00:00हैदरपाद के पुराने शहर में संक्रांत्री के आउसर पर पतंग बाजी का माहल दिन में ही नहीं रात में भी काफी देजी से उट्सा से उबरता देखा जा सकता है भी हम गोशा महल इलाके में मौझूद है जहां पर आप देख सकते हैं यहां पतंग बाजी सिर्फ दिन में
00:30जुड़ते हैं और रात भर पतंग बाजी का जो है उठाते हैं यहाँ पर आप देख सकते हैं विबिन प्रकार के जो मेसेज हैं यहाँ से देने की कोछिश करते हैं हर बिलिंग पर कई संक्या में लाइट्स लगे लगे होती हैं रोश्णी के लिए और पतंग यहाँ पर पिल
01:00कुछ सालों से देख रहे हैं रात में इसका ज्यादा आनद उठाया जा रहा है ऐसा क्यों और क्या इसका उद्देश है दिखिए लगबग 15 साल की जो यहां इस्तानिय लोगों की जो मेहनत थी आज रंग लाई है जैसे वैसे तो तेलंगाना में पतंग का जो उस्सों होता
01:30तो मश्यूरी है लेकिन तेलंगाना राज्य में खास करके मेरी गोशा मेल विदान सबा में दिन में जितने पतंग उड़ते हैं उससे दो गुना जादा रात में पतंग उड़ते हैं कुछ लोग कहते कि अगर हम दिन में पतंग उड़ाएंगे तो सुरत काली हो जाएगी �
02:00परिवार सहीद भोजल बनवाकर लाइट लगाकर बहुत ही पतंग उस्सों का आनन ले रहे हैं साथी साथ पतंग उस्सों के साथ में हम लोग जो दुलपेड शेतर में जो तागे से जो मांजा बनाया जाता है वो भी चीज़को यहां पर जादा ही प्रोमोट किया जा रहा
02:30वो तंगुस के मांजा चैनिस मांजा बैंड और हम तागे के मांजे से ही पतंग बाजी करेंगे ऐसा भी अच्छा महल देखने को मिल रहा है और बहुत अच्छा है रिस्पांस है मैं समझता हूं आने वाले समय में इसमें और उस्सा बढ़ेगा और अच्छा महल भी बने�
03:00खंटे के दो लाग रुपए ऐसे भी च्छत लोग किराय पड़े रहे क्यूंकि जो रात का जो महल है वो त्यलंगा नामें किसी कोने में नहीं किसी विदानसवा मनी है तो लोग जब रात का जब महल देखते के यार दिन में तो पतंग आमने देखी लेकिन रात में पतंग
03:30करके रात में तो इसको लेकर अपनी तरफ से विधान सबा, आपकी विधान सबा में क्या मेसेज गोशा महल की निवासियों को देना चाहिए।
03:37मैं तो गोशा महल की जनता को बहुत बहुत धन्यवाट पकड़ करता हूँ, खास करके हमारे धुलपेट के जो तागे से जो मांजा, यानि उनका मनोबल तुड़ गया था, अर्यार हमारा तो धन्दा खत्म हो गया है, चैनीज मांजा, तहुच का मांजा आने से, लेकिन उन्
04:07सजनार जी ने बहुत अच्छा स्टेप लिया है कि तंगूस का मांजा कोई बेचेगा, या कोई उसका उपयोग भी करेगा, उसके ओपर हम एक्शन लेंगे, लगबख करोड़ रुपे का चैनीज मांजा को सीज किया है, मैं समस्तों आने वाले साल में, टोटली ये तंग�
04:37हर चट पे हम बताएंगे आपको कि यहां पर सिर्फ एक दो नहीं, कई सारे ग्रूब्स जो है जमा होते हैं, नई बात हमें पता चली है कि चट एक किराय पर भी दी जाती है, लोगों के पतंग बाजी के लिए, आपको बता दे कि कोशा महल में ढूल पेट ऐसा इलाका है, �
05:07इसी दूल पेट इलाके में हम देख सकते हैं, रात के वक्त एक नया माहौल जो बनाया गया है, रात में पूरी दूल पेट यहां सजी होती है, और पतंग बाजी का आनल काफी जोरो शोरो से लिया जाता है, क्याम्बर परसन नासिर के साथ, अब्दूलबशीर हैदरबाद
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