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  • 6 days ago
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अंतरराष्ट्रीय सरस्वती महोत्सव के समापन समारोह में शामिल हुए. इस दौरान उन्होंने करोड़ों की परियोजनाओं को हरी झंडी दिखाई.

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Transcript
00:00This is the 26th episode of Saraswatini, which can be had too many trees and
00:26आप सबको सर्स्वती महत्सव की आज मैं बहुत बहुत बद्धाई और शुबकामनाय देता हूं
00:35साथियो मा सर्स्वती की वंदना काज विशेश दिन है
00:43आज हम सब के लिए ये बहुती गौरोव का दिन है
00:49कि यह दिन हमारे लिए चोगणी उर्जा लेकर के ये आया है
01:00और हम ग्यान की देवी मा सरस्वती की पूजा आज हम कर रहे हैं
01:11साथियों दूसरी और हम सरस्वती नदी के पुनरधार के संकल्प को भी आज हम दोहरा रहे हैं
01:23साथियों आज ही पुरा देश हम सब को गरव है
01:30कि आज पुरा देश नेता जी सुभाज चंदर भोस उनके जनम दिवस को प्राक्रम दिवस के रूप में आज मना रहा है
01:43साथियों आज हमारे लिए और वी गरव का दिन है कि आज किसानों के मसीहा दीन बंदू चौदरी छोटु राम जी की भी जियंती आज ही है
01:59और साथियों आज इस पावन धर्ति पर हम खड़े हैं आज कुरक्षेत्र में इस विशाल जनसभा में उपस्तेत सभी नागरिकों के बीच में
02:17आज इस पवीत्र भूमी जेस भूमी पर भगवान शिरी किशन ने सरव मानव जाती के लिए गीता का संदेश दिया करम का संदेश दिया
02:33उस पवीत्र भूमी इस कुरक्षेत्र का भी आज 23 जनवरी 1973 को ये कुरक्षेत्र भी अलग अस्तितव में करनाल से निकल करके ये आया है
02:52साथियो इसकी भी मैं आप सब को बहुत बहुत बढ़ाई और शुब कामनाएं देता हूँ
03:01साथियो यह मेरा परमस भाग्या है कि बसंत पंचमी के दिन एस सरस्वती महुत सब के समापन समारों में
03:15आज आप सब के बीच में मुझे आने का उसर मिला है
03:20साथियो वेदों में अंबी तमें नदी तमें देवी तमें सरस्वती सरूपा कहकर मा सर्श्वती की स्तूती की गई है
03:38साथियो इस पावन अउसर पर मैं मा सर्श्वती के चरणों में वंदन करता हूँ
03:46मैं आप सब को पुने बसंत पंचमे प्राकरम दिवास और धीन बंदु चौदरी छोटु रामजी और कुरक्षेत्र के अलग अस्तितव का आज अलग जिला बना था
04:04उनकी भी आर्धिक वधाई और शुबकामनाएं आप सब को देता हूँ साथियो आज मेरे लिए यह बहुत गरव का दिन है कि आज मैंने इस पवितर स्थल पर मा सर्श्वती के इस चरणों में मैंने
04:25सरस्वनी नदी के पुनरधार के लिए लगभग 63 क्रोड 86 लाख रुपे की लागत के 26 परियोजनाओं के आज यहां और उदगाटन और सिलन्यास हुए हैं यह यहां आप सब को समर्पित हुए हैं
04:48साथियो इन में से 27 क्रोड 69 लाख रुपे की लागत की सोड़ा परियोजनाओं के आज उदगाटन हुए हैं और वही 36 क्रोड 27 लाख रुपे की लागत की
05:04दस परियोजनाओं के आज सिलन्यास भी यहां किये हैं साथियो यह सस्वती महोसव हमारी प्राचीन सब्वहता और संस्क्रिती के पुनर जागरण का यह परव है
05:22साथियो यह देश के सस्वी परदान मंत्री आदनिय नरेंदर मोदी जी के उस राष्ट गौरव अभिहान को आगे बढ़ाने की यह पहल है
05:36हम सब जानते हैं कि उनके कुशल नेतरितव में भारत आतम निरवर्ता सहस और संकल्प के पथ पर गती से साथियो आगे बढ़ रहा है
05:50साथि नेता जी सुभाज चंदर बोस और दीन बंदू चौदरी छोटी राम जी जैसे महापूर्शों के सपनों का भारत बनाने के गंभीर परियास गती से हो रहे हैं
06:07साथियो आज से रीतु प्रिवर्तन भी आज हो रहा है हम सब जानते हैं जब मा सरस्वती का ये उत्सव होता है यही दिन विद्या बुद्धी और कला की देवी मा सरस्वती की अराधना का भी आज ये महापरव है
06:32साथियो आज हम पिहवा की उस पवित्र भूमी पर खड़े हैं जो स्वें सरस्वती नदी के तट पर बसा हुआ एक पवित्र ये तिर्थ स्थल है जहां पर हर वारस लाखों की संख्या में लोग यहां पर आते हैं
06:54साथियो आज सरस्वती नगर यमना नगर पोलड और पिशोल तिरत कैथल और हंस दहर तिरत जीन्द में भी इस महत्षव का आज समापन हो रहा है
07:14मैं उन सभी स्थानों पर उपस से जन समूं का भी आज अभिनंदन करता हूं उनको भी मैं बहुत बहुत बधाई और शुब कामनाय देता हूं
07:27साथियो यह सामोही कायोजन इस बात का परमान है कि सरस्वती केवल एक नदी नहीं है बलकि एक सांस्कृतिक सूत्र है
07:41साथियो जो पूरे हर्याना को वा पूरे भारत को सांस्कृतिक एकता के पवित्तर बंदन में ये बांधती है
07:51साथियो सरस्वती नदी की नहता को देखते हुए देश के सस्वी परदाहन मंत्री आदनियन रेंदर मोदी जी ने
08:02गुजरात का मुख्य मंत्री रहते हुए सरस्वती को नर्मदा और सावरमती के जल के साथ जोड़कर पुनर जीवित करने का प्रयास उन्होंने किये थे
08:17उसी परकार हर्याना में भी हम नदियों को जोड़कर हुए सरस्वती स्रोवरों और जलाश्यों का निर्मान करके सरस्वती को फिर से परवाहित करने का हमारी सरकार गती से प्रयास कर रही है
08:36साथियों हमारा संकल्प है कि सरस्वती नदी का पुनर धार करके इस इतिहासिक पहचान का हम पुने स्थापित करें
08:48ताकि आने वाली पीडियां गरव से कहें सकें कि वे भूमी के निवासी हैं जहां मानव सब्व्यता के ने अपने पहले कदाम आगे बढ़ाए है
09:02साथियों हमने वर्ष 2015 में 12 अक्तूबर को हर्याना सर्ष्वती हरिटेज बोड की सापना की थी
09:13तब कई लोगों को यह केवल एक कल्पना लगती थी कुछ लोग बोलते भी थे कुछ चर्चा भी इस बात की करते थे
09:23और वो बोलते थे कि यह कल्पनिक है इस परकार की बाते वो करते थे साथियों जैसा अभी परमसद्धे
09:32स्वामी ज्याननंजी महराज ने भी अपने मुखारविंद से बताया है लेकिन आज मुझे यह बताते वे गरवी हो रहा है कि यह कल्पना अब ध्रात्तल पर उतर चुकी है यह हम सब इसको देख रहे हैं साथियों बोड का उदेश है सरस्वती नदी को पुनर जिवत करना
10:02को वीशव पटल पर रखना और आज परणाम आपके सामने है आज जिस परकार से सरस्वती नदी का उत्थान हो रहा है साथियों हमने विज्ञान और आस्था का एक ऐसा संगम यह त्यार किया है जो अभूत पुरव है
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