00:00अब पच्टाए होत क्या जब चडिया चुक गई खेट ये कहावत आज आई टी कानपूर पर विर्कुल फिट्बैक ती है
00:14देश के सबसे बड़े टेक्निकल इंस्टिट्यूट में शुमार आई टी कानपूर एक बार फिर स्टूडेन डेथ के बाद सवालों के घेरे में हैं
00:22सिरफ तीन हफ्तों के अंदर दो स्टूडेंट्स की मौत हो चुकी है और उसके बाद इंस्टिट्यूट ने मेंटल हेल्थ पर बड़े फैसले लेने का अब जाके दावा किया है
00:31कल दोपहर लगभग डेड़ बज़े के पास पीएजडी स्कॉलर राम स्वरूप इश्राम कैंपस के एक मल्टी स्टोरी बिल्डिंग के सिक्स लोर से नीचे गिर जाते हैं
00:42उन्हें तुरंथ प्राइविट अस्पताल लिके जाया गया लेकिन इलाज के दौरान उनकी जान नहीं बचाई जा सकी
00:49और इसके बाद इंस्टिट्यूट के मुताबित राम स्वरूप पहले से ही काउंसलिंग प्रोसेस में था और अलग तरहा के इश्यू से गुजर रहा था
00:58वो कैमपस में अपनी पतनी और बच्चों के साथ रहते थे और इस घटना के बाद I.T. कानपुर ने ओफिशली कहा है कि कैमपस में 10 फुल टाइम
01:07प्रोफेशनल साइकोलेजिस्ट अपॉइंट किये गए हैं यानी 20 दिन में दो लोगों की जान जाने के बाद ये 10 फुल टाइम प्रोफेशनल साइकोलेजिस्ट बिठाने का फैसला निदा गया
01:18अब ये साइकोलेजिस्ट स्टुडेंट्स के सीरियस और कॉंपलेक्स मेंटल हेल्थ कंसर्ण्स को हैंडल करेंगे बात बहुत अच्छी है लेकिन क्या दो लोगों की जान लगी ये बात समझने में
01:29सवाल यहीं उठ रहा है अगर इतनी बड़ी सिस्टम पहले से अक्टिव होती तो क्या आज ये दो जिंदकियां बचाई जा सकती थी ये पूरा मामलाब सुप्रीम कोर्ट के नाशनल टास्क फोर्स के रेडार पर भी है
01:40एंटीएफ को देश के हायर एजुकेशन इंस्टिउशन में बढ़ती स्टूडेंट डेट्स के पाटन की जाच के लिए बिठाया भी गया है और पहले भी सुप्रीम कोट ये कई बार कह चुका है कि भाई जिस किसी और्गनाइजेशन के अंदर इस प्रकार की घटला होग
02:10आए आक्शन हमेशा तभी क्यों लेते हो जब नुकसान हो चुका होता है सवाल सिरफ आएटी कानपूर का नहीं सवाल पूरे एजुकेशन सिस्टम का है स्टूडेंट्स पे चात्रों पे पढ़ रहे प्रेशर का है आईसोलेशन का भी है और जो मेंटल स्रगल के रिजल्�
02:40पानपूर जैसे बड़े इंस्टिटूशन में जब उसकी जान जाती है तो यह मुंता और जादा भड़क जाता है लेकिन दर्शकों अब भी फायदा है इन दस प्रोफेशनल लोगों को बिठाने का दस प्रोफेशनल साइकॉलोजिस्ट को बिठाने का ताकि बच्चों की
03:10रह जाता है इन दो लोगों की जान तो वापिस नहीं आने वाली है लेकिन आई टी कानपूर के इस फैसले के बाद अब देश भर के एजुकेशनल इंस्टिटूशन में यह बात पहुचनी चाहिए और इस प्रकार के भी नियम आनी चाहिए कि हर एजुकेशनल इंस्टिट
03:40झाल
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