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  • 21 hours ago
कैसा होगा बजट 2026, आम आदमी को मिलेगी राहत? एक्सपर्ट्स से जानिए

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00:00ये बजट की हलवा सेर्मिनी एक ऐसी सेर्मिनी होती है जहां पर सारी परंपराएं नहां बदलती चली गई लेकिन हलवे की परंपरा नहीं बदली है और इसलिए आज तक के स्टूडियो में एक बार फिर बजट का हलवा पकाते हुए ये जानते हुए कि बजट बनाना कोई ह
00:30बदाम चिरॉन जी आप सब देखते हैं वो दरअसल इसमें जादा टेस्ट लाते हैं जादा स्वाद लाते हैं तो इस बार जो प्रधान मंतरी ने कहा है कि रिफॉर्म वाला बजट आने वाला है तो क्या ये मावा रिफॉर्म का काम करेगा रिफॉर्म वाला मावा कितना �
01:00या फिर एकदम फीका फ्लाट बजट हम उम्मीद करें जैन सिना हमारे खास मेहमान जोड आतालियों के साथ इनका स्वागर कीजिए प्रोफेसर अरुन कुमार जी है प्रोफेसर गौरव अलब जी है जो हमें बताएंगे कि आखिरकार उनकी पसंद क्या है कौन सा होगा रिफ
01:30आपको तो experience रहा है इस हलवा ceremony को attend करने का 27 तारीक को आपने देखा धेर सारे मेविक के साथ हलवा भी खाया है निर्वला सी तरमन जी ने आप सबको मेरा नमशकार और आप जानती ही है श्वेता जी कि जो बजट का हलवा बनता है और वो वितमंत राले के बंकर में बनता है
02:00जरूर आज हम लोग बातचीत करेंगे लेकिन मुझे एक चीज का इतराज है इतराज यह है कि आपने जो टैक्स का जो बनाया है इसमें आपने चीनी डाला है इसमें तो मिर्ची डालना था क्योंकि टैक्स तो किसी को पसंद नहीं है लेकिन आप सब लोग जानते हैं कि पि
02:30तब तक आपकी आमदनी 12,00,000 की नहीं है, तब तक आपको टैक्स नहीं भरना होता है, साथ-साथ ये इंकम टैक्स का तो सरली करन किया ही गया, लेकिन साथ-साथ GST में भी बहुत सरली करन किया गया, अब GST के जो 4-5 रेट थे, उनको अब 2 रेट बना दिये गया है, और इसक
03:00अब जब और सिंप्लिफाई हो गया था, टैक्स ट्रक्चर, GST भी, लेकिन अब की बार सर, क्या उम्मीद करें?
03:30तो भी इस बार काफी सरल बनाया जाएगा, उसका भी सरली करन किया जाएगा, तो मुझे लगता है कि इसी कारण थोड़ी सी चीनी जो है, हम लोगों को हल्वा में शिरख देनी चाहिए, इसी के साथ की कस्टम्स में भी बढ़िया सरली करन होने वाला है, वाह, इसको मिला �
04:00अरुन जी, मैं आपका व्यूपॉइंट चाहूंगी, क्या इस बार, क्योंकि बहुत सारे बजट आपने देखे हैं, बहुत सारों का अनुभाव आपको है, इस बार 2026 में क्या आम जनता के लिए कुछ होगा या फिर नहीं, क्योंकि टाक्स का सरली करन, तीन अब स्लाब्स
04:30होती है, तो क्या आप उमीद कर रहे हैं?
05:00किसका फाइदा पहुंचेगा? रोजगार. जब रोजगार होगा, तो लोग के हाथ में आमदनी आएगी, और फिर वो खर्च करेंगे. हमारे हाँ समस्या यही है कि बिरोजगारी बहुत जाद है. और बिरोजगारी भी चार तरह की होती है. एक तो आप काम ढून रहे हैं,
05:30तो हमारे देश में जो लेबर फोर्ट से बाहर लोग हैं, उनकी संख्या बहुत जाद है. खासकर महिलाओं की, खासकर जो शिक्षित नौजवान, इनके लिए हमें रोजगार जनरेट करना है. तो हमारा बजगेट का फोकस अगर रोजगार पे हो जाए, तो सब जनता को फ
06:00की गई है European Union के साथ, क्या उससे MSME को फायदा होगा, रोजगार जनरेट होगा, किस तरीके से ये डील हमारे एनिम्प्लॉइमेंट वाले पार्ट को बेनिफिट करें?
06:30अगर मालो इस चमच की GST कम होती है, तो हर कंजूमर को उसका फायदा होता है. दूसरी बात जो आपने में से सवाल पुछा कि रोजगार का क्या व्यू हो सकता है? और विशेशकर जो डील, Mother of All Deals, EU FTA जो हमारा अभी 27 जनवरी को साइन हुआ, तेकि तीन बड़ी चीजे उ
07:00मेला, MSMEs का विस्तार, आज रोजगार के लिए जो MSMEs जो हैंडी क्राफ्ट में है, जो जैम सेंट वैली सेक्टर में है, जो टेक्स्टाइल सेक्टर में है, उनको एक नया बजार मिला है. दूसरा, ऑपरेशन सिंदूर के बाद देश में MSMEs डिफेंस सेक्टर में बहुत �
07:30जो डिफेंस सेक्टर की कंपनिया, वो यहां पर आके को प्रडेक्शन कर सकती. तो यह तो हमारा फायदा हुआ. दूसरा, हमें बेस्ट प्रेक्टिसेज मिलेगी. यूरोप की बेस्ट प्रेक्टिसेज भारत में आएगी. एक सो चालिस करोड देशवासियों का जो बड़ा
08:00तो यह हलवे में जाना बहुत जरूरी है. क्योंकि इसे हम दिमाग जब तक नहीं बढ़ेगा तो रिफॉर्म, परफॉर्म, ट्रांस्फॉर्म का फायदा लेने वालों का भी बढ़ना चीह है और फायदा देने वालों का भी बढ़ना चीह है. अच्छली गौरफ जी, जान
08:30जब डील युएस के साथ साथ साइन हो जाएगी जब और जादा मेवा डालेगा इसलिए कम-कम अखरोट डाले हैं क्योंकि आने वाले आगे आने वाले 20-25 मिन्ट में बहुत ज़्यादा अखरोट आप डालेगा इसलिए मैं छोड रहा हूँ आपके लिए अच्छा हो रही है
09:00बिल्कुल सही है कि आपको अभी जो है विकल्प है आप चाहे ओल टैक्स रिजीम लें या न्यू टैक्स रिजीम लें और इसका लक्ष यही है कि आपको जहां फैदा हो उसका आप उप्योग करें लेकिन जैसे जैसे समय बीटता चला जाएगा मैं खुद अपनी निजी ब
09:30जो ही जाएगा क्योंकि सब लोगों को बहतर नया टैक्स रिजीम ही लगेगा कम उसमें परिशानिया है जादे एक्जेम्शन बगर नहीं है और आपका सरली करन भी है उसमें तो मुझे लगता है कि अपने आप इस तरीके से होते चले जाएगा अब मैं गौरव जी के बात
10:00चेत्र में आज की समय जब हम लोग यूरोपियन यूनियन में जब हम लोग टेक्स्टाइल अपना एक्सपोर्ट करते हैं तो हम लोगों को जो लो टैक्स रेट और नो टैक्स रेट बंगलादेश वियटनाम इन सब देशों को मिलावा था वो हम लोगों को नहीं मिलावा �
10:30जाएंगे तो हम लोगों को लेवल प्लेइंग फील्ड मिलेगा और इसका अनुमान है कि आपने जो रोजगार की बात की जिसमें टेक्स्टाइल बहुत ही लेबर इंटेंसिव एक सेक्टर है कि 60-70 लाग उतना दिखिए सबसे ज़्यादा लेबर इंटेंसिव सेक्टर टेक्
11:00किस लिहाज से हम रिफॉर्म एक्सप्रेस उसी में मुद्दे के साथ जोड़ लेता है उसको कि जैसे हम वीबी जी राम जी कह रहे हैं अभी हाला कि पार्लिमेंट में इसको लेकर खूब बवाल मचाये चाहे मनरेगा या फिर वीबी जी राम जी पर इसका अलोकेशन भी ए
11:30इसमें होगा यह अनुमान है और ज्यादा भी थोड़ा बहुत नहीं लगबक 40 30-40 परतिशत जो मनरेगा का लोकेशन लगबक 95,000 करोड हुआ था
11:40इसके खुशी में आए चिनी तो इसके खुशी इसके खुशी इसके खुशी को याद करना पड़ता है
12:01यह पर जैशी आऑ क्योंकि यह राम जी का एक्ट है तो भगवान राम का एक्ट इसफिपर को सबसे आदा नराजगी है कि आपने जो यह नाम भी रख रखा है ना सर उसपर भी विपक्ष को ऐतरा ज़ा कई लोगों को तो नाम भी याद नहीं है
12:15कई लोगों को संसद में बिल पास हो गया जो समयधानिक पत पर बैठे वे उन्होंने नाम पूचा कि नाम क्या उनको नाम याद नहीं
12:26तो ग्रामीन इंफ्रेस्ट्रक्चर को शशक्त करने के लिए 125 दिनों के रोजगार की गारंटी देने वाले अगर एक्ट का किसी को नाम याद नहीं है और वो समयधानिक पत पर बैठा है तो उसके लिए तो यही कहूँगा राम जी उसका अरुन जी से पूछ लेते नाम बद
12:56पांस पचास देर्सो ने पचास से कम बिलता था तो अब अगर आप देर्सो कह भी रहे हैं तो कोई जरूरी नहीं कि वह आप देंगे क्योंकि कुई पचास ही दे रहे थे अभी तक दूसरी बात यह कि स्टेट्स के ओपर भार पढ़ गया है 30% है अगर स्टेट्स के पास �
13:26काम बांगते थे आपको मिल जाता था अब यह है कि सेंटर करेगा कि कहां पर काम होगा कहां पर नहीं होगा और सप्लाइड हो जाएगा तो डिमांड रिवन से सप्लाइड होने में तो रूरल एंप्लॉइमेंट गारणटी का पूरा शेप ही बदल गया है और इससे लोग क
13:56जब दंडेर करें हैं तो जैसे कि रूरल एंप्लॉइमेंट गारणटी की हैं में में माईच्रो अलग है औरम समाल अलग है
14:04माइक्रो अलग है और स्मॉल अलग है मीडियम अलग है जो सारा जब बेनफिट मीडियम को मिल जाता है माइक्रो में एवरेज एमप्लॉइमेंट 1.7 का है वहां तक वो सरकार की स्कीम पहुंचती नहीं तो अगर आप इंडो यू ट्रेट डील देखें तो उसका बेनफिट कह
14:34कर देंगे तो बहुत बड़े लेवल पर जाएगा और मीडियम जहें वह बहुत ऑटमेटेड है लाज बहुत ऑटमेटेड है वहां पर रूजगार पैदा होगा नहीं तो अगर एक ऐसा सेक्टर जहां पर हमेशा कहा जाता है कि हम उतना नहीं योगदान होता है और वह स्�
15:04हम लोगों को भविश में अगर भारत को चीन के साथ, अमरीका के साथ
15:08और बड़े देशों के साथ कम्पीट करना है तो हम लोगों को
15:12अपने स्वास्त और शिक्षा, अपने human capital को और भी बहतर
15:16बनाना है और जैसे अभी अरुन जी कह रहे थे बिलकुल
15:18सही कह रहे थे कि जो मनरेगा था उसमें फैदा ये था कि वो
15:22demand driven था याने कि जो लोग पंचायत में थे जिनको काम करना था
15:27वो मांग सकते थे उनको मिल जाता था अब supply driven है याने कि
15:31top down बन गया है कि जब दिया जाएगा तब काम आएगा ये इस प्रकार कि
15:36अगर हम लोग conditional programs बनाएं जैसे मनरेगा हुआ करता था
15:40और उसको स्वास्त शिक्षा में भी लाएं कि जिस प्रकार से अगर
15:44लोग demand कर रहे हैं तब उनको जाकर पैसे में तो एक bottoms up
15:48demand driven अगर हो जाए वो स्वास्त शिक्षा में भी अगर हम लोग ले आएं
15:52जिसमें कि सिर्फ हम लोगों को पैसे न दें हम लोग पैसे ने दें अगर आपका
15:56स्वास्त बैतर है तब हम जाकर आपको पैसे दें तो उसका नाम होता है
15:59conditional cash transfer program तो सिर्फ pure cash transfer program नहीं करें
16:04conditional cash transfer काम करें तो उसमें स्वास्त शिक्षा में भी
16:08अच्छा प्रभाव पढ़ सकता है ये हम लोगों को सुचना चाहिए
16:11गौरव जी इस पर स्वास्त शिक्षा पर आपसे जाना चाहिए
16:15हर साल हम देखते हैं करोडों रुपए का आवंटन होता है
16:18स्वास्त पर शिक्षा पर लेकिन जमीनी स्थर पर वो कार्यानवित कई वजों से नहीं हो पाता है
16:23क्या इसके structure को और formalize करने की जरुवत है थाकि जो system है उसमें कहीं न कहीं
16:29जो loopholes हैं उनको patch किया जा सके जो economy में जो consumption निरंतर बढ़ रहा है
16:35वो premium products का consumption तो बरपूर बढ़ रहा है हम इसको economy भाषा में कहते है
16:40premiumization of the consumption हो रहा है पर जो mass consumption की चीजे हैं उसमें
16:47consumption उतना नहीं बढ़ रहा है तो mass consumption की चीजों में अगर consumption हमें
16:52economy में बढ़ाना है तो निश्चित रूप से इसका स्वास्त का और शिक्षा के जो budget है
16:58उसमें substantial increase करने की ज़रूरत है स्वास्त अभी बढ़ेगा सांकेतिक
17:04substantial increase करने सांकेतिक स्वास्त अभी रहेगा जब आप चीनी कम डाले है
17:09मैं तो crystals count करके डाल रहा हूँ बहुत अच्छा कर रहा है आप चम्मच से नहीं डाल रहा हूँ
17:15सिरफ इनको महसूस हो रहा है कि crystals sugar के जा रहे हैं बाकी अम डाल ले हैं
17:21आप तो जानते ही हैं कि स्वास के लिए अख्रोट बगर बादाम बगर बहुत अच्छा होता है
17:24यह भी स्वास के लिए बहुत अच्छा है और आपने बताया है और आपने बताया है
17:30जो जिन जगा पर रोजगार मिल सकता है जी राम जी में वो निर्धारित है
17:53रूरल इंफ्राइस्ट्रक्चर क्रियेट करने का एक सशक्त एक्ट है भले वो रूरल आजीवी का हो क्योंकि आजीवी का भी उसमें इंक्लिउड किया गया
18:02और अगर सौ दिन की जगा सवासो दिन की गारंटी दी जाती है तो निश्चित रूप से उसके लिए बजट्री अलोकेशन भी जादा होगा
18:10और स्टेट अगर पार्टनर करेगा तो पार्टनर्शिप होगी वेलफेर प्रोग्राम को चलाने के लिए यही जीराम जी का अब्जक्तिव है
18:20तो मुझे लगता है इस अब्जक्तिव में पॉजिटिव चीजे जादा है
18:23मन्रेगा की जो नेगेटिव चीजे हैं उनको खतम करके एक नहीं पॉजिटिव वे में उस मन्रेगा को रीकैलिबरेट करके नए एक लाया गया
18:32नेहां वो काजु का डबबा लाएं जैन जी के लिए
18:36जैन जी को मुझे लगता है मेवे का शौक है
18:39इसलिए उनको दे रहे हैं क्योंकि यह जो रक्षा का मुद्दा है उसमें बहुत उम्मीद है किवल हम ऐसा नहीं कहेंगे कि किवल जो पब्लिक सेक्टर की कंपनिया है बलकि कई स्टार्ट अप्स कई एक पूरे एको सिस्टम को तैयार करने की बात जो हो रही है उसका जो का�
19:09की जारी है कि डिफेंस का बजट और बढ़ाया जाएगा और उसके सबसे जादे इंडिकेशन इसी का रहे है आपने बिलकुल आपने सही कहा श्वेता जी और नहा जी मैं आपकी बात को दोराता हूँ कि ऑपरेशन सिंदूर के बात ये अतियंत जरूरी है कि हम लोग रक्�
19:39दों, अच्छलाक करोर से लेके 6 लाक करोर तक किया जाया, क्योंकि हम लोगों को ने वेपेंस, ने हथियार, जो है चाहिए वो ड्रोन्स हो, मिसाइल्स हो हो, हवाई-जाहज हो, फाइटर प्लेन हो, लडाकों विमान हो, ये सब जो है, इन को हम लोगों को ने सीरे से खड�
20:09के से समझती हैं कि यह ऐसा हुआ भी है लेकिन और अभी किया जाने की इस बार भी उबीद है एक और चीज है ना सब जो हमें डिफेंस पे करना है उसमें आर एंडी बहुत जरूरी है हमें अपने हतियार खुद बनाना नहीं तो हम निर्भर हो जाते हैं और उससे हमारी स्टि
20:39आज की तारीख में आम तोर पर हम कहते हैं कि रक्षा के उपर जो भी खर्च होता है वो एक ऐसा एक्सपेंडिचर है जो कुछ क्रिएट नहीं कर रहा है यह आम तोर पर एक धारना हो जाती है पर अगर देश में ही बन रहा है और धीरे धीरे हम एक्सपोर्ट भी उसको करे
21:09है चिनुक वगएरा अमरीका से आए हैं हमारे कहां है हम फस जाते हैं क्योंकि इनके बिना हम लड़ नहीं सकते तो इसलिए हमें अपना आरेंडी पे एक्सपेंचर बढ़ाना पड़ेगा हमारा एज़ नेशन पॉइंट 6% GDP का जाता है जबकि अमरीका और चीन 3% GDP का करते ह
21:39जाए गौरव जी ने भी कहा जाए जैन जी ने भी कहा कि हमें एजुकेशन और हेल्थ पे बहुत फोकस करना है क्योंकि उससे एंप्लॉइमेंट भी जनरेट होगा उससे हमारा लेबर भी प्रोड़क्टिव होगा और फिर हमारी जैन जी मैं जोड़ना चाहूंगा कि प्र
22:09इसको भी इन सबको बहुत बड़े पैमाने पे पैसे दिये जाएंगे जिसमें एक चीज शेर करना चाहती हूं जो कि हम जो एविएशन डिवेल्पमेंट ऑफॉरिटी है उसके साथ मैं एक शूट कर रही थी उसमें लेडी साइंटिस्ट थी बहुत सारी उन लोगों ने कह
22:39का बजट अगर हम रक्षा में आत्म निर्भर हो जाएं तो जो मौझूदा बजट है वो भी परियाप्त है हमारा जो में बजट है जो हम दूसरे देशों से खरीड़न खरीदते हैं उसमें चले जाता है उसमें प्रॉफिट बुकिंग्स होती है उन देशों के मैनिफेक्�
23:09करोड रुपे का MSME प्रोडेक्शन है डिफेंस एक्विपमेंट्स का आप महराष्टरा में देखिए गुजरात में देखिए ओडिसा में देखिए करनाटक में जोन्स बन चुके है जो हमारे दो सबसे में दुश्मन है चीन और पाकिस्तान चीन से हम काफी नीचे है श्व
23:39तब से उन्होंने लेना शुकिया और आज टॉप 10 में उनकी तीन उन्वरस्टीज आ गई है हमारी तो टॉप 200 में उन्वरस्टीज है तो उन्होंने एंफिसिस किया as a policy कि हमें टेक्नॉलजी डेवलप करने है उसके लिए एक स्ट्रेजिक विजन चाहिए होता है स्ट्रे�
24:09तो इंजिन टेक्नॉलजी हमको डेवलप करनी चाहिए उसके लिए नहीं तो उसके बिना तो हम एरकाफ बना नहीं पाएंगे तो इस तरह की टेक्नॉलजी पर बहुत करने की ज़रोता है अब ये सबसे महतपूर्ण क्रिशी प्रधान द्रेश है और भारत में क्रिशी की क्
24:39में बहुत कुछ मिला है और मिलेगा भी क्योंकि आप सब जानते हैं कि अगर किसान चेतर जो है अग्रिकल्चरल सेक्टर है इसको हम लोग प्रोचसान दे वहां निवेश हो तो जनता बहुत ज़्यादा इससे प्रभावित होती है क्योंकि 60-70% हमारी जनता जो है वो अभी
25:09द्वारा लोगों को सीधा कैश ट्रांसफर का प्रोग्राम कराया है हम लोगोंने सॉइल हेल्थ कार्ड के द्वारा जमीन किसमें क्या आपको लगाना है वो हम लोगोंने किया है जो फूड प्रक्यूर्मेंट ग्रेंस का प्रक्यूर्मेंट है उसमें हम लोगोंने और लो�
25:39को subsidize मिलते रहे, यह उनको मिलते रहे, uninterrupted supply of power यह देना उनको बहुत जरूरी है, number one, number two, किस प्रकार से अभी जलवायू परिवर्तन हो रहा है, climate change हो रहा है, जिसमें से हम लोगों का जो उपज है, वो थोड़ा प्रभावित होने वाला है, उससे कैसे उसको सरक्षित रखे,
26:09और करनी है, जिसमें कि हम लोग आगे भी अपनी फसल को हम लोग बनाते रहें, उसको गाते रहें, इसलिए हम लोगों को सिर्फ एक बार फसल नहीं निकालनी है, वर्षों तक फसल निकालनी है, तो इसलिए रीजेनरेटिंग फार्मिंग पर भी बहुत कुछ ध्यान दिया
26:39लेकिन एक आइडियल क्रिशी के लिए बजट कैसा हो क्या उसकी दिशा में मूव करना शुरू कर देख चुकी है देश ने अब आंदोलन भी कई देख रहे हैं किसान के आने वाले वक्त में ऐसी सिती आपकी सरकार ना देखे उसके लिए क्या पिछले 18 साल में जो MSP का दायर
27:09हर वर्ष जो MSP की इंक्रीज है वो भी अभूत पूर है पर मैं मानता हूँ कि तीन इश्यूस पे क्रिशी पे काम होना ची जैसे ये अकरोट है ये ये बदाम है ये बदाम है इस बदाम का हम उपवक करते हैं पर ये आ रहा है हमारे देश में कैलिफोर्निया से ये अकरोट
27:39से और ये किश्मिश है ये हमारे नाकपूर के किसानों से कहां से आती है इच्छल करन जी अकोला वहां से आती इसलिए सबसे पहले तो मैं ये डालता हूँ क्योंकि हमारे अन्यदाताओं का पसीना इसमें लगावा है तो एक तो वाट वी इत इन इंडिया वी शुड ग्रो
28:09के लिए जो आपने फर्माया जैन जी ने क्लाइमेट रजीलियन्स जो अग्रिकल्चर है क्योंकि अब भारत की भौगलिक परिस्तिती ऐसी है कि हम दुनिया की हर फसल हर चीज उगा सकते हैं पिर भी सर इंपॉर्टे ड्राइफ रूट की मांग से तो एक तो ये वाट वी �
28:39किसान को अकेला देखना गलत है पूरा रूरल एकॉनोमी और रूरल इंफ्रास्ट्रक्चर को एक पॉजिट व्यू देते हैं तो हमारा जी राम जी भी आता है उसके अंदर उससे भी किसान सशक्त होता है हम जब ये स्वास्त और शिक्षा का बजट बढ़ाते हैं
29:09तो इससे भी किसान के disposable income बढ़ती है वो शशक्त होता है तो ये composite view की और तीसरा जो issue जो farmers के लिए और agriculture के लिए ये है कि ये बदाम मेंने हो गया पर इसकी roasting अगर मेरे खेत के बहार हो जाए तो इसकी value addition हो जाती है अगर इसमें नमक लग जाए तो 20% इसके दाम बढ़ जात
29:39together with agri processing is the need तो मुझे लगता है कि हमने 10-12 साल में तरशी में काम किया है पर ये area है जिस पे और आगे बढ़ करने की तो इसकी असर लड़ाई दरसल इसी बात को लेकर है माली जे ये बदाम एक आपका 10 रुपे का है इसके बाद अगर ये process होगा साफ होगा इसमें नमक लग
30:09पनाया जा और उस पर अरुन जी भी और जादा बताएंगे हमें कि किसान को ही क्यों नहीं वो direct benefit टांसफर होता है जिसे हम कहते हैं कि हर बार जितने की आपकी लागत है कम से कम उतना तो मिले उसे तो उससे भी कम मिल रहा है तेखिए खृषी की समस्या क्या है खृषी में �
30:39तो मार्केट को जहल नहीं पाते हैं इसलिए सरकार का intervention वो चाहते हैं कि सरकार का intervention हो दूसरी समस्या क्या है जैसे कि गौरव जी ने कहा climate change आ रहा है उससे बहुत बड़ा परिवर्तन हो रहा है तो technology development बहुत जरूरी है देखें न जैसे आमूल ने क्या किया है कि आजकल आम
31:09जा रहा है वो सीधा किसानों को जा रहा है अब बिहार में जब अभी चुनाओ के समय सब किसानों को देख रहे थे कोई strawberry उगा रहा है कोई dragon fruit उगा रहा है सबको मालूम है कि आप traditional उससे निकल लिए इससे बहुत बहुत बड़ा फाइदा हो रहा है economy को आप देख रहे हो क
31:39अरुन जी और गॉरफ जी ने बिल्कुल सही बातें की हैं और मैं उनके साथ बिल्कुल सहमत हूँ मैं उसमें एक और बात जोड़ना चाहता हूँ वो है education का शिक्षा का क्योंकि हम लोगों को अगर भविशे में compete करना है अगर हम लोगों को बड़े-बड़े देशों के सा
32:09इस concepts भी हैं जो दूर करने की जरुवत है और शायर यही बात आप आप भी कह रहे हैं बबल सा create हो गया है उस एरिया में लोगों को लगता है कि उससे jobs जा सकती है लेकिन वाकई ऐसा नहीं है श्वेता है लोग का investment भी उस और बढ़ रहा है AI की और रुजहान भी बढ़ रह
32:39हमारा स्क्रीन टाइम है उस पर चिंता जाहिए जिस तरह का अगर आपकी उमर 16 साल से कम है तो आपको सोचल मीडिया का उप्योग करने की इजाज़त ही नहीं है लेकिन हमने बहुत अच्छा हम सबने मिलकर बहुत अच्छा
33:08हम यह बजट का हलवा बनाया है हम उमीद करते हैं कि जो आम बजट है वो भी इतना इसी हलवे जितना स्वादिश्ट होगा और मिठास के साथ आएगा ताकि हर किसी की उमीड जो बजट से जुड़ी रहती है और खास तो और पर जो युवा वर्ग है उसके लिए रोजगा
33:38है होगा बहुत बहुत शक्रिया अभी के लिए इतना ही देश और दुनिया की बाकी खबरों के लिए देखते रही है अज तक
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