00:00आज तो से ने ये जो संसत की बात उठाई है निश्चत रूप से दुखदाई रहा है और मैं कहूंगा कि दोनों पक्षों का की तरफ से रहा है लेकिन इसी पर मैं एक चीज कहना चाहता हूं कि इस देश की संसत इतनी कमजोर नहीं है कि वो
00:18इतनी जल्दी उसका अपमान और तमाम चीज है एक जैसे हम लोग बच्पन से पढ़ते रहे हैं अख़बारों में एक खबर चपती थी लोगतंद्र की हत्या ये पिछले सतर सालों से मैं देख रहा हूं कि लोगतंद्र की हत्या होती ही रहती है लेकिन आज तक लोगतंद्र �
00:48कह रहा हूं दुखत इस बात का है कि आसु जो कह रहे थे सही कह रहे थे कि शुरुबात अगर कहीं से गलत हुई थी तो उसके उत्तर में जिस तरह से जी जो चीजें कही गई हर्श्वदंद्र बाठी जी ने इस बात को कहा भी है किसी और मौके पर कि उसके बात जो कहा गय
01:18अब शोक से विगार की बाते किया करो
01:21कुछ पा गये हैं आपके तरजे बयां से हम
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