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  • 2 days ago
दिल के मरीजों के लिए ओडिशा के कटक की देबाश्रीता दास ने ये AI-पावर्ड हार्ट गार्ड मास्क बनाया है. जो संभावित हार्ट अटैक से 30 मिनट पहले मरीज को अलर्ट करेगा. इसे रेगुलर फेस मास्क की तरह पहना जा सकता है. हेल्थ पैरामीटर की निगरानी करेगा. एक्टिवेट होने के बाद ये मास्क परिवार के सदस्यों, डॉक्टरों और एम्बुलेंस सेवाओं को तुरंत अलर्ट भेजेगा. साथ ही मरीज़ को प्राइमरी ऑक्सीजन सपोर्ट भी देगा. ये सिस्टम रियल-टाइम लोकेशन ट्रैकिंग से भी लैस है. जो दिल के दौरे से दूरदराज और ग्रामीण इलाकों में लोगों को समय पर मेडिकल सहायता देने में मदद करेगा. देबाश्रीता दास के इस प्रजोक्ट को ओडिशा सरकार से 1 लाख रुपये की फंडिंग मिली. लेकिन  डिवाइस को पूरा करने, क्लिनिकल वैलिडेशन, ज़रूरी मेडिकल अप्रूवल के लिए 5-6 लाख रुपये और चाहिए. B.Sc. इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी मैनेजमेंट की तीसरे साल की इस छात्र ने IIT बॉम्बे से टेक्निकल गाइडेंस में इस डिवाइस को डेवलप किया है. कटक मेडिकल कॉलेज के कार्डियोलॉजिस्ट ने कहा कि अगर इसकी क्लिनिकल सटीकता साबित हो जाती है तो ये टेक्नोलॉजी हार्ट के मरीजों के लिए वरदान साबित होगी. हार्ट अटैक से अपने दादाजी को खोने के बाद देबाश्रीता को हमेशा ये मलाल रहता था कि अगर कोई अलर्ट मिल जाता तो उनके दादा जी बच सकते थे. इसी सवाल ने देबाश्रीता के इस आविष्कार को जन्म दिया.

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00:00दिल के मरीजों के लिए ओडिशा के कटक की देवस रीता दास ने AI-powered heart card mask बनाया है जो संभावित heart attack से 30 मिनिट पहले मरीज को alert कर देगा इसे regular face mask की तरह पहना जा सकता है
00:17health parameter की निगरानी करेगा एक्टिवेट होने के बाद ये mask परिवार के सदस्यों, डॉक्टरों और ambulance सेवाओं को तुरंत alert भेजेगा
00:26साथ ही मरीज को primary oxygen support भी देगा, ये system real time location tracking से भी less है
00:33जो दिल के दोरे से दूर दराज और ग्रामीर इलाकों में लोगों को समय पर medical सहायता देने में मदद करेगा
00:40यह device मरीज को कुछ समय देने के लिए है जो heart attack में सबसे जरूरी factor होता है
00:49अगर मरीजों को 30 मिनट पहले भी alert मिल जाता है तो वे hospital पहुचकर अपनी जान बचा सकते हैं
00:58देवा स्रीता दास के इस project को ओडिशा सरकार से 1 लाक रुपे की funding मिली
01:05लेकिन device को पूरा करने clinical validation करने जरूरी medical approval के लिए 5-6 लाक रुपे और चाहिए
01:13BSC Information Technology Management की तीसरे साल की इस छात्रा ने IIT Bombay से technical guidance में इस device को डेवलप किया है
01:22मैं medical trial और regulatory approval का इंतिजार कर रही हूँ
01:31अगर device को मंजूरी मिल जाती है तो यह लगबग 25,000 रुपे की कीमत पर बाजार में आ सकता है
01:39कटक Medical College के कार्डियोलोजिस्ट ने कहा कि अगर इसकी clinical सटिकता सावित हो जाती है
01:47तो यह technology हार्ट के मरीजों के लिए वर्दान सावित होगी
01:50अगर clinical सटिकता सावित हो जाती है तो यह technology एक बड़ी सफलता सावित हो सकती है
01:58heart attack जैसे cardiac emergency मामलों में सुरुवाती पहचान बहुत जरूरी है
02:04अगर यह device trial के दोरान भरोसे मन तरीके से काम करता है
02:09तो यह कई अचानक होने वाली cardiac मोदों को रोकने में मदद करफकता है
02:15heart attack से अपने दादा जी को खोने के बाद देवा श्रीता को हमेशा यह मलाल रहता था
02:21कि अगर कोई alert मिल जाता तो उनके दादा जी बस सकते थे
02:24और इसी सवाल ने देवा श्रीता के इस अविस्कार को जन्मी दिया
02:28बीरो रिपोर्ट एटीवी भारत
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