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अमेरिका और ईरान के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है। खबरों के मुताबिक ट्रंप के फैसले के बाद हालात युद्ध की ओर बढ़ते दिख रहे हैं। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने बड़ा जवाब देने की तैयारी कर ली है। दावा किया जा रहा है कि ईरान 1000 ड्रोन के जरिए अमेरिका और उसके सहयोगियों पर बड़ा हमला कर सकता है। यह टकराव मिडिल ईस्ट ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए खतरे की घंटी है। इस वीडियो में जानिए जंग की पूरी कहानी, रणनीति और इसके वैश्विक असर।

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00:00इरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के दौरान इरान के जो सरवोच नेता है आयातुल्ला खाम नहीं उन्होंने अमेरिका को बड़ी चेतावनी दे दी है रविवाद यानि एक फरोरी को उन्होंने एक बड़े कारिक्रम को संबोजित करते हुए अमेरिकियों को कहा क
00:30इस नई अपडेट पर आज हम चर्चा करने वाले हैं आयातुल्ला खामने किस बयान को किस रूप में देखा जाना चाहिए और इसके क्या मायने हैं और क्या सच में युद्ध होगा तो युद्ध सिर्फ इरान और अमेरिका के नहीं होगा उसमें कई और देश शामिल हो ज
01:00क्या खामने कुछ ऐसा कह रहे हैं कि अगर अमेरिका का हमला हुआ तो कई और मुस्लिम देश भी इसमें कूट सकते हैं
01:07देखिए खामने सहाब जैसा कि मैंने पहले ही आपको बताया है वेबल जी कि यह दरश्सल चाहेंगे कि यह जो लड़ाई है वो अरव-इसराइल लड़ाई में तब्दिन हो जाए
01:21वो अरव इस्राइल विट्टो हो जाएं, वो हमेशा से यह चाहेंगे, क्योंकि अमेरिका इतना बड़ा भीमकार आक्षिस हैं, कि उनसे अभी लड़ना मुनासिप नहीं है, तो यह जाहिर है कि खामनाई साथ हैं, वो इसे अरव इस्राइल लड़ाई का शक्ल देना चाहते ह
01:51अगर ऐसा होता है, तो वो अपनी तरह से लीडर्शिप भी इस्टैब्लिश करना चाहते हैं, मुस्लिम वर्ड में, तो यह दो खास कारण है, कि वो खास का स्ट्रेजिकली या डिप्लोमेटिक रूप से इस तरीके के बयानाथ खामनाई साथ के और से आ रहे हैं, वेवल ज
02:21कौन कौन से देश सामिल हो सकते हैं, और किसके पक्त से शामिल हो सकते हैं?
02:51तो वो खुद इरानी हैं, तो देखते हैं कि क्या होता है, बाकि मुझे ऐसा कुछ भी नहीं लगता है, कि कोई भी देश इरान की मदद करने के मूर में हैं, इस समय हैं, जे, वेवल जी, खामनेई के भाशन में एक अंश मुझे वो भी बहुत जादा महत्मूर लगा, उनक
03:21नहीं मुझे ऐसा नहीं लगता है, यह जरूर है, डीप स्टेट तो हमेशा हर जगे सक्री होता है, मांगलेदेश से लेकर इरान तक, तो उसकी तो कोई मनाई नहीं है, पर यह कि यह पूरी तरिके से अमरीका वारा प्रायोजित था या वहां से इंटरनल सपोर्ट नहीं थ
03:51नहीं कर सकता है ना वहां की NGOs और नहीं कोई दूसरे organizations, तो यह कहना तो ठीक नहीं है, दूसरी बात है कि इरान में लगातार महिलाओं की और आम आदमी की आजादी को दबाया गया है, सप्रेस किया गया है, इसमें कोई दोराएं नहीं है, तो वहां की जंता में खासकर जो new
04:21असंतोष था और यह है कि अमेरिका की प्रतिवंदों के कारण, वहां पे महंगा ही काफी बढ़ी हुई है, बाजारों की हालत खराब है, तो ऐसे में आर्थिक असंतोष और उसका परिणाम सुरूप इस तरीके के विद्रों और सरकार की खिलाब, प्रदर्शन उन्हें एक
04:51बदला हुआ था इरान में और फिर उसके बाद ये सर्वोच नेता वाली सत्ता आई, उस इसलामिक रांती के बारे मारे दर्शकों थड़ा बहुत आप बताईए, अब देखिए ये दरसल जो इससे पहले की जो सरकार थी, जिसमें जो इरान के शाह होते थे, शुरू से ही �
05:21इसलामिक थे, अब बहुत सारे आकरमन कारी, यहां भारत पर आकरमन करने के लिए इरान से भी आये हैं, तो भारत के और उनके सम्मन्तों काफी पुराने हैं, इसके अलावा ये जो पूरी की पूरी जो सत्ता है, वो दरसल सामन्ती अवशेश था, तो एक तरीके से देखा �
05:51अब एक तरफ तो आप जो मद्यकालिन सार्शन सत्ता है, उसके खिलाफ लड़ाई रड़रे पर जो नहीं सार्शन सत्ता आ रही है, वह अगर अगर मद्यकालिन मुल्यों पर स्थापित होती है, तो उसके लेटर कॉंसेकंसेज होता हैं, जो की अभी हम देख रहे हैं, तो �
06:21इसलाम की बात करेंगे तो फिर परदे की भी बात करेंगे, वो तौमाम चीजे की बात करेंगे, जो की नई दुनिया के अनुरूप नहीं है, पर यह युवापीडी है, वो मद्यकालिन नहीं है, तो उस समय तक तो चल गया पर जो पुराने स्टाइल का जो डाचा है, जिस
06:51जो शिया लोग हैं वो एक तरीके से देखा जाए तो हैमेटिक और सेमेटिक जो दो रिलीजन होता है तो हैमेटिजम के जादा नस्दिक है सेमेटिजम के थोड़ा सा काम करी गए जे वैवर जे
07:06तेजाओ जी मेरा दूसरा सवाल है भारत और इरान के सम्मंदों के लेकर चाबहार पोर्ट बंदरगा जो हमारे लिए बहुत महतूर है और उसकी जो बहुत लंबे समय से चर्चा होती आ रही है लेकिन जो आज बजट प्रस्तुत किया गया है कि इनके सरकार के दौरा उसमें
07:36भारत ने पहले भी किया है वह खटाई में पढ़ चुका है काफी दुखा दिस्तती है और अगर यह चाबात बोर्ट भारत के हाथ में नहीं आता है तो भारत पर लिए रोजगार की संभावनाएं जो हम आगे की जो योजनाएं बना रहे हैं वो सारी की सारी खटाई में प
08:06वह वैस्टन लाइन पर चल रहा है जैसा जैसा अमेरिका और इयूरोपमें कंटरी जैसे जैसे नीधिया निर्दारित कर रहा है हम उनके ठ्रैक में आ चुकि हैं हम उनके चक्कर में आ है विनके मात परस
08:27पूरा का पूरा याद तो अमेरिका में चाहिएगा जो SU category या SU series के जो still fighter जायता है वो भी भारत खरी सकता है ताकि अमरीका को मनाया जा सके और tariff कम कर रहा है जा सके अमरीका का साफ साफ कहना है हम से हत्यार करीदो हम आप पे tariff कम कर देंगे तो इसी तरीके से blackmailing का भारत श
08:57चल नहीं खास कर जब operations इंदूर वह उसके बाद से ही कि भारत और पाकिस्तान के बीच में हालिया महियों में कुछ और sense अंगर्स देखने को मिल सकते हैं तो क्या सरकार इस और तैयारी करती हुए नहीं दिख रही है आपको अद देखिए यह मुझे कहना पड़ेगा political parties या
09:27फिर अचानक से चीन ने हम पे हमला किया और हमारी जो सुरक्षा जो समझ थी वो खत्म हुई है चीन के साथ में पाकिस्तान के साथ पर क्लैशेद बड़े हैं बाच्छीत करनी चाहिए दोनों देशों से और कोई ने कोई समाधान डूरना चाहिए और पाकिस्तान के साथ को
09:57अगर डिप्लोमेसी नहीं कर सकती है तो फिर हम कॉंस्टी डिप्लोमेट्स की बात कर रहे हैं जो की सफलता वर्वर काम कर रहे हैं फिर तो फैल्योरी हुआ ना वैबसाव जे बिल्कुल निजावत जी इस बाचीत का छोटा सा सवाल और रहेगा वो इरान को लेकर ही रहे�
10:27तो अमेरिका फिर आगे कभी नहीं कर पाएगा यह समझ मोटा मोटी मेरी है और मुझे लगता है कि ऐसा ही होगा वेलो सब्सक्राइगा
10:57की दिखाई गई है उसको लेकर भी अमने बाते की आप कल आपसे फिर मुलाकात होगी आप देखते रहिए वर इंडिया
11:02सब्सक्राइब तो वन इंडिया और नेवर मिस न अपडेट डाउनलोड तो वन इंडिया अपनाव
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