00:00जेपुर के जोटवाड़ा की सुनसान सड़क पर पड़ा लावारी सूटकेस जिसमें एक नौजवान की आखिरी सांसे कैद थी और अलवर के उस घर का आंगन जहां पर पांच बेगुनाव जिन्दगियों का लहू एक साथ बहा था
00:13आज राजस्थान की जेल में मिलकर इश्क की नई इबारत लिख रहे हैं जिन हाथोंने कभी बेरहमी से अपनों का गला रिता जिनोंने फिरोती के लिए लाश को सूटकेस में ठूस कर फैंक दिया
00:29वही हाथ अब जेल में सलाकू के पीछे एक दूसरे का हमसफर बनने के लिए थामे जा चुके हैं अब ये कोई फिल्मी पटकता नहीं बलकि राजस्थान की अपराद के जगत से निकली वो हकीकत है जिसे सुनकर कानून और इंसानियत दूनु हैरान है
00:45साल 2011 में पाली के फालना से एक मिधावी चात्रा जैपुर के पौश इलाके में कदम रखती हैं जसके बैग में दसवी और बारवी की शानदार माकशीर थी लेकिन प्रिया सेट के सपनों में पढ़ाई की नहीं बलकि लगजरी कारों का काफिला और महेंगी शराप का नशा
01:15में 2018 में उसने टिंडर पर दुशन शर्मा को अपने चाल में फसाया और इसके बाद अपने साथियों के साथ मिलकर उसे बंधक भी बना लिया जब दसलाग की फिरोती नहीं मिली तो प्रिया के भीतर की दरिंदगी जाग उठी उसने दुशन की हत्या की और उसकी लाशों क
01:45में एक और खूखार किरदार को जोड़ना तै कर दिया अलवर का हनुमान प्रसाथ जिसने साल 2017 में अपनी प्रेमी का संतोष के साथ मिलकर वो कुछ किया जिसे सुनकर रुख कांप जाए प्यार में अंधे हनुमान ने संतोष के पती और उसके चार मासूम बच्चों को ने
02:15अब कानून की नजर में ये दोनों समाच के लिए नासूर थे लेकर यहां से शुरू होती है एक नई कहानी जेल के भीतर इनके लिए एक अलग ही दुनिया बस रही थी अब दोनों को जैपूर सेंटरल जेल के सांगनेर की ओपन जेल में शिफ्ट किया गया तो वहां ररस्
02:45पाकर मारा और जिस हनुमान ने बच्चों का खून बाहया वे दोनों चार महिनों तक जेल परिसर में ही लिव इन रिलेशन्शिप में रहे उन्होंने तै किया कि वे अब एक साथ जिंदगी बिताएंगे और शादी करेंगे इस फैसली ने ना किवल पुलिस प्रशाशन ब
03:15इनकी शादी के लिए तैब भी हो गई अलवर के बड़ो दामेव में हनुआन के पैतरी घर पर शेहनाईयां बज रही हैं शादी के कार्ड सोशल मीडिया पर वाइरल हैं प्रिया सेठ अब नेहा सेठ बन कर एक हत्यारे की दूलहन बनने जा रही हैं लेकिन इस जशन के बी
03:45क्या जेलें वाकई कैदियों का रिदय परिवर्दन कर रही है या फिर जगन्य अपराधियों के लिए कानूनी खामियों का एक और गलियारा बन गई
03:53महबत के नाम पर शुरू हुई ये नई पारी सामाज के लिए एक खौफनाक मिसाल है जहां पर लहू से सने हाथ अब साथ फेरों की रस्म अदा कर रहे हैं
04:03बहराल मामले को आप कैसे देख रहे हैं कॉमेंट बॉक्स आपके लिए है अपनी टपणी अपनी ड्राइ ज़रूर दीशेगा मेरा नाम है मुकंद आप पने रहे वन इंडिया के साथ शुक्रिया
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