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  • 10 hours ago
हैदराबाद हाउस में PM मोदी ने गर्मजोशी से किया यूरोपीय नेताओं का स्वागत; Video

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00:00ये मोधी पहदरबाद हाउस मौँच गए हैं आपको तस्वीरे वहां की दिखा दें वो उर्सला वॉन के साथ मौजूद हैं आज एउ पर ये एहम FTA डील साइन हो सकती है और उसके बाद ये बेहद एतियासिक कदम क्योंकि 18 साल से इसका प्रयास किया जा रहा था जिसमें FTA
00:30है वो माफ हो सकता है या फिर कम किया जा सकता है जिससे भारत के निर्यात को बढ़ावा मिलेगा कई ऐसे निर्यातक हैं जो इस कदम से बेहद खुश हैं क्योंकि ट्रमदारा लगाएगे अतरिक्त टारिफ का ये तोड़ बाना जा रहा है इससे डिमांड को और जादा प्र
01:00भी उर्सला वॉन गंता दिवस की परेड में मौझूद थी और आज एदराबाद हाउस की ये तस्रीर हम आपको दिखा रहे हैं और इसी एदराबाद में दसर कई मेहत्वपून समझौते किये जाते हैं और आज भी उसमें एक नया अध्याय जुड़ने वाला है वो समझ�
01:30प्रणव पाधिया एमाई सत्माई सयोगी इस वक्त जुड़ चुके एक नया इतिहास प्रणव ये और ये जो डील हुई है इसमें कौन-कौन सी बाते सील हो गई
01:38देखे अर्पिता इसे मदर आफ ओल डील कहा जा रहा है क्योंकि ये दुनिया की सबसे तेज राफ़तार अर्थवस्था ये भारत और दुनिया के सबसे बड़े आर्थिक समू यानि योरप ये संग के बीच होने वाला मुक्ते वियापार समझौता है
01:53जिनना आकड़ों के हम बात कर रहे हैं वो दो अरब से जाबा की आबादी दुनिया के 25 प्रतिशत की जीडिपी यानि करी 25 ट्रिलियन डॉलर की एकॉनमी को प्रभावित करने वाला समझौता हो सकता है
02:03जिसके अंदर यॉरप और भारत दोनों को एक दूसरे के बाजानों के अंदर ज़ादा एकसेस मिल सकेगा एक दूसरे के साथ सव्यापार के अंदर सहुलियत होगी और ये समझौता अर पिता एक ऐसे समय में आया है जब दुनिया के अंदर एक जबरदस उथल पुथल दे
02:33रहेंगे हम जिन आंकडों की बात कर रहे हैं उसके अंदर यॉरप के अंदर करीब 8 लाक नौकरियां भारत के साथ होने वाले करीब 180 अरब डॉलर के कारोबार पर निरभर हैं।
03:03पर उपलब दो सकेंगे, सस्ते दामों पर उपलब दो सकेंगे, इसके अलावा रोजगार के अफसर भी बढ़ सकेंगे।
03:33पर लावा हम रक्षा और सामरिक शेत्र के अंदर भी नई साज्यदारी की तरफ देख रहे हैं।
03:37जो अब से थोड़ी देर बाद, मेरे पीछे जो आप हैदराबाद हाउस का गेट देख रही हैं।
03:41यह हैं। यह हैदराबाद हाउस वो जगा है जहां पर सोलवी भारती यॉरपी संग शिकर संबिलन होने वाला है।
03:47प्रधान मंतरी नरेद मोदी, उर्सुला वंदरलियान और एंतोनिय कोस्ता इसके अंदर मौजूद होंगे।
03:52साथ ही दोनों तरफ के प्रतिने दिम अंडलों के साथ में कई व्यापक मुद्दों के अपर चर्चा होगी।
03:56और जैसा कि अपसे थोड़ी देर पहले प्रधान मंतरी मोदी ने कहा कि ये ना केबल मदर आफ ओल डील्स है, बलकि ये दोनों देशों के बीच में एक लोकतांत्रिक साज़ेदारी का भी नमुना होगा।
04:06यानि केबल अर्थ के क्षेतर में ही नहीं, बलकि मूलियों के क्षेतर में भी किस तरीके से भारत और यॉरप एक नई नजीर पेश कर रहे हैं।
04:36चुकी है, चाहे हम चिप्स की बात करें, चाहे सोलर पैनल्स की बात करें, और इसके बाद यॉरप में ये ख़बराहट बढ़ने लगी कि चीन के ओपर इतनी रिभरता ठीक नहीं है, और इसलिए चाइना प्लस वन की पॉलिसी के साथ देखा जाना चाहिए, भारत एक मज�
05:06पर भारत और ये यू के बीच में, ये रोके आपको इस बीच में है, आपसे कुछी देरे प्रिदाम इंती दरेइन बोदिये देश के अत्रवस्ता को लेकर क्या कुछ का सुनिये,
05:13बहुत बड़ा एग्रिमेंट हुआ है, दुनिया में लोग इसकी चर्चा मदर आफ आफ आल डिल्स के रूप में कर रहे हैं, ये समझ होता, भारत के 140 करोड लोगों और ये देशों के करोडों लोगों के लिए बहुत बड़े अवसर लेकर आया है,
05:40ये दुनिया की दो बड़ी एकोनोमिस के बीच तालमेल का एक शांदार उदाण बना है, ये समझ होता, ग्लोबल जीडिपी के करीब 25 परसेंट और ग्लोबल ट्रेड के करीब वन थर्ड हिस्से को रिप्रेजेंट करता है,
06:04ये समझोता ट्रेड के साथ साथ डेमोक्रिसी और रूल अब लोग के प्रती हमारे शेर कमिटमेंट को भी ससक्त करता है,
06:17साथों, यू के साथ हुआ ये फ्री ट्रेड अग्रिमेंट ब्रिटेन और एप्टा समझोतों को भी कम्प्लिमेंट करेगा,
06:29इसे ट्रेड और ग्लोबल सप्लाइचेंज दोनों को मजबूती मिलेगी,
06:35मैं भारत के नवजवानों को, सभी देशवास्चों को इसके लिए बहुत-बहुत बढ़ाई देता हूँ,
06:43ये समझोता आपके लिए बहुत सहायक सिद्ध होगा,
06:48साथ क्यों, इस ट्रेड डिल से भारत में मैनुफेकरिनिंग को तो बल मिलेगा ही,
06:55साथ ही सर्विसिस से जूड़े सेक्टर का भी और अधिक विस्तार होगा,
07:01ये फ्री ट्रेड एग्रिमेंट, दुनिया के हर बिजनेस, हर इन्वेस्टर के लिए भारत पर कान्फरेंस को और मजबूत करेगा,
07:10साथियों, भारत आज हर सेक्टर में, ग्लोबल पार्टर्शिप पर बहुत अधिक काम कर रहा है,
07:18मैं अगर एनर्जी सेक्टर की ही चर्चा करूँ, तो यहां एनर्जी वेल्यू चेंज से जुड़े हुए,
07:25अलग-अलग खेत्रों में निवेश की बहुत संभावनाए है, आप एक्स्प्लोरेशन का ही खेत्र ले लीजिए, भारत ने अपने एक्स्प्लोरेशन सेक्टर को काफी ओपन कर दिया है,
07:39आपको हमारे डीप सी एक्स्प्लोरेशन से जुड़े समुद्र मन्थन मिशन की भी जानकारी है, हम इस दसक के अन्त तक अपने ओल एंड गेस सेक्टर में इन्वेस्टमेंट को हंड्रेड बिलियन डॉलर्स तक ले जाने का प्यास कर रहे हैं,
08:01हमारा लक्ष एक्स्प्लोरेशन के दायरे को भी वन मिलियन स्क्वार किलोमेटर तक विस्थार करने का है, इसी सोच के साथ हमारे यहां वन सेवन्टी से अधिक ब्लॉक्स को एवर्ड किया जा चुका है, अंडमान निकोबार का बेसीन भी हमारी नेक्स हाइड्रोकारबन ह
08:31क्योंकि लंबा इंतजार करना पड़ा लगभग लगभग 20 साल और तब जाकर यह समझोते की टेबल पर हम आपाएं और डील बन पाई हैं, लेकिन मेन अर्चन, मुख्य अर्चन अगर किसी को कहें तो वो क्या थी, EU की क्या मांगे थी, भारत किस तरह की अपने बाते रख �
09:01अभी इसलिए आया, क्योंकि अब यॉरप को भी इस तीज का एहसास हुआ कि वो कमजोर जमीन के उपर खड़े हुएं, चीन पर उनके निर्भरता उनके लिए घातक साबित हो सकती है, बहुत जादा किसी भी एक देश पर निर्भरता जो है, उसे उस लिवरेज को वेपना
09:31नया और बड़ा मजबूत बाजार भी देगी, क्योंकि अगर आप एवी टेकनोलोजीस की बात देखें या ग्रीन टेकनोलोजीस की बात करें, तो वो चीन में उनके लिए बड़ा बाजार इसलिए नहीं हो सकता है, चीन खुद इस चीज का बहुत बड़ा निर्या तक है,
10:01भारत को निवेश और तकनीक की जरूरत है अपनी मैनिफेक्टरिंग को बढ़ाने के लिए, यानि हर लहाज से ये एक विन-विन की साज़ेदारी हो सकती है, लेकिन अभी तकी मामला रुका क्यों था, क्योंकि एगरिकल्चर टक्षेतर ऐसा था, इससे पहले तक जब हमने
10:31सुधार किये हैं, नया लेबर कोड लागू हुआ है, इसके साथ-साथ बाजार के अंदर जो है, जावा खुला गया है बाजार को, इससे रास्ता आसान हुआ है, योरप के लिए साज़ेदारी बढ़ाने का, और इसके बाद अगर आप देखें, तो 2022 में, कोविड के संकट
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