00:00आज दुनिया एक ऐसे मोड पर खड़ी है जहां एक हस्ताक्षर शांती ला सकता है और एक इनकार पूरी दुनिया को जंग में जोग सकता है।
00:10एक तरफ अमेरिका जिसकी चेतावनी समुद्रों को चीरती हुई आगे बढ़ रही है और दूसरी तरफ इरान जो कह रहा है जुकेंगे नहीं चाहे जंग ही क्यों नहों।
00:40जंग से पहले की आखरी खामोशी है। आज हम आपको बताएंगे उस मीटिंग की कहानी जिस पर पूरी दुनिया की सांसे थमी हुई है।
01:10तो अंजाम बुरा होगा। दूसरी तरफ इरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्ला अली खामिनेई सीधी चेतावनी दे रहे हैं। अगर अमेरिका ने हमला किया तो पूरा मिडल इस्ट आग में जल सकता है।
01:22इसी तनाव के बीच एक बड़ी खबर आई। अमेरिका और इरान बाचीत के लिए तैयार हो गए। शुक्रवार 6 फरवरी दोनों देश राउंड टेबल मीटिंग करने वाले हैं।
01:32पहले कहा गया कि मीटिंग तुर्की के इस्तांबुल में होगी जहां साउदी अरब, मिस्र, कतर, UAE जैसे देश भी मौजूद रहेंगे।
01:40अमेरिका की तरफ से होंगे स्टीव विटकॉफ, ट्रम्प के खास प्रतिने थी और इरान की तरफ से अब्बास अरागची, इरान के विदेश मंत्री।
01:49लेकिन यहीं से कहानी में आया बड़ा ट्विस्ट। तुर्की खुद को इस पूरे विवाद का मिडल मैन बनाना चाहता था। राष्ट्रपती एरदुआन नहीं चाहते कि उनके पडोस में एक और युद्ध भढ़के। लेकिन इरान ने साफ इंकार कर दिया। तहरान न
02:19सूत्रों के मुताबिक अमेरिका ने तीन कड़ी शर्ते रखी हैं। पहली शर्त इरान पूरी तरह युरेनियम समवर्धन बंद करे। दूसरी शर्त इरान अपने बैलिस्टिक मिसाइल प्रोग्राम पर रोक लगाए। तीसरी शर्त हिजबुल्ला, हूती, इराकी मिलिशि
02:49धमकियों के माहोल में बातचीत संभव नहीं। इरान का कहना है बात सिर्फ परमानु समझोते तक होगी, ना मिसाइल, ना प्रोक्सी गुट। तो फिर इरान बातचीत क्यों चाहता है? इसके पीछे एक बड़ी वजह है अर्थ विवस्था। अमेरिकी और यॉरपिये प्
03:19अब सारी निगाहे टिकी है शुक्रवार की पहली बैठक पर। क्या अमेरिका अपनी तीनों शर्तों पर अडा रहेगा? क्या खामे नहीं एक इंच भी जुकेंगे? या फिर दुनिया एक और युद्ध के और करीब पहुंच जाएगी? हम इससे जुड़ी सारी खबर आप
03:49झाल
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