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  • 13 hours ago
भारत-US डील से PM मोदी ने दुनिया को क्या दिया संदेश? देखें ब्लैक & व्हाइट

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00:00नमस्कार मैं हूँ अंजनाव कश्प और ब्लाक इंवाइट में आपका आज दुबई से बहुत स्वागत है क्योंकि एक तरफ भारत का यूरोपिन यूनियन के साथ फ्री ट्रेड अग्रीमेंट हुआ
00:09अब अमेरिका के साथ ट्रेड डील हो गया है और इन सब के बीच हम मौझूद हैं दुबई में वर्ल्ड गार्वर्मेंट समिट में और यहीं से आज आज आप ब्लाक इंवाइट में उस अमेरिका के साथ हुए ट्रेड डील का विशलेशन देखेंगे
00:20आज की सबसे बड़ी खबर यह है कि भारत पर 50% टारिफ लगाने के 160 दिन बीतने के बाद अमेरिका के राश्रुपती डॉनल्ल ट्राम्प और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोधी ने एतिहासिक ट्रेड डील का ऐलान कर दिया है
00:35इस ट्रेड डील के बाद अब भारत पर लगाया गया 25% रेसिप्रोकल टारिफ कम होकर 18% हो जाएगा
00:44और जो रश्या के नाम पर रश्या से कच्चा तेल खरीदने के नाम पर भारत पर जो 25% पेनल्टी टारिफ लगाया गया था अमेरिका की तरफ से वो पूरी तरह से हटा दिया जाएगा
00:56कुल मिलाकर अब भारत के सामानों पर अमेरिका के बाजार में 18% टारिफ लागू होगा जो चाइना, वियतना, फिलिपीन्स, बांगला देश, पाकिस्तान जैसे कुल 26 देशों से कम होगा
01:10रश्या ब्राजील को तो छोड़ ही दीजे जिन पर 50% टारिफ है
01:14पाकिस्तान के बूट पॉलिश प्रधानमंत्री शाबाज शरीफ और फील मार्शल असिम मुनीर ने राश्रपती ट्रम की खूब चाप लूसी की
01:22नूने बार-बार नुबेल शांती पुरसकार के लिए भी नॉमिनेट किया
01:26लेकिन इसके बावजूद आज अमेरिका में पाकिस्तान पर 19% टारिफ लग रहा है
01:31और जो भारत अपनी शर्टों पर अड़ा रहा
01:35जिसने अमेरिका के दबाव में जुकने से साफ इंकार कर दिया
01:39उस पर 18% टारिफ लग रहा है
01:41इसे ये भी पता चलता है कि भारत अमेरिका की ट्रेड डील सिर्फ एक आर्थिक समझोता नहीं है
01:47बलकि ये भारत के सैयम, भारत के धैर, भारत की शक्ती का भी प्रमान है
01:54जिस दौर में दुनिया की बड़ी बड़ी अर्थ व्यवस्थाएं दबाव में आकर या तो जुक गई या फिर रेंगती हुई दिखाई दी
02:01उस दौर में भारत ने ना तो चल्दबाजी दिखाई और ना ही टक्राव का रास्ता चुना
02:07कभी डेड एकॉनमी कहे जाने वाले भारत ने खुद को एक सॉलिड एक स्थिर एक भरोसे मंद अर्थ व्यवस्था के रूप में स्थापित किया
02:16वैश्विक दबाओं, कड़े प्रतिबंधों और राजनितिक उथल पुतल के बीच भारत बिखरा नहीं बलकि और निखर कर सामने आया
02:24इस स्वेड डील में भारत की कूटनितिक परिपक्वता भी साफ दिखती है
02:28भारत अपने हितों से समझोता किये बिना अपने बाजार, अपनी आबादी, अपनी रणनीतिक एहमियत को ताकत में बतला
02:37यह समझोता बताता है कि अब भारत किसी के अजेंडे पर चलने वाला देश नहीं है
02:43बलकि भारत खुद अपना अजेंडा से करने वाला देश है
02:48अमेरिका जैसी महाशक्ती का भारत के साथ बराबरी के स्तर पर समझोता करना
02:53इस बात का भी संकेत देता है कि नया वर्ल्ड ओर्डर धीरे धीरे भारत के पक्ष में छुक रहा है
03:00और आज भारत सिर्फ एक बाजार नहीं बलकि एक स्थिर्शक्ती का विकल्प है जिस पर दुनिया भरोसा कर सकती है
03:07इसलिए आज हमें स्ट्रेट डील के हर पहलू का विश्टेशन करेंगे
03:10और आपको ये भी बताएंगे कि मंगलवार जैसे दिन पर कैसे भारत की अर्थ मेवस्था के लिए मंगल ये दिन साबित हो रहा है
03:18पिछले मंगलवार 27 जन्वरी को भारत ने यूरोपेन यूनियन के साथ मादर ओफ ओफ ओल्ड डील्स का ऐलान किया था
03:25और आज इस मंगलवार को भारत की अमेरिका के साथ ट्रेड डील हो गई है
03:29आज सबसे पहले हम आपको ये बताएंगे कि भारत और अमेरिका की ट्रेड डील कैसे हो इस ट्रेड डील से भारत को क्या फायदा होगा
03:38इसका भारत के कृशी हमारे किसान हमारे जो डैरी उत्पादक है हमारे डैरी सेक्टर पर क्या असर पड़ेगा
03:46क्या भारत वाकई में रश्या से कच्छा तेल खरीदना बंद कर देगा
03:50और क्यों इस ट्रेड डील को भारत की बहुत बड़ी कूट नितिक चीत माना जा रहा है
03:56हमें आज ये भी याद है कि जुलाई दोहजार पच्छिस में जब राश्यपती ट्रॉंप ने भारत पर पूरी दुनिया में
04:03ब्राजिल के बाद सबसे ज़्यादा 50% टारिफ लगाने का एलान किया था
04:08तब उन्होंने क्या कहा था भारत एक डेड इकॉनमी है और भारत को अमेरिका से ट्रेड डील नहीं करने की एक बहुत बड़ी कीमत चुकानी होगी
04:19उस वक्त में हमारे देश में कई नेता ऐसे थे जो ना सिर्फ भारत की विदेश नीती पर सवाल उठा रहे थे बलकि हां में हां मिला रहे थे डॉनल्ड ट्रम्प के
04:28ये कह रहे थे कि राश्रपती ट्रम्प और प्रदानवंत्री मोदी की ऐसी दोस्ती का क्या फाइदा जिससे अमेरिका पूरी दुनिया में भारत पर टैरिफ की सबसे ज़ादा दरों को लागू कर रहा है
04:37वो यहां तक कि डॉनल्ड ट्रम्प की डेड एकॉनमी वाले आरोप को भारत में दोरा रहे थे
04:43लेकिन भारत ने अपनी शर्तों पर कायम रहते हुए धेरे दिखाया
04:47और आज भारत के इसी धेर का नतीजा है कि अमेरिका के राश्रपती डॉनल्ड ट्रम्प ने भारत के साथ ट्रेड डील पर सहमती बनने की खूर्शना की है
04:56और प्रधानमंसरी नरेंज्र मोदी ने और भारत ने ट्रेड डील के अंतिम पड़ाव को पार कर लिया है
05:04बड़ाव के बड़ाव के बड़ाव के बड़ाव के लिया है
05:34तो इस ट्रेड डील का ऐलान तो हो गया
05:51लेकिन अभी इस ट्रेड डील को लेकर काफी गठानमंसरी बड़ामंसरी नारी अंतिम है
05:54तो आप्चारिक रूप से भारत और अमेरीका ने इस ट्रेड डील के प्रारूप को
06:02सारजनिक रूप से सबके सामने नहीं रखा है
06:05मतलब जो डीटेल्स हैं वो अभी आनी बाकी है
06:07पॉइंट बाइपॉइंट बात होनी बात की है
06:10क्योंकि अभी ये बताया जा रहा है कि
06:11सारी बाते दो ये से तीन दिन बाद
06:14रिवील की जाएंगी, सामने रखी जाएंगी
06:16जोइंट प्रेस कॉन्फरेंस में
06:17दुनिया अभी स्ट्रेट डील के बारे में
06:20उतना ही जालती है जितना राश्रपती
06:22ट्रम्प और प्रधानुती मोदी ने इसके बारे में
06:24सोशल मीडिया पर जानकारी दी है
06:26या फिर वाणिज जयमंत्री ने कहा है कि
06:29इससे हम अपने किसानों के हितों को
06:30डैरी उत्पादकों के हितों को नुकसान नहीं पहुँचने दे रहे
06:33सबसे पहले ये रेखते हैं कि
06:35राश्रपती ट्रम्प के मुताबिक इस ट्रेट डील में
06:37क्या ते हुआ है
06:38राश्रपती ट्रम्प ने कहा है कि
06:41अब तक अमेरिका भारत के सामान पर
06:43जो 25 प्रतिशत
06:45एक रेसिप्रोकल टैरिफ लगा रहा था
06:48अब वो तुरंद प्रभाव से
06:4918 प्रतिशत हो जाएगा
06:51यहां बहुत सारे लोग इस बात को लेकर
06:53भी कंफ्यूज हो रहे है कि जब भारत
06:55पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाया
06:57जा रहा था तो राश्रपती ट्रम्प में
06:5925 प्रतिशत टैरिफ को 8 प्रतिशत करने
07:01का अलान क्यों किया तो यहां आपको
07:03यह समझना होगा कि भारत पर अब तक
07:05टैरिफ की दो दरे लागू थी इनमें से एक था रेसिप्रोकल
07:10टैरिफ जो 25 प्रतिशत था और दूसरा था पैनल्टी टैरिफ और यह भी प्रत्चिस
07:15प्रतिशत था और इस तरह इन दोनों को मिलाकर भारत के सामानों
07:18पर 27 अगस 2025 से कितना लगता था पचास प्रतिशत का टैरिफ लागू हो गया था लेकिन अब इस ट्रेट डील के बाद रेसिप्रोकल टैरिफ 25 प्रतिशत से कम होकर 18 प्रतिशत हो गया है और रश्या से कच्छा तेल
07:34खरीदने के लिए अमेरिका ने सजा के तौर पर भारत पर जो 25 प्रतिशत पैनल्टी टैरिफ लगाया था उसे भी पूरी तरह से हटा दिया गया है यानि अब भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ की जागा जानते हैं कितना 18 प्रतिशत टैरिफ लागू होगा
07:49अब यहां बड़ी बात क्या है वो यह है कि कल तक भारत पर पूरी दुनिया में सबसे ज़्यादा टैरिफ लग रहा था लेकिन अब भारत पर 26 देशों के मुकाबले कम टैरिफ लग रहा है 26 देशों के मुकाबले
08:03इन में भी अमेरिका के बाजार में जिन देशों के उत्पादों से भारत का कड़ा मुकाबला है उन देशों पर भारत से ज़्यादा टैरिफ लग रहा है जैसे चाइना, वियतना, बांगलादेश और श्रिलंका इन सब पर कितना है 20 प्रतिशत टैरिफ लग रहा है
08:22इन्डोनेशिया, फिलिपीन्स, पाकिस्तान, मलेशिया, थाइलेंड और कमबोडिया पर 19 प्रतिशत टैरिफ लग रहा है जो भारत से एक प्रतिशत ज़्यादा है
08:34ब्रजील पर अभी 50 प्रतिशत टैरिफ लग रहा है, सिरिया पर 41 पर, लाउस और मैंदमार पर 40 प्रतिशत, कैनड़ा, इराक और सर्बिया पर 35 प्रतिशत, अलजेरिया, लिबिया और दक्षड अफरीका पर 30 प्रतिशत, और कजाकिस्तान और मेक्सिको पर 25 प्रतिशत टै
09:04जिमतों के मामले में एक बहुत बड़ा फाइदा, अडवांटिज मिलेगा जैसे IT सर्विसेज, सॉफ्टवेर डिवेलपमेंट और AI सपोर्ट में अभी चाइना, फिलिपीन्स और मेक्सिको का दबदबा हैं।
09:18लेकिन अब इन देशों से कम टैरिफ होने के कारण भारत को एक फायदा होगा और भारत शेतर में अपनी पहुच बढ़ा सकता है। और यहाँ पर हम कॉम्पुटिशन में आगे बढ़ने का एक बहतरीन मौका हमारा इंतजार कर रहा है।
09:31इसी तरह सबसे जादा लोगों को लग रहा है एक्सपर्ट को कि टेक्स्टाइल यानि कपड़े और कॉटन गार्मेंट्स में भारत का मुखाबला जो है बांगलादेश, वियतनाम, चाइना, मेक्सिको इन सभी देशों से हैं यहाँ पर एक बहुत बड़ा फायदा भारत क
10:01इससे भारत के साड़े चार करोड़ों लोगों को फायदा हो सकता है जो भारत के कपड़ा उद्योग में काम करते हैं इसके अलावा आप इस लिस्ट को भी देखे भारत के श्रिम्प्स जानि जींगा जींगों पर अब तक कुल मिलाकर साट प्रतिशत टारिफ लग रहा थ
10:31यानि हीरा, सोना और कीमती रतनों पर बावन दशमलों एक प्रतिशत टारिफ लग रहा था मशीनरी और मिकैनिकल अप्लाइंसे पर इक्क्यावन दशमलों तीन प्रतिशत टारिफ लग रहा था और वाहनों से जुड़े जो स्पेर पार्ट्स है उन पर 26 प्रतिशत टारि�
11:01सामानों पर 50% से ज़ादा टारिफ लग रहा था तब भी अमेरिका को भारत का निर्यात कम नहीं हुआ था
11:07अप्रेल से नवंबर महीने के बीच भारत के निर्यात में साल दर साल 11.3 प्रतिशत की वृद्धी हुई है
11:16इसके अलावा पिछले साल से तुलना करें तो साल 2024 में अमेरिका को भारत का कुल निर्यात 7,87,000 करोड रुपे का था
11:25लेकिन साल 2025 में जब 27 अगस से भारत पर 50% टारिफ लागू रहा तब भारत का अमेरिका को यही निर्यात नवंबर महीने तक 8,57,000 करोड रुपे रहा
11:38जो 2024 के मुकाबले 9,3% जादा है इसके अलावा राश्रपती टरंप ने सोचा था कि वो भारत पर टारिफ का एक दबाव बनाएंगे
11:48तो भारत का निर्यात कम होकर हमारी अर्थवेवस्था को नुकसान पहुचाएगा और ठीक वही बात देश के अंदर भी कई लोग एको कर रहे थे
11:56टरंप की हर बात उन्हें जादू का मंतर और बिल्कुल अटूट सत्य दिखाई दे रही थी और अपनी अर्थवेवस्था पर वो विश्वास करने को तयार नहीं थे
12:05लेकिन हकीकत में इन तमाम डूम्स्डे सेयर्स के लिए परिस्थितियां अनुकूल नहीं रही और हकीकत में इस दौरान ऐसा कुछ नहीं हुआ जो डूम्स्डेर्स कह रहे थे
12:18अगस 2025 में जब भारत पर 50 प्रतिशा टारिफ लागू हुआ तब अमेरिका को भारत का निर्याद था 71,185 करोड रुपे
12:28और नवंबर 2025 में भी ये लगभग इतना ही बना रहा और यही कारण है कि अमेरिका को आखिरकार चुकना पड़ा
12:37और भारत पर लगाए गए रेसिप्रोकल टारिफ को 18 प्रतिशत पर लाना पड़ा
12:42अलाकि यहाँ पाकिस्तान के बूट पॉलिश प्रधानमंत्री शाबाज शरीफ और फील मार्शलासिम मुनीर को भी देखे
12:48जनोंने टारिफ कम कराने के लिए राश्रपती टरम की खूब चापलूसी की ज़ा नहीं किया
12:54और आप यह समझें कि पाकिस्तान अमेरिका के साथ ट्रेड डील करने के लिए राश्रपती टरम की सामने पूरी तरह नतमस तक छुक गया था
13:02लेकिन सोचे पाकिस्तान को इस चापलूसी से क्या ही मिला
13:07आज अमेरिका पाकिस्तान पर 19 प्रतिशाट टारिफ लगा रहा है और भारत पर 18 प्रतिशाट टारिफ
13:16यहां राश्या की बात भी जरूरी है क्योंकि राश्रपती ट्रम्प ने दावा किया है
13:21कि उनकी प्रधानवंती मोदी से फोन पर जो बाचीत हुई है उस बाचीत में यूकरेन युद्ध का मुद्धा भी शामिल था
13:27और राश्रपती ट्रम्प के मुदाविक भारत ने वादा किया है कि वो रश्या से कच्चे तेल की खरीद को बंद कर देगा
13:33और इसकी जगा अम्बेरिका और वेनिज्वेला से कच्चे तेल का आयात करेगा
13:38राश्रपती ट्रम्प के इस दावे की भारत ने अब तक औपचारिक रूप से तो कोई पुष्टी नहीं की है
13:44और प्रधानमती मोदी ने भी अपने बयान में कहा कही ऐसा नहीं लिखा है कि भारत रश्या से कच्चा तेल खरीदना पंद कर देगा
13:52हाला कि इसके बावजूद राश्रपती ट्रम्प के इस दावे पर हमारे देश में काफी हंगामा हो रहा है
13:58और कॉंगरे समयत लगबग जितने भी विपक्षी दल है
14:01सभी विपक्षी दलों के नेता ये कह रहे है कि क्या भारत ने इस ट्रेट डील को करने के लिए रश्या से अपने संबंदों को किनारे रख दिया है
14:10अब यहां हम विपक्ष की राजनीती पर तो कुछ नहीं कहना चाहते लेकिन आपको कुछ आकड़े जरूर दिखाना चाहते
14:17किपलग के मुताबिक जून 2025 में भारत रश्या से हर दिन औस तन 20,90,000 बैरल कच्चे तेल का आयात करता था
14:2920,90,000 बैरल कच्चा ते
14:33और इसका कारण ये था कि उस वक्त रश्या में हमें कच्चे तेल की कीमतों में जबर्दस डिसकाउंट दे रहा था रश्या
14:40और ये डिसकाउंट जानते हैं कितना था
14:42प्रती बैरल 20 डॉलर से ज्यादा का डिसकाउंट
14:4620 डॉलर का मतलब ये हुआ कि हमें प्रती बैरल कच्छे तेल पर 18-100 रुपे का डिसकाउंट मिल रहा था
14:522 सितंबर 2025 को The Indian Express की एक रिपोर्ट आई थी जिसमें ये बताया गया था
14:59कि रश्या से सस्ती दरों पर कच्छा तेल खरीद कर भारत ने 3 सालों में 1,13,000 करोड रुपे की बचत की है
15:08और आपको याद होगा जब अमेरिका ने भारत पर रश्या से कच्छा तेल खरीदने के लिए 50% टारिफ लगाया था
15:15तब सरकार ने बार-बार इस बात को कहा था
15:18कि अगर हमें रश्या से कच्छा तेल खरीदने में फायदा हो रहा है तो हम पहले अपना फायदा देखेंगे
15:24इंडिया फर्स्ट, इंडियन पीपल फर्स्ट मतलब भारत और भारत के लोग सबसे बड़ी प्रात मिकता है
15:32और टारिफ के दबाव में रश्या से कच्छे तेल की खरीद को बंद नहीं किया जाएगा
15:37लेकिन इसके बाद जानते हैं क्या हुआ
15:40रश्या पर प्रतिबंद बढ़ने के कारण उसने कच्छे तेल पर मिलने वाले डिस्काउंट को काफी हद तक कम कर दिया
15:45क्योंकि रश्या पर उसके बड़े बड़े ओईल कंपनीज पर प्रतिबंद लग गया था
15:51सैंक्शन्स लग गई थी
15:54जो डिस्काउंट 2022 में 35 डॉलर और 2024 तक भी 20 डॉलर हुआ करता था
16:00वो 2025 के आखिर में जानते हैं कितना डिस्काउंट 2 से 3 डॉलर प्रतिबंद करें गया
16:06यानि हाल फिलान में भारत रश्या से जो कच्छे तेल खरीद रहा था
16:10उसे उस पर प्रती बैरल सिर्फ 200 रुपे से भी कम का डिस्काउंट मिल रहा था
16:15और हमारी बच्चत ज्यादा नहीं हो रही थी
16:18इसी मचा से हमने रश्या से कच्छे तेल के आयात को कम करना शुरू किया
16:23और अगर आप इस चार्ट को देखेंगे तो आपको पता चलेगा कि नवंबर 2025 में भारत हर दिन 18 लाख बैरल कच्छा तेल रश्या से आयात कर रहा था
16:34लेकिन इसके बाद दिसंबर में ये 12 लाख बैरल प्रती दिन रह गया और जनवरी 2026 आते 11 लाख 40 लाख बैरल प्रती दिन रह गया
16:45और अनमान यही है कि कम डिसकाउंट मिलने के कारण मार्च महीने तक भारत रश्या से प्रती दिन 8 लाख बैरल कच्छे तेल का ही आयात करेगा
16:54और ऐसा हम इसलिए कह रहे हैं क्योंकि अब रश्या से हमें वैसा डिसकाउंट नहीं मिल रहा वैसे पैसे का फायदा नहीं हो रहा जैसा पहले मिल रहा था
17:04आज जो लोग ये कह रहे हैं कि हम अमेरिका के दबाव में रश्या से कच्चा तेल खरीदना बंद कर रहे हैं
17:09तो ये बात बिल्कुल सही नहीं है
17:11सचाई ये है कि हम सिर्फ अपना फाइदा देख रहे हैं
17:15और होना भी यही चाहिए
17:17हमारी जगा रश्या भी होता तो वो भी यही करता
17:20जहां से उसे सस्ता कच्चा तेल मिलेगा वहीं से लेता
17:23भारत भी वहीं से सस्ता कच्चा तेल लेगा जहां उसे फाइदा होगा
17:28हमने कभी भी रश्या के साथ कच्चे तेल की खरीद किसी करार के साथ शुरू नहीं की थी
17:32हम रश्या से कच्चा तेल तभी तक खरीद रहे थे
17:36जब तक हमें इसमें फाइदा हो रहा था
17:39लेकिन आज जब हमें इसमें ज्यादा डिसकाउंट नहीं मिल रहा है
17:42तो हम इन देशों को भी देखेंगे तलाश रहें जिन से कच्छा तेल खरीद कर भारत की बचत हो भारत का फायदा हो
17:49जैसे अगर राश्रपती ट्रम्प के मताबिक भारत वेनिजवेला के से कच्छा तेल खरीदने वाला है
17:55तो इसका मतलब यह बिलकुल नहीं है कि हम राश्रपती ट्रम्प के सामने चुक गए है
17:58हकीकत में इसका मतलब यह है कि हम सिर्फ अपने हितों को देखेंगे
18:06जहां से सस्ता कच्छा तेल मिलेगा जहां से भारत को फायदा होगा भारत की चंता को फायदा होगा
18:13सौधा वहीं करेंगे और जो नहीं था इस पर शोर मचा रहे हैं वो इस बात को जानते ही नहीं है कि भारत यूक्रेइन युद्ध से पहले इराक
18:20सौधी अरग और यूएई के बाद चौथे नंबर पर सबसे जादा कच्छा तेल वेनेजुएला से ही खरीदता था भारत
18:28यूक्रेइन युद्ध से पहले ये बात साल 2019-20 की है उस वक्त यूक्रेइन युद्ध शुरू नहीं हुआ था और रश्या ने अपने कच्छे तेल को डिस्काउंट पर बेचने का एलान नहीं किया था
18:41तब उस वक्त हम वेनेजुएला से हर दिन चार लाक बारल कच्छा तेल का आयाद करते थे
18:47लेकिन बाद में अमेरिका ने वेनेजुएला के कच्छा तेल के निर्यात पर बहुत सारे सांक्शन्स लगा दिये
18:52कड़े प्रतिबंद लगा दिये और क्यूंकि इसी दारान हमें रस्षा से कच्छा तेल अच्छे खासे डिस्काउंट के साथ
18:59अच्छी खाइसी छूट पर मिलने लगा इसलिए हमने वेनिजोयला से कच्छे तेल की खरीद बंद कर दी और रश्या से कच्छा तेल खरीदना चालू कर दिया लेकिन अब हो सकता है कि भारत वेनिजोयला से जहां पर भी डिसकाउंट अच्छा मिले कीमते कब मिले बहां से क
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20:05प्रस्चा일 कर रख्रस्चाली में डातले
20:10कि रि MON अगाया प्रस्चाली कर र Southwest
20:27और भारत ने हंगामा हो गया है
20:51इन्हें पेले दावे में राश्रोपती ट्रॉम्प ने ये कहा है कि इस ट्रेड डील के तहट भारत अमेरा थे
20:57अमेरिका के सामान पर लगने वाले टारिफ को धीरे धीरे खत्म करेगा और ना सिर्फ खत्म करेगा बलकि इसमें टारिफ को लेकर जो अर्चने आती हैं उन्हें भी हटाया जाएगा तकि अमेरिकी सामान भारत में आसानी से आ सके
21:10अब भारत सरकार ने राश्रपती ट्रम्प के इस दावे की अभी तक पुष्टी नहीं की है
21:15लेकिन इसके बावजूत भारत के विपक्षी नेता इस पर चिंता जता रहें
21:20उनका यह कहना है कि अगर अमेरिका का सामान भारत में जीरो टारेक पर पिकने लगा
21:23तब तो भारत की जो घरेलू इंडस्ट्री है जो घरेलू उद्योग है उन्हें सरकार बचा नहीं पाएगी
21:31कैसे बचाएगी और क्या ये घरेलू उद्योग बरबाद नहीं हो जाएगे
21:34उदारण के लिए आप इसे ऐसे समझे कि अगर आपको अमेरिका का कैलिफोर्निया सेब
21:40जो सेब वहां कैलिफोर्निया क्या है या अमेरिका के बादाम
21:44आपने सुना होगा कैलिफोर्नियन आमंड उसकी बड़ी चर्चा होती है
21:49या अमेरिका में बनी हाले डेविटसन की बाइक भारत में उतने ही दाम पर मिलने लगे जितने दाम में अभी आपको भारत में बनी 500 CC की रॉयल एंफील्ड की बाइक मिलती है
21:59यह जितने दान में आपको भारत के किन और या कश्मीर का सेव मिलता है
22:04तो अमेरिका के सामान के सामने भारत का अपना सेव कैसे मुकाबला करेगा
22:08और क्या इससे हमारी घरेलू इंडस्ट्री को नुकसान नहीं होगा
22:10अब यह चिंता जायज तो है लेकिन यहां में पूरी जानकारी आने का इंतजार करना होगा
22:16और यह समझना होगा कि भारत अमेरिका के किन सामानों पर धीरे धीरे टारिफ को जीरो करेगा
22:22और क्या इसमें कोई शर्त या कोटा सिस्टम भी लागू होगा
22:27जैसे क्या यह हो सकता है कि अमेरिका का किस श्रेणी में कितना प्रतिशत सामान कम टारिफ की दरों में आएगा
22:33और बाकी के सामान पर पहले की तरह ज्यादा टारिफ ही लागू रहेगा
22:38यह सब कुछ तभी सपष्ट हो सकता है जब सरकार इसके बारे में विस्तित जानकारी देगी तील की इस पूरे ट्रेड डिल की डीटेल सामने आएगी
22:47और हमें सूत्रों से पता चला है कि सरकार ने इस ट्रेड डिल में ऐसे किसी भी सेक्टर में
22:51अमेरिका के उत्पादों पर जीरो टारिफ करने का वादा नहीं किया है जिसे भारत की घरेलू इंडस्ट्री को नुक्सान हो किसानों को या फिर डेरी उत्पाद को
23:00राश्रपती ट्रॉंप ने दूसरा दावा ये किया है कि भारत ने अमेरिका में बने जादा से जादा सामानों को खरीदने पर सहमती जताई है
23:07और ये कहा है कि भारत 500 बिलियन डॉलर यानि भारते रुपे में इसको अगर कैल्किलेट कीजिए
23:14तो 45,10,000 करोड रुपे खर्च करके अमेरिका से एनरजी यानि उर्जा, टेक्नोलजी, ख्रिशी और कोईला समेत अन्य उत्पात खरीदेगा और ये बहुत बड़ा दावा है
23:27और इस दावे की भी अभी भारत सरकार ने पुष्टी नहीं की है
23:31यहां सोचने वाली बात यह है कि जब हमारे पूरे देश का सालाना बजट ही 53,47,000 करोड रुपे का है
23:38तब क्या हम 45,00,000 करोड रुपे का सामान अकेले अमेरिका से खरीच सकते हैं
23:44अकेले, मतलब सूचिए, हमारा सालाना बज़र जो है भारत का, वो है तिरे पर लाग से तालीस हजार करोड रुपे
23:51तो क्या हम पैतालीस लाग करोड रुपे का सावान अकेले अमेरिका से खरीच सकते हैं
23:57और क्या ये संभव है? तो इस मुद्दे पर भी खलत फैमी पैदा करने की कोशिश हो रही है
24:02और हमें पता चला है कि भारत अगले पांच सालों में ये पैतालीस लाग करोड रुपे का निवेश और व्यापार अमेरिका के साथ कर सकता है
24:09और इस दौरान अमेरिका के बाजार में भारत के कई सामानों पर Zero Duty की सुवधा मिल सकती है
24:15जिसे भारत का सामान अमेरिका के बाजार में सस्ता पड़ेगा, भारतिय कमपनियों को फायदा होगा, हमारी लागत भी घटेगी
24:24इसके अलावा आज अमेरिका की क्रिशी मंत्री ब्रुक रॉलिंस के एक बयान पर बहुत विबाद हो रहा है ये भी आपको देखना होगा इसमें उन्होंने अमेरिका और भारत के बीच हुई ट्रेड दील के लिए राश्रपती ट्रम को धन्यवाद देते हुए लिखा है कि �
24:54और इसमें ये भी लिखा है कि खृषी उत्पाद को जो उत्पाद है उनमें अब तक अमेरिका को भारत के साथ 11,000 करोड रुपे का घाटा हो रहा था लेकिन इस ट्रेड दील के बाद इस घाटे को कम करने में मदद मिलेगी और वो इसे अमेरिका फर्स की बहुत बड़ी �
25:24बोल दिया है और ये सवाल इसने भी पूछा जा रहा है क्योंकि ग्रामीर भारत की 70 प्रतिशत आबादी आज भी भारत में खृषी शेत्र पर निर्भर करती है और ऐसे में विपक्ष ये सवाल उठा रहा है कि अगर भारत में अमेरिका के किसानों के उत्पाद बेचे जा
25:54पर अपने किसानों को खुश करने के लिए अमेरिका की खृषी मन्त्री भू� ? चढ़ा बढ़ा कर बढ़ा चढ़ा कर ये सारी बाते लिखिए और दूसी बात यह कि सूत्रों से के जरिये सरकार में हमें बताया है कि भारत की कृषी और gri now को पूरीतर आज स्ट्रेज दिल
26:24टेक करके रखा है सुरक्षित रखा है इसके लावा यहां बहुत सारे लोग यह गलत फहिमी भी पैदा कर रहे हैं कि अब तक अमेरिका क्रिशिक शेतर में भारत को किसी उत्पात का निर्यात नहीं करता था जिबकि यह दावा पूरी तरह गलत है
26:35अगर आप इस ग्राफिक्स को देखेंगे साल 2024 में भारत ने 27 करोड 46 लाग किलोग्राम पादाम, अखरोट, काजू, पिस्ता, हेजलनट और पीकन अमेरिका से आयात किया था
26:52इसके अलावा 2024 में ही हमने 7 करोड 64 लाग किलोग्राम का पास, 8 करोड 44 लाग किलोग्राम दाले, 20 लाग कुकिग ऑईल, 1 करोड 58 लाग किलोग्राम डैरी प्रोडक्ट, 4 करोड किलोग्राम फल, 3 करोड 40 लाग किलोग्राम सोयबीन ऑईल अमेरिका से आयात किया था
27:12और इससे आप ये समझ पाएंगे कि अमेरिका से भारत खृषी और डेरी से जुड़े उपाद खरीदता रहा है लेकिन इसी के साथ हमने अमेरिका पर कड़े टारिफ और बाकी खृषी और डेरी उपादों की बिक्री पर रोक लगा रखी है और ये रोक अब भी जारी रहे�
27:42पाहर रखा गया है सुनिये पूरा देश इस बात को समझता है इस बात का उनको आकलन है और यूएस ट्रेट डील में भी भारत के जो सेंसिटिव सेक्टर्स है अगरिकल्चर को लेके डेरी को लेके उनको सवरिक्षत किया गया है राहुल गांदी जी को क्या मिर्ची लगत
28:12देश की प्रगती से नफ्रत है राहुल गांदी जी को हमारी बेहनों से हमारे यूवा यूफ्टियों से कोई नराजगी है जो उनका उच्वल भविश्य उनसे देखा नहीं जाते है उन्होंने जवाब देना पड़ेगा देश की जनता को कि इस नकारात्मक सोच के पीछे
28:42करता हूं राहुल गांदी जी और उनके सभी पार्टी और मित्रपक्ष के नेताओं का जो इस पेकार की ओची सोच नकारात्मक सोच पहलाने का पाप कर रहे हैं
28:59प्यूश गोईल ने राहुल गांदी पर देश को भ्रमित करने का भी आरोप लगाया जबकि राहुल गांदी ने कहा है कि प्रदानवंत्री मोदी ने दबाव में आकर इस ट्रेट डील को अपनी सेहमती दी है
29:09और सोचे ये भी कैसी राजनीती है कि आज जब इस ट्रेट डील पर हमारे देश में चर्चा होनी चाहिए थी इस पर गर्भ करना चाहिए था इस पर पॉलिटिक सियासत हो रही है
29:19हमारे देश के नेता पचास प्रतिशत टारिफ में भी सियासत ढून लेते हैं और जब अठारा प्रतिशत टारिफ हो जाए तब भी सियासत ढून लेते हैं
29:30नरेंद्र मोदी जी ने कल शाम उस डील को साइन कर दिया
29:37अब कर दो अब नरेंद्र मोदी जी पर प्रेशर है अब भयंकर प्रेशर है और अब
29:52कि नरेंद्र मोदी जी का जो इमिज का गुबारा है जो हजारों करोड रुपे लेकर बनाया गया था
29:59वो फूट सकता है बट यह आप समझिये और हिंदुस्तान के जो किसान हैं आप सब समझिये कि इस ट्रेट डील में
30:17आपकी महनत को आपके खून पसीने को नरेंद्र मोदी जी ने
30:23बेच दिया है और वो इसले बेचा है क्योंकि यह कॉम्परमाइजड है
30:33आज इस ट्रेट डील पर राजनीती करने का नहीं बलकि गर्व का दिन है और यह बताने का भी दिन है कि अमेरिका आखिर भारत के साथ
30:41इस ट्रेट डील को करने के लिए तयार कैसे हुआ और इसके पीछे की पूरी इंसाइट स्टॉरी क्या है
30:47तो अब तक पूरी दुनिया यही सुन रही थी कि राश्रपती ट्रंप कैसे अलग-अलग देशों पर दबाव बनाने के लिए टारिफ बढ़ा रहे है
30:54और इसी कड़ी में उन्होंने भारत पर 50% टारिफ लगाया लेकिन क्या आप जानते हैं कि पिछले दिनों भारत ने भी अमेरिका पर टारिफ वाला यही दाव चला जिससे राश्रपती ट्रंप अपने किसानों के दबाव में आ गए
31:07वह असल में यह कि भारत में दालों का उत्पादन घटने और विदेशी दालों के महंगे होने की आशंका से नवंबर 2025 में भारत सरकार ने विदेशी दालों के आयात पर 30% टारिफ लगा दिया
31:24इसकी चर्चाबड़ी कब हुई अब टारिफ पढ़ा तो अमेरिका के जो किसान भारत में दाल भेशने थे वो चिंदा में आ गए
31:33और इसके बाद ये बात अमेरिका के सेनेटर केविन क्रेमा और स्टीव डेंस ने राश्रपती टरंप को एक चिट्थी लिखकर बताई
31:41और ये कहा कि अगर राश्रपती टरंप ने अभी कुछ नहीं किया तो अमेरिका के जो किसान भारत को दालिम भेज रहे थे उनका बहुत भारी नुकसान हो जाएगा
31:50और ये किसान राश्रपती टरंप से नाराज हो जाएंगे
31:53ये चिट्थी सिर्फ तीन हफते पहले 16 जनवरी को लिखी गई थी
31:57और उसी के बाद राश्रपती टरंप पर दबाओ बना और उन्होंने आज भारत के साथ स्ट्रेट दील पर अपनी सहवती दे दी
32:05और जानते हैं ऐसा क्यों हुआ जैसे भारत में किसानों की यूनियन होती है ठीक उसी तरह
32:09अमेरिका में किसानों की ऐसी लबी होती है जिनने बहुत मजबूत माना जाता है
32:13और The New York Times के मुताबिक किसानों की लॉबीज ने ही डॉनल्ड ट्रम्प को राश्रपती बनाने के लिए सबसे ज़ादा समर्दन किया था
32:22जिसकी वज़ा से राश्रपती ट्रम्प दबाव में आए और आज ये ट्रेड डील हुई
32:26बड़ी बात ये है कि इस ट्रेड डील के बाद भारत के शेर मार्केट ने एक नया रिकॉर्ड बना दिया है
32:32आज सेल सेक्स दो हजार बहत्तर पॉइंट मजबूत होकर तरासी हजार साथ सो उन्चालीस किस्तर पर पहुँचा
32:38जबकि निफ्टी में भी 649 अंकों की मजबूत ही आई और ये भी 25,727 किस्तर पर बंदुआर जानते हैं
32:46इस ट्रेड डील के कारण आज शेर मार्केट में निवेशकों ने कितने पैसे कमाए है
32:49आज शेर बाजार में निवेशकों को 12 लाग करोड रुपे का फायदा हुआ है
32:54और ये पैसा नेपाल जैसे तीन देशों की कुल अर्थ व्यवस्था के बराबर है
32:58जबकि इतने ही 12 लाग करोड रुपे में पाकिस्तान के दो बजट समा सकते है
33:04आज शेर माकित के जो बाद अब आप ये देखिए कि भारत के लोग इस ट्रेट डील के बारे में क्या सोच रहे है
33:10इस पर सी वोटर ने मुंबई में एक सर्वे किया है
33:13जिसमें 18 साल से उपर के लोगों से फोन पर बाचीत करके इस ट्रेट डील को लेकर कुछ सवाल पूछे गए
33:19और इस सर्वे में आप ये समझ पाएंगे कि इस ट्रेट डील को लेकर लोगों का क्या मूर है
33:25इस सवे का पहला सवाल तो ये था कि क्या अमेरिका के साथ ट्रेट डील मोधी सरकार की बड़ी सफलता है
33:30जिस पर 54.1 प्रतिशक्त लोगों ने ये कहा कि वो इसे मोधी सरकार की कावियावी के रूप में देखते है
33:37जबकि 36.6 फीजदी ने कहा कि इसे सफलता नहीं मानते है
33:41दूरुसरा सवाल क्या इस ट्रेट डील से भारत के निर्यात में वृद्धी होगी
33:46जिस पर लगभग 60 फीजदी 59.8 परसेंट लोगों ने कहा उन्हें लगता इस डील से भारत का एक्सपोर्ट बढ़ेगा
33:53जबकि 23.6 प्रतिशत लोगों ने असहमती जता है नहीं ऐसा नहीं होगा
33:59इसी सवे में ये सवाल भी पूचा गया कि इस ट्रेट डील से भारत को ज़्यादा फाइदा होगा
34:04या अमेरिका को ज़्यादा फाइदा होगा जिस पर सबसे ज़्यादा 30.6 प्रतिशत लोगों ने ये कहा
34:10कि इस डील से दोनों देशों को फाइदा होगा इसके बाद 27.6 प्रतिशत लोगों ने ये कहा
34:15कि इस से अमेरिका को जादा फायदा होगा
34:17और 33.3 प्रतिशत लोगों ने ये मारा कि स्ट्रेट डील से भारत को जादा फायदा होने वाला है
34:22हला कि विपक्षी इस ट्रेट डील को अमेरिका के पक्ष में बता रहे है
34:25और ये भी मांग कर रहा है कि सरकार को स्ट्रेट डील से जुड़ी सभी बाते साफ़ जने करनी चाहिए
34:32हम आपको बतारा चाहते हैं कि अगले दो से तीन दिन में
34:35अमेरिका और भारत दोनों स्ट्रेट डील को लेकर एक संयुत प्रेस कार्फरेंस करने वाले हैं
34:41जया वो जीडेट ये जब हम जानेंगे कि डील में क्या है तो हम खुश हो सकते हैं यह जब हमें कोई खबर नहीं मिली तो
34:50प्रेजिदेंट � driving command को जो गलियंट मुशने कि ट्वीट प्रेश आपको इसके इसके भुि में क्या बता सकते हैं तो
34:56मैं से वह कहुंगा कि अगर हमें खुशी कि बात है तो डीटेल्स
35:01जानने के बाद हम कह सकंट
35:02ते ही जब सब स्थ merch हो गया है तो हम पहें कि हाँ अच्छी बात है
35:05यह नहीं लेकिनजब कोई डीटेल 59 क來 बुट्री तर्प और जबाद माय बड़ी बात
35:13लेकिन हमारी तरफ से क्या दे रहे हैं हमें ये भी जानना चाहिए राष्ट्रहित का सवधा किसानों के हितों का सवधा जिस तरफ से मुधी सरकार ने अमेरिका के साथ किया है ट्रम के साथ किया है
35:30मुझे लगता है ये गवतम अडानी को बचाने के लिए ये ट्रेड लिल किया है और हम ये संसत से सड़क तक उसका विरोध करते रहें
35:46बाहर का विदेशी सामान आकर किर्शी छेतर का उत्पाद आकर सस्ते दामों में बिकने लगेगा तो हिंदुस्तान के किसान बरबाद हो जाएंगे आज नरेंद्र मोदी जी की सरकार ने उन करोणों किसानों के साथ धोका करने का काम किया है खेत कलियान के साथ धोका करने क
36:16जो क्रिशी जो पूरा सेक्टर है जो से सफ़ करेगा जो इसके दुष पर नाम होंगे मुझे लगता है आने वाले समय में हमारे किसान भाइस को भुखतेंगे और ये सरकार हमेशा किसान विरोधी सरकार रही है
36:28अपने एंट्रेस्ट के छोड़के कोई ऐसा काम नहीं कर सकता जिससे उसको गाटा होगा तो कोई न कोई इसमें एजेंडा जरूर होगा
36:45एक तरफ विपक्षे स्ट्रेट डील पर नए नए प्रश्ण चिन लगा रहा है दूसरी तरफ के द्रेसरकार स्ट्रेट डील को भारत के लिए आते हासिक बता रही है
36:53आज भी बजट सत्र की कारवाही शुरू होने से पहले जब प्रधानमंत्री मोदी एंडिये की संसद्य दल की बैटक में पहुँचे
36:59तो इस दारान सभी सांसदों ने प्रधानमंत्री मोदी का शांदार स्वागत किया जबकि प्रधानमंत्री मोदी ने भी इस बैटक में ती बड़ी बाते गई
37:08उन्होंने इस ट्रेट डील को भारत की कूटनीतिक जीत पता एगा, ये कहा कि धैरे का फल मीठा होता है, और ये भी और वर्ल्ड उर्डर में बदला हो रहा है, ये ट्रेट डील इस बाद पर महर लगाती है, कि आज का नया वर्ल्ड उर्डर हारत के पक्ष में जुक रहा है,
37:38वाख्शा पर्फटर्ट का एक सब्ता के अंदर
38:04फिर कल अमेरिका का साथ में जो एग्रीमेंट हुए और तो एनॉसमेंट हुए तैरिफ में कटोटी का उसको ले करके देश बर में उत्सा है तो सासदों में बहुत उत्सा थे आज एंडिये पार्लेमेंटी पार्टी में आदरनिया प्रधानमंत्री दरंदर मोदीजी को अभ
38:34जो आईतिहासिक trade deals हासिल किये हैं, उसके लिए बताई भी दिये हैं।
38:41हमारे देश में अब भी कुछ नेता और लोग ऐसे हैं, जिनें ये बात हजमी नहीं होती,
38:45कि अब आज का वर्ल्ड ओर्डर भारत के पक्ष में बुढ रहा है।
38:49लेकिन ऐसे लोगों को आज हम IMF की एक नई रिपोर्ट के बारे में बताना चाहते हैं,
38:53जो ये कहती है कि वित्वश 2027 में पूरी दुनिया की real GDP growth में भारत की हिस्सेदारी अमेरिका से भी जादा है।
39:03इसके मुताबिक दुनिया की real GDP growth में सबसे जादा 26.6% का जो योगदान है वो अकेले चीन का होगा, दूसरे नमबर पर 17% का योगदान भारत का होगा और अमेरिका इस पर इस बार तीसरे नमबर पर खिसक गया है।
39:21अब देखे, अगर IMF ये रिपोर्ट दे रही है और कह रही है सबसे उपर योगदान चाइना का होगा, फिर दूसरे नमबर पर 17% के साथ भारत और फिर तीसरे नमबर पर अमेरिका, तो पूरे विश में इसकी चर्चा है।
39:51जितनी बढ़ेगी, उसमें किस देश की बढ़त का कितना हिस्सा होगा और इस मामले में भारत अपकी बार अमेरिका से आगे रहने वाला है।
39:59आज यहाँ भारत की उस कूटनीती की भी बात करना चाहते हैं, जिसे दुनिया डक डिप्लॉमसी बता रही है।
40:06आपने देखा होगा कि जब डक यानी बतक पानी में तेरती है, तो उपर से बहुत शान सिर दिखती है, पानी के नीचे उसके पैर बहुत तेजी से चल रहे होते हैं।
40:18अब देखिए डक डिप्लॉमसी, कई बार इसको अगर आप शाब्दी कर्थ लें, तो अगर सावने से कोई शॉट आ रहा है, तो डक कर जाना, और बेवज़र का उस पर वापस शोर नहीं मचाना, हल्ला गुल्ला नहीं करना, वापस अटैक नहीं करना, डक करके जाने देन
40:48अजरन नीती पर काम कर रहा हूँ, अमेरिका के मामले में भी भारत ने डक डिप्लॉमसी जिस से काम किया, राश्रपती ट्रॉम्प ने भारत का उकसाने की कई कोश्यां की, भारत को टेड एकॉनमी कहा, बार बार कहते रहे कि हमारे मैंने सीज़ फायर कराया, ट्रेड डील
41:18और जिस तरह कहते हैं न बतक बाहर से शांत, लेकिन पैर के नीचे बहुत आक्रमक उसी अंदाज में हम शांती बाहर दिखाते रहे, संयम दिखाते रहे, लेकिन अंदर ही अंदर आक्टिव होकर संबाद करते रहे, क्योंकि प्रात्मिक ताइस पश्ट थी, दीरग कालिक �
41:4827 देशों के साथ Mother of All Deals का एलान किया, और माना जा रहा है कि इस Pre-Trade Agreement से भी राश्रपती टरम्प पर दबाओ बढ़ा, उन्हों ठीक एक हफते बाद भारत के साथ Trade Deal पर अपनी सहमती दे, यहां भारत के लिए अच्छी बात यह है कि अब हमारे पास European Union के 27 देशों का विश
42:18बादों का बाजार कैसे मिलेगा, अब सवाल यह है कि इस अवसर के भारत के लोग जो है, इस अवसर में कितना फाइदा उठाते है, जी हां, अब मौका इस देश और देश वासियों के लिए है, हर किसी के लिए है, जो एक बिसनस करना चाहता है, जो मैनुफाक्टरिंग कर
42:48चाहे हमारे आर्थिक पार्टरिशिप हो, निवेश की पार्टरिशिप हो, एक मेकार से दोनों डिमोक्रिसी, विश्व के बहुत प्रमुक्स थम है, विश्व की अर्थव्यवस्ता के, और USA और भारत के बीच एक अच्छा एगरिमेंट हो, यह दोनों देशों के लाब के �
43:18कहीं बाद हाए?
43:48प्रार रहना बड़ी सफलता है, ऐसा हम इसने भी कह रहे हैं क्योंकि अमेरिका ने यूर्पेन यूनियन के साथ भी जुलाई 2025 में ट्रेड डिल की थी, लेकिन इसके बाद राश्रपती टरम्प की ग्रीन लाइन को लेकर नई नई धमकिया शुरू हो गई, यूर्पेन य
44:18टारिफ को 15 प्रतिशत से बढ़ाकर 25 प्रतिशत किया जा सकता है, इसलिए हम कह रहे हैं जब तक डॉनल्ड टरम्प के साथ मामला ठीक चलता रहे तो फिर घनीमत बनाईए, कब वो किस बात पर कुछ पलट दे, बहुत मुश्किल है, एक्जाम्पल है यूर्पेन यूनियन
44:48समझ पाएंगे कि राशुपती टरम्प के कारकाल में ट्रेट डील होने के बाद भी कई देशों के लिए मुसीबत कम नहीं हुई है, हला कि अमेरिका ने अब तक जितने भी देशों के साथ ट्रेट डील की, उनमें भारत अकेला ऐसा देश है, जो कई दबाओं में जुका �
45:18पाकिस्तानी सैनिक, पुलिस कर्मी और खुफिया एजेंसी के अधिकारी मारे जा चुके हैं, बलोचिस्तान में इस वक्त बलोच विद्रोही एक ज्वाला मुखी बन गए है, जिनकी आग में पाकिस्तानी सेना जल रही है, ओपरेशन हेर ओफ 2.0 पाकिस्तान सरकार के लि�
45:48हमला किया गया है, और इस उपरेशन की खास बात ये है कि बलोच विद्रोहीों में सबसे खातक हमले महिला बलोच विद्रोही कर रही है, पाकिस्तानी सेना जल रहाज़दानी में रहस्यमई तरीके से गायब होने वाले लोगों पर आंकड़े जारी किये हैं, और इन आंक�
46:18दिल्ली से 807 लोग लापता हो गए है, यानि हर दिन करीब 54 लोग अचानक गायब हो गए, और लापता होने वाले 807 लोगों में से 572 के बारे में पुलिस के पास अब तक कोई सुराग नहीं है, हम आपको डराना नहीं चाहते हैं, लेकिन लापता होने वाले लोगों में स�
46:48नाबालिक थे, जिनमें 137 बच्चे अभी गायब हैं, और इन 137 नाबालिकों में 117 नाबालिक बच्चियां हैं, जिनकी उम्र 18 वर्ष से कम है, एक से 15 जनवरी के बीच दिल्ली से अचानक गायब होने वाले 807 लोगों में 509 महिलाएं और नाबालिक लडकियां शामिल हैं
47:18पुलिस नेटवर्क से मिली जानकारी बताती है कि साल 2016 से 2026 के बीच दिल्ली से 6694 बच्चे लापता हुए, जिनसे 6931 बच्चे अभी लापता हैं, साल 2025 में ही दिल्ली से 24508 लोग लापता हुए, जिनमें 14870 महिलाएं और नाबालिक लडकियां थी, और इसमें से 5576 महिला�
47:48अचानक गायब होने के मामले में राजधानी दिल्ली एक खतरनाक जगह बन गई है, खास तोर से महिलाओं और नाबालिक बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई है, अब लोग सौरी तब नहीं बोलते जब उन्हें पच्चतावा होता है, वो सौरी तब ब
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