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Bactrian Camel: 26 जनवरी 2026 को भारत ने अपना 77वां गणतंत्र दिवस मनाया। इस साल की परेड में देश की सैन्य शक्ति, भौगोलिक विविधता और साहसिक कौशल का शानदार प्रदर्शन देखने को मिला। खास बात ये रही कि कर्तव्य पथ पर पहली बार दो कूबड़ वाले बैक्ट्रियन ऊंट (मंगोलियाई ऊंट) को शामिल किया गया। जानिए इस खास ऊंट की अद्भुत क्षमताओं और क्यों इसे भारतीय सेना में शामिल किया गया है।


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00:0026 जनवरी को 2026 को भारत ने अपना सत्तरवा गणतंत्र दिवस मनाया अब गणतंत्र दिवस के परेड में देश की सैन ने शक्ति भगालिक विवेदिता और सहसिक कौशल का अध्भुद प्रज्यवशन देखने को मिला
00:16अब करतंत्र दिवस परेड में दो कूबर वाले बैक्त्रियन उट यानि की मंगोल याई उट को भी शामिल किया गया अब गणतंत्र दिवस पर पहली बार ये खास उट करतंत्र पर देखे गए तो आए जानते हैं आज किस वीडियो में कि बैक्त्रियन उट की क्या खासियत ह
00:46अब पुर्वी लद्दाग की कठीन परिस्थितियों में भारती सेना की मदद के लिए दो कूबड़ वाले बैक्ट्रियन उट को शामिल क्या गया है।
01:16पर आसानी से काम कर सकते हैं।
01:46इसेना के लिए रस्त पहुचाने का काम करते हैं।
01:50पहले बैच में एद गर्जन सधीक उटो को शामिल क्या गया।
01:54अब इन उटो को लद्दाग के हुंडर गाउं में पाला जाता है।
01:58पाला जाता है कि उटो के इस नसल को पुराने सिल्क रूट के वैपारियों ने लद्दाग में ले आया था।
02:04आयव आपको ये भी बता देते कि आखिर इस उट को कोल्ड डेजर्ट वारियर क्यों कहा जाता है।
02:10अपनी असाधारण सहन शक्ति के लिए पहचाने जाने वाले इस उट के शरीर की बनावट इन्हें हड्डियों को जमा देने वाली ठंड से बचाती है।
02:19अब ये उट बिना पानी और भोजन के कई दिनों तक कुछ जिवित रह सकते हैं। पुरवी लद्दाक के मुश्किल हालातों में ये सेना के भरोसे मंद साथी साबित होते हैं।
02:49पुर्वेंट में लिक कर जरू बताएगा।
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