00:00लीची के फल को मचली जील से बाहर जमीन पर फेक देती है। नमी होने के कारण बीज अंकुरित होकर पौधा बन जाता है। तीज धूप से जील और लीची का पौधा सूखने लगते हैं। तभी एक हिरन आता है और अपने मुह से पौधे को पानी देता तो पौधा धीरे �
00:30हिरन का घर उजर गया लेकिन अगले दिन उसी कटे हुए पेर से एक नया लीची का पौधा उगाया। लेकिन फिर भी लाइक सब्सक्राइब नहीं किया।
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