00:00जो विवाद चल रहा है अभी मुक्तिश्वरानन्ज शंकर अचार्य जी का मैं उस पे कुछ कहना चाहती हूँ और हमारे अखाडे की एक महामनलिश्वर ने उस पे कुछ टिपनिया करी हैं जो हम उससे दूर हैं उनका परसनल होगा कि नर अखाडे का कोई विचार विमर्ष �
00:30सही कहती हूँ ना गलत कह रही हूँ पर जिस तरीके से प्रशाशन को यह हैंडल करना चाहिए
00:36था सरातन की खिंगिंगी नहीं उड़नी चाहिए सनातन ध्रम को बड़े सम्वीदन शील तरीके से सबको समाल कीinaire उसंत हो चाहै
00:46प्रशाशन हो चाहे पुलीस हो एक बात का दुख लगा कि बुटक ब्राम्हनों का शिखा पकड़ के खीची गई इस पे हमें भी नाराजगी है पर अगर कोई किसी की प्रमपरा पर उंगले उठाए तो हमें बड़ा दुख होता है इसलिए हम यमाई ममता नर्यूंदगेरी �
01:16नर्ने लिया है वो भिन्य भिन्य टिपनिया करके बीच में भी बहुत बवाल हुआ था तो हम बवाल नहीं चाहते हम किन्नर अखाड़ा है हमारे अखाड़े में महिला है पुरूशे सभी लोग हैं और हम चाहते हैं कि सब धर्म पे चलें ना विवादों में फसे
01:38और इसके लिए मैं कहना चाहती हूं कि अभी मुक्तेश्वरा नंजी जो अपने आपको शंकर अचारे जी कहते हैं वो वो अपना काम जाने पर हमारा अखाड़े से कोई टिपनी नहीं है
01:55इसलिए जो बार-बार टिपनिया करके भ्रहमित करते कि किन्नर अखाड़े की टिपनी नहीं है और इसके लिए हमने उनसे दूरी बना ली यह सब को मालूम हो जैश्री महकाल ओम्नमुनारायन
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