00:00ट्रम्प के कान में फुस फुस आते क्यों नजर आये शहबास। भारत के लिए क्या बात हुई। पाक समेद इन देशों ने किये बोर्ड आफ पीस पर साइं।
00:30दावोस की बरफीली वादियों में डोनल्ड ट्रम्प ने शान्ती का जो नया बोर्ड लगाया है उसकी सदस्यता की कीमत एक अरब डॉलर है। लेकिन इस पूरी महफिल में भारत की रहस्यमई खामोशी ने पूरी दुनिया को सननाटे में डाल दिया है।
01:00में शहबाज ट्रम्प के कान में कुछ फुसपुसा रहे हैं और ट्रम्प मुस्कुराते हुए उनके हाथों पर थपकियां दे रहे हैं।
01:06महज एक शिष्टाचार नहीं बलकि एक गहरी रणनेतिक नजदीकी का संकेत है।
01:10दावोस के इस हाई प्रोफाइल ड्रामा में ट्रम्प ने जिस बोर्ड अफ पीस का अगास किया है उसका शिरुवाती लक्ष भले ही घाजा में युद्ध विराम बताया जा रहा हूँ।
01:19लेकिन इसके पीछे की असल बिसात कुछ और ही है।
01:49ट्रम्प का शहवाज के हाथ थप थपाना इस बात का प्रमान है कि ट्रम्प के अमेरिका फर्स्ट और ट्रांस्जैक्शनल डिप्लोमेसी वाले दौर में पाकिस्तान फिर से अमेरिका का चहेता बनने की रह पर है।
02:00भारत के लिए इस्थिती किसी खत्रे की घंटी से कम नहीं है। अब तक ट्रमप और मोदी की दोस्ती की मिसाले दी जाती थी। लेकिन इस बार ट्रमप ने साथ देशों को नियोता दिया और भारत की ओर से साइन सेरमनी में किसी का ना होना ये बताता है कि भारत इस एक अरब
02:30के लिए रन्वीति घेराबंदी जैसा है टरम का मिजाज हमेशा से सौधे बाजी कर रहा है और अगर पाकिस्तान ने इस बोर्ट के जरीए टरम का भरोसा जीत लिया तो आने वाले समय में टरम प्रशासन भारत पर कई मुद्दों पर दबाओ बना सकता है शहबाज शरीफ की
03:00होंगे ऐसे में भारत का बाहर रहना उसे टरम की नई विश्रुवस्था में अलग थलग कर सकता है टरम की इस पीस शौप में पाकिस्तान ने अपनी जगह पक्की कर ली है जबकि भारत अपनी रणनी तिक स्वायतता को बचाने की जद्दोजहद में है अगर टरम का ये ब
03:30होने वाली जितनी पिछले दौर में थी
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