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चिड़िया की कहानी


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Transcript
00:00गोसले के भीतर दो नन्हे बच्चे चिंकू और पिंकू भूख के मारे बिलक रहे थे
00:09मम्मा भूख लगी है क्या कुछ खाने को मिलेगा मम्मा पेट में कुछ नहीं है मम्मा
00:17कुछ लाडोना चिकी की आँखें भराई
00:20ए भगवान मैं क्या करूँ कैसे बताऊं की बारिश शुरू हो गई है लेकिन मेरे बच्चो का रोना मुझसे देखा नहीं जाता
00:30भीगूंगी गिरूंगी चाहे जो हो लेकिन इने भूका नहीं देख सकती
00:36रोको मेरे लाल मम्मा कुछ ले आएगी चाहे जान ही क्यों ना चली जाए परन्तु एक बात याद रखना
00:46जब तक मैं नहीं आऊं गोसले में से बाहर भी मत देखना और बाहर भी मत निकलना समझ गए ना
00:53चिडिया खाना लेने के लिए चली जाती है अब इन दो बच्चों की मा घर पर नहीं थी और बच्चे गोसले में अकेले थे उनके लिए ये पहली बारिश थी जो उन्हें किसी अजूबे से कम नहीं लग रही थी
01:05चिंकु बार बार गर्दन बाहर निकाल कर देख रहा था
01:15अरे ओ पिंकु सुन रहे ये क्या चीज उपर से टपक टपक गिर रही है कोई रो रहा है क्या
01:22पिंकु घोसले के कोने में दुबक कर बैठा था
01:25अबे मूर्क रोने की आवाज नहीं है ये बारिश है बारिश आसमान बरस रहा है पर ये आवाज कितनी डरावनी है और पानी इतना सारा पानी कहां से आता है रे
01:38मत देख बाहर ममा ने कहा था बिजली चमकी तो गोसले समित भस्म हो जाओगे
01:45चिंकू सहम गया हवा के साथ पानी की बोच्छारे गोसले तक पहुँचने लगी थी दोनों भीगने लगे
01:52ममा कब आएगी पिंकू भूक लग रही है यार और डर भी पिंकू कुछ नहीं बोला उसकी आँखों में चिंता थी ममा ने कहा था कि
02:03अगर मैं देर से लोटू तो घबराना मत चुपचा बेठे रहना डर से बड़ा कोई शिकारी नहीं होता
02:11चिकी चिडिया को जंगल में कुछ गेहूं मिले उसने वो गेहूं को अपनी पतली टांगों से पकड़ा और तेज बारिश में फिर से बच्चों के पास लोटने की ठान ली
02:21बारिश और हवा में अपना जोर दिखाना शुरू कर दिया था उसे ना चाहते हुए भी एक पेड़ की डाल पर बैठना पड़ा
02:29ये राम बच्चे अकेले हैं गोसला खुला है और ये बारिश बढ़ती ही जा रही है यदि बारिश थोड़ी सी भी कम हो तो मैं सीधी दोड़ती हुई उड़कर अपने बच्चों के पास पहुँच जाऊंगी
02:44तभी बगल की डाली पर टोनी तोता फुर्र से आकर बैठा अरे टोनी बहन तू यहां क्या कर रही है इस तुफानी बारिश में तो है होश भी है कि बच्चे अकेले हैं टोनी भाई क्या करूँ उड़ नहीं पा रही पंक गीले हो गई है बहन कल की बात बताओं मैं कबूत
03:14सीधा गोंसले तक पहुँच गया फिर किसी ने देखा नहीं मैंने देखा मैं उपर ही उड़ रहा था जब देखा कि साप कमूतर के बच्चों के उपर जपटा मैं चीखा जोर से साप साप सब पक्षी कटा हो गए लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी वो दो बच्च
03:44पूतर बहन आई ना वो तो जैसे पगला गई थी अपने घूसले के पास आई तो देखा कि एक बच्चा खून से लदपत पड़ा है और दो दो तो दिखी नहीं रहे थे वो बार बार पुकार रही थी मेरे बच्चे मेरे लाल कहा चले गए तुम उसके आसू रूखी नही
04:14पही हो उसकी मैं बता नहीं सकता कितना दर्द था उस मा की आखों में तुनी की आखे भर आई टोनी बोला तु समझ रही है न भेन ये बारिश सिर्फ पानी नहीं लाती भूख से तडपते शिकारी भी लाती है जल्दी निकल पेड़ों की याड लेकर जा मत रुक अप चि
04:44कुछी दूर और चिंकु पिंकु मेरा इंतजार कर रहे होंगे तभी सामने से दो काली प्रचाई आई ओए चिडिया रानी कहां चली बारिश में चिकी चौक गई सामने दो शिकारी पक्षी रास्ता रोक कर खड़े थे आज तो किसमत चमकी है बारिश में भी नसीब ने हम
05:14अब चिकी चिडिया के सामने यह नई मुसीबत आई थी चिडिया ने सोचा इस बार में नहीं बच सकती क्योंकि आज दोनों दरिंदे बदमाश एकठा होकर आए हैं मुझे आज बल से नहीं परन्तू दिमाग से काम लेना होगा उसके दिमाग में एक आइडिया आया जब �
05:44तुम दोनों में से जो सबसे बड़ा शिकारी और सबसे ज्यादा ताकतवर होगा वही मुझे खाएगा
05:50मैं तो सबसे खतरनाक हूँ पंकों से पंजे तक मौत हूँ मौत
05:58तेरी आउकात नहीं मेरे सामने मैं तो उड़ते परिंदे गिराता हूँ तू मुझसे बड़ा शिकारी नहीं हो सकता
06:07तो बेड़ो ना दिखाओ असली ताकत मुझे तो वही खा सकता है जो सबसे ताकतवर है
06:15दोनों शिकारी जल उठे कौवा उड़कर सुल्तान की ओर झपटा सुल्तान ने पलट वार किया सबसे पहले मैं तुझे खाऊंगा फिर इस चिडिया को तू खा नहीं पाएगा कालू
06:31दोनों एक दूसरे को नोचते हुए हवा में जगडते हुए नीचे गिर पड़े दोनों की हालत खराब हो गई और बेहोश हो गई चिकी इसी मौके का फायदा उठाते हुए चुपचाप वहां से जल्दी उड़ते हुए निकल गई उसके मन में एक ही बात थी बच्चों �
07:01पहचानी गंधाई चिंकू मेरे पिंकू मैं लोट आई ममा हम कबसे रात देख रहे थे कि आप कब आएंगी मेरे लाल तुम दोनों ठीक हो न दर तो नहीं लगा बहुत डर लगा ममा बिजली भी चमक रही थी चिंकू बार बार बाहर देख रहा था मैं तो कह रहा था न ज
07:31रहो तुम दोनों ने बहादुरी दिखाई पंखो में छुपाए हुए गेहूं को निकाल कर मजेदार खाना बनाया और बच्चों को दिया बच्चों ने भूख के कारण खाना खा लिया अगली सुबह बारिश तो रुक चुकी थी लेकिन घोसले में सन्नाटा था सूरज क
08:01और शरीर तप रहा था चिंकु ओ बेटा क्या हुआ तुम्हें ममा बहुत गर्मी लग रही है पूरा पतन चल रहा है हे भगवान बुखार इतनी तेज अब मैं क्या करूं ममा चिंकु को क्या हो गया ये तो बोल भी नहीं पा रहा है ठीक से चिकी ने खुद को संभालने की
08:31यहीं है कुछ करेगी कुछ जरूर करेगी उसने चिंकु को अपने पंखों में लपेट लिया दिन भर वो उसके पास बैठी रही चिंकु को साल भी दे दी अगली सुबह जैसे ही सूरज निकला टुनी को पिंकु की हलकी खांसी सुनाई दी
08:48ममा मुझे भी कुछ अजीब लग रहा है सर भारी है नहीं अब तू भी यह क्या हो रहा है मेरे बच्चों को
09:04ए भगवान मैंने कौन सा पाप किया भूक मिटाने चली तो बारिश आई बारिश में निकली तो शिकारी आये और शिकारी से बच कर आई तो अब यह बुखार क्या मेरी ममता की परीक्षा ले रहे हो तुम
09:18पिंकू और चिंकू दोनों अब मम्मा के पंखों के बीच पड़े कराह रहे थे चिकी का मन तूटा हुआ था लेकिन आँखों में अब भी एक जिद थी
09:27नहीं मैं हार नहीं मानूंगी मैं मा हूँ और मा कभी घोंसले में बैटकर अपने बच्चों को यू मरता नहीं देख सकती अगर इनको बचाना है तो मुझे लड़ना होगा बिमारी से भी अकेले पन से भी और इस जंगल की बेरहमी से भी
09:46लेकिन उसके मन में एक सवाल लगातार घूमता रहा क्या ये कल सुभा मेरी गोद में होंगे चिकी अपनी घोसले से उड़कर जाती है उसकी आँखों में नींद नहीं थी सिर्फ चिंता सिर्फ डर वो सीधा टोनी तोते के पेड़ के पास पहुंची टोनी भाई देखो य
10:16बिमार है टोनी पहले चिंकु को बुखार आया अब पिंकु को भी रात भर तप्रहे थे दोनों मुझसे देखा नहीं जारा कुछ कर यार कोई उपाय बता रुक सुन मुझे याद है जंगल के उस पार एक चुहा डॉक्टर है बहुत समझदार सब उसे डॉक्टर चिंतु
10:46जंगल के भीतर जाडियों के पीछे एक पूराना सा बिल था बाहर लगे बोड पर लाल निशान से पता चल गया यही डॉक्टर का घर है डॉक्टर साब जल्दी बाहर आईए एक मा के बच्चे बिमार हैं बहुत बुरे हाल में हैं कुछ पल बात डॉक्टर चिंतु बाहर
11:16डॉक्टर ने बच्चों को चेक कर लिया यह साधारन बुखार नहीं है यह वाइरल है बच्चों के शरीर में लड़ने की ताकत नहीं बची है तो तो क्या यह मर जाएंगे मैं कुछ नहीं कह सकता मैं दवा दूंगा अगर उपर वाले ने चाहा तो बच जाएंगे पर मैं
11:46जब शरीर साथ नहीं देता, तो दवा भी हार जाती है, अब ये तेरी ममता और भगवान की मर्जी पर है।
12:16ये कोई आम डाल नहीं थी, ये वो जगह थी जहां आकाश और आत्मा एक हो जाते हैं, जहां हर पत्ता, हर हवा, हर किरण, साक्षात, ब्रह्मांड की भाशा बोलती है।
12:46तुझसे मांगने नहीं आई, मैं तेरे आगे जोली नहीं फैला रही, मैं तुझसे लड़ने आई हूँ, अपने बच्चों के लिए।
12:53उसकी आवाज जंगल में गूंज उठी।
12:57चिडिया हूँ, हाँ, मामूली, पर मेरी ममता मामूली नहीं, तुने मुझे पंक दिये हैं, लेकिन आज मैं उनसे आसमान नहीं, तुझसे जवाब मांग रही हूँ।
13:09क्यूं मेरे बच्चों को तुने इस बुखार की आग में जोका, तो ही बता।
13:15उसने आकाश की ओर देखा, उसका शरीर काप रहा था, लेकिन उसकी आवाज पत्थर तोड़ देने वाली थी।
13:22तु सब देखता है ना, तो देख, देख मेरे बच्चों की तडप, अगर तेरे नियमों में न्याय बाकी है, अगर इस जंगल में जीवन के लिए कोई जगा है, तो मेरे बच्चों को लोटा दे, वरना इस शांत शिखर से एक मरे हुए मा की चीख उठेगी, जो पीडियो
13:52मैं तेरे आगे जोली नहीं फैला रही, मैं तुझसे लड़ने आई हूँ, अपने बच्चों के लिए।
14:22का शरीर काप रहा था, लेकिन उसकी आवाज पत्थर तोड़ देने वाली थी, तू सब देखता है ना, तो देख, देख मेरे बच्चों की तडप, अगर तेरे नियमों में न्याय बाकी है, अगर इस जंगल में जीवन के लिए कोई जगा है, तो मेरे बच्चों को लोटा
14:52जाओ, अब देखो
15:22धन्यवाद है इस ब्रह्मान का, कि उपर वाले मैं तुझे धन्यवाद देती हूँ, जो तूने मेरे बच्चों को मुझे लोटा दिया, अगली सुगय, दोनों बच्चे घोंसले के किनारे खड़े थे, आँखें चमक रही थी, चोच में ताकत लोट आई थी, चिंकु बो
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