00:00अगर उन्हें ऐसा कोई बच्चा मिलता है
00:27तो वा उन्हें उनके माबाप से मिलाने की पूरी कोशिस करती है
00:57अनिता अरोडा और उनकी बड़ी बहन सिम्मी अरोडा ने इसी काम को अपने जीवन का मकसद बना लिया है
01:04इन बहनों ने जी आरपी, आरपी एफ और स्टेशन वेंडर्स तक को अपना नमबर दे रखा है
01:10जब भी कहीं से कोई कॉल आता है तो वो वहाँ पहुच जाती है
01:14रजधानी दिल्ली के पहाड गंज में रहने वाली अनिता अरोडा और उनकी बड़ी बहन सिम्मी अरोडा पिछले 30 से 35 सालों से समासेवा में जुड़ी हुए
01:32दोनों ने साधी नहीं की और अपना पूरा जीवन समासेवा में लगा दिया
01:38दरसल दोनों के बच्चपन में परिवार से जो जख मिले उसने उन्हें अपना रास्ता अलग करने के लिए मजबूर कर दिया
01:45दोनों को इस बात का मलाल है कि मा भले ही सौतेली थी लेकिन पापा तो अपने थे
01:58इसके बावजूद इन्हें घर से अलग होने के लिए मजबूर होना पड़ा अब तो इनकी अपनी दुनिया है जहां वो उन बच्चों का लालन पालन करती हैं जिनका अपना कोई नहीं है
02:08समाज में बहुत सारे लोग समाज सेवा करते हैं लेकिन इन जो यह जो दोनों बहने जिस तरीके की समाज सेवा कर रही है और अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया है समाज सेवा के लिए अनात बच्चों के लिए यह काफी प्रेणा दायक है
02:24एटीबी भारत के लिए दिल्ली से मैं धनन जय बर्मा हूँ
Comments