00:00पटना के शंभू गर्स हॉस्टल में नीट की तयारी कर रही छात्रा की मौत अब सिर्फ एक अपरात नहीं रही ये बिहार की कानून विवस्था पुलिस की कारेशेली और सरकार के गुड गवर्नन्स के दावे पर सीधा हमला बन चुकी है
00:15अब आखिरकार मुख्यमंत्री ने नीट की तयारी कर रही छात्रा की हत्या की जाच CBI से कराने की सिफारिश कर दी है
00:23इस फैसले से बिहार के ग्रिह मंत्री और बिहार पुलिस की शमता योग्यता पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है
00:29CBI के एंट्री का मतलब है बिहार पुलिस इस जगन्य घटना की जाच के लिए सक्षम नहीं है
00:35चलिए पूरा मामला विस्तार से जानते हैं
00:37नमस्कार मेरा नाम है रिचा और आप देख रहे हैं One India Hindi
00:4025 दिन बाद CBI जाच के सिफारिश बिहार पुलिस, SIT और तमाम प्रिशासन पर सवाल खड़ा कर रही है
00:47CBI जाच का मतलब साफ है बिहार पुलिस पर भरोसा तूट चुका है
00:52जिस राज्य में ग्रे विभाग सत्ता पक्ष के पास हो और फिर भी एक छात्रा के साथ दुशकर्म और हत्या के मामले में पुलिस शुडवाती जाच में ही भटक जाए
01:01उससे बड़ा प्रशासनिक फेलियर क्या हो सकता है
01:04ये वही पुलिस है जुसने पहले दिन से इस मामले को खुदखुशी का रंग देने की कोशिश की
01:09सबसे हैरान करने वाली बात ये है कि जब छात्रा की मौत संदिग्ध हालात में हुई
01:14तब जाच का बुन्याद नियम था पोस्ट मॉटब और फॉरेंसिक रिपोर्ट आने तक चुपी साधना है
01:19ये पुलिस को तब तक कोई बयान बाजी नहीं करनी चाहिए थी
01:22लेकिन पटना के SSP ने जल्दबाजी में नींद की गोली, बिमारी और खुदखुशी की कहानी गड़ दी
01:27डॉक्टरों के बयान मीडिया में उच्छा ले गए जबकि परिवार लगतार कहता रहा कि उनकी बेटी के साथ कुछ गलत हुआ है
01:34और फिर सवाल उठा, सबूत वाली चादर कैसे धुल गई? जिस बेड पर छात्रा बेहोशी में मिली, उस पर पड़ी चादर को द्भो कर FSL भीजा गया
01:44ये साफ साफ सबूत मिटाने की कोशिश थी, अगर छात्रा के अंडर गामेंट सुरक्षित ना होते, तो क्या दुशकर्म की सचाई कभी सामने आ पाती?
01:52FSL रिपोर्ट ने पुलिस की पूरी थियोरी को ध्वस्त कर दिया, कपडों पर सपर्म मिला, मतलब साफ है, ये खुदखुशी नहीं थी, पुलिस की कहानी खुदखुशी से हत्या और हत्या से दुशकर्म तक बदलती रही, हर मोड पर एक नया बयान, एक नया यूटन, इ
02:22आया, आरोब बेहत गंभीर लगे, कहा गया, पुलिस ने परिवार पर दबाब बनाया, कि वो खुदखुशी की थियोरी मान ले, मा का ये कहना है, कि पुलिस बिक चुकी है, सरकार के लिए सबसे बड़ा तमाचा है, अब 25 दिन बाद, CBI जाच के सिफारिश आती है, ना प
02:52ये डैमेज कंट्रोल है, आज भी अपरा आधी गिरफ्ट से बाहर है, सबूतों से छेड़ चाड़ हो चुकी है, ऐसे में क्या CBI चमतकार कर पाएगी, या ये केस भी फाइलों में दब करें जाएगा, ये मामला सिफिक चातरा की हत्या का नहीं है, ये सिस्टम के चर्मरान
03:22अपडेट्स के लिए देखते रहें, वान इंडिया हिंदी.
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