है, यही कार�
14:30अगर इरान परमानु कारेकरम जारी रखने या चोरी छिपे यूरेनियम संवर्धन की प्रक्रिया चालू रखने की कोशिश करता है तो उसे राजनितिक अस्थिरता का सामना करना पड़ सकता है और दुनिया को मुश्किलों में डाल सकता है अमेरिका और इरान का युद्र ज
15:00इरान के परमानु सेंटर्स पर अपने B2 बॉमर्ज से अटाक किया था और तब राश्रपती ट्रंप ने दावा किया कि इरान की परमानु क्षमता पूरी तरह से खत्म की जा चुकी है लेकिन इरान की तरफ से पहले भी और अब भी यह दावा किया गया कि वो अगर चाहे �
15:30इरान आखिर किस ताकत के बल पर लगभग एक साल से अमेरिका के सामने डटा खड़ा है
16:00के साथ इरान के सीधे टकराव के हिसाब से भी अगर देखें तो 22 जून 2025 में अमेरिका ने इरान के परमानु ठिकानों पर भारी हमला किया
16:09इरान ने अगले ही दिन कतर में अमेरिका के अल-उदैद एर बेस पर मिसालों से हमला करके साफ संदेश दिया कि इरान डरने वाला नहीं
16:17अगर और पीछे जाएं तो राश्वती ट्रम्प ने पहले कारिकाल के दौरान 2020 में भी इरान का यही पैटर्न दिखा
16:233 जनवरी 2020 को बगदाद एर पोर्स के पास कुद्स पोर्स के कमांडर कासिम सुलिमानी की अमेरिकी दोन हमले में हत्या कर दी गई
16:33इरान ने इसके पलटपार में पांच दिन बाद इराक में अमेरिका के एन अल-असद एर बेस पर मिसालें दाग कर सपश कर दिया था
16:41कि वो अपने सामर्थ के अनुसार जवाब जरूर देगा अब भी यही स्थिती देखने को मिली है
16:46इरान में चल रहे सक्ता विरोधी प्रदर्शनों के दोरान प्रदर्शन कारियों पर की जा रही कारवाई के खिलाफ
16:56राशपती ट्रम्प ने अन्जाम हुकतने की धमकी दी तो इरान के सर्वोज सक्ता की तरफ से वैसे ही जवाब आया
17:02अमेरिका ने इरान की घेराबंदी के लिए USS Abraham Lincoln Aircraft Carrier Strike Group कई डिस्ट्रॉयर्स के साथ Middle East में
17:15और दूसरी वार्शिप USS Delbert D. Black Red Sea में तैनात किया
17:20F-15E Fighter Jets Jordan में अमेरिकी एर बेस पर खड़े कर दिये
17:24साथ ही Gulf of Persia में अमेरिकी डोन्स ने मनराना शुरू किया
17:28जवाब इरान की तरफ से भी आया कि Middle East के अमेरिकी बेस और समंदर में खड़े
17:33अमेरिकी एरकाफ्स हजारों फतरनाक मिसाईलों के निशाने पर हैं
17:37अमेरिका ने जब सीधे युद की धंकी दी तो इरान ने इससे और आगे बढ़ते हुए
17:42असीमित युद की चेताब निदे डाली
17:44अगर हमला करना होता तो बहुत पहले जब इसराइल के साथ संगर्श हुआ था तब ही युएस प्रितिकार करता
17:51लेकिन उन्होंने नहीं किया क्योंकि वो ये जानते हैं कि एरान वेनेजुएला नहीं है
17:57कि किसी को आप उठा ले जाएंगे और कुछ नहीं होगा
18:00इरान के पास अपनी ताकत है अपनी सामरिक शक्ति है अपनी पंडूपियां है अपने जहाज हैं अपने मिसाइल से अपने ड्रोन से तो इरान उस मामले में काफी ताकतवर है
18:15और मुझे नहीं लगता कि अमेरिका के लिए इरान को हरा पाना इतना आसान होगा
18:21अमेरिका इसलिए चाहता भी नहीं, इरान को नहीं हराना चाहते हैं, वो चाहते हैं कि रेजीम चेंज है, कि वहाँ जो सरकार है, वहाँ अखम नहीं की सरकार वो बदली जाए, और इसके लिए वो पहले के रजब पहल भी जो यहां से भगा दिये गए थे, उनके बेटे जो �
18:51अमेरिका के लाख विरोध के बावजूद खामनेई की सत्ता जरा भी टस्समस नहीं हुई, इसके अलावा उनके दशकों के शासन में कई बार सरकारें बदली, हालाग चुनोती पूर्ण बने, लेकिन खामनेई सर्वोच लीडर बने रहे, बताते हैं आपको खामनेई की अ
19:21खामनेई की असली ताकत क्या है, जो वो लंबे समय से अमेरिका इस्राइल की आँख की किरकरी होने के बावजूद लगतार सुप्रीम सत्ता में हैं, कोई खामनेई शासन को हिला क्यों नहीं पाया, इसके लिए इरान के सत्ता के धाचे को समझना होगा
19:38इरान की सियासत का मुख्य केंदर सुप्रीम लीडर खामनेई है, सेना, जज, अदालत, खुफिया एजनसीज, टीवी, रेडियो, मीडिया कंट्रोल, चुनी सरकार के फैस्नों पर रोब का अधिकार उनके पास सुरक्षित है, सत्ता बदलती रहती है, लेकिन सर्वोच प�
20:08की कहा जाता है, जिसका उसूल है, इसलामी विद्वान जो राज और समाज का नेता होगा, इस उसूल के मताविक सुप्रीम लीडर सिर्फ इसलामिक नेता नहीं, बलकि धर्म का रक्षक भी होगा, यही वज़े है कि खामनेई के विरोध को इसलाम की विरोध से जोड़ दि
20:38इसमें शामिल है आयार जीसी यानि इरान की शक्तिशाली सेना, पुद स्पोर्स जो प्रॉक्सी संगटनों की निगरानी करके इरान से बाहर संगठन चलाती है, बासेज मिलिशिया जो जनता की बीच रहते हुए काम करती है और न्याय तंक्र के साथ अमीर धार्मिक संगठ
21:08संगठनों के पास तेल से लेकर निर्मान और इंफ्रास्ट्रक्चर तक पर खबजा रहता है, ये संगठन देश की 40 से 45 पतिशत अर्थ व्यवस्था पर अपना नियत्रन रखते हैं, मैंगाई बढ़ती है लेकिन बाकी पुलिस और सुरक्षा गार्ट का तंत्र ताकत के ब
21:38मध्यरपूर्व यानी मिडल इस्ट दुनिया का चौराहा है, ये एक तरफ साउथ एशिया से जुड़ता है, दूसरी तरफ सेंट्रिल एशिया से, एक तरफ यॉरप इस से जुड़ता है, दूसरी तरफ अफरीका
21:51अब आप रणनीतिक और व्यापारिक रूप से अगर इस पूरेक शेतर को देखें, तो समझ पाएंगे कि मिडल इस्ट में शांती कितना जरूरी है, और ये भी समझ पाएंगे कि मिडल इस्ट में अगर महायुद्ध छिड़ा, तो पूरी दुनिया को क्या कीमत चुकानी �
22:21बेसिस को एक्टिवेट कर रहे हैं, साथ साथ में जो उनको खत्रा है, वो इस समय में मिडी इस्ट के काफी देश उनको बेसिस देने से हिचकचा रहे है, क्योंकि एरान ने खत्रा, ये मैसेज किया है कि अगर किसी ने अमेरिके मदद की तो वो उसके पर हमला करें, दूसर
22:51विडिल इस्ट के कई देश जैसे साओधी अरब, कतर, यूएई, उमान, जॉर्डन, बहरीन, कुवैत जैसे सुन्नी बाहूले देशों को एरान मिसालों की जद मिला सकता है
23:05इन देशों और इरान के रिष्टे पहले से ही शिया सुन्नी मतभेत के चलते तल्ख रहते हैं
23:13अगर अमेरिका के साथ इरान की जंग छड़ी तो इरान इन्हें निशाना बनाएगा ही क्योंकि यहां अमेरिका के सैने बेस भी हैं और ये पूरक शेतर तबाही की चपेट में आ जाएगा
23:23दुन्या की खबत का 20 प्रतिशत तेल होर्मुज स्ट्रेट से होकर आता है
23:30होर्मुज स्ट्रेट एक जगे पर सिर्फ 33 किलो मिटर चोड़ा है जिसमें जहाजों के निकलने के लिए सिर्फ 10 किलो मिटर की ही जगे है
23:38इसके 3 किलो मिटर में जहाज आते हैं और 3 किलो मिटर में जहाज जाते हैं
23:43इसके उत्तरी इलाके पर इरान का नियंत्रण है, युद की स्थिती में इरान इस शेत्र में एर डिफेंस सिस्टम और मिसाइलों के जरिये कंट्रोल कर सकता है।
23:51यहाँ पानी की गहराई इतनी कम है कि कोई नौसेना का जहाज नहीं आ सकता।
23:55यानि दुनिया का बड़ा हिस्सा तेल के लिए तरस जाएगा और कीमत आस्मान को छूने लगेगी।
24:00करीब 20 प्रतिशत या 30 प्रतिशत तेल मिडलीस से आता है।
24:07पिछले एक महीने से जब से यह टेंशन्स बढ़े हैं मिडलीस में, तेल के दाम में करीब नौ डॉलर की विधी हुई है।
24:18तेल के दाम में एक डॉलर की विधी होने से हिंदुस्तान का जो ऑईल इंपोर्ट बिल है, एन्विल, सालाना, उसमें 14,000 करोर की विधी होती है।
24:30अभी तक तो अल्रेडी नौ डॉलर बढ़ चुके हैं।
24:35तो इससे ना सिर्फ हंदुस्तान की अर्थवष्वष्णा पर बल्कि पूरे विष्व की अर्थवष्वष्वष्णा पर असर पड़ेगा।
24:45और इस वजे से ये बहुत जरूरी है कि मर्द पूर्द में शांती रहे।
24:50अगर मिडल इस्ट यूद की आग में जला तो ये संगठन इरान की मदद से भयंकर तबाही मचा सकते हैं
25:04और अगर इनकी पहुँच इरान के परमाणू कारिक्रम तक पहुँच गई तो बर्बादी का अनुमान लगाना भी मुश्किल हो जाएगा
25:10भारत मिडल इस्ट यूरोप कॉरिडोर बनना था जिसमें भारत के अलावा यूरोपीय संग, अमिर्का, फ्रांस, जर्मनी, इटली, यूएई और सौधी अरब शामिल थे
25:23भारत से यूएई तक समुद्री रास्ता शिप से तै करना था
25:27वहाँ से इसराइल के हाइफा तक सडक मार्ग और फिर समुद्री मार्ग से ग्रीज तक इसे जाना था
25:33इसराइल में हमास के हमले के बाद ये योजना आगे बढ़ ही नहीं पाई
25:36इराक में हस्तक्षेप, सामरिक हस्तक्षेप 2002 में प्रेसिडंट बुश ने किया था
25:46और उसका परड़ाम हुआ जो स्टेट स्ट्रक्चर था वो तूट गया और 2014 में वहाँ आईसिस निकल के सामने आई और जिसका जिसका प्रभावस सारे
26:01छेट के मुल्कों पे पड़ा अगर इरान पे ऐसा ही कुछ होता है तो ये शंका इससे आप इंकार नहीं कर सकते कि
26:16ये अस्थिरता से नॉन स्टेट एक्टर्स इस छेट्र में बढ़ेंगे और ये किसी के हित में नहीं है
26:23अगर आप इरान अमेरिका जंग छड़ी तो कारोबार का ये रास्ता अनिश्चित काल के लिए बंध हो जाएगा और भारत यूरोपिये संग अमेरिका के बीच बनी योजना मुश्किल में पढ़ जाएगी
26:34हमारी इस पेशकश में अभी के लिए इतना ही देश और दुनिया की बाकी खबरों के लिए देखते रहिए आज तक
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