00:01देश का ध्यान बजेट की तरफ होना बहुत स्वाभाविश है लेकिन इस सरकार की ये पहचान रही है रिफार्म पर्फार्म एंड ट्रांस्फार्म और अब तो हम रिफार्म एक्सप्रेस पर चल पड़े हैं
00:26बहुत तेजी से चल पड़े हैं हमारे हर निर्णे में रास की प्रगती ये हमारा लक्षा है लेकिन हमारे सारे निर्णे इंड हुमन सेंट्रिक है हमारी भूमी का हमारी योजनाएं हुमन सेंट्रिक है
00:48हम टेकनोलोजी के साथ स्परधा भी करेंगे हम टेकनोलोजी को आत्मसाथ भी करेंगे हम टेकनोलोजी के सामर्त को स्विकार भी करेंगे लेकिन उसके साथ-साथ हम मानव केंदरी व्यवस्था को जरा भी कम नहीं आकेंगे
01:14प्रदानोंती नरेंद्र मोदी ने बजट के पहले ही बजट पर एक कम से कम एक हिंट जरूर दे दिया है कि किस तरफ रुख होगा रिफॉर्म पर काफी जोर होगा अब वो रिफॉर्म क्या हो सकता है इस पर चर्चा करेंगे और आम जनता क्या चाती है वो विजौन जी बता
01:44इसको कैसे बहतर करेंगे जल्दी से सुन लिजए जिस सरकार से कोई उम्मीद नहीं उसके बजट से क्या उम्मीद हो और पिछले तमाम बजटों में देखने को मिला है यह बजट एक बटा बीस लोगों के लिए बनता है यानि पांच परसेंट लोगों के से और आज सरकार
02:14कि जिस लक्षे को लेकर के देश की सरकार पिछले 11 साल से काम कर रहे कि हम भारत को विक्सित भारत बनाएंगे और 2014 से लेकर के निरंतर आने वाला हर बजट एक के बाद उस अनुक्रम में आगे बढ़ने की पाइदान के अगली पाइदान के रुप में होता है इस बार का ब
02:44कि एक एतियासिक बजट होगा और विक्सित भारत का एक रिफॉर्म एक्सप्रेस प्राइम मिनिस्टर का रिफॉर्म एक्सप्रेस बहुत तेजी से आगे बढ़ेगा और भारत का बजट को आज के तिन में विश्य देखता है पुरा देखता है कि बारत का बजट में क्या ह
03:14सबसे इंपोर्टन चीज है कि आप जो घोष्णा कर रहे हैं वो टैंजिबल डूप से कैसे आम आदमी को मिले यह बहुत जरूरी है जैसे अभी आप प्रधान मंदरी को सुनें एक्स्प्रेस रिफॉर्म्स वो गिगिनिंग से जब से आये हैं
03:422014 से वो कह रहे हैं minimum government maximum governance तो governance में maximum ध्यान देना बहुत जरूरी है बजट में एक टांजिट की भई यह चेंज होना है
03:54insurance for example insurance sector में इंडिया is the lowest in the world in penetration हर household में insurance होना अनिवारी है
04:03health insurance, health insurance, vehicle insurance, accidental insurance, property insurance
04:10you see, आज ही कोई भी disaster हो जाएगा, हम आजमी का, खुदा ना खास्ता, he is on the street
04:17वो रास्ते पे आ जाते हैं
04:19because इतने मतलब उनके उपर unaffordable expenses आ जाते हैं, health को लेकर, you know, फिर से घर को खाते है, तो आजकल insurance की schemes बना रही है
04:29one of the pet scheme, जो प्रदान मंत्री की थी, वो प्रदान मंत्री के
04:32मेरा यह कहना है कि express reforms एक tangible रूप से दिखना चाहिए ground में
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