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ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है. ईरानी सरकारी टेलीविजन पर डोनाल्ड ट्रंप को लेकर दिए गए उकसाने वाले संदेश ने वॉशिंगटन में हलचल मचा दी है. कासिम सुलेमानी की मौत के बाद से ट्रंप ईरान के निशाने पर रहे हैं, और अब यह बयान उसी बदले की चेतावनी माना जा रहा है. दूसरी ओर ईरान देशभर में जबरदस्त सरकार विरोधी प्रदर्शनों, आर्थिक संकट और सख्त कार्रवाई से जूझ रहा है. इस वीडियो में जानिए ट्रंप को लेकर धमकी का मतलब, खामेनेई की भूमिका और ईरान में चल रहे बड़े आंदोलन की पूरी तस्वीर.

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Transcript
00:00इस बार बंदूक से निकली गोली अपना निशाना नहीं चूकेगी ट्रम्प तुम अपकी बार जिंदा नहीं बचोगे
00:07बुद्धुवार की सुबा तेहरान से निकला एक वीडियो प्रशारण सिर्फ प्रशारण नहीं था बलकी एक सक्थ चेताउनी की तरह दुनिया के सामनी आया
00:16कैमरे पर कोई हत्यार नहीं था लेकिन शब्दों में बारूद भरा हुआ था
00:20इरानी सरकारी टेलिवीजन पर दिखी अमेरिकी राष्टपती डोनार्ड टरम्प की तस्वीर और उसके साथ कहा गया एक वाक्य इस बार गोली नहीं चूकेगी
00:31वाशिंग्टन से लेकर नई दिल्ली तक इस वाक्य ने बेचैनी बढ़ा दी है
00:35ये शंदेश ऐसे समय में आया है जब इरान और अमेरिका के रिष्टे पहले से ही सबसे नाजुक दोर से गुजर रहे हैं
00:43जिस तस्वीर को दिखाया गया वो साल 2024 की है
00:46पेंसलवेनिया में चुनावी रैली के दोरान टरंप पर हुए हत्या के प्रयास के बात किये तस्वीर है
00:52चारो और सिक्रेट सर्विस के एजेंट अफरा तफरी और खत्रे का एहसास
00:57उसी तस्वीर को इरानी टीवी पर दिखा कर जो बात कही गई उसे महज बयान नहीं माना जा सकता
01:04ये एक इशारा था एक याद दिलाने की कोशिश की पुराने जक्म अभी भरे नहीं है
01:10ये वीडियो तेहरान में एक सरकारी आयोजन के दोरान दिखाया गया
01:14हालिया प्रदर्शनों में मारे गए सुरक्षा कर्मियों और सरकार समर्थकों के अंतिम संसकार में हजारों लोग मौजूद थी
01:21माहोल में गुस्ता था, नारे थे, बैनर थे और अमेरिका के खिलाफ खुला आक्रोश था
01:28ये वही मंच था जहां भावनाएं सबसे जादा उबाल पर थी और संदेश सबसे तीखा हो सकता था
01:35इरान और टरंप के बीच ये तनाव नया नहीं है
01:38साल 2020 में अमेरिकी ड्रोन हमले में इरान के सबसे ताकतवर सैन कमांडर कासिम सुलेमानी की मौत के बाद
01:46इरान ने टरंप को अपना दुश्मन घोसित कर दिया था
01:49उस दिन के बाद से ही इरान की सत्ता, IRGC और सरकारी मीडिया लगातार बदले की बात करते रहते हैं
01:56और कई बार सीधे नाम लेकर कई बार इशारों में टरंप इन बयानों का केंद्र रहे हैं
02:02ये नया प्रसारण उसी कड़ी का सबसे उकसाने वाला हिस्सा माना जा रहा है
02:07इस सब के पीछे इरान के भीतर आग भी है
02:10देश इस वक्त गंभीर आंतरिक संकट से गुजर रहा है
02:14इरानी मुद्रा, रियाल, रिकॉर्ड निचले अस्तर पर पहुँच चुकी है
02:18महंगाई, बिरोजगारी और आर्थिक बदहाली ने लोगों को सड़कों पर ला दिया है
02:23जो आंदोलन पहले आर्थिक शिकायतों से शुरू हुआ था
02:27वो अब रादनीतिक बदलाव की मांग में बदल चुका है
02:30सरकार ने इन परदर्शनों पर सक्ती से कारवाई की है
02:34मानवादिकार संगठनों का दावा है कि बीते हपतों में हजारों लोग मारे गए हैं
02:39और बड़ी संख्या में गिरफतारिया भी हुई है
02:41इसी बीच टरंप की ओर से भी चेतावनी आई थी
02:44उन्होंने कहा था अगर इरान ने परदर्शनकारियों को फांसी दी तो अमेर का बेहत सक्त कदम उठाएगा
02:51बुद्वार को टरंप ने ये दावा भी किया कि इरान ने फांसी पर रोक लगा दी है
02:56हाला कि तेहरान की ओर से इस पर कोई साफ उष्टी नहीं हो पाई है
03:01बढ़ते खत्रे को देखते हुए भारत ने भी कदम उठाया है
03:04बुद्वार को भारत सरकार ने इरान में रह रहे अपने सभी नागरिकों को उपलब्ध साधनों से देश छोड़ने की सलाह दी है
03:12छात्रों, तिर्थ यात्रियों, व्यापारियों और परियटिकों के लिए भारतीय दूतावास ने साफ कहा की हालात तेजी से बिगड रहे हैं
03:21और इरान की यात्रा से फिलहाल बचा जाए
03:24ये सलाह सिर्फ कागजी औपचारिकता नहीं बलकि हालात की गंभीरता का संकेत है
03:29अब सवाल यही है कि क्या इरानी टीवी पर दिया गए संदेश सिर्फ मनोवेग्यानिक दबाव वनाने की कोशिश है
03:36या फिर इसके पीछे कोई और इरादा छिपा हुआ है
03:40क्या खामने की सत्ता टरंप को निशाना बना कर अमेरिका को डराने की रणीती अपना रही है
03:46या फिर ये आंतरिक असंतोस से द्यान हटाने का तरीका मात्र है
03:50जवाब अभी धुंद ले हैं
03:53लेकिन इतना तो तै है कि तेहरान से उठी ये आवाज वाशिंग्टन में अनसुनी नहीं की जाएगी
03:58दुनिया एक बार फिर उस मोर पर खड़ी है जहां एक बयान भी हालात को खतरनाक दिशा में धकेल सकते हैं
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