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इस वीडियो में हम पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और CAG (नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक) रिपोर्ट से जुड़े 100 करोड़ रुपये के मालदा बाढ़ राहत मामले को संविधान और क़ानूनी प्रक्रिया के नज़रिए से समझने की कोशिश करते हैं।

सुप्रीम कोर्ट मीडिया पार्क में संविधान विशेषज्ञ सुभाजित दत्ता के साथ की गई इस विशेष बातचीत में बताया गया है कि
👉 CAG रिपोर्ट का वास्तविक अर्थ क्या होता है,
👉 क्या यह रिपोर्ट किसी मुख्यमंत्री के लिए परेशानी का कारण बन सकती है,
👉 ED–CBI की कार्रवाई से यह मामला कैसे अलग है,
👉 और CAG रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की संवैधानिक प्रक्रिया क्या होती है।

अक्सर पश्चिम बंगाल में ED या CBI की कार्रवाई को राजनीतिक बदले की भावना से जोड़ा जाता है। ऐसे में सवाल उठता है — क्या CAG रिपोर्ट भी केवल राजनीति तक सीमित रहेगी या वास्तव में कोई संवैधानिक कार्रवाई संभव है?
इस वीडियो में इन्हीं सवालों के जवाब स्टेप-बाय-स्टेप और तथ्यों के साथ समझाए गए हैं।

In this video, we explain the constitutional and legal implications of the CAG (Comptroller and Auditor General) report related to the alleged ₹100 crore Malda flood relief case involving West Bengal Chief Minister Mamata Banerjee.

Through a detailed walkthrough at the Supreme Court Media Park, constitutional expert Subhajit Dutta explains:
• What a CAG report actually means
• Whether it can create legal trouble for a Chief Minister
• How it differs from ED and CBI actions
• And what the step-by-step constitutional process of action is based on a CAG report

At a time when central agency actions in West Bengal are often termed as political vendetta, this discussion focuses purely on constitutional procedure, accountability, and law.

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~ED.110~HT.408~

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Transcript
00:00केग का रिपोट से जेल होता है, यूनियन मिनिस्टर एर आ जा था, वो टूजी स्टेक्टरम में जेल गए थे
00:05कि अगर खोड़ा से एकसन हो जाए, इमांदारी से एकसन हो जाए, 100% जेल जाएंगी
00:11और तमाम जो टिस्टिक्ट में जो ऑफिसर्स बैटे हुए हैं, जिन्हों ने इसमें नेकसस जिनका जिनका पाया जाएगा, वो भी सब जेल जाएंगे, अब ये आ गया कैग की अगर रिपोर्ट आ गी, आप इसमें आप किताब ले करके मुझे दिखा रहे हो तो मैंने कैग क
00:41प्लाइनिंग कमिशन था, अब नीती आयोग हो गया, पर साल सेंट्र ने कितना रेविनू सेंटर को दे रहा है और सेंटर कितना एट दे रहा है एक एक स्टेट को उसका भी प्रावदन है, तो वो फंडिंग जो
01:08मैं दूसरी बात मुझ रहा हूं, मैं इसके यूज कर अब ये बार राहत मालदा बार राहत हुआ पश्यमंगाल में, करेक्ट ना, बहां पर इसमें ये तताकतित गोटार कैकी रिपोर्ट में गोटाला आ गया, अब मैं ये समझना चाह रहा हूं, ये राजस्तरिय गोटाल
01:38ये रिपोर्ट गवरंणर के पास जाएगा फिर असेमली में, लेजिगलाटिव असेमली में इसका चर्चा होगा, बहां तो ममता बहुत मजबूत है, तो क्या है, रिपोर्ट का चर्चा हुआ होगा, कॉगनिजन्स लेगे, जोएंट परल्लमेंटरी कॉमिटी होता है, कॉ
02:08के तो होगा अगर नहीं होगा तो कोई एजनसी नहीं है के सी बी आ इडी के खुल फ्लेजर्ट फ्लेजर्ट कॉंस्टिटूशनल बोडी है जिनका वह आई कोड सुप्रियम कोड जाएगी प्रकाइग क्यों जाएंगे मैं समझ जो जो एग्रिप्ट पाटी है वो जा सकते है क
02:38यह रिपोट एक्जामिंड होगा ऐसे बूठों आपसे तुकि राजिस्टर्य घौटाला है वह राजपाल के पास किया राजपाल से विधान सभा में गिया यह सवाल में आप सकर चांश समझ है कि वहां ममता इंडर जी मजबूत है मेरी इतनी समझ है कि भाह स्पीकर भी उ
03:08जाब कुछ नहीं होता है जैसे आपने बोले यह पॉलिटिकल ही सब कुछ नहीं होता है कैड का रिपोर्ट टेबर्ड होना ही इइसलफ इस इंसिदेंट का किसी मैटर में रिपोर्ट टेबर्ड हो गया वह उट्रोमास
03:24इंडिपेंडेंट कारवाई का होगी जॉएंट पर्लमेंटरी कॉमिटी जॉएंट एसे मिटी होगा उप पास पर एग्दमिनेशन जाएगा कैड का रिपोर्ट तब उसका जो आउट कम आएगा जैसे अभी जस्तिस भार्मा का इंपीच्वेंट के बारे में भी परलमेंटर
03:54कोड में जो लोग अग्रिब भेज़ सपोस कोई MLA है जो ऑपोजीशन है जिनका बाद नहीं मना गया हूँ अगर मामला विपक्स जा सकता है या तो अगर स्पीकर मामलता दे दे के भाई ये तो ठोस मेट्रियल है प्राइम अफेसी तो इसका इन्वेस्टियसन होना ही चाहि�
04:24system है. लेकिन kidney to union of India का body है लेकिन autonomous body है जैसे यूपेसां सी हो गया
04:29मैंतर में भी मामला होता है तो इसमें a का जो removal ko जोड़ सपरीम कोट का裡面 का business होता है तो थो उपना चोटा-बोटा
04:41आटरीटिय ने इनका माननत है और इंटे उपर पॉलिटिक्स करना या एजनसी बोल देना ये एजनसी नहीं है ये फूल प्रेज़र कॉंस्टिटूशनल अथरीटिय एंडर आटिकल ओन फट्टीटूशनल अप इंडिया तो गवनर के पास जाएंगे गवनर इस बोथ दा ए
05:11लाश्ट में बोलूं यह कैक की रिपोर्ट है हमें इंतिजार करना हो कि बिधान सभागे जब पडल पर रखी जाती है उसमें क्या भहस होती है जॉइंट एसेंबली कमेटी जो कारव वहां पर होती है या स्पीकर कोई डिसीजन लेता है अगर यह सब कुछ भी मम इस रिप
05:41करने जाएंगे सुप्रीम कोट ज्यादा आज करता है मैं वही बोल रहा है आज कल चीप जस्टिस का बेंच अभी लास्ट वीग में एक अच्छा ओडर दिया है जज्मेंट दिया है कि बहुत ज्यादा फ्रिवोलास पी आईयल फाइल हो रहा है इसका गाइड लाइन सायर क
06:11है और कैग का रिपोर्ट से बड़ा बड़ा घोटाला उजागर हुआ है लोग जेल में भी गया है टूजी स्पेक्ट्रम उसमें अंदुमनी राजा कानी मोही सब जेल सलकों के पीछे थे वह जो उस टाइम का टूजी स्पेक्ट्रम को लना मुक्ल मिला की रिपोर्ट एक �
06:41अगर रिपोर्ट का मननता कोगनीजन्स हो जाएगा मैं तो आपको वकील साहब कर रहे हैं कि अगर खोड़ा सा एक्षन हो जाए इमांदारी से एक्षन हो जाए अंड्रेड परसेंट जेल जाएंगी और तमाम जो डिस्ट्रिक्ट में जो आफिसर्स बैटे हुए हैं जिनो
07:11जाएंगे और जिनके जिनके काउंट में उतना पैसा गया है उन पर भी यह फाइयार होगा वह भी जेल जाएंगे बहुत सिंपल बात है वह सीबी आइइ इन्वेस्टिकेशन जैसे होता है वो कैग का रिपोर्ट हो या आटोमेटिकली कुछ मैटर सार्वेस करके होता होता
07:41पर कस्ते देखा गया है कई पूर्ट मंत्री जेल भी गए हैं बड़े बड़े नेता जेल गए हैं लेकिन यहां देखना होगा कि जिस तरह से ममता की आक्रमक राजनीती है उन्हें उनके गले तक यह फंदा पहुंचना यह जाच का फंदा है जो ब्रस्टाचार के मामले मे
08:11सुप्रिम कोर्ट में चल रहा है अब देखना होगा कि यह आक्रमक ममता दीदी के ब्रोड़ यह चीजें कितनी कारगव हैं
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