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ईरान में बिगड़ते हालात के बीच वहां फंसे छात्र काफी परेशान हैं। इस बीच तमाम फंसे भारतीय छात्रों की सुरक्षित वापसी को लेकर माता-पिता ने गुहार लगाई है। माता-पिता का कहना है कि सरकार हमारे बच्चों को सुरक्षित वापस लाए। इस बीच पैरेंट्स भी काफी ज्यादा टेंशन में नजर आ रहे हैं।
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Transcript
00:00इवाकविशन प्रॉसस स्टार्ट करती है उनमें उसको हेल्प कर दीजिए अन दियर ओन मत छूड़ दिये उनको इस वक्त अब एक पैरेंट क्या करेगा मुझे बताइए मतलब आप आपके बच्चे होंगे आपके लखती जगर वहां पर होंगे आपके दिल पर क्या बीदि
00:30यही अपील है
00:59government of India से, अपने
01:00UT government से, governor साब से,
01:03CM साब से, कि एक तो
01:05emergency control room सेट करें, यहां पर
01:06parents को updates, live
01:09updates देते, और दूसरी यह बात
01:11कि evacuation, अगर evacuation process
01:13उनको start करनी है, तो evacuation
01:15process start कर जिए, उनमें उसको help
01:17कर दीजिए, on their own मत छोड़ दिए
01:19उनको, इस वक्त, अगर normal
01:21circumstances होते तो, nobody would
01:23have asked, it was our
01:24crime, हम यह
01:26responsibility भी नहीं डाल रहे हैं, लेकिन
01:28every, जो citizens
01:31जिस country के होते, उस country का
01:32responsibility बनती है, कि अपने
01:35citizens को protect कर,
01:36अभी वहाँ पर internet locate चल रहा है, कोई
01:38contact वजिए रहे हैं, आपको बच्ची भी सार्वा
01:40नहीं, कोई contact नहीं है, यहां से
01:42कोई contact नहीं है, वहाँ से
01:43कल से हमको कुछ ISD
01:46calls आने लगी, selective, कभी
01:48through होती है, कभी through नहीं होती है,
01:50जब वो हो जाएगा,
01:52वहाँ से proper
01:53embargo उठेगा, net का
01:56internet को, जो की नजर नहीं
01:58आ रहा है, और पैसे यहां
02:00से बेजने का जहां तक, वो तो
02:02out of bonds है,
02:03मुझे बताईएगा, अगर आपकी बात
02:05अपने बतूशे ही है, तो क्या कहते हैं, वो क्या
02:07ध्रूशे हैं, यह वाकरी तो पर यह
02:09तश्वीशनाग है, यह
02:11तश्वीशनाग मैं, देखिए,
02:13internally, क्या हो रहा है,
02:15internally तो अभी तखीक है, लेकिन
02:17जो threats आ रही है, जो की channels
02:20दिखा रही है, channels कहा रही है
02:21कि bombing is going to start
02:23by any moment, half an hour
02:26में start होगी, late night
02:28में start होगी, कल start होगी,
02:30तो एक parent क्या करेगा, मुझे
02:31बताईए, मतलब आपके बच्चे होंगे,
02:34आपके लखती जगर वहां पर होंगे,
02:35आपके दिल पर क्या बीच जाएगी,
02:37ठीक है, हमने उनको बेजा है,
02:39लेकिन ऐसी situation में
02:41तो government ही तो take care करती है,
02:43और मुझे, मैं इससे
02:45कता ही, यह नहीं कहा रहा हूँ
02:47कि government of India has not helped,
02:49government of India has always been there
02:51and they have got previous experiences
02:53on of evacuation.
02:55मैंने यह सुना कि उनको आज
02:57आप रहापली बुलाया है,
02:59वहां पर मैसने की evacuate कीजिए,
03:02मतलब आप leave कीजिए एराण,
03:04तो उनने वहां उनसे request भी की है,
03:06कि हम कैसे जाएंगे,
03:08हम आप हमें कीजिए यहां से,
03:10क्यूंकि हम टिकेट हमारे family,
03:11वहां पर गरवाले टिकेट भी बनाएंगे,
03:13बट इस इस नाट पॉसिबल,
03:15कैसे आएगा हमारे पास वो नंबर,
03:17उनने वहां नहीं हम नहीं कर सकते हैं,
03:19अब हमारी request है,
03:21उनको यहां पर आप lift कीजिए,
03:24ज्यादा देर बात भी नहीं कर सकते हैं,
03:25इससे ज्यादा हम क्या बोल सकते हैं उनको,
03:27हम चाहते हैं उनको लिफ्ट कीजिए,
03:35वहां पर क्यूंकि वो खुद से कैसे आएंगे,
03:38हम चाहके भी टिकेट यहां बना के भी उनको कैसे बेज़ सकते हैं,
03:42कोई कान्टाक उनके साथ हैं,
03:44कान्टाक आइस डिकॉल लगती हैं,
03:47लेकिन यह हैं काम कैसे उनको टिकेट कैसे करेंगे,
03:50इंटरनेट बन्द है, शेट डाउन है,
03:53बहुत परिशन है,
03:56यह नहीं मैं बोलूँ कि मेरे साथ हर एक फैमिली,
03:59जो भी बच्चा तहरान, इरान में पढ़ता है,
04:02हर किसी के गर में यही मामला है,
04:04मेरी बेटी वहां पर बढ़ती है,
04:07तो क्या हुआ है,
04:09अभी थरस्डे से फोन इंटरनेट बंद हुआ,
04:11जो कि हाला तो वहां पर टर्मॉइल चल रहा है,
04:14तो कल तक तो ठीक,
04:16बीच बीच में,
04:17ऐसडी कल कल सिश हो गई शुरू,
04:18महां से,
04:19यहां से तो नहीं जाती है,
04:20इंटरनेट बंद है,
04:22तो अभी अभी हमें काल आई,
04:23मेरी बेटी से बात कुई,
04:24बोला पापा यहां से बोले,
04:26खाली करो,
04:27हम एमबसी गए,
04:28उन्होंने का हम हेल्प नहीं आपकी कर सकते हैं,
04:30हमारे पास फंड्स नहीं है,
04:32आप अपने ओन से यहां एवेकवेट कीजिए,
04:35तो नेट बंद है,
04:36फोन बंद है,
04:37हम यहां से कुछ नहीं कर सकते हैं,
04:39अब हमारी रुकेस्ट यही है,
04:40मिनिस्टर आफ एक्स्रेनल एफियर से,
04:42कि अउनको वेकवेट वहां से कीजिए,
04:44चाहे हमें पिर पे भी यहां करना पड़े,
04:46लिकिन उनको वेकवेट वहां से कीजिए,
04:52बहुत खराब हैं उनकी वहां पर,
04:53ओर ट्रामा में हैं,
04:55बाहर नहीं निकल रहे हैं,
04:56जो चीज़ दस रुपे की मिलती थी,
04:59आज वो हजार की मिल रही है और मिल नहीं रही है वो भी इसलिए वो भी मसला नहीं था लेकिन अब जब नेटी बंद हुआ हम कैसे उनको पे पेमेट करें कैसे बेजें बात भी नहीं हो रही है जब वहां से वो बकाल करें के तब बात होती है यहां से तो होती है हमारी मेसेज
05:29पर शिहिद बहिश्टी उनिवस्टी में मेडिसन की तालीम हसिल कर रहे हैं एक लड़की का नाम फातिमा एमन है दूसरे का नाम फातिमा रिदा है और ये दोनों हैदरबाद पारलिमेंट कॉस्टेंसी के रहने वाले हैं और सवों की तादात में भारत के स्टूडेंट्स इर
05:59और उनको वहां से इवाकुएट करें सबसे परिशानी की बात यह कि इंटरनेट बंद है महां पर इंटरनेट बंद होने के वज़े से पेरेंट्स बहुत परिशान हैं उनको कोई कांटाक्ट नहीं हो रहा अपने उनके लड़के लड़कियों से और दूसरा क्या है कि टिके�
06:29हैं वहां पर उनको पासपोर्ट भी नहीं दिया जा रहा है और पासपोर्ट दिया भी जा रहा है तो एकजिट का उनको इजादत नहीं मिल रही है तो इसमें बहुत जरूरी है कि मिनिस्टर बेक्सरानल अफेर्ज और खासतोर से हमारे एक्सरानल अफेर्ज मिनिस्टर जन
06:59ट्रम्प अगर कुछ होता है
07:01वहाँ पर जंग के हालात पैदा हो जाते हैं
07:03तो फिर और परेशान
07:04परेशानी बढ़ जाएगी तो बहतर
07:07यह है के जितना जल्दी हो सके
07:09भारत सरकार हमारे इंडिन
07:11सूडन्स को वहाँ से इवैकुएट
07:13करें और वापिस देश को लेकर आए
07:15सर अपने एक्टरनल अपर
07:17मिनिस्टर से इसे फार्मली
07:19मैंने कल रात में
07:23इमेल के जरीए से
07:24जनाब जशंकर सहाब को
07:27और फॉरंज सेकेर्टरी को इमेल किया है
07:29यह दो लड़कियों के
07:31डीटेल्स मेरे पास थे उनसे शेयर किया हूँ
07:33तो अगर वो जल्दी
07:35सिर्फ कई सवों की
07:37तादात में वहाँ पर इंडिया के
07:39स्टूडन्स पढ़ रहे हैं
07:41और जब तक भारत सरकार
07:43एक इवैकुएशन प्लान नहीं बनाएगी
07:45उनको जरूरी है ताकि
07:47हम लोग जलसे जल वहाँ से तहरान हो
07:49या इरान के मुक्तलिफ मुकामात पर हैं
07:51उनसे लेकर वापिस भारत को लाएगे
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