00:00मैसकार, स्वागत है आपका आप देख रहे हैं विशेश आपके साथ वो बेरी हाबात
00:03हम सबसे पहले बात करेंगे उस फिल्म दिवाथ की से देख कर तो अब यही लग रहा है
00:07कि जान बूच कर ऐसा किया गया
00:09हम बात कर रहे हैं नीराश पान्य और मरोज वाशपई की फिल्म हूस कोर पंडत की
00:13जिसका पहले टीजर और पोस्टर जारी हुआ बवाल हुआ तो अब टीजर वापस ले लिया गया
00:19और अब फिल्म ने बात और अब नेता दोनों माफी मांग रहे हैं
00:22हो सकता है कि वो आगे अपनी फिल्म का नाम भी बदल दें
00:24लेकिन क्या जब फिल्म का नाम तेक जा रहा था तब ये नहीं समझ जा गया था
00:28कि फिल्म केस टाइटल पर विवाब हो सकता है या यह सब जानबूच कर किया dûए
00:33लेकिन दिल्ली पलीस में पंदत के नाम से बदनाव है
00:38शादी शुदा लंगूट का धीना
00:40सर्विस रिकॉर्ड भी बहुत खराब है
00:42एक आने वाली फिल्म के ट्रेलर
00:56और नाम में जाथ के नाम पर पंदत का अपमान नजर आया
00:59तो विरोध शुरू होगा
01:00लेकिन दिल्ली पलीस में पंदत के नाम से बदनाव है
01:03शादी शुदा लंगूट का धीना
01:05सर्विस रिकॉर्ड भी बहुत खराब है
01:07अयुध्या से लेकर भोपाल भोपाल से लेकर मतुरा तक
01:11पंदित समाज के लोग
01:12फिल्म निर्माता निर्देशक, कलाकार, सरकार सब के खिलाफ सड़क पर उतर है
01:16क्या साधू, क्या संथ, क्या नेथा, क्या कारे करता
01:20फिल्म के पोस्टर और डायलोग का घोर बिरोध होने लगा
01:24यह सिर्फ पंदितों के, ब्रामनों के, साधू संतों के अगेंस्ट नहीं है
01:35यह उनकी छबी खराब करने के लिए नहीं है
01:38बलकि पूरे सनातन को बदनाम करने का एक प्लान है
01:40जनता ने इनकी तरफ ध्यान नहीं देना चाहिए
01:43जो यह काम करते हैं, उनको उपर कठोर कारवाई की जा
01:50फिल्म प्रोडिूशर को चाहिए कि कोई ऐसा नाम ना दे है
01:54जिससे किसी को आहत पहुँचे
01:56विरोध इतना बढ़ा कि राश्ट्रिय मारविधिकार आयोग ने
02:01सूचना प्रसारन मंत्राले को नोटिस भेज दिया
02:03फिल्म निर्माता संग ने निर्माता निर्देशक से पूछ लिया
02:06कि बिना रजिस्ट्रेशन फिल्म के पोस्टर टीजर कैसे आये
02:09दिल्ली हाई कोट में अर्जी पढ़ गई
02:11और लखनों के हजरत गंच थाने में तो
02:13सीम के निर्देश पर निर्माता निर्देशक और टीम पर
02:16वुकदमा भी दायर हो गया
02:18इसके कंटेंट से ऐसा लग रहा है कि इसे जातिगत अपमान
02:22सामाजी का अक्रोस और सांतिभंग होनी का शंका है
02:25इन सब को देखते हुए इसके सुखसंगा धाराओं व्यूक पंजिकरी करके अगरिवीदी कारवाई की जारी है
02:30अलाकि इन विवादों के बीच फिल्म का टीजर पोस्टर सोशल मीडिया से हटा लिया गया
02:36निर्माता निर्देशक नीरश पांडे से लेकर अभिनेता मनोज वाजपई तक में बयान जारी की
02:42मनोज वाजपई ने लिखा कि किसी समुदाय को ठेस पहुचाने का मकसद नहीं था
02:47निर्बाता नीरश पांडे ने लिखा नाम कालपनिक था लेकिन लोगों की भावनाओं का सम्मान करते हुए रचार सामगरी हटा लिए फिल्म का टीजर पोस्टर तो हटा लिया गया लेकिन विवात की ऐसी चिंगारी छोड़ गया कि उस आग अब सियासत की रोटियां सेकी �
03:17जो इनका अपमान और अनादर किया जा रहा है। मायवती के पोस्ट से साथ था कि यूपी के साथ साथ अब फिल्मों में भी ब्रामणों का अपमान हो रहा है।
03:47संकराचार की जो बच्चे थे संकराचार का अपमान कर रहा है। उनकी चुटिया पकड़ कर उनको मारा एक सन्यासी को जूते से मारा गया। यह सरकार पूरी तरिके से सनातन विरोधी है। सनातन का चोड़ा और सनातन का विरोध कर रही है। अब ब्रामणों का अपमान प
04:17इसलिए प्रियाग राज में स्वामी अविमुक्तेशुरानंद के विवाद के बाद
04:23UGC विवाद और अब घुसकोर पंड़त फिल्म के टीजर ने
04:26UP की विपक्षी पार्टियों को ये तीसरा मौका दिया है
04:29उस पिक्चर में मैंने जो सुना है
04:32इसलिए ब्रामनों के चरित पे भी सवाल उठाया गया है
04:35और ब्रामन सब तो अपमान का सबधी सरकार में बन गया है
04:41अभी आपने देखा होगा माग मेला में
04:43ब्रामन बठुकों को उनकी सिखा बकड़के जिस तरह से अपमानित करके उनको पीठा गया
04:49और उसके बादे देखी विक्षिर आ गई, क्या सरकार के पास सेंसर बोट का नियंतरन है की नहीं है, और अगर है तो सरकार ने क्या कारवाई की, मेरी सरकार से मांग है, कि जो अपमान आप लगातार ब्रहमन समाज के लोगों को हो रहा है, क्या है आपकी निगरानी और आपक
05:19पर प्रभाव रखती है, इसका फाइदा बीजेपी को मिलता है, क्योंकि 2022 में यूपी में 52 ब्रहमन विधायक जीते थी, जिनमें 46 बीजेपी के और 5 समाजवादी पार्टी गिते हैं, इसलिए तो अब RSS के इंदरेश कुमार भी फिल्म निर्माताओं पर सक्त कारवाई की
05:49चालू करना, ये घोर निंदनिये हैं, अशोबनिये हैं, असम्यधानिक है, जन्ता ने इनकी तरफ ध्यान नहीं देना चाहिए, जो ये काम करते हैं, उनको उपर कठोर कारवाई की जाने चाहिए
06:19साथ अपना विरोध दर्श किया और 48 घंटे में फिल्म का नाम बदलने का अल्टिमेटम है, जो विप्र समाज है, क्यों आज आगे आया है, इसके पीछे क्या कराना है, ये बड़ा दुख का विशा है कि आज ब्रामन समाज को टार्गेट किया जा रहा है समाज में, ये व
06:49पैदा नहीं हुए हैं, बिल्कुल हुए हैं, कहां से उनकी मती ब्राम हो गई थी, कि घुसकोर पंडित नाम करका एक फिल्म का दूस प्रचार करके ब्रामनों को अपमानित कर रहे हैं, समाज में नीचा दिखा रहे हैं, हम आज काशी के गंगा तट पर हम यहां पर आज उ
07:19ब्राम्मण से मुखमासीद बाहु राजन किरता ओरूत अधवैसा पत्भागु सुद्रो अजात, ब्राम्मण का मुखविंदू जो है, समाज का मुखविंदू ब्राम्मण है, तो यह विदेश से एक सड़यंत चल रहा है कि इस मुखविंदू को नश्ट कर दिया जा, ज
07:49ब्राम्र समाज आकरोशित है और फिल्मेकर्स अब डैमेज कंट्रोल कर रहे हैं, अब भले ही मीरच पांडे और मनोज वाजपई फिल्म का नाम बदल दे, डायलोक्स में कुछ बदलाओ भी कर दे, लेकिन फिल्म को रिलीज होने से पहले ही पॉब्लिसिकी मिल गई है, आ�
08:19अब संभल पर एक फिल्म आ रही है और उस फिल्म का सिर्फ पोस्टर जारी हुआ और बवाल मच गया
08:49जिसके प्रोडूसर हैं अमिज जानी, ये फिल्म 1978 के दंग्मों पर आधारी थे, दो में विलन है, पहला है अबबाजान जिनकी भूमी का निभा रहे हैं महेश मांजरेकर, और दूसरा है पोता भाईजान जिनकी भूमी का निभा रहे हैं अभिनेता विजैराज
09:04अब भवाल ये है कि क्या ये संभल के मौजूदा सांसत, जियाउर रह्मान बर्क और उनके दादा, पूर्व सांसत, शफिकुर रह्मान बर्क की छवी खराप करने का एजंडा है
09:16फिल्म के निर्माता अमिज जानी का दावा है कि उन्हें अभी से धंकियां मिल रही है
09:20निर्माता अमिज जानी का कहना है कि उन्हें फिल्म शूट न करने के लिए धंकियां दी जा रही है
09:27जिसके लिए उन्होंने होम मिनिस्ट्री को एक पत्र लिखा है और संभल के सांसत, जियाउर रह्मान बर्क को लीगल नोटिस भी भेज रहे है
09:35इस तरही के कि अभी जो है यह जो पूरा पोश्टर को लेकर करके अभी पूरा विवाज जो शुरू हुआ है क्या कहना चाहेंगे इसको लेकर करके आज
09:41देखे सवाल नहीं उठा रहे धमकी दे रहे हैं जयाओ रह्मान बर्क के पिता सवाल उठाते तो कोई बात नहीं डैमोक्रेसी है लेकिन यह धमकी दे रहे हैं कि हम संबल में शूट नहीं होने देंगे हम रोक देंगे ऐसी धमकी दोजार सोले में आचारे पर मौत के समझी
10:11करनी कोजिस की डिमस पे पतराओ किया गोली चलाई अब ये फिर कैरेम शूट नहीं होने देंगे तो मैं पूझना जाता हूं कि ममलुक रहमान जयाओर रहमान और सफीकुर रहमान यह क्या माली के संबल के देश की सरकार है अमिशा जी ग्रह मंतरी है उत्तप देश में यो
10:41इर्माता हैं जिन्होंने उदैपूर के टेलर कनहिया लाल के मडर पर फिल्म मना रहे हैं और आधार रखा हुआ है 1978 के दंगों का और फिर 2024 में संबल की जामा मस्जित के सर्वे के बाद से उपजे हालात का उधर समाजबादी पार्टी के सांसत के पिता ये मान कर चल रहे ह
11:11सफाई दे रहे हैं जा अगर ये फिल्म आई और ये मूवी आई तो इससे हालात और ज्यादे खराब होंगे क्योंकि जो जो फसादी लोग है यो आता माचाए मुए उन्हों और ज्यादे बल मिलेगा और सन 78 का जहां तक तालुक है इसमें वालिद महतरम डाटर बर्ग सा�
11:41तो इसमें जारमान का कोई रूल नहीं है ना वो वो इस दिन यहां थे बहुत गए हुए थे करेला का मीटिंग में वो इस दिन मौजूद भी नहीं थे लेकिन उनको मैंट टार्गेट किया गया तेक्ते रहे आज तार आज तार तेश का सर्वश्रेश्ट न्यूज चैनल
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