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आसान भाषा में समझिए बजट के कठिन शब्दों का मतलब, एक्सपर्ट जयंत सिन्हा के साथ
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00:00कर दो
00:01कर दो
00:05कर देख रहे हैं आश तक आपके साथ में निया बज़र पर हमाई
00:10इस खास पेश्टिश में आप सभी का स्वागत है और मेशा की तरह खास मेहमान जैन से
00:15आज हमारे साथ हैं जो राजनीती से तो लंबे समय तक जुने रहे हैं लेकिन आज हम
00:20पारे हैं मास्टर यानि की टीचर और वो सरल्स पर्ष्ट और बेहद आसान सब
00:25शब्दों में आपको समझाने वाले हैं कि वो जो जारगन होता है ना बजट का कई सारे
00:30मुश्किल शब्द उनका आसान मतलब क्या है और उनका इन्फलेशन में जीडिट
00:35में आनिम्प्लॉइमेंट बेरोजगारी दर ये जो तमाम वर्ड और टेक्निकल
00:40टर्म्स आप सुनते हैं वो बहुत ही आसान तरीके से जैन बाबो की क्लास में हमें समझ में
00:45आजाता है कि आखिरकार बजट कितना सरल और आसान है और यहां पर
00:50उससे समझने के लिए बहुत सारे खास मेहमान भी हमारे साथ मौझूद है यह सभी अपने सवाल भी हमसे करें
00:55करेंगे लेकिन सबसे पहले जैन सिना जी बहुत-बहुत स्वागत है आपका और हर सार कि
01:00तरह इस साल भी हमारी कोशिश यह होगी कि हम बजट को क्राक कर सकें
01:05यानि कि पिशले साल दोने भविश्वानी की थी और वो जब बजट पेश हुआ तो वह भविश्वानी तो
01:10सत्य साबित हुए एक लाइन में जैन जी बताए कि वो क्या था पहले तो आपको
01:15नेहा जी और सब यहां जो दर्शक हैं उन सब को जार खंडी जो हार और आप
01:20को याद होगा नेहा जी हम और आपने यही कारिक्रम पिछले वर्ष भी किया था और तब
01:25यही बात्ची चल रही थी कि जो बारा लाग का जो टैक्स पेमेंट का जो स्लैब है
01:30उसी पे टैक्स जारी होगा के नहीं जारी होगा और तब सब लोगों का
01:35तो बिल्कुल सटीक आपका यह फविश्मानी हुई थी और जो कुछ आपने कहा था
01:40वो सत्य साबित हुआ जब बजट पेश किया विट्ट मेंटरी रिल्मला सीता रमने लेकिन आज जैन बज़ाइब
01:45ताबू की क्लास में क्या खास होने वाला है सबसे पहले जैन जी से यही जान लेते हैं जैन जी अब बार बार
01:50हम जीडीपी का जिक्र करते हैं हर साल बजट आता है जीडीपी की बात हो जाती है 7.4
01:55इस बार प्रेडिक्टिव ग्रोथ है इसमें सरकारी खर्च का क्या योगदान होता है
02:00आप आसान से शब्दों में बताईए यहां की ओडियंस को कि दरसल यह जीडीपी का मामला है कि
02:05बिल्कुल सही निया जी और जो हम लोगों का जो पहला चार्ट है जो पहला
02:10जो आकड़ा है वो हम लोग जीडीपी के बारे में ही आपको बताना चाहते हैं क्योंकि
02:15जीडीपी का मतलब क्या होता क्या है उसे कैसे आपको समझना है देखिए ग्रोस डॉमेश
02:20यह है जीडीपी याने घरेलू उत्पादन हम लोग जब में
02:25जुल कर काम करते हैं तो हम उत्पादन करते हैं और उस पादन की संख्या कितनी
02:30हैं वो हम लोग जीडीपी कहते हैं और आज की समय अगर देखा जाया उसको अगर उसको
02:35हम लोग स्क्रीन पर देखें तो वो है तीन सो तीस लाक करोड कुल
02:40मिलाकर जो हमारे एक सो पैतालिस करोड जो हमारे सब भारत
02:45के वासी हैं हम लोग मिल जुल कर जो काम करते हैं उसकी जो संख्या है वो तीन
02:50सो तीस लाक करोड होती है उसको जीडीपी कहते हैं उसको हमारा उत्पादन
02:55कहते हैं और हर और देश के साथ मुकाबले में इसकी जब तुलना की जाती है तो इस जीडीपी
03:00के अनुसारी इसकी तुलना की जाती है इस नंबर के द्वारा ही हम लोग और देश
03:05का मुकाबला कर सकते हैं अब इसमें एक और बहुत जरूरी बात है जो समझना
03:10आप लोगों को चाहिए वह यह है कि इस जीडीपी में भागेदारी किसकी कितनी है
03:15अब जब हम लोग जीडीपी की या उत्पादन की बात करते हैं तो हर कोई को लगता है कि सरकार ही
03:20की सबसे ज़्यादा भागेदारी कर रही है सरकार का ही सबसे ज़्यादा इसमें योगदान है लेकिन ये सही
03:25ही नहीं है जब आप केंदर सरकार को लें तो केंदर सरकार का जो उत्पादन
03:30है वो करीब 38 लाग करोड है खर्चे केंदर सरकार के 38 लाग करोड है और
03:35जो राज्य हैं और जो मिनिसिपालिटीज हैं इन सब को मिलाकर अगर हम लोग देखें स्टेट अन लोकल
03:40जिसको कहते हैं उसका तिरपन लाग करोड का उत्पादन है यानि अगर तीन लाग करोड का उत्पादन है यानि अगर तीन
03:45तीन सो तीस लाग करोड में उत्पादन में योगदान देखा जाए तो
03:50ज्यादा योगदान जनता का है निजी छेत्र का है सरकार का है
03:55नहीं है और इसके साथ ये भी जान लीजी आप लोग कि सरकार के पास साधन आते हैं
04:00कहां से हैं सरकार अगर खर्चा कर रही है तो कहां से खर्चा कर रही है सरकार के बार
04:05पैसे कहां से आए कोई पेड़ से हम लोग सरकार से पैसे नहीं लाते हैं जो पैसे सरकार
04:10कर पास आते हैं वह आपसे ही आते हैं तो जो निजी छेद का जो ये ये सो की जान आते हैं
04:15योगदान हैं जो निची छेत में जो हम लोग उत्पादन कर रहे हैं
04:18जो 240 लाग करोड के आसपास
04:20से उसी में टैक्स लेकर उसी में कुछ-कुछ बेज कर लेकर सरकार
04:25के पास पैसे आते हैं और उसके द्वारा सरकार का खड़्चा होता है
04:28और एक और चीज़
04:30सरकार के जो खर्चे हैं वो अधिकांज हरदम ही घाटे में ही चलते हैं
04:34तो घाटे में ही चलते हैं
04:35सरकार के खर्चे और यह जो घाटा है जो इसका जो पूरा करना होता है
04:40वो यही निजी चेतर से यानि आपके जेब में जो आपके सेविंग्स है जो आपकी बचत है
04:45जो आप बैंक में डालते हैं वहीं से सरकार कर्ज लेकर
04:50रिण लेकर अपना खर्चा चलाती है अब बहुत इंट्रेस्टिंग पिरिमिट पर हम
04:55जाते हैं यह पिरिमिट इजिप्ट का पिरिमिट नहीं है यह पिरिमिट वो पिरिमिट है जो आप
05:00को समझाएगा कि दरसल जितने भी आम चलता है
05:05जो मिदल क्लास है और कितने करोड हाउसोल्ड है इन आम जनता और में
05:10क्लास में जो पूरे के पूरे सिस्टम में अपना योगदान देते हैं
05:15आंदनी के माध्यम से और वो जैन जी हमें बताएंगे कि इस पिरिमिट में दरसल आप
05:20जो आकड़े आपको छोड़े दिखाई दे रहे हैं दरसल वो छोटे नहीं है वो सबसे बड़ा सेक्शन वो
05:25सबसे बड़ा वर्ग है तो हमें अगर समझना है कि यह जो दो सो चालीस लाग करोड़
05:30का उत्पादन हुआ यह एकनॉमिक एक्टिविटी हुई तो किस ने कितना किया
05:35तो इसमें जो है कि भारत की विभंता को अगर हमें समझना है भारत के डाइवरसिटी को समझना है
05:40तो आपको जानना होगा कि भारत के अगर लोगों को समझादा है तो उनको तीन वर्ग है
05:45परगों में समझना जरूरी है पहला जो है उसको हम लोग ग्लोबल क्लास कहें जो ग्लोबल क्लास
05:50है और उसकी जो संख्या जादी नहीं एक करोड़ घर है जो अब बढ़के चार क्लास
05:55करोड़ हो गया है फिर मध्यमवर के लोग हुए जो मिडल क्लास हुआ जो तीन वर्ग क्लास
06:00करोड़ ऐसे घर थे अब 6 करोड़ घर हो गया है व्रिधी काफी आई है
06:05मिडल क्लास का दाइरा बढ़ा है यह डबल हो गया है पिछले कुछ दस वर्षों में
06:10और फिर जो आम जनता है उसके करीब 22 करोड़ घर है अब भी
06:15करीब लगबग 22 करोड़ घर है तो यह जो है अगर हम लोगों को भारत का जो उत्पाद
06:20जो निजी छेत्र याने प्राइवेट सेक्टर लोगों के द्वारा हो रहा है उसे समझना है कि इसमें भी
06:25तीन वर्ग हैं जो एकदम टॉप वाले जो लोग हैं जो ग्लोबल लोग हैं जो एकदम दुनिया में गुम
06:30होते हैं फिरते हैं वगर वगर उनकी संख्या करीब 4 करोड घरों की है तो इनकी संख्या बढ़ना है
06:35पॉजिटिव संख्या बहुत पॉजिटिव है क्योंकि इन लोगों की आमदनी जो एकदम टॉप वाले जो लोग हैं
06:40इन दोनों की इनकी आमदनी जो है वो हर वर्ष 15 लाग से ज्यादा है
06:45हर महीने वो एक लाग से ज्यादा कमाते हैं यह एकदम हमारे टॉप के लोग हैं ग्लोबल हमारे जो क्लास हैं
06:50फिर हम लोग जो मिडल क्लास पर जो आते हैं वो मिडल क्लास जैसे मैंने कहा आज की समय करीब
06:55चैक करोड घर हैं ऐसे चैक करोड घर में जो है करीब नौ लाग
07:00साल आना इन लोगों का है खर्चा है कमाई है इन लोगों की तो यह करीब
07:05नौ लाग पे हैं यानि कि आप समझे कि हर महीने सतर असी हजार इनकी आमदनी है
07:10और फिर उसके नीचे सब जनता क्लास है जिसमें जनता में आप 10,000, 20,000, 30,000
07:15लोगों की आंधनी होती है तो यह जो पहला पिरमिड आप देख रहे हैं यह 2014-15 के आकड़े हैं
07:20दूसरे पिरमिड 2022-23 के आकड़े हैं लाग भग तीन साल पहले के आकड़े हैं लेकिन कुल में
07:25के लाकर अगर मोटा मोटे हम समझें तो अभी भी यही आकड़ा जैन जी बनाओगा थोड़ा बहुत
07:30चड़ाव इसमें हो सकता है लेकिन इसमें फोकस इस बात पर रहेगा कि कैसे
07:35आपका ग्लोबल क्लास बढ़े और कैसे आपकी आम जनता घटे यानि कि आपके जो इंकम
07:40लेवल्स है और राइजों जो है जो लोगों का जो विकास का
07:45करना लोगों को आगे बढ़ना यह जो डाइनामिजम है हम लोग बजट के द्वारा
07:50और नीतियों के द्वारा यह डाइनामिजम इस मुबिलिटी को हम लोग हर दम बढ़ावा देना है
07:55चाहते हैं और हमारी कोशिश यह है कि सब के सब जो लोग है वह इदम टॉप क्लास पर आजाएं
08:00और ग्लोबल क्लास में आ जाएं जो लोग निचले सर पे हैं आम जनता में हैं वो लोग है
08:05मिडल क्लास में आ जाएं और मिडल क्लास की संख्या बढ़ती चले जाएं तो विकास यात्रा का यही मतलब
08:10है विकास यात्रा का मतलब यह नहीं कि हम लोग बड़ी जीडीपी की कोई बात करें विकास यात्रा
08:15का मतलब है कि हर कोई व्यक्ति हर कोई घर आप लोग याने की आप लोग आगे
08:20बढ़े आपकी आमदनी बढ़े आपकी कमाई बढ़े यह शिफ्ट बहुत ज़रूरी है
08:25बटम अधर परिमिद से टुट आप अगली अधर करो
08:30करते हैं और जानते हैं कि कैसा दिखता है आज का भारत यानि कि हम कैसे कैटेगराइज कर रहे हैं
08:35ग्लोबल क्लास मिडल क्लास आम जनिता यह दरसल आपकी इनके
08:40इनकम लेवल्स पर डिपेंडेंट है और अगर आपकी सलाने इनकम तकरीबन पंद्रा लाक रुपए है
08:45इस पर सबसे पहले जहन जी बताइए कि अगर पंद्रा लाक रुपए इनकम है तो यह कैटेगरी किन लोगों की
08:50बिल्कुत सही और यह सब जो डेटा जो है यह थरो एक बहुत अच्छी डेटा कंपनी है उन्होंने ते
08:55प्यार किया है और उनको हमने सपष्ट कहा कि अगर हमको ग्लोबल क्लास मिडल
09:00और आम जनता को दर्शाना है तो किसके द्वारा किया जाए मतलब
09:05ऐसे लोग हों जिनको आप देखे हैं बोले कि हमको समझ में आ गया तो इसलिए अगर आप ग्लोबल क्लास को समझ
09:10चाहते हैं उन लोगों को समझना चाहते हैं जिनकी आई जो है जिनकी इंकम जो है
09:15वो एक लाग से ज्यादा है मतलब सालाना करीब पंद्रह लाग है तो ये कौन से
09:20लोग हैं अब आप सुचिए कि कोई आई टी एंजिनियर हैं बेंगलूरू में जिनके पास
09:25तीन बेडरों का घर है गाड़ी है एक कंडिशनर है पासपोर्ट है
09:30विदेश जाती है ऐसे अगर आप व्यक्ति को संचे समझे इनको बहुत को आप लोग जानते ही होंगे
09:35ऐसे लोग जो हैं ये लोग गलोबल क्लास में हैं ये एक दम उच श्रेहनी वाले लोग हैं
09:40ये इस टाइब के लोग हैं इनको आप पहचानी है जैसे हम लोग ने कहा कि आज के समय करीब चार करोड़
09:45ऐसे हाउसोल्ड़ हैं चार करोड ऐसे हाउसोल्ड़ है और इसमें
09:50हेल्थ लाइफ इंशनरेजन का हो रखा हैं के पास क्रेडिट कार्द हैं दी मैट खाता है म्यूच्वल फंज है
09:55आदुने कोप कर रहे हैं गैजेट्स और एक से जादा विदेश यात्रा सलानी करते हैं
10:00पर आते हैं मिदल क्लास यानि कि वो लोग है जिनकी सालाना आये तकरीबन नौल
10:05लाक रुपए है इनको कैसे कैट्गराइज किया बिल्कुल सही यह जो नंबर है नौ लाक इस पर ध्यान दीजे
10:10जो मध्यमवर के लोग हैं मिदल क्लास के लोग हैं इनकी तनका अब जो है सालाना नौल
10:15लाक है और जैसे हम लोग ने पहले ही बात कि नेहा जी अब इनको टैक्स नहीं देना पड़ता है अब
10:20जो किसान वर्ग है उसकी बात कर लें सालाना आये तकरीबन 6 लाक रूपे इसमें
10:25कौन लोग शामिल है इसमें देखी जैसे मैंने इसमें जो धारन आप लोगों के सामने रख
10:30है वह जारकन का एक परिवार है जहां धान की खेती लोग करते हैं अब
10:35कोई शायद बड़े शहर में कोई काम कर रहा है इससे थोड़ी बहुत उनकी तनका उनको मिल रही है लेकिन
10:40अभी भी सरकार की जो कल्यानकारी योजनाय है ये इनके लिए बहुत ही महत्वकून है
10:45और इनके साहरे पे इन लोगों की जिन्दगी चल रहा है अब डिरेक्ट बैंक ट्रांसफर जिन लोगों को जा रहा है बिल्कुल सही है
10:50अब कहां खर्श करते हैं भारतिया आपको जानका रहरानी ने होगी
10:55ज़्यादा खाने पीने पर खर्श किया जाता है 27 श्रमलव 9 फीजदी भारतिया सबसे ज़्यादा प्रश करते हैं
11:00से जादा खाने पर 27 श्रमलव 9 फीजदी उनकी टोटल आंधनी का खर्श वहीं जा रहा है
11:05इसमें बाहर खाना पीना और घर का बजट दोनों शामिल है बिलकुल सही
11:10और अगर हम लोग यह तीनों वर्क को देखें ग्लोबल क्लास को देखें मिडल क्लास को देखें जनता को देखें तो
11:15इन सब का जो खर्चा जो सबसे बड़ा खर्चा है वो है खाने पीने का खर्चा
11:20तो इस खाने पीने पे बहुत ज़्यादा लोग को खर्चा करना पड़ता है
11:25ट्रांस्पोर्ट पे भी काफी खर्चा है जिसपे की सतर परसेंट यानि गाड़ी वाड़ी चलाने का जो खर्चा है उस
11:30पे है शिक्षा पे भी खर्चा है साड़े पांच साड़े चार परसेंट इधर का खर्चा है
11:35और फिर हाउजिंग पानी वगरे जो भी बिजली बिजली आप देती है यह आपका बड़ा खर्चा है
11:40कम खर्चा कमिनिकेशन पर है हाँ उन तब टेलेफोन वगरे जो आज कल काफी कम बहावते हैं
11:45अब बात करते हैं महिंगाई की यानिकी इंफलेशन दर और
11:50कम दो अजार तेरा के अगर आक्रे ले ले तो 9.9 की दर से अब दो जार पच्चा
11:55पच्चिस में 4.6 पर आ गए हैं यह कैसे हुआ क्योंकि लगातारी का
12:00आ जाता है कि डिमांडन सप्लाइव जार तर इंफलेशन को तेह करती है तो अब इस
12:05को किस तरीके से आप देखते हैं यह जो है महंगाई का दर सबसे ज्यादा
12:10यह लोगों को चूपता है तो इस पे सरकार बहुत ध्यान देती है और मैं आपका ध्यान
12:15आक्रिष्ट कराऊंगा कि जब हमारी सरकार यानि भाजपा की सरकार नहीं थी तो आप देखें
12:20देख रहे हैं कि जो महंगाई का दर है वो दस परसंड के आसपास चल रहा था तो इससे लोगों
12:25को बहुत तकलीफ हुई और जब भारतिय जंदा पार्टी याने प्रधानमंत्री शीन नहीं
12:30मौदी जी के सरकार बनी उसके बाद से हम लोगों ने महंगाई के दर पे लगाम लगा
12:35अगला आखड़ा हम ले लेते हैं जिसमें इंफ्लेशन इंडेक्स वेज इंडेक्स और ग्रामीड वेज
12:40तीनों शामिल है यह थोड़ा सा कॉंप्लिकेटेड सा दिख रहा है लेकिन मुझे पता है
12:45कि आप जैसा जो मास्टर है से आसान शब्दों में हमाई जनता को भी बता देगा
12:50और खास तोर पर उन लोगों जिनको हमेशा महंगाई सरकचोड़ती है अब चाहें वो होलसेल फ्राइट
12:55प्राइस इंडेक्स हो या रीटेल फ्राइस इंडेक्स हो बिलकुल सही देखिए हम लोगों को सिर्फ महंगाई का
13:00दर नहीं देखना है तो आपका अगर खर्चा सो रुपे हो रहा था वह सो रुपे से 120
13:05रुपे हो गया है तो महंगाई हुई है आपको लगा है कि हम लोगों को जाके बजार में जादा
13:10खर्चा करना पड़ा है लेकिन सिर्फ महंगाई के दर को आप मत देखें आप
13:15यह भी देखें कि आपकी कमाई कितनी बढ़ रही है अगर कमाई जादा तेजी से बढ़ रही है
13:20महंगाई से ज्यादा तेजी से बढ़ रही है तो अगर आपको बजार में जाना हो तो पहले जो
13:25आप सो रुपय का खरीदत भले आप एक सो बीस रुपय का खरीद रहें लेकिन आपके जेव में एक सो पचास रुपया
13:30तो महंगाई का दर अगर ज्यादा बढ़ा है लेकिन जो आपकी कमाई हो उससे
13:35ज्यादा बढ़िये तो अभी भी आप अपने को आगे बढ़ते वे नज़त कर देख सकते हैं
13:40पर कुछ audience questions है मैं चाहूंगी कि माईक उन तक पहुंचाया जाए आपका सवाल क्या है
13:45नमस्कार सर शर जैसे कि विग्वान बहुत प्रभाव शालिया आजकल तो उसका प्रभाव मद्ध्यम वद्ध्ध
13:50कि जनता के रोजगार पर ना पड़े इसके लिए सरकार क्या गदम उठा रही है बिलकुल आपने सही प्रशन पूछा हम
13:55सबको मालूम है कि आज के समय टेकनालोजी बहुत तेजी से बढ़ रही है और सबके
14:00लबजों पर यही शब्द है आर्टिफिशल इंटेलिजेंस कहीं ऐसा ना हो कि आर्टिफिशल इंटेलिजेंस
14:05के द्वारा रोबोट वगरे जो हैं कंप्यूटर जो हैं वह इतना बढ़ियां काम करने लगा है
14:10कि हमारी नोकरी ही चली जाएं यह सब की चिंता है क्या यह बहुत ब्रहम है मेरा भी यह सब
14:15कि महस ब्रहम है क्या यह गलत है इसके बारे में आप लोगों को चिंता है
14:20नहीं करनी चाहिए चिंता आपको इस पर करनी चाहिए कि हम अपने स्किल्स को
14:25अपनी चमताओं को बढ़ा रहे हैं और उनको एकदम हम लोग नए तरी
14:30से बहतर बना रहे हैं कि नहीं इस पर आपको चिंता करनी चाहिए यह नहीं कि मेरी
14:35जॉब जो है वो जाएगी कि नहीं जाएगी क्योंकि वास्तव में अगर हम लोग जाकर देखें कि जब बिजली आई
14:40तो रोजगार कम हुआ जब कंप्यूटर आए
14:45तो रोजगार कम हुआ नहीं उसी प्रकार से जब बड़ी चेंजिंग जो टेकनॉलिज
14:50जो आती है गेम चेंजिंग टेकनॉलिजी आती है जैसे आर्टिफिशल इंटेलिजेंस तो रोजगार
14:55कम नहीं होता है लेकिन बदल जाता है
14:57एक और सवाल हम इदर से लेंगे ओडियन से
15:00मेरा सवाल आप से ये रहेगा जो हमारी जनरेशन है वो ज्यादा जॉब की तरफ क्यों जाएगा
15:05रही आंट्रेप्रेशन की तरफ क्यों नहीं जा रही बहुत अच्छा आपने प्रशन पूछा और आदर ने प्रधान
15:10मंत्री जी हर्दम यही कहते हैं कि जॉब सीकर मत बनिये जॉब सीकर
15:15मत बनिये पर जॉब क्रियेटर बनिये और जो अंट्रेप्रेशन हैं और हमारे ऐसे बहुत
15:20अच्छे अच्छे ऑंट्रेप्रेशन हैं जिन्होंने बड़ी बड़ी कंपनियों को बनाया है जैसे कि
15:25फ्लिप काट ले लीजिए जैसे जोमाटो ले लीजिए जैसे नाइका ले लीजिए ऐसे
15:30इसी बहुत सारी कंपनियों से जो हमारे ऑंट्रेप्रेशन ने बड़े तेजी से खड़ा किया है हजारों
15:35लाखों लोगों को उन्होंने रोजगार दिया है और मुझे पुरा विश्वास है कि आप भी एक ऐसी कंपनी बनाएगा और जित
15:40जितने आप लोग अंट्रुपरनोर्शिप में जाईएगा जितने आप स्टार्ट अप खड़ा करिएगा उतना हम लोग आप
15:45खुट पोच सहान देंगे और हम लोग दे भी रहें इसमें भी बहुत सारी अच्छे ची नीतियां बनी हैं और आज के समय
15:50मैं आपको बता दूँ कि विश्व में विश्व में थर्ड लाजिस टार्ट अप
15:55पीको सिस्टम अब भारत का है हम से आगे सिर्फ अमरीका और चीन है इसलिए जिसको अन्ट
16:00करना है उन सब को मैं बिल्कुल उनको सहयोग दूँगा उन सब को प्रोचाहन दूगा
16:05कि बार जोर्दा तालियां हो जाएं हमारे जैन सर के लिए कि हर बार बज़ेट बेड़
16:10के हद सरली करण के साथ जैन जी लेकर आते हैं यह इनकी खासियत है और बहुत ही सकरात्मक सोच
16:15रहती है चाहें वो अनिम्प्लॉइमेंट हो रोजगार मिलेगा यह नहीं कहा हमारा ग्लॉट
16:20ग्लोबल क्लास बढ़ रहा है हमारा जो लोवर मिल्डल क्लास है या फिर या फिर या
16:25लोग लास है आम जनता है वो कम हो रहा है और कैटेगरी में उस पिरिमिंड में दरसल
16:30उन्हें ने समझाया कि हमें उपर बढ़ रहे हैं यह बहुत ही पॉजिटिव चीज़ है हिंदो
16:35दोस्तान के लिए हमारी आर्थ्यवस्ता के लिए तो बहुत बहुत शुक्रिया जेन जी इस क्लास के लिए इस एपिसोद
16:40मेरे साथ अभी के लिए बस इतना ही लेकिन जैन बाबु की क्लास एक खास सीरीज बजट पर हमारी खास पर
16:45तेशकर्ष रोजाना आप सारे चार बजे देख सकते हैं सर्फ आज तक पर
16:50आज तक तेशका स्वाश्रेश न्यूस चनल
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