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  • 2 weeks ago
केंद्रीय बजट पेश होने से पहले झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष ने बजट में राज्य में नए फैक्ट्री लगाने की मांग की है.

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00:00केंद्रिये बजट को लेकर सबकी निगाहें ठीकी हुई हैं, आगामी एक फरवरी को केंद्रिये बित्व मंत्री निर्मला सिटारमन जी इस बजट को पेस करने वाली हैं, जाहिर तोर पर सबकी निगाहें इस ओर है कि आखिर इस बजट में क्या कुछ होगा
00:15जाहरखन चेमर ओफ कॉमर्स ने भी सुझाब भेज़े हैं, हम सीदे जानते हैं चेमर ओफ कॉमर्स के अध्यक्ष अधित मलहोतरा जी से कि आखिर जो आम बजट जो आ रहा है उसको लेकर के आप लोगों ने क्या सुझाब भेज़े हैं
00:30सर्फ प्रथम तो ETV का धन्यवाद, मानिय फाइनेंस मिनिस्टर को जाहरखन चेमर ओफ कॉमर्स ने बहुत एक विरहद सुझाव की लिस्ट भेजी है
00:43दिखें जो हमारे मानिय जो प्रधान मंत्री हैं, उनका मंतव्य है कि विक्सित भारत 2047, इसके तहट जितने भी पूरवती राज्य हैं, वो ग्रोथ इंजिन की रूप में आएंगे, तभी जो है पूरे देश का जो एवरेज है और जो सपना है विक्सित भारत का पूरा हो
01:13भूमिकार निभा सकता है, हमारी जो सुझाव गये हैं के इंदर सरकार को, वो है कि हमारे राज्य में दो और स्टील प्लांट्स की स्थापना हो, डिफेंस और रेल्वे के बड़े सेहत्र लगे, जिसके तहत एक बहुत बड़ा एको सिस्टम तियार होगा, बहुत सारे एं
01:43जावा हो, कैसे नए एक्सप्रेस वेज आएं, कैसे यहां कॉम्मिनिकेशन बढ़ें, और जारकन में एक स्पेशल एकनॉमिक जोन की स्थापना हो, एक डिफेंस कोरिडॉर हो, फार्मा के एक कोरिडॉर बनें, और ऐसे हमारे बहुत सारे सुझाव गये हैं, जिससे यहां क
02:13Central Government का जो सोच है, कि कैसे जो पुर्वती राज्ये सब बढ़ें, उसमें यह सब जो चीजे आने से ही राज्ये का विकास होगा, हमारी और भी Agriculture को भी क्योपर भी हमारे सुझाव गये हैं, कि कैसे यहां पर जो है नए नए जो Agriculture बढ़ाने के जो जैसे वर्टिकल फार्मिंग
02:43और जो Sunrise Sectors है, जैसे Genomics हुआ, Artificial Intelligence हुआ, Space Economy हुआ, इन सब विश्यों पे भी जारकंड को एक बजट में विशेश प्रावधान हो, साथी साथ हमारा जारकंड जो है, इसमें बहुत बड़ा एरिया जो है, वो Forest एरिया है, जिससे हम लोग पूरे देश को इस Forest को मेंटेन कर
03:13जारकंड को सरकार को उसके लिए कोई विशेश पैकेज देना चाहिए, क्योंकि ये जिससे कि हमारा राज्य जो है, हमारी इन संसाधनों को, जो हम लोग उपियोग नहीं करते हैं, जिससे परियावरन और ये सब चीज बचे रहें, इसके तहत में उसके लिए
03:33कॉम्पेंसेटरी पैकेज भी हमारे राज्य को मिलना चाहिए, अधिक जीप, हाल के दिनों में, जैसे जी स्लैब चेंज हुआ, तो अचानक से ये बाते उठने लगी कि राज्य पर दबाब बढ़ेगा, क्योंकि उनका स्लैब जो है, उसमें भी चेंज किया गया है, इसके
04:03देना पड़ेगा, जाहिए तो पर ये एक बड़ा सवाल उठने लगा है, हर स्टेट से कि राज्यांस जो है, वो बढ़ेगा, तो उन पर दबाब स्टेट पर पड़ेगा, ऐसे में क्या लगता नहीं है कि जो कंपनसेशन की जो लगातार जारखन मांग करती रही है, चाहे
04:33रूप में दिया जाए, खास करके जारखन की जड़ी बात करें, चुकि जारखन में हम लोग चेमर ऑफ कॉमर्स से प्रपोजल भेजे हैं, तो इसको आप किस रूप से देखेंगा, देखिए ये बात जो आपने कही ये बात तो सत्य है, हमारे राज्य में कैसे मैनिफेक्�
05:03कहने का ये अर्थ है कि हमारे राज्य से जो हमारे जितने भी जो खनिच संपता है या और जो भी चीजे हैं, वो अन्य राज्य में जब जाते हैं, तो इसमें जो GST का जो input है, तो जैसे अगर 18% है, तो 9% जो है GST, जब हम लोग अपने राज्य से दूसरे राज्य में कोई
05:33चीजों का इस्तमाल हम लोग करते हैं, जो कंदम्शन है, उन पे अधारत उद्योग कैसे लगे, फर्च करिए आपका हमारे राज्य में फर्च करिए अगर आप फूर्ट प्रोसेसिंग का देखें, नेसले का देखें या किसी का, तो अगर हमारा राज्य में उसकी खपत है
06:03कोशिश यह है कि जारकंड एक मैनुफेक्चरिंग हब के रूप में आए, और उसमें मुख्यत यहाँ पर जो मैनुफेक्चरिंग हो, हमारे प्रदेश में ही उसका कंदम्शन भी बढ़े, और साथी साथ हमारे प्रदेश से कैसे अधिक से अधिक निरियात बढ़े, निरि
06:33मिलता है, तो हमारे राज्य में जो हमारे खनन से जो अफसर पैदा होते हैं, वो खनन अधारित उद्योग, यह हमारे प्रदेश में लगने चाहिए, जो यह यह बात लेके हम लोग ने केंदर सरकार को भी अपना मनतव्य भेजा है, कि कैसे जो बड़े बड़े इकाईयां �
07:03अगर असर हो सके हैं तेजी से.
07:33बात उठी है, वो भी जब तक बीसेश पैकेज नहीं मिलता है, या कुछ संसाधन यहां पर नहीं बढ़ाई जाती है, तब तक यह बाते करना मुश्किल है, इन सारी चीजों को देखते हुए एक बार फिर आम बजट सामने हैं, और इस आम बजट से लोगों को काफी उमी�
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