00:00मुंबई में आयोजित मुंबई व्याख्यान माना कि दूसरे दिन राष्ट्रिय स्वयन सेवक संग के सरसंग चालक मोहन भागवत ने विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर अपनी बात रखी।
00:08कारेक्रम में जाति के सवाल पर उन्होंने कहा कि संग में किसी भी जाति का व्यक्ति सर्वोच पद तक पहुँच सकता है।
00:14उनके मुताबिक अनुसूचित जाति या जनजाति होना कोई बाधा नहीं है और ब्राहमन होना कोई विशेश योग्यता नहीं है।
00:19उन्होंने माना कि संग की शुरुवात में ब्राहमणों की संख्या अधिक थी, लेकिन संगठन सभी जातियों के लिए काम करता है।
00:25वहीं कारेकरम में मोहन भागवत ने कहा कि RSS की फंडिंग को लेकर लोगों में जिग्यासा रहती है।
00:30लेकिन संगठन मुख्य रूप से अपने स्वयन सेवकों के सहयोग से चलता है।
00:33उन्होंने बताया कि यात्रा के दौरान कारेकरता बाहर खाने के बजाए स्वयन सेवकों के घर ठहरते हैं और उनके द्वारा दिये गए भोजन से काम चलाते हैं।
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