00:00बॉड़े टू में दुलजीत दोसांज ने एक ऐसे ऑफिसर का किरदार निभाया है जोसे फिल्म को भावनात्मा को गहराई मिली है अब उनका सौशक्त अभिनाए 1971 के युद्ध के वीर नायक को सम्मान भी देता है
00:16तो आई आपको आज किस वीडियो में बताते हैं कि आखिर दोसांज फिल्म में किमके किरदार में नजर आ रहे हैं लेकिन उसे पहले नमश्कार मैंसतो श्राबॉल्ट स्काइ देख रहे हैं
00:27Body 2 में दुलजीत दोसांज ने एको ऐसा करदार नभाया है जिसने फिल्म को भावनात्म गहराई देने के साथ साथ दर्शकों के दिलों पर गहरी चाप छोड़ी है
00:36बारतिय वायु सिना के वीर अधिकारी फ्लाइंग आफिसर नर्मलजीत सिंग सेखो के रूप में दुलजीत की मौजूद्ग सिर्फ अभिने ने बलकि एको सुच्चे नायक को सम्मान देने जसा अनुभाव कराती है
00:47अब उनके सैयमित और गरिमा पूर्ण अभिने नेसक करदार को फिल्म के सबसे मजबूत स्तंभों में से एक बना दिया है
00:55आपको बता दे फिल्म में नर्मलजीत का करदार कहानी का भावनात्म का धार बनता है
01:00युद्द के रुमांचक दुरुष्य जहां जोश भरते हैं वहीं दुलजीत की परफॉर्मेंस उन पलों में मानविय सम्वेदेन आएं जोडती है
01:07वह सुनम बाजवा मंजीत की करदार में उनके साथ नजर आती हैं जो प्रेम प्रतिक्षा और त्याग की भावना को मजबूती देती हैं
01:15अभुश्यार सिंग डहिया और महेंदर सिंग रावज्यस करदारों के साथ सिक्खो के मौजूदगी फिल्म को संतूलन और गहराई प्रोदान करती है
01:24अब आई आपको बिताते हैं कि अखेर नर्मलजीत सिंग से को कौन थे
01:28नर्मलजीत सिंग से को भारति सेन एटिहास के एक और साधारन नयत थे
01:33उनका जन्म सुतर जुलाई 1945 को पंजाब के लुदियाना जुले के सिवाल गाउं में हुआ था
01:39उनके पिता मानद फ्लाइट लेफटिनेंट थे जिससे देश सेवा की भावना उन्हें वरासत में मिली थी
01:45अब उन्होंने इंजिनेरिंग की पढ़ाई छोड़कर भारती वायू सेना में शामिल होने का फैसला किया
01:50और 4 जून 1967 को फाइटर पाइलेट के रूप में कमिशन प्राप किया
01:55अब 1971 के भारत पाक युद के दोरान सेकों ने बनेट लड़ा को विमान उड़ाए और असाधारन साहस का परिचोई दिया
02:03अब उन्हें का पाकिस्तानी सेबर जेट को मार गिवाय और श्री नगर हवाई शेतर की रक्षा में महत्तोपूर्ण भूमिका निभाई
02:10वहीं 3 दिसंबर 1971 को पाकिस्तान वायू सेना के अचानक हमलों के दोरान वे भी लगतार मोर्चे पर डटे रहे
02:18वहीं 14 दिसंबर 1971 को छब पाकिस्तानी सेबर जेट्स ने श्री नगर एर फिल्ड पर हमला किया और उस समय अंतराष्टे समझोते के कारण वहाँ एर डिफेंस सिस्टम मौजूद नहीं था
02:29वहीं विशम परिस्थितियों में भी सेखो ने उडान भरने का फैसला किया और दुश्मन विमानों से भिड़ गये
02:35अब संगर्स के दौरान उन्होंने दो सेबर जेट्स का सामना किया और अंततह डेश की रक्षा करते वे शहीद हो गये
02:42वहीं बॉड़े 2 में दुलजीत दोसाज ने ऐसे एतिहासिक विरता को पूरी मनदारी और सब्वेडन शिल्ता के साथ परदे पर उतारा है
02:49फिल्म की थेट्र रिलीज के बाद 23 जनवरी को सनी देवल के सेखो परिवार से मिलना इस बात का प्रमाण है
02:55कि यह फिल्म सर्फ मनरंजन नहीं बलके एको सच्चे भारती नायक को दी गई भावपुर्ण स्रधान जलीब ही है
03:01तो दोस्ते फिलाल इस वीडियो में इतना ही आपको यह जनकरी कैसी लगी हमें कमेंट में लिक कर ज़रूर देएगा
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