00:00आपको ये बताते हैं कि European Union और America के साथ trade deal करने के बाद अब भारत खाड़ी देशों के साथ ऐसा ही free trade agreement करने जा रहा है जो सब के होश उड़ा देगा
00:10भारत ने Gulf Cooperation Council के छे देशों के साथ free trade agreement करने के लिए terms of reference पर हस्ताक्षर कर दिया है और जानते हैं ऐसा 15 साल के बाद हुआ है
00:2115 साल पहले, साल 2011 में खाड़ी देशों के साथ भारत की trade deal को लेकर बादचीत बंद हो गई थी
00:30लेकिन अब European Union और America के बाद खाड़ी के मुस्दिम देश भी भारत के साथ trade deal करने में पीछे नहीं रहना चाहते
00:36और इससे आपके भी समझ पाएंगे कि क्यूं बार-बार ये बात कही जा रही है कि अब मौझूदा वक्त में वर्ल्ड ओर्डर पूरी तरह बदल गया है
00:45और इस नए वर्ल्ड ओर्डर में भारत की तरफ दुनिया का जुकाउज जादा है
00:50गाल्प को ओपरेशन कांसल में कुल 6 देश आते हैं जिन में साउदी अरप, कुवेट, पहरेन, कतर, युएई और उमान शामिल है
00:59ये खाडी के वो 6 बड़े और प्रमुक मुस्लिम देश है जिनकी कुल अर्थ विवस्था 2.3 ट्रिलियन डॉलर यानि भारत की रूपयों में 209 लाख करोड रुपे की है
01:12जबकि अकेले भारत की अर्थ विवस्था 4.1-2 ट्रिलियन डॉलर की है जो 376 लाख करोड होता है
01:19अब गल्फ कॉपरेशन काउंसल के ये सभी 6 देश चाहते हैं कि भारत की उनके साथ भी ट्रेड डील हो जाए
01:27जिसके लिए इस काउंसल और भारत के बीच टर्मस अफ रेफरेंस पर हस्ताक्षर किये गए है
01:32टर्मस अफ रेफरेंस का मतलब क्या होता है वो ये कि अब गल्फ कॉपरेशन काउंसल और भारत के बीच
01:38Free Trade Agreement की शर्तों पर आपचारिक बाचीच शुरू होगी
01:42जिसके लिए नए नियम और शर्ते ते की जाएंगी
01:45और ये ते होगा कि इस Free Trade Agreement की पूरी टाइम लाइन क्या होगी
01:50इस फ्रेट डील में कौन कौन से शित्र आएंगे
01:53और सबसे बड़ी बात इस Free Trade Agreement के सिध्धान्त क्या होगी
01:57ये बाचीच उस पाकिस्तान के लिए सबसे बड़ा जटका है
02:00जिसके लोग गटर के धकन चुरा रहे हैं
02:05और जो मुस्लिम भाईचारे के नाव पर अरब देशों के साथ एक नेटो जैसा संगठन बनाना चाहता है
02:10और पाकिस्तान को लगता है कि उसके पास परमाणू हतियार है
02:13और वो इसलाम धर्म को ठेकेदार उनका बनता है
02:17और इसलिए खाड़ी के ये मुस्लिम देश
02:35लेकिन जब बात व्यापार की आती है जब बात तरक्की की आती है
02:40ये कोई आतंखवाद की फैक्टरी तो खुलेगी नहीं
02:44तो ऐसे में मुस्लिम देश भी भारत पर ही भरोसा करते है
02:46हकीकत यह है कि इन मुस्लिम देशों ने
02:48फ्री ट्रेड अगरीमेंट पर बातचीत के लिए
02:50140 करोड के भारत को चुनाएं
02:52ये सब धर्म से परे हो रहा है
02:54सुधी अरब में 93 प्रतिशत मुस्लिम रहते है
02:5893%
02:59UAE में 76 प्रतिशत
03:03कुवेत में 75 प्रतिशत
03:07कतर में 73 प्रतिशत
03:09बहरेन में 80 प्रतिशत
03:11ओबान में 95 प्रतिशत
03:13मुसल्मान रहते है
03:14जबकि पाकिस्तान में 97 प्रतिशत
03:17मुसल्मान रहते है
03:18और अब तक आप धार्ना ये होती थी
03:20कि जो देश मुसलिम बहूल है
03:22वो मुस्लिम देशों को ही अपना रणनितिक और व्यापारिक साज़ेदार बनाते हैं लेकिन खाड़ी के मुस्लिम देशों ने भारत के साथ
03:29फ्री ट्रेड अग्रीमन पर बातचीच शुरू करके इन धारनाव को तोड़ दिया और ये भी बता दिया है कि अब नए वर्ल्ड ओर्डर में भारत का रुत्बा कितना ऊपर है आज आप किसी भी वैश्विक मंच पर जाएए डावोस पहुचिये जहां यूरोपेन यूनिय
03:59भी कह सकती थी लेकिन वैश्विक मंच से बोलकर उन्होंने सीधे तोर पर दिखाया कि हम भारत के साथ खड़े हैं भारत के साथ खड़े रहना कितना जरूरी है चाहे वो इंगलेंड हो चाहे अब अमेरिका हो और अब ये अरब देश जो भारत के साथ ट्रेड डील करके भ
04:29कामले में यही खाड़ी देश हमारे साथ फ्री ट्रेड अग्रीमेंट करना चाहते हैं और यह क्यू महत पुर्ण है अब आप इससे भी समझें गल्फ कोपरेशन कांसल के यह छे मुस्लिम देश इन छे मुस्लिम देशों को वर्ल्स लाजिस्ट एनरजी हब भी कहा जाता है
04:59हिसकी पूरी दुनिया के कच्छ तेल के भंडार में 33 प्रतिशत हिस्सदारी ऐठी 3% आफ वर्ल्स ओर पूरा तेल इन 6 खाड़ी देशों के पास इसके अलावा दुनिया का 28 प्रतिशत कच्छा तेल 6 खाड़ी देश निर्यात करते हैं कि इन ही खाड़ी देशों में हर दि
05:29अक्रते गैसों के भंडार में छे खाड़ी देशों की हिस्सेदारी 21.4 प्रतिशत हैं इसके अलावा ये देश भारत के लिए बहुत खास हैं ये ना सिर्फ व्यापार के मामले में भारत के सबसे बड़े रीजनल पार्टनर हैं बलकि हम जो कच्छा तेल और गैस खरीदते है
05:59दुबई में 40 पीज़ी के आसपास भारती हैं जो हर साल पड़ी मात्रा में भारत को रेमिटन्स का पैसा भीचते हैं आज भी भारत और गल्व को ओपरेशन कांसिल के बीच हर साल 16,000,000 करोड़ रुपे का व्यापार होता है जिसे भारत को इन देशों को सिर्फ 5,44,000 करो�
06:29इन देशों के साथ जहां जहां हमारा ट्रेट डेफिसित चल रहा है चाहे वो
06:39इंग्लेंड हो चाहे उर्पेन यूनियन हो चाहे अमेरिका हो चाहे अनेकों ऐसे देशों ऑस्ट्रेलिया हो यही वज़ा है कि इस फ्री ट्रेड अग्रीमेंट से भारत अब इन छे खाडी देशों को अपने निर्यात में वृद्धी करेगा हमारा एक्सपोर्ट बढ़ेगा
07:09स्टाइल और रत्न और आभूशड के क्षेतर में अपने निर्यात को बढ़ाने पर चर्चा करने वाला है जबकि यह छे खाडी देश भारत को पेट्रोकेमिकल अल्यूमिनियम और प्लास्टिक बेचना चाहते हैं और ऐसा कहा जा रहा है कि अगर इस ट्रेड डील को लेकर
07:39मजबूत होंगे पाकिस्तान अलग थलग हो जाएगा वो धर में फसादा जाएगा
07:44जबूदी नाएगा जबूदी गयाता है
08:14and trading elements will help draw greater amounts of investments,
08:23create job opportunities for Indians both in the GCC nations and in India,
08:31encourage the food security and energy security of both the GCC nations and India,
08:40and give a message to the world of our deep ties and historic relations, friendly relations.
08:52And as I believe the GCC and India come closer together,
08:58we will become a force multiplier for global good.
09:03यहां हम अपने देश की राजनीती को लेकर भी आपसे कुछ कहना चाहते हैं,
09:09हमारे देश में बहुत सारे नेताओं को लगता है,
09:12कि राजनीती का मतलब है सिर्फ चुनाओ लड़ना, भाशन देना,
09:15सत्ता के लिए सरकार के सभी प्वैस्नों का विरोध करना,
09:18और यही कारण है, कि जब भारत ने यूरोपेन यूनियन के साथ
09:23मदर ओफ वॉल्ल डील्स का एलान किया,
09:25उर्सुला वंडर लियोन ने किया, डावोस में किया,
09:30फिर 26 जनवरी के बाद 27 जनवरी को देश में,
09:33तब भी इस पर खूब पॉलिटिक्स हुई, राजनिती हुई,
09:36अब अमेरिका के साथ ट्रेड डील हुई, अब उस पर भी पॉलिटिक्स हो रहे है,
09:40अब हम खारी देशों के साथ 15 सालों के बाद
09:42फ्री ट्रेड अग्रीमन पर नई चर्चा शुरू करने जा रहे है,
09:45तब भी इस पर पॉलिटिक्स हो रहे है,
09:47और विपक्ष इस बार अमेरिका के साथ हुई,
09:49ट्रेड डील के लिए एक नया शब्द लेकर आ रहा है,
09:52वो इसे ट्राप डील कह रहे हैं,
09:54लेकिन सोचे क्या आज भारत को किसी भी रूप्स में ये पॉलिटिक्स की जरूरत है,
10:01आप वैसी साब का ये बयान सुनिए,
10:03जिसमें भारत और अमेरिका की ट्रेड डील पर ये कह रहे हैं कि भारत ने ट्रम्प के कहने पर रश्या से कच्छा तेल नहीं खरीदने का फाइसला क्यों लिया,
10:11और क्या एक गोरा जो कहेगा वही सुनेंगे, सुनें।
10:15ट्रम्प ने बोल दिया आपको, तुम रश्या से तेल नहीं खरीदना,
10:22मुडी जी बोले कब बन करूँ।
10:25ट्रम्प बोला, यू मस्ट नॉट बाई।
10:30मुडी जी बोले, यस, अगरीट, वो बन कर दिये।
10:39क्यों ट्रम्प बोले, ये नैशनलिजम है आपका,
10:43एक गोरा चमरी का कोई शख्स बोलेगा और हम सुनेंगे उसको।
10:47देश के लिए जो होगा वो अच्छा हम करेंगे।
10:53अमरीका का सदर है, बारत का नहीं है तू।
11:00तू अमरीका के लिए क्या करता कर ले, मगर हमारा देश हमारा रहेगा।
11:05तू वहाँ बैट के हमको बोल रहा किसे तेल खरीदना नहीं करीदना।
11:09लड़ रहे होंगे कोई लोकल चुनाओ और वहाँ पर भाशन दिया जा रहा है भारत अमेरिका के बारत।
11:18अब सोचे वाली बात यह है कि खुद रश्या कह रहा है कि भारत दुनिया के किसी भी देश से कच्छा तेल खरीदने के लिए स्वतंत रहे हैं।
11:24लेकिन हमारे देश के नेता कह रहे है कि यह गलत है सरकार ऐसा राश्पती टरम के दवाव में कर रही है।
11:54अब यह discount दो से तीन डॉलर का रह गया है हम दो अपना फाइदा देखेंगे ना पहले रशेया में 20 से 35 डॉलर का फाइदा दे रहा था एक बारल में अब हमें सिर्फ दे रहा है दो से 3 डॉलर
12:05अब फाइदा नहीं हो रहा है लेकिन सोचे राजनीती के लिए हमारे देश में इसी मुद्डे को कैसे पेश करने की कोशिश की जाती है
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