Skip to playerSkip to main content
  • 1 day ago

यह भगवान श्री कृष्ण के चरण हैं, कहा जाता है कि यहीं पर श्रीकृष्ण ने अपने प्राण त्यागे और गोलोक को प्रस्थान किया था। जो गुजरात में सोमनाथ के पास है, जिसे आज भलका तीर्थ के नाम से जाना जाता है। जरा नामक शिकारी ने हिरण समझ तीर चलया था, जो भगवान के पैर में लगा और उन्होंने अपना शरीर त्याग कर परमधाम को प्रस्थान किया। यह भलका तीर्थ द्वारका से करीब 250 किलोमिटर दूर समुद्र किनारे बसा है।

Category

🗞
News
Transcript
00:00
00:30और भगवाल स्री किष्ण के च्रणों में एहतीर लगा।
00:33इसके बाद स्री किष्ण ने अपना समील त्यागा और प्रमधाम को प्रस्टान किया।
00:37यह भालका तिर्थ द्वारका से करीब 250 km दूल संबुत्र किनारे बसा है।
Comments

Recommended