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  • 4 hours ago
कानपुर के कुशाग्र कनोडिया हत्याकांड की दहला देने वाली कहानी, देखें वारदात

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00:00नमस्कार मैं हूँ शम्स ताहर खान और आप देख रहे हैं वारदाथ
00:03तीन साल पहले कानपूर में सोलह साल के एक बच्चे को अगवा कर लिया जाता है
00:08बाद में उस की लाश मिलती है
00:10पुलिसे सिलसले में तीन लोगों को गिरफतार करती है
00:14इन में से एक वो लड़की थी जो उस बच्चे की ट्यूशन टीचर थी
00:19अब तीन साल बाद कानपूर की एक अदालत में उस ट्यूशन टीचर और उसके दो दोस्तों को उम्र कैद की सजा सुनाई है
00:27उम्र कैद वो भी ताउम्र
00:30ये अदालत रचीता वत्स प्रभाद शुकला और आरे नूर्फ शिवा को 16 साल के छात्रे कुशाग्र कनोडिया के कतल का दोशी ठेराते हुए
00:42इन तीनों को उम्र कैद की सजा सुनाती है
00:46और इस तरह ट्यूशन टीचर रचीता और उसके दो दोस्तों को उनके गुनाहों की सजा मिल ही गई
00:54जिस गुना ने तीन साल पहले कानपूर के हर माबाब को परिशान कर दिया था
01:0016 साल के अपने नाबालिक बेटे को उसके माबाब जिस तीूशन टीचर के पास ये सोच कर भेजा था
01:06कि वो उससे पढ़लिक कर एक अच्छा इंसान बनने के साथ साथ जिंदगी के इमतहान में भी काम्याबी हासिल करेगा
01:12उसी तीूशन टीचर ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर ना सिर्फ खुशागर को माद डाला बलकि उसके माबाब के फरोसे का भी कतल कर
01:21इन गुनहगारों ने मिलकर 30 अक्टूबर 2023 को दस्वी के स्टूडेंट कुशागर की तब अगवा कर जान ले ली थी जब वो घर से ट्यूशन पढ़ने निकला
01:34गुरुवार को कोट में फैसला आते ही कुशागर की माँ अपने बच्चे को याद कर जजबाती होगी और फूट फूट कर रोने लगी
01:44हलंकि सुनिया ने गुर्णेगारों के लिए फांसी की सजा की मांग करते हुए कहा
01:50कि जब तक दोशियों को भी मौत की सजा नहीं मिलती उन्हें शांती नहीं मिलेगी
01:54उसकी कम्यान इशर आएगी तो हमारे पल रहेगी
02:00मैं जब ने खिंदा हूँ दिल तक उसकी याद मेरे दिल मेरे दिल मेरा है कि जब तो फांसी की सजा नहीं मिलती जैसे इनोंने मेरे बच्चे को मारा है
02:10जब तो मुझे श्यांती नहीं मिलेगी
02:13इन तीनों को भी फासी होने चाहिए
02:16इन तीनों को भी गला दपना चाहिए
02:19किसी मा के जवान बेटे की मौत का दर्द क्या होता है
02:33ये सोनिया को देख कर कोई भी समझ सकता थो
02:36अब गुनेगार पकड़े जा चुके
02:39उन्हें सजा सुनाई जा चुकी है
02:41लेकिन सोनिया अभी उस दिन को याग कर खवरा जाता है
02:45यहाँ तक की इस वारदात के बाद
02:47वो अपने दो बच्चों की हिपाज़त के लिए
02:50यूपी छोड़ कर सूरत जा बसी है
02:53बेटे के कातिलों पर आए फैसले के बाद
03:09कुशाग्र के पिता मनीश ने भी अपने दिल की बात कहिए
03:12मनीश ने कहा कि कुशाग्र की ट्यूशन टीचर रचीता ने
03:16सिर्फ पैसों के लालच में उनके बेटे की हत्या करती
03:19जबकि वो और उनका पूरा परिवार
03:22रचीता को अपने बच्चे की तरह मानता था
03:39इस केस की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से कोट ने 14 गवाफ पेश किये गए
04:0213 जनवरी को अंतिम बहस हुई जिसके बाद 22 जनवरी को कोट ने इस पर सजा सुना है
04:08कोट में करीब 240 पन्नों की जिरह हुए
04:1242 दस्तावेज और 112 सबूत कोट में पेश किये गए
04:16साथ ही CCTV फुटेज भी दिखाए गए
04:19जिन में आरोपी खुशाकर को ले जाते हुए नजर आ रहे थे
04:22इनी साक्षों के आधार पर कोट ने आरोपियों को गुनेहगार मना और सजा
04:27कोट में थे आप लोगों ने जो पक्ष है पुलिस का वो परिवार का कोट के सामने रखा
04:34दो साल बात क्या फैसला आखर कोट ने तुट ने दो सदी तो पहले कर दी एक दिन कूल कर दी थी
04:39को दोस्ति मान लिया गया था आज जो सजा की बिंदे पे था तो उसमें 3064 और 302 में दो मुल्जीमों को उन्होंने आजीवन कारावास और 201 जो साच सुपाने का प्यास था चापड लेका आया थे पाली दिन लेका आगे बस्ते कहीं और फिक दिया थे मंबाइल कहीं और फिक �
05:09302 में आजीवन कारावास जबल और एक लाग जुमाना किया है उसको भी तिलान डेट तक है
05:15कानपुर के चर्चित कुशागर हत्याकान मामले में कोट ने आरोपी टीचर रचिता उसके बॉइफरेंड प्रभात और दोस्षिवा को आजीवन कारावास की सदा सुनाई
05:23कोट ने माना कि रचिता ने फिरौती के लालच में इस पूरी साज़िश को अंजाम दिया
05:30ये प्लैन उसके दिमाग में तब आया जब कुशागर की बर्थडे पार्टी में रचिता अपने बॉइफरेंड के साथ पहुँची
05:37वहाँ पर पार्टी की चकाचाउन देखकर और परिवार के खर्च करने की शमता देखकर उसने ये है प्लैन बनाया
05:45जिसके बाद धोके से कुशागर को अपने साथ ले जाकर बॉइफरेंड प्रभात ने उसकी जगन तरीके से हत्या कर दी
05:52फिलहाल खरवालों ने इस मामले में गुनेगारों के लिए फांसी की सजा मांगी है
05:58और उन्होंने कहा है कि जब तक दोशियों को फांसी नहीं दी जाती वो चुब नहीं बैठी
06:04यह कारूनी रूप से फैसला आ गया है लेकिन जो वादी पच्छ है उसको अपने समाजी की रूप से उसको फैसला प्राप तो नहीं हुआ है
06:15कुशाग्र किड्नैपिंग केस की असली मास्टर माइंड खुद उसकी ट्यूशन टीचर रचीता वद्स थी
06:42कोट ने जिसे सजा सुनाई है
06:45लेकिन इस मामले में उसकी भूमी का क्या और कैसी थी
06:48केस की पैरवी करने वाले डीजी सी क्राइम दिली पवस्ती ने उसकी भी जानकारी थी
06:53और उसके नाते रच्टा का कॉल डिटेल थी
07:00लोकेशन सी घटना के एक दिन पहले उसको साथ में पाया गया था उसने
07:05जानकारी की फिता कब रहते हैं कम नहीं रहते कभी अकेले जाता कब टूसन जाता कहां जाता क्योंकि रच्टा चुकि लड़का बड़ा हो गया था तो पिछले
07:15उसकी पूरी लोकेशन लेना पिता की लोकेशन लेना उसकी स्कूटी का उप्योंकि जो चलाएं घर जाती थी उसकी लोकेशन कार्ड डिटेल साथ में वो जब सीटी फूटेज में देखी गई है कि मौके पे जब लड़का बंडरिया जा रहा है घटना इस्तल जा रहा है �
07:45जारदात हुई कैसे और इस्ट्यूशन टीचर ने आखिर कुशाग्र का कतल क्यूं किया था आईए आपको पूरी कहानी सुनाता हूँ
07:53आपको कल तक इंतिजार करिए तेवार खराब नहीं करना चाहते हैं जहां बताएं वहां रुपिया पहुचा दीजिएगा
08:08पुलिस को मतकानी कोशिश कर रहा था ताकि वो इसी तरीके से बाड़ी को डिस्पोस कर सेके
08:15दस्मी में पढ़ने वाला कुशाग्र कनोडिया रोज की तरह अपनी स्कूटी लेकर कोचिंग सेंटर के लिए निकला था
08:30वो आमतोर पर रात के आठ बच्ते बच्ते घर वापस लोट आता था लेकिन इस रोज नौबच जाने पर भी कुशाग्र का कोई यता पता नहीं था
08:40ऐसे में घरवालों ने उससे बातशीत करने की कोशिश की उसे फोन लगाया मगर उसका मोबाइल लगातार नौट रिचेबल आ रहा था
08:48अभी घरवाले कुशाग्र को लेकर परिशान ही थे कि तब तक कुछ ऐसा हुआ कि कनोडिया परिवार के खोश उड़ गये
08:56उनके बिल्डिंग के नीचे तैनाथ सिक्यूरिटी गार्ड ने अचानक उनके घर की घंटी बजाए
09:02दर्वाजा खोलते ही गार्ड ने बताया कि अभी स्कूटी पर दो लोग आये थे और वो ये चिठ्ठी दे कर गये
09:09घरवालों ने जैसे ही सादे कागस पर लिखी वो चिठ्ठी खोली उनके पैरों तले जमीन खेशक गई
09:16चिठ्ठी में लिखा था
09:18मैं नहीं चाहता कि आपका तैवार बरबाद हो
09:23आप मेरे हाथ में पैसा रखें और एक घंटे बाद आपके पास आपका लड़का होगा
09:28हम आपको फोन करेंगे अल्ला हुआ अकबर
09:30इस लड़के की गाड़ी और इसका मोबाइल दोनों आपके घर के पास होटल दसिटी कलब के पास खड़ी है
09:37मैं आपका नुकसान नहीं चाता
09:39मैं आपसे बार बार बोल रहा हूँ कि घबराओ नहीं
09:42आप अल्ला पे भरोसा रखो
09:43आपसे निवेदा ने की आपके बाद पुलिस और नाहीं अपने लखनों वाली फैमली
09:48नाहीं अपने अगल वगल किसी को बताएं
09:51कि हमने आपके कुशार्ग को किड्नैप कर लिया है
09:54आपके पस दो या तीन दिन का समय है
09:56आप जल्दी से तीस लाग का इंतिजाम कर लो
09:59और ये बात कभी भी फैली तो इसके जिम्मेदार आप सोयम होंगे
10:02ये चिठ्थी पढ़ते ही पूरे कनोडिया परिवार की सांसें अटक गई
10:09चिठ्थी में और भी कई ऐसी बाते लिखी थी जिससे ये साफ हो रहा था
10:13कि कुशाग्र को अगवा करने वाले लोग कनोडिया परिवार को अच्छे से जानते
10:18यानि परिवार के करीबी हैं लेकिन वो हैं कौन ये साफ नहीं था
10:22कुशाग्र कानपूर में कपड़े के बड़े कारोबारी मनीश कनोडिया का बेटा था
10:27और रोज अकेले ही ट्यूशन के लिए जाता था
10:30लेकिन जिस तरह से आज वो गायब हो गया और अब ये चिठ्ठी मिली
10:35वो अपने आप में किसी बड़ी अन्हुनी का डर पैदा कर रहा था
10:39अब परिवार ने बिना देर किये पुलिस को इसकी खबर देना
10:47पुलिस ने कुशाग्र के मोबाइल नंबर को ट्रैक करने की कोशिश करने के साथ साथ
10:51पूरे रूट की सीसी टिवी फुटेज की स्कैनिंग की तैयारी करने लेग
10:56इस बीच घरवालों ने चिठ्ठी देकर जाने वाले बदमाशों के बारे में
11:01ज्यादा जानकरी जुटाने के इरादे से गार्ड से पूचताच की
11:05सिक्यूरिटी गार्ड ने बताया कि चिठ्ठी देने वाले दोनों लड़कों ने अपने चेहरे पर मास्क लगा रखा था
11:11वो लड़कों को तो नहीं पहचान सका लेकिन वो जो स्गूटी लेकर आये थे वो रचिता मैम असल में कुछ साल पहले तक कुशाग्र को ट्यूशन पढ़ा दी थे
11:26और इन दिनों रचीता कुशाग्र के छोटे भाई की ट्यूटर थी।
11:30यानि रचीता कनोडिया परिवार को और कनोडिया परिवार रचीता को अच्छी तरह से जानता था।
11:35काड ने स्कूटी का नंबर भी नोट कर लिया था।
11:38नंबर प्लेट में सिर्फ एक लेटर को छोड़ दें तो ये नंबर भी रचीता की स्कूटी का ही था।
11:44अब कुशाग्र के घरवालों ने सीधे रचीता को फोन किया।
11:48लेकिन कुशाग्र के किड्नेपिंग की बात सुनकर रचीता भी हैरान हो गई।
11:53उसे कुशाग्र की गुमशुद्गी के बारे में कुछ भी पता नहीं था।
11:57लेकिन जब कुशाग्र के घरवालों ने रचीता से उसकी स्कूटी के बारे में पूछा
12:01तो रचीता ने बताया कि स्कूटी उसका दोस्त प्रभात अपने साथ लेकर गया है।
12:06प्रभात असल में रचीता का बॉइफ्रेंड था और स्कूटी भी उसी के नाम पर थी
12:11लेकिन जिस तरह से कनोडिया परिवार को भेजी गई फिरोती की चिठी में अल्लाहु अकबर लिखा था
12:18वो कुछ और इशारा कर रहा था
12:20लग रहा था कि शायद कुछाग्र को अगवा करने वाला कोई मुस्लिम है
12:24ऐसे में पुलिस उल्जन में थी
12:26चिठी में कुछाग्र की वापसी के बदले 30 लाख रुपए मांगे जाने के साथ-साथ
12:32और भी कई चौकाने वाली बाती थी
12:34आप जल्दी से 30 लाख का इंतिजाम करो
12:39और अपने बच्चे को एक घंटे बात घर में देखो
12:42और पैसा लेके रात के दो बजे कोगो कोला चोराये पर मिलो
12:46मैं पैसे लेने आऊंगा
12:47जैसी पैसे मेरे हाथ में आएंगे
12:50खीक उसके एक घंटे बात लड़का आपके घर में होगा
12:53और पैसे की विवस्ता हो जाए
12:55तो घर के चारो तरफ उजन वाले जंडे लगा देना
12:59मैं देख लूँगा फिर आपको फोन करूँगा
13:02और कोई भी होश्चारी हुई तो उसके जिम्मेदार आप स्वेम होएंगे
13:05मेरी नजर आपके घर पर ही होगी
13:08कोई भी बात बाहर पता ना चले
13:10इसका आप ध्यान रखना और विल्कुल भी ना घबराओ
13:13आपका लड़का सही सलामत घर पहुँच जाएगा
13:16पर उसकी जिम्मेदारी आपके उपर है
13:18किडनेपर जिस तरह से कनुडिया परिवार के घर पर
13:24नजर रखने की बात कह रहा था
13:25उससे साफ था कि वो कहीं आसपास ही है
13:29हलांकि फिरोती की चिठी पहुँचाने में
13:31इस्तिमाल हुई स्कूटी की वज़े से
13:33अब रचीता और प्रभाद शक के दाहरे में आ चुके थे
13:36लेकिन बगएर किसी सबूत के उन्हें पकड़ा नहीं जा सकता था
13:43पुलिस ने रचीता को पूछताच करने के लिए बुलाया
13:46तो कुछी देर बाद प्रभाद भी वहां आ पुछा
13:49अब रचीता और प्रभाद दोनों ही कुछाग्र की किड्नैपिंग से
13:53खुद को बेखबर बताने लगे वारदात को लेकर अफसोस जताने लगे
13:57इस बीच जब पुलिस ने उम नगर में मौझूद प्रभाद के घर के आसपास लगे
14:04सीसी टीवी फुटेज की स्कैनिंग की
14:06तो ये देखकर चौक गई की कुछाग्र शाम को ही प्रभाद के साथ
14:11उसके घर के अंदर जाता हुआ साफ दिख रहा था
14:14बाद में घर से प्रभाद गचीता और एक तीसरा शक्स भी
14:20बाहर निकलते हुए कैमरे में खैद हुआ था
14:23लेकिन प्रभाद के घर से कुछाग्र के बाहर आने की कोई भी सीसी टीवी तस्वीर नहीं थी
14:29यही वो एरिया है जहां पर सीसी टीवी फुटेज में अगर आप देखेंगे
14:34यहां पर एक सीसी टीवी लगा हुआ है यहां पर जो प्रभाद है जो महिला टीचर का बॉइफरेंड है
14:39वो कुछाग्र को ले जाते हुए दिखता है जो की अपनी मर्जी से जाते हुए सीसी टीवी में दिख रहा है
14:44लेकिन जब सीसी टीवी से वापस आता है तो सिर्फ प्रभात आता है और कुशाग्र जो है वो उस कमरे में ही रह जाता है
14:50अब पुलिस का शक यकीन में बदल चुका था कि इस मामले में जरूर प्रभात और रचीता का हाथ है
14:57दोनों पहले से ही पुलिस के पास थे
14:59पुलिस ने जैसे ही पुछताच के दौरान दोनों से सकती की वो तूट गए
15:04और कुशाग्र की किड्नैपिंग में अपना हाथ होने की बात तो मानी ही
15:08लेकिन साथ ही एक ऐसी बात बताई कि पुलिस वाले भी सननाटे में आ गए
15:13दोनों ने बताया कि वो कुशाग्र की जान ले चुके है
15:17और उसकी लाश प्रभात के घर में ही पड़ी है
15:25अब कानपुर पुलिस की एक टीम प्रभात और रचीता को लेकर सीधे प्रभात के घर पहुँची
15:30और वहाँ प्रभात के मकान के स्टोर रूम से 16 साल के कुशाग्र की लाश मिल गए
15:36प्रभात में बताया कि उसने अपनी गल्फरेंड रचीता और अपने एक दोस्त शिवा के साथ मिलकर शाम को ही कुशाग्र को मार लाना था
15:49वारदात के बाद अब पहली वार खोला गया है जब आज तक की टीम यहाँ पर मौके पर मौजूद है आप देखेंगे यह कितना छोटा सा कमरा है जहां पर जो चात्र है कुशाग्र उसकी गला घोट के रस्ती से हत्या कर दी गई और किसी को कानो कान खबर तक नहीं हुई
16:08आपको बता दें कि जब निशान देही करी गई जब पुलिस ने पूछताच करी तो उसके बाद जो प्रभात है वो पुलिस को यहां पर ले के आया और यहां पर जब पुलिस ने दरौज़ा खोला तो वो हैरान रहे गई कुशाग्र की लाश देखके
16:21अब पुलिस कुशाग्र की लाश बरामत कर चुकी थी और खातिल के तौर पर उसके पास तीन लोग थे
16:27एक कुशाग्र की ट्यूशन टीचर रही रचीता जिसने उसे पूरे साथ साल तक ट्यूशन पढ़ाया था
16:33गिरफ्तार होने के बाद प्रभात और शिवा ने ये भी मान लिया कि वो कुशाग्र की जान लेने के बाद भी उसके घरवालों से फिरोती वसुलना चाहते थे
16:49और इसी लिए उन्होंने ही चेहरे पर नकाब लगा कर कुशाग्र के घर के नीचे तैनाद सिक्यूरिटी गाड़ को फिरोती वाली वो चिट्थी दी थी
16:58खास बात ये है कि चिट्थी में उन्होंने जान बूज कर अल्लाहु अकबर और अल्लाह पर भरुसा रखने जैसी बात लिखी थी
17:05ताकि घरवालों को ये लगे कि मामले में किसी मुस्लिम का हाथ है और कोई उन पर शक न करे
17:11लेकिन सच्चा यही है कि चिट्थी देने में इस्तेमाल की गई स्कूटी और चिट्थी में लिखी बातों से ही उनकी पोल खुल गई
17:19कि ये लड़का सिर्फ टाइम बाई कर रहा था पुलिस को भटकाने कोशिश कर रहा था ताकि वो किसी तरीके से बाड़ी को डिस्पोस कर सके तो हम लोग ये एंगल और देख रहे हैं इसका क्योंकि जो ये लेटर मिला है वो उसके द्वारा ही लिखा गया था ये बात जो
17:49अभी तक जो समझ में आ रहा है कि पुलिस को डिवीट करने के लिखा था लेकिन अब बड़ा सवाल ये था कि क्या ये मामला सिर्फ फिरोती का था या फिर इसके पीछे कोई और भी कहानी है अगर मकसद सिर्फ फिरोती का ही था तो फिर उन्होंने जल्दवाजी में कुश
18:19आज तक परिवार शुरू से ही तीनों आरोपियों को फांसी दिये जाने की मांग कर रहा था लेकिन कोट ने इसे रेरिस्ट आफ रेर केस मानने से इनकार कर दिया जिसकी वज़ा से तीनों फांसी से बढ़ गए पेश है अब आगे की कहानी
18:36कुशाग्र ट्यूशन जाने के लिए रोज की तरह शाम को चार बज़े अपने घर से निकला था लेकिन अभी वो थोड़ी दूर बढ़ा ही था कि रास्ते में उसे प्रभात शुकला मिल गया
18:50जो उसकी ट्यूशन टीचर रचिता का बॉइफरिंट था और प्रभात से उसकी जान पहचान रचिता के कमरे में ही हुई थी
19:00प्रभात ने कुशाग्र से कहा कि वो कोचिंग सेंटर जाने के रास्ते में पहले उसे उसके घर ड्रॉप कर दे
19:06कुशाग्र मना नहीं कर सका और उस कूटी में उसे बिठा कर प्रभात के घर पहुँच गया
19:11CCTV फुटेज में प्रभात के साथ उसके घर के अंदर जाते कुशाग्र की तस्वीरें कैद हुई है
19:18पुलिस को पता चला है कि प्रभात नहीं अपने दोस्त शिवा और रचीता के साथ मिलकर कुशाग्र को अगवा करने और उसकी जान लेने की तैयारी की थी
19:27वहाँ पहले प्रभात और बाकी लोगों ने मिलकर कुशाग्र को नशे की गोलिया मिले कोल रिंग पीने को दी
19:35और जब उस पर बेहोशी चाने लगी तो प्रभात और उसके दोस्त शिवा ने मिलकर रची से कुशाग्र का गला घोट कर उसकी जान लेनी
19:43प्रभात ने कुशाग्र के कतल के लिए तीन डोस पहले ही रची खरीद गर रख ली थी
19:49अब सवाल ये है कि अगर इरादा सिर्फ और सिर्फ फिरोती वसुलने का ही था तो कुशाग्र की हत्या क्यूं की और वो भी इतनी जल्दी में
19:58तो इसका जवाब पुलिस ने दिया
20:00पुलिस का कहना है कि कुशाग्र अपनी ट्यूशन टीचर रचीता के प्रती आकरशित था और उससे मिलने आता था
20:09इससे प्रभात उससे जलता था और उसकी जान लेना चाहता था
20:13प्रभात और रचिता शादी भी करना चाहते थे और इसके लिए उन्हें पैसे चाहिए थे
20:18तो इसी लिए दोनों ने मिलकर कुशाग्र के घरवालों से फिरोती वसुलने की भी प्लैनिंग की
20:23हलांकि कुशाग्र के घरवाले उसके अपने ट्यूशन टीचर से किसी तरह के लगाओ की बात से इंकार करते हैं
20:30और उनका कहना है कि अगर लगाओ ही था तो फिर फिरोती की बात कैसे आए
20:34प्रशासन हरकत में आया जाच करी तो पता चला कि जो चातर है
20:50उसकी ट्यूशन टीचर और उसके बौइफरेंड ने मिलकर ये अपरन किया था
20:54जब निशान देही पर पुलिस ने चापे मारी करी तो ट्यूशन टीचर के बौइफरेंड के घर से छातर की लाजबरा मद हुई
21:01पुलिस का कहना है कि टीचर और स्टूडेंट के संबंदों के चलते उसके बॉइफरेंड ने छात्र की हत्या करी
21:09और ये अपरण वाली कहानी इसलिए रची ताकि पुलिस को गुमरा किया जा सके
21:14वही परिवार का रोप है कि उनके बेटे की टीचर से कभी जादा बात नहीं होती थी
21:19उनके कोई अवैद संबंद नहीं थे पुलिस सिर्फ अफरण वाली बात इसलिए चुपा रही है
21:24ताकि पूरे मामले को दबाया जा सके
21:26पुलिस को कि नेपिंग डिखानी चाहिए वो तो पहले हमने का था हमने अपनी तहरीर में दिया है
21:30इन दोनों नाम के साथ दिया है हमाई तहरीर में कि हमें रचिता और उसके लवर प्रभात सुकला के ओपर पूरा सके
21:39पूरा बहराल एक ट्यूशन टीचर और उसके बॉइफरेंड की सनक ने एक बेगुनाः बच्चे की जान जरूर लेगी
22:09कानपूर से सिमर्चावला के साथ रंजै सिंग आज तरक
22:15तो वारदात में फ्राल इतना ही मगर देश और दुनिया की बाकी खबरों के लिए आप देखते रहे हैं आज तरक
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