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  • 2 days ago
रांची में आदिवासी एवं ग्रामीण आजीविका सशक्तिकरण विषय पर एकदिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया.

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Transcript
00:00I don't want to eat the food in rural and urban.
00:03It's not easy to eat.
00:05is
00:10Thank you very much.
00:15OPTAlfair को Promote करने के लिए हमें जो चीजें हो रही हैं उनका
00:20What should we do?
00:22What should we do?
00:24How should we build it?
00:25What should we do?
00:27What should we do?
00:29What should we do?
00:30What should we do?
00:32What should we do?
00:34What should we do?
00:35What should we do?
00:37What should we do?
00:39What should we do?
00:40What should we do?
00:42What should we do?
00:44What should we do?
00:45What should we do?
00:47What should we do?
00:49What should we do?
00:50What should we do?
00:52What should we do?
00:54What should we do?
00:55What should we do?
00:57What should we do?
00:59What should we do?
01:00What should we do?
01:02What should we do?
01:04What should we do?
01:05What should we do?
01:07What should we do?
01:09What should we do?
01:10Two-third rural area
01:12Non-agriculture activity
01:14से आ रही है
01:15One-third जो है वो एग्री कल्चित से आती है
01:17तो ऐसा नहीं है कि जो modernization है
01:20जो service sector है जो industry है वो रूरल में नहीं आई वो अर्वन में ही रही
01:25बास्तव में रूरल एरिया में एंडास्टी का ग्रोथ अर्वन एरिया से आप ज्यादा आ रहा है
01:30अर्वन एरिया में तो जगे नहीं है इंडास्टी लगाने की
01:33तो इंडास्टी जो है वो दूर जाने की
01:35रही है अर्वन एरिया से लैंड की वेलेविल्टी है और सारे इश्यूज है
01:40तो रोड इंफ्रस्ट्रक्चर बनने से जो पहले इंडास्टी और इंवेस्टमेंट का द्याद
01:45हमने तो अर्वन में ही रहना है वो नहीं है अब क्या है कि आप रांची से सो किलोमेटर
01:50भी कोई अपना दंदा शुरू करना चाहते हैं अब डेड़ गेंटे में महां से वाद
01:55आप डाउन कर सकते हैं तो रूरल का जो एक पुराना इमेज होता है
02:00वो अब नहीं है मैंने यह पताने की कोसिस की कि हम सहर को गाओं बनाएं गाओं
02:05को जहर बनाएं से ज़्यादा जरूरी है कि दोनों का अपना एक पैलल एको सिस्थम है उसको मेंटेन करें
02:10और जो जरूरी सुविधाय हैं अगर हम उसको गाओं तक ही पहुंचाते हैं जिसमें की इस ऑफ लिविंग
02:15इसमें की स्वास संबंदी सुविधाय हैं जो हैं वो मेल जाएं उनको एकनॉमिक अपोजिश्थ
02:20मिल जाएं लोग सहर क्यों जाना चाते हैं रुजगार की तलास में अवसर की तलास में
02:25वो मिल जाएं और तीसरी एक बहुत बड़ी महत पहुंच चीज है मैं मानता हूँ कि एक एक्स्पोजर है जिसके लिए भी कई दफिश्थ
02:30लोग जाते हैं कई दफिश्थ लोगों को लगता कि गाउं में कुछ चीज़ें नहीं है ओवराल एक्स्पोजर के टम स्विच्च विकेज
02:35कहते हैं कि seeing is believing जो आप देखते हो वही सीखते हो तो गाउं को आप मेरे भर बनाने की जरू होता है
02:40और वह अगले दिन बन तो नहीं जाएगा वहां फैक्ट्री अगले दिन तो नहीं लग जाएंगे तो हम कैसे उस उसको
02:45proximity के साथ यानि कई दफ़े अगर हम बहतर ट्रांस्पोर्ट सिस्टम ले आते हैं तो हो सकता है कि
02:5060-70 km की दूरी तक के गाउं के लोगों को सहरों में आने की दर्कार नहीं पड़े कि कम खर्चे में
02:55तो गाउं में रहेंगे और बहतर अगर रूट कनेक्टिविटी हो जाए कोई मेगा रेल जैसी प्रोजेक्ट आजाए मैट्रो जैसी कोई प्रोजेक्ट
03:00तो उससे ओवराल डवलप्मेंट भी होता है
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