माघ मेले में इस बार सबसे ज्यादा सुर्खियाँ बटोर रहा है सतुआ बाबा का भव्य पंडाल। चार्टर प्लेन में सफर, पोर्श और डिफेंडर कारों का काफिला, हाथी-ऊंट की सवारी और बेबाक राजनीतिक बयान उन्हें अलग पहचान दे रहे हैं। सतुआ बाबा केवल धर्म और साधना तक सीमित नहीं हैं। उनके पंडाल में राजनीति, अंतरराष्ट्रीय मुद्दे और समाजिक संदेश भी चर्चा का हिस्सा हैं। सोशल मीडिया पर उनका रोटी बनाने वाले वीडियो और भव्य जीवनशैली भी खूब वायरल हो रही है।
01:00पूरा भारत विस्वास का है विकास का है जहां पांसो वर्सों के बाद राम अयुद्या में विराजमान हुए है तो निश्चित भारत में तेज में प्रिकास में विकास में सूर्य खिल चुका है
01:25और निश्चित एहमाग मेला आद्ध्यात्म की जोती का एक विस्व पतल परितिहास रच रहा है आपने देखा था बिगत महा कुम में 75 कड़ों लोगों ने सृद्धा और विश्वास टे साथ इसी त्रिविणी संगम में गोता लगाया था
01:40क्या आद्ध्यात्म इतना छोटा समझा था कि आद्ध्यात्म क्या इन गारियों में नी चल सकता है आद्ध्यात्म को मानने वाला इन गारियों में बैठ नी सकता है ये सनातन की रपतार है ये सनातन में को जो दबाने के लिए सनातन को जो बांटने के लिए लोग प्रियास
02:10गारी कोई भी हो लेकिन रफ्तार वाली गारी से जो जातियों में माटने वाले हैं जो समाज को तोड़ने वाले हैं जो राम पर गोलियां चलाने वाले हैं उनको अभी यही गारियों की रफ्तार से तोड़ा जाएगा
02:23मेरा की वह कौन कौन सी गाडियां अभगर मुझे इसक में घारियों के नाम मुझे पता है कि गारियां है उर्ड कितने पता है यह भी मुझे नहीं
02:33पता है लेकिन उसके लिए। गूगल बाबा है ज करेंगे दोर यह एक गारियों पर से चलना इनकी रवताबद्ध took
02:48कुछल देना भारत इतना भारत का सनातन इतना कमजोर है कि इन गारियों में बैठने से कोई गलत समझेगा जिसको समझना हो समझे भारत सुतंत है भारत में सुतंता का राज है लेकर मैं निश्चित कहना चाहता हूं
03:09कि जिनोंने अंदकार से गरीब की कुटिया में लाइट नहीं दी थी जिनोंने भूके को भोजन नहीं दिया था जिनोंने रोड पे रफ्तार नहीं दी थी अब यह प्रधानमंती जी और योगी जी का भारत है यहां सब कुछ अच्छा होगा और विकास की रफ्तार तेज हो�
03:39और डिफेंडर भी महँगा है और फरारी भी महँगी है हमारे लिए उसका विसाय नहीं है हमारा विसाय है अपने पढ़ाओ तक पहुंचना और पढ़ाओ से पहुंचके सनातन की धोच को आगे पढ़ाना तो उन्हों कहा कि पुछ भी हो जाये लेकिन आकरी में बनारे सी जा
04:09यह सत्वाओवा पीठ प्राचिन पीठ है यहां से समाज में सत्वा का मतलब होता है कई विकार की बस्तुओं को मिलाकर जब एक होता है तो उसका सत्वा बनता है और यह सत्वाओवा पीठ मनिकन का घाट पर विद्वान है और मनिकन का घाट पर आप जानते हैं कि राम ना
04:39म्यात्रा में वहीं जाना पड़ेंगी कम से कम 50 लोग 50 लाख लोगा देड़तों कि संबाद देता हूं भारत वासियों को जन्हें ने सनातन के ध्वज में अपना हाथ वड़ाया है योगी और मोधी पर विश्वास किया है मैं पडाम करता हूं ऐसी भूमी को कि हम भारत के वा
05:09हमारे गुड़के लड़ूं का जो मिठास है हमारे पूरे भारत में विकास का गोल तरह अदभूत संदेश दे रहा है
05:17विपक्षियों के लिए भारत में जगए नहीं है विदर्मियों के लिए भारत में जगए नहीं है
05:26उनका इस्थान पाकिस्तान है और पाकिस्तान पहुँच जाएं समय से क्योंकि भारत के बिटास का राफे लोडने वाला है
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