सवाईमाधोपुर. जिलेभर में मंगलवार को मौसम ने एक बार फिर पलटा खाया। सुबह से ही ठंडी हवाओं ने सर्दी का असर बढ़ा दिया और आसमान पर काले बादलों की परत छा गई। धीरे-धीरे बादलों की गर्जना तेज़ होती गई और कई इलाकों में बिजली की गड़गड़ाहट के साथ झमाझम बारिश शुरू हो गई। बारिश ने ठंडक को इस कदर बढ़ा दिया कि लोग घरों में दुबकने को मजबूर हो गए और दिनभर ठिठुरन बनी रही।
जिला मुख्यालय पर अलसवेरे से ही मौसम सर्द बना रहा और आसमान में बादल छाए रहे। सुबह करीब आठ बजे थोड़ी देर बारिश हुई। इसके बाद बारिश का दौर थम गया लेकिन फिर पौने ग्यारह बजे बारिश शुरू हुई। करीब दस बजे तक तेज बारिश हुई। इसके बाद रिमझिम बारिश का दौर चलता रहा। ऐसे में दिनभर मौसम सर्द बना रहा। जिला मुख्यालय पर मंगलवार को अधिकतम तापमान 22 डिग्री व न्यूनतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया।
दिनचर्या पर पड़ा असर
मौसम की इस अचानक करवट ने आमजन की दिनचर्या को भी प्रभावित किया। सुबह से ही बाजारों और गलियों में रौनक कम हो गई। सुबह दुकाने देरीे से खुली। शाम को भी लोग जरूरी काम निपटाकर जल्दी घर लौट गए। बच्चों और बुजुर्गों को ठंडी हवाओं ने परेशान किया तो मजदूर वर्ग को कामकाज में दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
ओलो से फसलों में नुकसान की आशंका
बेमौसम बारिश से किसानों के लिए आफत बनकर आई। चौथकाबरवाड़ा और आसपास के क्षेत्रों में चने के आकार के ओले गिरने से खेत-खलिहान सफेद चादर में ढक गए। गेहूं, चना और सरसों जैसी फसलों पर नुकसान का खतरा मंडराने लगा है। खेतों में खड़ी फसलें ओलों की मार से झुक गईं और कई जगह पौधों की पत्तियां टूटकर बिखर गईं। किसानों का कहना है कि यदि मौसम का यह असर कुछ और दिन बना रहा तो उत्पादन पर बड़ा असर पड़ सकता है।
बिजली गर्जन के साथ हुई बारिश
भाड़ौती क्षेत्र में भी मेघ गर्जन के साथ बारिश हुई। यहां ग्रामीणों ने बताया कि सुबह से ही ठंडी हवाओं ने सर्दी का असर बढ़ा दिया था और बारिश ने इसे और तीखा कर दिया। मौसम की यह करवट फसलों के लिए नुकसानदेह साबित हो सकती है। उधर, मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के असर से जिलेभर में बारिश और ओलावृष्टि की संभावना बनी है। विभाग ने किसानों को सतर्क रहने और फसलों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने की सलाह दी।
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