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00:56चंटीगड की जन्ता के बीश में सडकों पे घूमें के जैसे मैंने पहले दिनी कहा था कि मैं आफिस में कम चंटीगड की शहर की सडकों पे जएदा नज़र आऊगा।
01:06बाकी मुझे खुशी इस बात की है कि ये अकेले मेर काम नहीं करते हैं मैं पहले आपके मादम से मैं क्लेर कर देना चालता हूँ मेर एक कॉंस्टिटूशन पोस जरूरा है इसमें सबसे बड़ा अगर योगदान रहता है तो वो रहता है एमसी के आफिस का और मैं लग्की हू
01:36मैं जितनी तारीफ करूं उतना काम है आप भी बड़े साधानन परिवास आते हैं मैं आपके आज क्योंकि आज एक ऐसा देना है कि आज चंडीगर की जनता को पता लगेंगा
01:44सौरब भी चंडीगर का मेर ना बन पाता जब उनके पिता जी गाउं से बाहर निकल के ना है वैसे ही अमिद कुमार जी ने अपनी जन्दगी में बहुत स्टगल किया कमिश्र साब ने ये भी गाउं से निकल कर इनोंने दुख और दर्द देखा है जो एक गरीब सहन करता ह
02:14देखा इनको चारा डालने का धंक बड़ा अच्छा था तो मैंने इसे पूछा कि आप चारा कहते हैं मैं गहौंवी तो रहूं जूशी जी और आज भी मेरे घर पे गाएं हैं तो मैं वहां जाके खेत में काम करता हूं तो ऐसे कमिश्र साब जो मुझे मिलें ये मिलें सौ�
02:44परधान मंत्री जी ने असली बात तो आप मैंने बोल लिए हैं आप देखिए चुनावों को लेके कैसी-कैसी बाते होती थी
02:52चंडी-गड के कौर्पेशन चुनाव को लेके मुझे लगता है कि नैशनल लेबल की नियूस ने इटरनेशन लेबल की नियूस बन जाती थी
03:14the party of the booths and the staff of the staff.
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