00:00ुम्नम नायकों को पदमसरी सम्मान से सम्मानित किया जाएगा।
00:07इनमे करनाटक के पुरो बस कंडक्टर अंके गौडा सामिल है।
00:11इन्होंने दुनिया की सबसे बड़ी फ्री एक्सेस लाइब्रेरी बनाई।
00:15फुस्तक माने की अस्थापना की।
00:17जिसमें 20 भासाओं में 2 मिलियन से ज़्यादा किताबें और दुरलब पांडूलिपियां सामिल है।
00:24मुंबई की बाल रोग विसेसग्य अर्मीडा फनांडिस जिन्होंने एसिया का पहला हुमेन मिल्क बैंक बनाया।
00:31जिसे हजारों सिस्वों की जान बचाने में मदद मिले।
00:35वही महराश्ट के 90 साल के एक दुरलब वादियंत्र बजाने वाले तारपा वादक विकलिया लडकी आदिंडा।
00:43मद्प्रदेश के बुंदेली युदकला प्रसिक छक भगवान दास राय क्वार।
00:47जब्मू और कस्मीर के प्रतिष्टित समाज सेवक ब्रीजलाल भट सहीत अन्य लोग सामिल है।
00:53इस सूची में बुद्री थाटी का नाम भी है जिन्होंने 36 गड़ के नकसल प्रभावित इलाकों में इस्कूल अस्थापित किये।
01:04तो ओडिसा के संथाली लेखक संगितकार चरन हिंब्रम, मुरादाबाद के चिरंजी लाल यादव जो जटील पितल की नकासी के काम में विशेसग्य हैं।
01:15धार्मिक लाल चुन्नी लाल पंडिया जो मानभड के प्रतिपादक हैं जो एक पारंपरिक गुजराती प्रदर्शन कला का रूप है।
01:24और हैदराबाद के जेनेटिसिस्ट कुमार सामी ठंगराज जिन्होंने अफरीका से भारत तक इंसानी माइग्रेशन का पता लगाया।
01:33पुटुचेरी के के पजानी वेल को सील बम जो एक पुरानी तमील हतियार अधारित मारसल आठ है को बढ़ावा देने के लिए पदमसरी से सम्मानित किया गया है।
01:43जबकि सीनियर पत्रकार कैलास चंद्रपन्त जो 60 से ज़्यादा सालों से पूरे भारत में हिंदी को बढ़ावा देने के लिए काम कर रहे हैं उन्हें साहित और सिख्षा काटेगरी में सम्मानित किया गया है।
01:55हरियाना के खेमरा सुंद्रियाल को हरियाना और हिमाचल प्रदेश के हजारों कारिगरों को तेपिश्ट्री और जामदानी बुनाई तकनिक को संरक्षित करने और सिखाने के लिए चुना गया है।
02:09सुन्द्रियाल ने नई डिजाइन के साथ पानी पत की खेश को भी फिर से जिन्दा किया और हद करगा में पॉलिष्टर धागे का इस्तमाल सुरू किया
02:17पदमसरी पाने वाले इन सभी हस्तियों ने समाज की विशिष्ट सेवा की है और ये आम लोगों के लिए प्रिर्णा के सुरोत है
02:26भीरो रिपोर्ट एटीवी भारत
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