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लोकसभा में PM CARES Fund और National Defence Fund को लेकर पूछे जाने वाले सवालों पर अब स्थिति साफ हो गई है।प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने लोकसभा सचिवालय को संदेश भेजते हुए नियमों का हवाला दिया है।PMO के अनुसार, ये दोनों फंड संसद की प्रश्न प्रक्रिया के दायरे में नहीं आते।इसलिए इनसे जुड़े सवाल लोकसभा में स्वीकार नहीं किए जा सकते।सरकार का कहना है कि PM CARES एक पब्लिक ट्रस्ट है, न कि सरकारी फंड।वहीं National Defence Fund भी दान आधारित फंड की श्रेणी में आता है।इस फैसले के बाद विपक्ष ने पारदर्शिता को लेकर सवाल उठाए हैं।मामले पर राजनीतिक बहस तेज होने के आसार हैं।


Clarity has emerged over questions related to PM CARES Fund and the National Defence Fund in Lok Sabha.The Prime Minister’s Office has sent a message citing parliamentary rules.According to the PMO, these funds do not fall under the scope of parliamentary questions.Hence, questions related to them cannot be raised in Lok Sabha.The government maintains that PM CARES is a public trust, not a government fund.Similarly, the National Defence Fund is also donation-based.Opposition parties have raised concerns over transparency.The issue is likely to trigger a fresh political debate.

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~HT.178~ED.104~

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00:00प्राइम मिनिस्टर आफिस ने लोगसभा सेक्रिटेरियट को साफ तौर पर कहा है कि इन फंज से जुड़े सवालों को पार्लिमेंट में आप एड्मिसिबल नहीं मानेंगे
00:22सोर्सिस के मताबित पीएमो ने 30 जनवरी को लोगसभा सेक्रिटेरियट को लेटर भेज कर ये बताया है कि पीएम कैस फंड प्राइम मिनिस्टर जनाशनल रिलीफ फंड और नाशनल डिफेंस फंड पर क्वेस्टेंज या जीरो आर नोटिसेज रूल्स के तहत अलाउड नही
00:52भी सकता है कि नहीं इसके बारे में बताती है रूल 41.2 के मुताबित पार्लिमेंट में वो सवाल नहीं पूछा जा सकता जो गवर्मेंट ऑफ इंडिया का प्राइमरी कंसर्न का हिस्टा और रूल नंबर 41.2.12 के तहट ऐसे मामले नहीं उठाए जा सकते जो उन बॉडिस के
01:22कोई आलोकेशन नहीं होता इसी वज़े से इन पर पार्लिमेंट में सवाल पूछना रूल्स के दैरे में नहीं आता लेकिन वहीं ये दूसरा सवाल खड़ा हो जाता है कि क्या हक नहीं बनता है जनता का ये जानने का कि पीम रिलीफ फंड का पैसा पैसा डिफेंस फंड का �
01:52इस आते हैं तो इसी इंटरप्रेटेशन के बेसिस पर एड्मिसिबिलिटी डिसाइड की जाएगी पीम कैस फंड के बारे में आपको याद दिला देता हूं पीम कैस फंड को 27 मार्च 2020 को कोविड-19 पार्नमिक के बाद इस्टैबलिश किया गया था ये एक पब्लिक चारि�
02:22केस फंड 2022 के लेटेस्ट पब्लिश रिपोर्ट के मुताबित मार्च 2023 के एंड तक फंड का बैलेंस 6,280 करोड रहे था जैनुवरी 2023 में सेंटर ने डेली हाइग को बताया था कि पीम कैस ना कॉंस्टिट्यूशन के तहद बना है ना पार्लिमेंट के किसी लौ के थूप ग
02:52सुप्रीम कोट ने अगस 2020 में पीम कैस फंड को एंड आरिफ में ट्रांसफर करने से इंकार कर दिया था कोट ने कहा था कि पीम कैस और एंड आरिफ दो अलग अलग फंज हैं जिनका पर्पर्पस और शॉक्चर बिलकुल टिफरिट है अब सबसे बड़ा सवाल ये है दर्�
03:22का पैसा है डिफेंस फंड का पैसा है ये कहा लगता है किस तरह से लगता है और इसकी जानकारी पार्लिमेंट में क्यों नहीं दी जा सकती पार्लिमेंट में चर्चा क्यों नहीं हो रही है अब लोग सभा में पीम कैस और डिफेंस फंड पर हिसाब मांगने का रास्ता फिल
03:52पीम को घेरने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन हाल फिलाल पार्लिमेंट के अंदर जो महाल है विपक्ष, स्पीकर और रूलिंग पार्टी बीजेपी के बीच वो वैसे ही तनावफपूर्ण है क्योंकि आपस में बात हो ही नहीं पा रही है बजट सशन 2026 में बार बार स्थगित
04:22बारे में क्या सोचते हैं हमें कमेंट सेक्शन में ज़रूर बताईएगा और आप देख रहे हैं वान इंडिया मैं हूँ आकर्श कौशिक
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