00:00पहले तो आप लोग सब उसी दिवार पे होते हैं वही मेन एंट्री है और मेरा तो पेपर ले करने थे रेलवे के मैं ड्यूटी बाउंड था तो बारां बजे तो उस तरीके से मैं साड़े ग्यारां बजे कि क्रीब मैं पार्लीमेंट अपनी गाड़ी से उतर के अंदर जा र
00:30कर सामने बाहर किया अब मैं यह सोच रहा हूँ जास्ला मश्वरा कर रहा हूं भी इसके आगे कैसे क्या करना चाहिए क्योंकि अंदर यही करके बाहर निकले और बाहर भी यही सड़क के गुंडे की तरह यह बहेब करने लगे और खास तोर पे पगड़ी को सिक को हमेशे ही
01:00और शब्द यार बाकी MP थे किसी ने कुछ नहीं कहा सारे MP बैठे थे जो निकाले बार और सारे कुलीग हैं रोज मिलते हैं किसी ने कोई शब्द नहीं और सीधा राहूल गांदी जो लूपी हो लीडर आप ऑपोजीशन हो और इतनी सीनियर हो तो उस परवार से आते हों प
01:30फिर कहा आप मेरे पास ही आओगे दोरा उनके पास हो और हाथ आगे किया अब उनको यह लग रहा था भी मैं अगर किसी के आगे हाथ आगे करूँगा बढ़ाऊँगा मलाने के लिए तो किसी की क्या हिम्मत गांदी फैमली का मैं भाई परवार का बेटा हूँ तो मैंने कह
02:00को आपने इस देश में आपके गुंडों ने जैसे आप बहेव कर रहे हर जगा उनको टायर डाल डाल के मारा है और सबसे प्वित्र हमारे गुर्दवारे उनको तोड़ा है दरवार साहब जहां पर गुरू गुरंद साहब जी खुद विराजमन उनके इनकी अंगों में उ
02:30जहां वो रजीब गांदी जी का शीहीद का नारा लगाते तो वो सरदार बेंद सेंग जी को शीहीद याजम का नारा लगाते थे वो पंजाब में जो गड़बर जो टेरिजम था जो पंजाब में आग लगी सिख्वों के गुसा आया बिस के अंदर सरकार दुश्मन है उस
03:00किया पंजाब को दबारा खुशाल किया यह तो चाहते थे उसी तरीके से सिख मरते
03:04रहें लड़ते रहें उन्होंने शांत किया क्योंकि उस टाइम गांधी फैमिली सता में
03:09नहीं थी निरसेमा राओ जी और केसरी जी का जमाना था अगर यह होते तो कभी
03:14यह पंजाब में अमन शांती नहीं होने देते लेकिन बिट्टू जी मुझे वो भी नसीन याद है जब आप किसान अंदूरन के समय में आप कॉंग्रेस पार्टी में थे और इनके साथ आप सुर में सुर मिला करके इनके कंदिस तो बात बिलकुल आज ऐसा क्या होगा कि आप
03:44आपको यह लगता था भी यह तो हमारी फसल है अब जब मैं बीजेपी में आ गया तो अब सब कुछ मुझे आपको खराब कर लगने लग गया चलो वह बात अलग है बट आप यह कैसे कह सकते हो किस किस थाकत से कह सकते हैं और मेरे से हाथ मलावार आप यहीं आओगे वापस
04:14वीडियो में उसके बाद सुखी रंधावा है उन्होंने कंदों पे उसके हाथ रखके रोका उन्होंने कए मेरे से किसी की हिम्मत कैसे हो गई मेरे सिर पे पगड़ी है गुरू की हम पंजाब के हैं तेरे सामने कैसे जुक सकता है को यह और तू जू कुछ मर्जी को होगे �
04:44में देख सकते हैं देखो स्पीकर साब तो कस्टोडीन यह मालक है और कहां जाएगा आदमी यहां पे अगर यह चीजें होगी और मैं उनके साथ वैसे ठीक है वो भी अच्छी फिटनेस है उनकी पर मेरे बराबर राहूल गांदी जी हाइट की बात नहीं मैं कर रहा तो इस
05:14हमने जो बात करनी है वो लहजे से लिहाज से करनी है तरीके से करनी है और इस तरीके से करनी है यह तो आगे लोगों ने कहीं का छोड़ा है इनको यही हरकते हैं
05:42अब ये और एक्स्पोज होंगे
05:45हमने तो क्या करना है
05:46ये तो प्लिटिकल ताकत तो लोगों के हाथ में
05:49वो लोग देखेंगे भी ये
05:51क्या करते क्या है
05:53इनकी सोच क्या है भई
05:54वो आज सामने आख
Comments