00:00पूर्व सांसत और आरली के राष्ट्रे महासरचिव मलुक नागर इस वक्त हमारे सब्सक्राइब बाच्छित करने के लिए मौजूद है
00:06मलुक नागर जी आज एक बड़ी मुलाकात आपकी हुई है किसी एक नेता है किसा आप पता चला है
00:11और ये मुलाकात तब हुई है जब उन्ही नेता ने कोजूने पहले एक किताब लिखी थी चौधर चरनल सिंग जी की
00:18और महाँ पर जैन चौधर जी पी थे और भी कही नेता महाँ पहुँचे थे
00:20आप नहीं थे लेकिन आज आप ने जाके चुपके से केसी त्यागी साब से मुलाकात कर लिए
00:24क्या माइने इस मुलाकात की
00:26सिंपल सी बात है जो केसी त्यागी जी और हम एक ही जिले के हैं
00:32और मैर वो 2004 में मेरट से लोकसवा आमने सामने लड़ चुके हैं
00:36हमारे बड़े अच्छे संबन्द है और उन्हें किताब बड़ी अच्छे लिखी है चौधरी चरन सिंग जी पर
00:40और चौधरी चरन सिंग जी को पूरे देश के लोग पुलकुल किसानों का देवता किसानों के मसीहा मानते हैं
00:46उसे ही सम्मंदित की जो चौधरी जेंत जी को माननिय प्रधान मंत्री किसानों की विचारधारा को लेकि पूरे देश में गुमा रहे हैं
00:55तो उस किताब का फायदा कैसे हो और उस विचारधारा को कैसे जादर से जादर लोगों तक पहुँचाया जाए
01:02जो NDA को पूरा फाइदा मिले और वो सकती कहीं न कहीं जाके मानने ये प्रधान मंतरी जी को भी मिले
01:07तो उससे संबंदित उस किताब की विचारधारा, किसानों की विचारधारा, चौधरी चरन सिंग जी की विचारधारा, चौधरी जैंत जी और प्रिधान मंत्री जोड़ के पूरे देश में कैसे फैलाया जाए, ये इशू था, बाकी और कोई बात ऐसे नहीं थी.
01:21आपकी जो बाचित है वसके कोई राजनितिक माइने ना निकालना निकालना यह तो concern लोगों पер depend करता है और जहां तक बात है राजनितिक संभावनाओं का खेल है और संभावनाओं में तो कुछ भी चीज निकाली जा सकती है बट यह बात सच है कि पार्टी में लेने का यह �
01:51ले इसे बात आप मता रहें और विचादारहा की आप बता रहें हैं कि वह आज़्याली नेता भाती है है
02:17तरनसिंग जी का आशिरवाद लेके राजनीती में उन्हों सुरुवात करी और लोग सभा के MP रहे राज सभा के MP रहे और जहां तक बात है RLD में लेने की मेरी तो ऐसी हैशियत है यह नहीं आप चाहते हैं कि वो बने RLD का हिस्सा मैं तो एक सीधी सी बात कह रहा हूं मैं कि य
02:47मेरी परसनल राय तो यह है कि मैं कह दूँ के बनेंगे और मैं कह दूँ के नहीं लेंगे दोनों ही बात का जवाब ने बैठता है
02:55एक ही बात कहरा हूँ मैं व्यक्तिकत राय ये है कि एसी त्यागी जी किसानों की पिछडों की दलितों की चौधरी चरन सिंग जी के समय से लेके बात करते रहे हैं और उनका एक राजनितिक कद है पूरे देश में और उत्तर परदेश में भी बिहार में भी और खासकर पश्�
03:25इसलिए उनको त्यागी कहते हैं तो काफी समाज है पश्मुत्तर परदेश में जिस पारिटी में भी केसी त्यागी जी जाएंगे उसको दोहजार सत्ताइस में सौ पिरतिस्त फायदा होगा ये बात तो सच है और जदियों में जो सुनने मारा कहीं न कहीं वो पिछडों की
03:55उठाते थे किसानों की बात तो वो ही विचार धारा आज आरही है तो कहीं न कहीं ऐसा लगता है कि जहां भी केसी त्यागी जाएंगे फायदा तो मिलेगा आपको फायदा मिलेगा अकर वो आते हैं तो
04:04नहीं मुझे कोई फायदा या आरेलडी को फायदा की बात ही नहीं है ऐसे कहना तो यह हो जाएगा कि हम तो उनको ले रहे हैं और वो रिजेक्ट करने तो वो कॉस्टन है नहीं नहीं यह नहीं उनकी बन नहीं रही है इतने जादा खटपड चल रही है जेडियों में इसलि
04:34उनके लिए भी और हमारे लिए भी और राजनीत में कभी भी कोई डेड एंड नहीं है हमें इस आफशन तो किसी के लिए भी हर किसी के लिए खुले हुए रहते हैं तो इसमें संभव तो कुछ भी हो सकता है पर अभी आज तक हमारा ऐसी कोई बात हुई नहीं है और यह तो
05:04अगर आप अपने सबस मेरे मूझ में डाल रहा है
05:21तो फिर तो अभी है नहीं लेकिन मैंने यह ज़रू कहा
05:28राजनेतिक संभावनाओं का खेल है
05:31और एक बात मैं आपको कह रहा हूं
05:33इंडिया गटमंदन में जितनी भी पार्टी आपस में लड़ती रहते हैं, तूटती रहते हैं, विखरती रहते हैं, हारती रहते हैं, यह हम जरूर चाहेंगे कि केसी त्यागी जी अगर जद यू छोड़ें, तो कहीं न कहीं NDA का हिस्साब बनें, और उनकी सोच भी कहीं न क
06:03बने ही, उनकी मुलाकात मालूक नागर से होती है, वो किताब लिखते हैं, चौदर चरण सिंग पर, और मालूक नागर जो आरली के राश्चर माहसचिवें वो यह कहते हैं, अगर कैसी त्यागी आरली में आते हैं तो उससे फाइदा जो है, आरली को हो सकता है, क्योंकि उन
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