00:00आज इस मौकाम पे ख़ड़ा हूँ, मैं अपने सगे भाई का चेरा नहीं देख पा रहा हूँ
00:04बिल्डिंग के अंदर हैं, अभी भी मौजूद हैं
00:09तो बात बात हुई है किसी से?
00:10किसी से कोई बात नहीं हुई, अभी एक दोस्का कटावा हाथ देखने को मिला है मिलबू
00:14दस फाइब बेख भी खड़े हैं, लेकिन एक ये दो काम कर रहे हैं, बात ही जब खड़े हैं, कहरें पानी नहीं है
00:20अब कराशी समंदर का शेहर हैं, यहां पानी नहीं है
00:23आपको नदर भी आ रहा हुगा, क्या सुरुष्ट है, पानी की ये किल्लत है, हमें बाहर से टैंकर्स मंगाने पड़ रहे हैं
00:31हो भाई, हमारी तो यही अपील है, हुक्मरान आप भोश के नाकुन ले
00:34ये मुशारा है जिस पे बैक टू बैक तिजारती मराकेश मौजूद है
00:42और मेरे पीछे जो आप मनज़र देख रहे हैं, यहां की मारूफ तरीन मार्केट इसे कहें
00:48यहां आप के कहें कि मिनी आप इसको हब कह सकते हैं
00:52कि हर तरह की चीज़ यहां पर सेल हुआ करती थी, गुल प्लाजा इसके नाम है
00:56अपसे कई घंटे पहले यहां पर आग लगी थी और अलमिया है कि इतने घंटे गुजरने के बावजूद इस आग पर काबू नहीं पाया जा सका है
01:04यहां से निकाली जा सुकी हैं बड़ी तादात में लोग जखमी है और इस बात का भी अंदेशा है कि एक बड़ी तादात में लोग होंगे जो अभी तक अंदर मौजूद है और उनकी कोई खेर खबर नहीं है
01:15बिल्डिंग का अगला हिस्सा है जो आप मेरे पीछे देख सकते हैं कि यह ढह चुका है आग लगने की वज़े से जबके बिछले हिस्से पर भी दगारें पड़ी हुई है
01:22और यह हिस्सा भी गिरने का खथशा जाहर किया जा रहा है
01:26किराची शहर में इससे पहले आर्जे मॉल में आग लगी है मिलीनिय मॉल में आग लगी है
01:29और इस तरह जो दीगर मॉल्स में आग लगने के वाकियात होते रहे हैं
01:33तो फिर उसके बावजूद आखिर क्यों फाइर सेफटी के मामला के यकीनी नहीं मनाया जाता
01:38और क्यों हमेशा लोगों गा ये शिक्वा होता है कि आग तो लग गई थी आग फैल रही थी लेकिन अमले को आने में देर हुई
01:44जब आग लगी तो अमला बरवक्त पहुंचिया था यहां पर
01:50यह जो हमारी फाइर बर्गेड है यह इनतिजामिया है यह एक घंटे बाद पहुंचिया
01:54यह कराची है फाओट फरीका के जंगलों में तो रहनी रहे हैं पी एसल की टीम खरीदने के लिए अरभों रुपे लगा दिया जाते हैं अरभों खर्बों रुपे लिखी यह लगा लेकिन यहां के यह गुल पलाजा सारी यह पूरे कराची के पुरे पकस्तान को कंट्रोल
02:24बाद दस बजे की आग लगी हुए है अभी आप टैम देख लें बाहर मुल्क में आग लगती है तो हेले कपना रहते हैं लोगों को निखालते हैं यहां को सिस्टम ही नहीं इसा अलागे मुल्क को सब से नदर टेंग देने वाला यह शेर है उसके यह हाल आपके सामने ही है
02:54बिल्डिंग के अंदर हैं अभी भी मौजूल हैं तो बात बात हुई है किसी से कोई बात नहीं हुए अभी एक दोस्का कटावा हाथ देखने को मिला है मिल्गों बाईयों की तरह एक साथ खाना बैटना उतना एक साथ था उनकी दुकानों पर मैं आज इस मौकाम पर ख़�
03:24लाइट बंड कर दी गई है जिसकी वजह से अवाम में भगड़ मची है अवाम को बाहर निकालने के चकर में हम खुद को जखमी हुए हम आगो अपने जखम का एसास नहीं है हम बोलते इंसानिया बहुत बहुत बड़ी चीज़ है दो से तीन हजार अवाम अभी भी अंदर
03:54किसे काम नहीं यहां फाइब ब्रेट लेट आई क्या मसला है फाइब ब्रेट लेट आई है यहां पर एक गंटा लेट गालिया पहुची है इसके लावा हमने अपनी मदद अपने तहट करा लोगों किसे लोग निकाले कैसे निकाले खीच के जबरदस्ती बहार लिया गया �
04:24कौन्ट्रिक नहीं हो अभी जब दो काम कर रहें बागी सब्कार नहीं कह रहें पानी अभ करांची समंदर का शेहर हैं यहां पानी नहीं नहीं है
04:42कराची में कब तक बिल्डिंग है ऐसे जलती रहेंगी कि उनमें 24-24 गंटे तक आग लगी रहा और बजाने का मतलब बजा ही ना जा सब्सक्राइब
05:03इससे पहले भी और वाकियाद हो चुछा है क्या हुआ इसमें आपको नदर भी आ रहा होगा क्या सुरहत है आले
05:09पानी की ये किल्ड है हमें बाहर से टैंकर्स मंगाने पड़ तो भाई हमारी तो यही अपील है हुकमरान आप भोश के ना कुन ले उमत का तो इनमाइंदा नजर ने ऐसा अपनी मदद आपके देहती नजर आ दी है आपर तो बिचारे 5 इरट यही देखें यहाँ पर यही एक
05:39बदद आपके दाएट पैरेंट्स कर रहे होते हैं उसके बाद हुकमराट रैंड में पहुंकती अपना वो चमगाने कराची में क्योंकि यह अपनी नौईयत का एक पहला वाकिया नहीं है इस तरह के वाकिया पहले भी होते रहे हैं और यह लोगों का गम गुस्सा है लोग
06:09कराची शहर के अंदर जब कहीं आग लगे तो फाइव रिगेड को पहुशने में एक से डेड़ घंटे का टाइम क्यों लगता है हुकूमत की तरफ से कोई बहतर हिकमते अमली इन तमाम मामलात पर क्यों इखत्यार नहीं की जाती पहले हम ने देखा कि मुक्तरिफ बाल्स म
06:39झाल
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